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  • दोस्त बना दोस्त का दुश्मन, पाइप से उतारा मौत के घाट, मिली उम्रकैद की सजा, देखें वीडियो

    दोस्त बना दोस्त का दुश्मन, पाइप से उतारा मौत के घाट, मिली उम्रकैद की सजा, देखें वीडियो

    पंचकूला: इंडस्ट्रियल एरिया में करीब साढ़े चार साल पहले हुए एक हत्या के मामले में न्याय की जीत हुई है। माननीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजयंत सहगल की अदालत ने दोषी सोहनपाल उर्फ मुच्छड़ को अपने ही साथी की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में आजीवन कारावास (पूरी उम्र कैद) की सजा सुना दी है। अदालत ने दोषी पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

    इसको अदा न करने पर उसे 6 महीने की अतिरिक्त कठोर कैद काटनी होगी। यह मामला 29 सितंबर 2021 की रात का है। जब शराब के दौर के बीच शुरु हुई एक छोटी सी बहस ने खूनी अंत का रुप ले लिया था। पुलिस जांच के अनुसार, दोषी सोहनपाल और मृतक प्रदीप पंचकूला के फेज-1 स्थित प्लॉट नंबर 120 की छत पर एक साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान प्रदीप ने शिकायत की है कि सोहनपाल ने उसे कम शराब पिलाई है। इस तुच्छ बात पर शुरु हुई कहासुनी हाथापाई में बदल गई। गुस्से में आकर प्रदीप ने सोहनपाल को लात मारी।

    इसके बाद पास पड़ी लोहे की पाइप उठाकर हमला करने की कोशिश की हालांकि सोहनपाल ने फुर्ती दिखाते हुए पाइप छीन ली और गुस्से में प्रदीप के सिर पर कई वार किए। चोट इतनी गंभीर थी कि प्रदीप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात के बाद सेक्टर-19 पुलिस चौकी में तैनात तत्कालीन एएसआई राममोहर सिंह मौके पर पहुंचे।

    खून से लथपथ शव बरामद किया था और आरोपी सोहनपाल को गिरफ्तार कर लिया। पंचकूला के सेक्टर-20 के थाना में आईपीसी की धारा 302 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि इस मामले में हमारी टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और मौके से बरामद लोहे की पाइप जैसे महत्वपूर्ण सबूतों को अदालत के सामने मजबूती से रखा।

    पुलिस ने पूरी जांच करने के बाद ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिले सके। 30 सितबंर 2021 से लगातार चली इस कानूनी प्रक्रिया का परिणाम आज दोषी की मिली उम्रकैद के रुप में सामने आया है। यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देता है कि हिंसा और अपराध का अंजाम सिर्फ जेल की सलाखें ही हैं।

  • विवाहित पुरुष का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना कोई अपराध नहीं: हाईकोर्ट

    विवाहित पुरुष का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना कोई अपराध नहीं: हाईकोर्ट

    प्रयागराज: इलाहाबाद हाईकोर्ट के द्वारा दिए एक हालिया फैसले से लिव-इन रिलेशनशिप पर चल रही सामाजिक और कानूनी बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में शामिल जस्टिस जस्टिस तरुण सक्सेना और जेजे मुनीर ने स्पष्ट किया कि एक शादीशुदा पुरुष का लिव-इन रिलेशनशिप में रहना अपने आप में किसी तरह का आपराधिक कृत्य नहीं है। कोर्ट की तरफ से यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें एक विवाहित पुरुष और उसकी लिव-इन पार्टनर ने सुरक्षा की मांग की थी। हाईकोर्ट ने संकेत दिया कि तब तक वयस्कों की पसंद का सम्मान किया जाना चाहिए, जब तक कोई स्पष्ट अपराध न हो। अदालत ने यह भी कहा की व्यक्तिगत संबंधों के मामलों में कानून का दायरा सीमित है।

    मर्जी से लिव-इन रिलेशनशिप में रहना अपराध नहीं

    कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि कपल को महिला के परिवार की ओर से जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। तो वहीं महिला के परिवार के वकील का कहना है कि पहले से शादीशुदा होने के बाद भी दूसरी महिला के साथ रहना एक अपराध है। इस पर कोर्ट ने कहा कि इस तरह का कोई अपराध नहीं है जिसके तहत एक शादीशुदा व्यक्ति सहमति के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में न रह सके। ऐसे व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

    कपल की रक्षा करना पुलिस का कर्तव्य

    कोर्ट ने कहा कि कपल ने शाहजहांपुर के SSP को दिए एप्लीकेशन में कहा है कि वह बालिग है और अपनी मर्जी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि लड़की के परिवार जन उनके रिश्ते के खिलाफ है और कपल को ऑनर किलिंग का डर है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि दोनों वयस्कों की रक्षा करना पुलिस का कर्तव्य है।

    राज्य सरकार को नोटिस जारी

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 8 अप्रैल को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पाया कि याचिका के साथ दाखिल संयुक्त हलफनामे से प्रथम दृष्टया मामला बनता है, इसलिए हस्तक्षेप जरूरी है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी।

    SSP को सौंपी सुरक्षा की व्यक्तिगत जिम्मेदारी

    मिली जानकारी के अनुसार शाहजहांपुर के जैतीपुर थाने में महिला के परिजनों की शिकायत पर अपहरण के आरोप में दर्ज की गई थी। साथ ही, अदालत ने महिला के परिवार को सख्त निर्देश दिया कि वे न तो कपल को कोई नुकसान पहुंचाएं और न ही उनके संपर्क में आने की कोशिश करें। कोर्ट ने शाहजहांपुर के एसएसपी को इस जोड़े की सुरक्षा की व्यक्तिगत जिम्मेदारी सौंपी है।    
  • Punjab News: इस इलाके के खाली प्लॉट में बिछ गई भेड़ों की लाशें, हालत देख लोगों में मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    Punjab News: इस इलाके के खाली प्लॉट में बिछ गई भेड़ों की लाशें, हालत देख लोगों में मचा हड़कंप, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले के भट्टियां इलाके के पास गगनदीप कॉलोनी में शुक्रवार सुबह एक बहुत ही हैरान करने वाली घटना सामने आई। जहां, एक खाली प्लॉट में बड़ी संख्या में भेड़ें मृत पाई गईं। करीब 70 भेड़ों की एक साथ मौत हो गई, जिससे इलाके में डर और चिंता का माहौल बन गया। भेड़ों के मालिक हरमेश सिंह पटियाला के रहने वाले हैं, अपनी करीब 200 भेड़ों को चराने के लिए लुधियाना आए थे। वह रोज की तरह गुरुवार रात भेड़ों को चराकर उसी खाली प्लॉट में रुक गए। रात तक सब कुछ ठीक था और कोई परेशानी नहीं थी।

    सुबह उठते ही दिखा चौंकाने वाला दृश्य
    हरमेश सिंह ने बताया कि जब वह सुबह करीब 3 बजे उठे, तो उन्होंने देखा कि उनकी कई भेड़ें जमीन पर पड़ी तड़प-तड़प कर मर चुकी थीं। 200 में से लगभग 70 भेड़ें मर चुकी थीं। यह देखकर वह पूरी तरह से घबरा गए और उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

    मौत की वजह बनी रहस्य
    मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि जिन भेड़ों की मौत हुई, उनके पेट असामान्य रूप से फूले हुए थे। इससे यह शक जताया जा रहा है कि शायद भेड़ों ने कोई जहरीली चीज खा ली हो या फिर वे किसी खतरनाक बीमारी का शिकार हो गई हों। हालांकि असली कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है।

    लाखों का हुआ नुक्सान
    हरमेश सिंह के अनुसार इस घटना से उन्हें लगभग 7 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि सिर्फ 10 दिन पहले ही भेड़ों की ऊन उतारी गई थी और वह वापस घर लौटने की तैयारी कर रहे थे।

    पुलिस को नहीं दी गई सूचना
    अब तक इस मामले की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है। भेड़ों के मालिक ने मृत भेड़ों को हाड़ा रोड़ी में दे दिया है और अब वह अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

    इलाके में डर का माहौल
    एक साथ इतनी भेड़ों की मौत से आसपास के लोगों में डर और चिंता है। सभी लोग जानना चाहते हैं कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में भेड़ों की मौत कैसे हुई।

     

  • नगर निकाय चुनावों के लिए आरक्षण सीटों का ड्रा ऑफ लॉट्स 30 मार्च को

    नगर निकाय चुनावों के लिए आरक्षण सीटों का ड्रा ऑफ लॉट्स 30 मार्च को

    ऊना/सुशील पंडित: ऊना जिले के नगर निकायों में आगामी चुनावों के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा महिला उम्मीदवारों के लिए सीटों के आरक्षण एवं रोटेशन का निर्धारण 30 मार्च को ड्रा ऑफ लॉट्स के माध्यम से किया जाएगा। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि हिमाचल प्रदेश नगर पालिका चुनाव नियम, 2015 के नियम 10(8) के तहत यह प्रक्रिया 30 मार्च को प्रातः 11 बजे आयोजित की जाएगी। इसके तहत नगर पंचायत अंब, गगरेट, दौलतपुर चौक तथा टाहलीवाल और नगर परिषद मेहतपुर-बसदेहड़ा व संतोषगढ़ में आरक्षित सीटों का निर्धारण किया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया संबंधित नगर निकाय क्षेत्रों के तीन प्रमुख व्यक्तियों तथा राज्य सरकार के तीन राजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न होगी। उप-मंडलीय अधिकारी (सिविल) अंब, गगरेट, हरोली तथा ऊना अपने-अपने कार्यालयों में ड्रा ऑफ लॉट्स के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी करेंगे। उपायुक्त ने इच्छुक उम्मीदवारों, राजनीतिक दलों तथा आम नागरिकों से निर्धारित तिथि, समय और स्थान पर उपस्थित होकर इस प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया है, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

  • डीसी जतिन लाल ने की एलपीजी व व्यावसायिक गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा

    डीसी जतिन लाल ने की एलपीजी व व्यावसायिक गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा

    सिलेंडरों की उपलब्धता एवं सुचारू आपूर्ति को लेकर दिए जरूरी निर्देश

    ऊना/सुशील पंडित:  घरेलू और व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की मांग में हाल ही में हुई अप्रत्याशित वृद्धि के मद्देनजर उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने संबंधित विभागों, ऑयल कंपनियों एवं गैस एजेंसियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।उपायुक्त ने बताया कि जिले में एलपीजी की उपलब्धता सामान्य है तथा पूर्व की भांति गैस का लोड नियमित रूप से प्राप्त हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस बुकिंग को लेकर अनावश्यक दबाव न बनाएं।

    गैस एजेंसियों को स्टॉक व आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
    उपायुक्त ने जिले की सभी गैस एजेंसियों को अपने-अपने स्टॉक (14.2 किलोग्राम, 20 किलोग्राम तथा 19 किलोग्राम) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही गैस लोड के सुचारू फंड फ्लो और परिवहन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, ऑयल कंपनियों को समय-समय पर मांग का इंडेंट भेजने तथा उपभोक्ताओं द्वारा की गई बुकिंग के आधार पर बिना किसी भेदभाव के गैस सिलेंडरों की आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं।
    उन्होंने किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग, जमाखोरी और मुनाफाखोरी से बचने, निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार नियमित रूप से सिलेंडरों की आपूर्ति करने तथा व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति में अस्पतालों, शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। साथ ही एजेंसियों को ऑनलाइन स्टॉक और रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखने को कहा गया है।

    अफवाहों से बचें, घर बैठे करें गैस बुकिंग
    उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील की है कि जिले में गैस की उपलब्धता पर्याप्त है, इसलिए अफवाहें न फैलाएं और अनावश्यक रूप से गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं। गैस सिलेंडर की बुकिंग एजेंसी के दूरभाष, मोबाइल नंबर या आधिकारिक ऐप के माध्यम से घर बैठे की जा सकती है। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 13,500 घरों को पाइपलाइन गैस से जोड़ा गया है, जिनमें से करीब 6,600 घरों में गैस आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है। अन्य उपभोक्ताओं के घरों तक पाइपलाइन बिछने के बावजूद कई स्थानों पर अभी कनेक्शन सक्रिय नहीं किए गए हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार पाइपलाइन गैस कनेक्शन जारी करवाएं, ताकि बिना किसी परेशानी के गैस आपूर्ति मिल सके।

    होटल, ढाबा व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पीएनजी अपनाने की सलाह
    जतिन लाल ने कहा कि सरकार के निर्देशों के अनुसार अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों, जो एजेंसियों में पंजीकृत हैं, उन्हें मांग के अनुसार व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि जिले के 63 प्रतिष्ठानों को पाइपलाइन गैस उपलब्ध है और वे बिना किसी समस्या के अपना कार्य संचालित कर रहे हैं। जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछ चुकी है, वहां के होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों से पीएनजी के तहत गैस का व्यावसायिक कनेक्शन लेने की अपील की गई है, ताकि गैस आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रह सके। उपायुक्त ने बताया कि पीएनजी के घरेलू या व्यावसायिक कनेक्शन संबंधी जानकारी के लिए भारत पेट्रोलियम कंपनी के कार्यालय, रक्कड़ कॉलोनी ऊना या उनके दूरभाष नंबर 94177-50485 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ऊना के दूरभाष नंबर 01975-226016 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

    ओवरचार्जिंग व जमाखोरी पर नियमित निगरानी के निर्देश
    जिलादंडाधिकारी ऊना ने खाद्य आपूर्ति विभाग, पुलिस विभाग और ऑयल कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की ओवरचार्जिंग, जमाखोरी या मुनाफाखोरी पाए जाने पर विभागीय नियमों के अनुसार तुरंत कार्रवाई की जाए।

  • एलपीजी की कालाबाजारी एवं अवैध मुनाफाखोरी पर आगे आये युवा

    एलपीजी की कालाबाजारी एवं अवैध मुनाफाखोरी पर आगे आये युवा

    एस.डी.एम बददी को ज्ञापन सौंप कर मांगी कार्यवाही-लखविं

    बद्दी/सचिन बैंसल: उद्योग नगरी बद्दी में रेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को लेकर बद्दी के अधिवक्ता ने आवाज उठाई है ।बद्दी के अधिवक्ता लखविंदर सिंह चौधरी, निवासी ग्राम जुड़ी कलां, वार्ड नंबर 6 ने कहा कि एक जागरूक नागरिक होने के नाते मुझे जनहित से जुड़े विषय उठाने पर मजबूर होना पड़ रहा है । उन्होने कहा कि यह अत्यंत खेद एवं चिंता का विषय है कि वर्तमान समय में बददी क्षेत्र, जो कि प्रदेश का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र है, में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कृत्रिम कमी उत्पन्न कर कुछ असामाजिक एवं स्वार्थी तत्वों द्वारा खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है। आवश्यक वस्तु होने के बावजूद गैस सिलेंडरों को जानबूझकर आम जनता की पहुँच से दूर कर, निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक दरों पर बेचा जा रहा है, जो कि स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है।

    उन्होने एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में लिखा है कि बद्दी क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर, निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवार निवास करते हैं, जो पहले से ही आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में गैस सिलेंडर जैसी आवश्यक सुविधा की कालाबाजारी उनके जीवन को और अधिक संकटपूर्ण बना रही है। कई परिवारों को मजबूरी वश अधिक कीमत पर सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है, जबकि कुछ परिवारों को गैस उपलब्ध ही नहीं हो पा रही, जिससे उन्हें असुरक्षित वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। अधिवक्ता लखविंदर सिंह चौधरी ने कहा कि यह स्थिति कानून-व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता में रोष एवं असंतोष उत्पन्न होना स्वाभाविक है, जो भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को जन्म दे सकता है।

    उन्होने प्रशासनल से आग्रह कि बद्दी क्षेत्र में एलपीजी गैस एजेंसियों, गोदामों एवं संदिग्ध विक्रेताओं की सघन जांच करवाई जाए। कालाबाजारी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रशासनिक स्तर पर विशेष निगरानी दल (एसआईयू) का गठन कर नियमित निरीक्षण किया जाए। आम जनता के लिए उचित दरों पर गैस सिलेंडरों की सुचारू एवं पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। एक प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र को सक्रिय किया जाए, जिससे आम नागरिक बिना किसी भय के अपनी शिकायत दर्ज कर सकें।

  • जीवन का मार्गदर्शन करने वाला ग्रंथ है रामायण-डॉ.धरणीधर

    जीवन का मार्गदर्शन करने वाला ग्रंथ है रामायण-डॉ.धरणीधर

    चित्र बनाने वाले लोग धोखा दे सकते, लेकिन चरित्र बनाने बनाने वाला नहीं

    बद्दी/सचिन बैंसल: बसंती बाग आवासीय कालोनी बद्दी में आयोजित श्री राम कथा के तृतीय दिवस अयोध्या धाम के सुप्रसिद्ध प्रवक्ता डा. धरणीधर महाराज ने कहा भगवान श्रीराम का अवतार मानव समाज को धर्म, मर्यादा और आदर्श जीवन का मार्ग दिखाने के लिए हुआ था। उन्होंने कथा के दौरान सबसे पहले भगवान शिव और माता पार्वती के प्रसंग का उल्लेख किया। डॉ.धरणीधर  ने समझाया कि कैलाश पर्वत पर रहते हुए भी भगवान शिव और माता पार्वती ने अपने गृहस्थ जीवन में श्रीराम कथा को सर्वोच्च स्थान दिया। यह भी बताया कि वही गृहस्थ जीवन धन्य है जिसमें पति-पत्नी एकांत में राम कथा का चिंतन और चर्चा करते हैं।

    अपने प्रवचन में कहा कि भगवान श्रीराम का अयोध्या में जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि यह मानव समाज को आदर्श चरित्र का संदेश देने वाला एक दिव्य प्रसंग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चित्र बनाने वाले लोग संसार को धोखा दे सकते हैं, लेकिन चरित्र बनाने वाले व्यक्ति पर पूरा समाज विश्वास करता है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्गुण और निराकार भगवान सगुण और साकार रूप में क्यों प्रकट हुए। इसका मुख्य कारण राजा मनु और शतरूपा की कठोर तपस्या थी, जिन्होंने भगवान को पुत्र रूप में प्राप्त करने की कामना की थी।

    डॉ.धरणीधर महाराज ने कथा में श्रीराम जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया गया कि महाराज दशरथ ने गुरु वशिष्ठ के मार्गदर्शन में पुत्रेष्टि यज्ञ कराया। यज्ञ के दौरान अग्निदेव खीर लेकर प्रकट हुए, जिसे ग्रहण करने के बाद माता कौशल्या के गर्भ से भगवान श्रीराम का जन्म हुआ। इस अवसर पर हंस आनंद जहां डॉक्टर बाबूलाल यादव, संजय चौरसिया, यश के पाण्डेय, राजेश पाण्डेय, मनीष भारद्वाज, संजीव तायल, निशा तायल, रंजीत श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
    कैपशन-बसंती बाग में श्रीराम कथा पर प्रवचन करते कथावाचक। बददी-4

  • CM Nayab Singh Saini ने सड़क विकास को दी नई रफ्तार

    CM Nayab Singh Saini ने सड़क विकास को दी नई रफ्तार

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधार, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का आधुनिकीकरण, जागरूकता अभियान और नई तकनीकों का उपयोग के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को चंडीगढ़ में भारतीय सड़क कांग्रेस (आई.आर.सी) एवं लोक निर्माण विभाग हरियाणा द्वारा ‘सड़क सुरक्षा समाधान’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन करने के पश्चात अपना संबोधन दे रहे थे। कार्यक्रम में हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्जवलित कर की। मुख्यमंत्री ने इस दौरान रामनवमी और नवरात्रों की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी। सेमिनार में भारतीय सड़क कांग्रेस के प्रतिष्ठित सदस्यगण के अलावा 350 से अधिक विशेषज्ञ, अभियंता. शोधकर्ता, नीति-निर्माता तथा शिक्षाविद शिरकत कर रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाली संगोष्ठी में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार मंथन किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘सड़क सुरक्षा समाधान विषय पर आयोजित संगोष्ठी देश के भविष्य का रोडमैप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। यहां विचार, तकनीक, अनुभव और संकल्प मिलकर भारत को सुरक्षित, सशक्त और विकसित बनाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। सड़क केवल एक भौतिक संरचना नहीं होती, यह विकास की जीवन रेखा होती है। यह गांव को शहर से जोड़ती है, किसान को बाजार से जोड़ती है, युवा को अवसरों से जोड़ती है और देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करती है लेकिन, यह भी एक कटु सत्य है कि जहां सड़क विकास का माध्यम है, वहीं सड़क दुर्घटनाएं हमारे समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।

    नियम कितने भी अच्छे क्यों न हों, यदि उनका पालन नहीं तो कोई अर्थ नहीं

    सड़क दुर्घटनाओं पर गंभीर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में हर वर्ष काफी संख्या में लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। इन दुर्घटनाओं के पीछे टूटे हुए परिवार, अधूरे सपने और समाज की अपूरणीय क्षति छिपी रहती है इसलिए सड़क सुरक्षा केवल एक तकनीकी विषय न होकर सामाजिक, मानवीय और नैतिक जिम्मेदारी से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा का एक और महत्वपूर्ण पहलू है, यातायात नियमों के प्रति जन-जागरूकता। नियम कितने भी अच्छे क्यों न हों, यदि उनका पालन नहीं किया जाएगा, तो उनका कोई अर्थ नहीं रह जाता। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, गति सीमा का पालन करना, ये छोटी-छोटी बातें हैं, लेकिन जीवन को बचाती हैं। हमें स्कूलों, कॉलेजों और समाज के हर वर्ग तक सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ानी होगी। हमें इसके प्रति और गम्भीर होना होगा क्योंकि, सड़क सुरक्षा ही जीवन सुरक्षा है।

    प्रधानमंत्री का सपना होगा पूरा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प लिया है। उसे पूरा करने में आधुनिक, सुरक्षित और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनका यह प्रयास, उनका यह विजन, विकसित भारत-विकसित हरियाणा के निर्माण की दिशा में एक और मील का पत्थर है। उनकी दूरदर्शी सोच, तेज निर्णय क्षमता और विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज, देश भर में, हम कहीं भी जाएं, वहां कोई न कोई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना का कार्य प्रगति पर है। चाहे वह मेट्रो हो या फ्रेट कॉरिडोर हो, एक्सप्रेसवे हो, बड़े पुल हो या बंदरगाह का विकास हो। देश के हर हिस्से में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का कार्य हो रहा है। साथ ही, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘रोड सेफ्टी’ को भी उतनी ही प्राथमिकता दी है। उनका स्पष्ट मानना है कि विकास तभी सार्थक है, जब वह सुरक्षित हो। इसी सोच के साथ, आज हमें ऐसी सड़कें बनानी हैं, जो गति के साथ सुरक्षित, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल भी हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इसी सोच के तहत राज्य सरकार ने हरियाणा में पिछले 11 वर्षों में 28 हजार 651 करोड़ रुपये की लागत से 43 हजार 703 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुधार किया है। इसके साथ ही, 2 हजार 534 करोड़ रुपये की लागत से 2 हजार 417 किलोमीटर लंबी नई सड़कों का निर्माण आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 1 हजार 77 करोड़ रुपये की लागत से 2 हजार 432 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। सरकार ने रेलवे ऊपरगामी व भूमिगत पुल बनाकर रेलवे क्रॉसिंग की समस्या से निजात दिलाई है। प्रदेश में कुल 759 रेलवे क्रॉसिंग हैं। इनमें से 592 मानव संचालित तथा 167 स्वचालित हैं। पिछले 11 वर्षों में लगभग 2 हजार करोड़ रुपये की लागत से 97 रेलवे ऊपरगामी व भूमिगत पुलों का निर्माण करवाया है। डबल इंजन सरकार ने हरियाणा में 21 नये राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत किए हैं। इनमें से 12 राजमार्ग बन चुके हैं। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28 हजार 582 करोड़ रुपये की लागत से 1 हजार 719 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। इनके बनने के बाद प्रदेश का कोई भी जिला ऐसा नहीं बचा है, जिसकी कनेक्टिविटी राष्ट्रीय राजमार्ग से न हो। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हैवी व ट्रांसपोर्ट वाहन चालकों के प्रशिक्षण के लिए 7 नए चालक प्रशिक्षण संस्थान शुरू किए गए हैं। इन्हें मिलाकर प्रदेश में चालक प्रशिक्षण संस्थानों की संख्या 22 हो गई है। इनमें पिछले 11 वर्षों में लगभग साढ़े 3 लाख चालकों को प्रशिक्षण दिया गया है। सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर वर्ष पूरे राज्य में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जाता है।

    ओवर स्पीड वाहनों के 4 लाख 80 हजार ई-चालान किए गए

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने करनाल के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर कुंडली, सोनीपत से शंभु, अंबाला तक 128 हाईटेक कैमरे लगाए हैं। इसके परिणामस्वरूप पिछले 1 वर्ष में ओवर स्पीड वाहनों के 4 लाख 80 हजार ई-चालान किए गए हैं। सरकार ने आई.आई.टी. मद्रास के सहयोग से ‘संजया ऐप’ शुरू किया है। यह ऐप सड़क दुर्घटनाओं के प्रबंधन और आंकड़ों का विश्लेषण कर हादसों को कम करने में मदद कर रहा है। इसी तरह प्रदेश में जुलाई, 2021 में हरियाणा-112 आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली का शुरू की और इसे 1033 तथा ट्रैफिक हेल्पलाइन 1073 से जोड़ा है। आज का युग तेजी से बदलती तकनीकों का युग है और हमें नई तकनीकों का इस्तेमाल दुर्घटनाओं की रोकथाम में करना होगा।   मुख्यमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि दो दिवसीय सेमिनार में कई आधुनिक तकनीकों पर गहन चर्चा होगी, और यहां से निकलने वाले विचार और सुझाव देशभर में सड़क निर्माण और सुरक्षा के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेंगे। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि हमें पर्यावरण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी को भी समझना होगा। मुख्यमंत्री ने अभियंताओं और शोधकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अपने अनुसंधान को केवल सैद्धांतिक न रखें। उसे व्यावहारिक रूप में लागू करने की दिशा में भी काम करें। देश को आज ऐसे समाधान चाहिए, जो सस्ते हो, टिकाऊ हो और व्यापक स्तर पर लागू किए जा सकें।

    सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए रोड सेफ्टी ऑडिट करवाने के दिशा-निर्देश जारी

    संगोष्ठी को संबोधित करते हुए लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सरकार का स्पष्ट विज़न है “सुरक्षित सड़क, मजबूत हरियाणा”। हम केवल सड़कें ही नहीं बना रहे, हम एक सुरक्षित और आधुनिक भविष्य की नींव रख रहे हैं। इसलिए मजबूत सड़कों की महत्वत्ता को देखते मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2025-26 के बजट अनुमान 4830.73 करोड़ को 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए वर्ष 2026-27 में 5893.66 करोड़ रूपए कर दिए हैं जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण बात है। हरियाणा के सभी लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को आईआरसी कोड वितरित किए गए हैं ताकि उनके तकनीकी ज्ञान में वृद्धि हो और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। प्रदेश के सभी राज्य राजमार्गों की सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए रोड सेफ्टी ऑडिट करवाने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। स्कूल के विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, स्कूल ज़ोन में संकेतक बोर्ड और रोड मार्किंग के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि इसी वर्ष आवंटित की गई है। सड़कों की कच्ची बर्म पर स्थित बिजली के खंभों और पेड़ों के कारण दुर्घटना की संभावना को देखते हुए कनिष्ठ अभियंताओं और उप-मंडल अभियंताओं को निर्देश दिए गए हैं कि इन पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाया जाए, ताकि सड़क हादसों को कम किया जा सके। मंत्री गंगवा ने कहा कि हरियाणा लोक निर्माण विभाग 30603 किलोमीटर लम्बी सड़कों का रखरखाव करता है। धुंध के समय वाहन चालकों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 3 से 4 हजार किलोमीटर सड़कों पर सफेद पट्टी लगाई जाती है। राज्य को गड्ढा मुक्त बनाने के उद्देश्य से “म्हारी सड़क” ऐप को आमजन को समर्पित किया गया। इस ऐप में हरियाणा के 12 विभागों की सभी सड़कों की जीपीएस मैपिंग की गई है। अब कोई भी नागरिक मोबाइल के माध्यम से सड़क मरम्मत की शिकायत दर्ज कर सकता है, जिसका निपटारा संबंधित अधिकारी द्वारा समयबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इस मौके पर लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी के चेयरमैन राजीव अरोड़ा, आईआरसी के सेक्रेटरी जनरल राहुल गुप्ता, वाइस प्रेसिडेंट डॉ डीआर मेघवाल,मनोज वास्तव, पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर राजीव यादव सहित कई अधिकारी एवं गणमान्य मौजूद थे।
  • पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, केंद्र सरकार का जनता को तोहफा: वीरेंद्र कंवर

    पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, केंद्र सरकार का जनता को तोहफा: वीरेंद्र कंवर

    ऊना/सुशील पंडित: वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार द्वारा एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती आम जनता को राहत देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। यह बात वॉलीबॉल फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र कंवर ने कही। उन्होंने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार हमेशा जनहित को प्राथमिकता देती रही है और आम जनता को राहत देने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    वीरेंद्र कंवर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये तक की कटौती किए जाने से पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपये से घटकर 3 रुपये रह जाएगी, जबकि डीजल पर यह ड्यूटी पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इससे देशभर में आम जनता, किसानों, परिवहन क्षेत्र और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी तथा महंगाई पर भी नियंत्रण में मदद मिलेगी।

  • Punjab News: Middle East में चल रहे संघर्ष को लेकर कारोबारियों ने जताया चिंता, व्यापार को लेकर कही ये बात, देखें वीडियो

    Punjab News: Middle East में चल रहे संघर्ष को लेकर कारोबारियों ने जताया चिंता, व्यापार को लेकर कही ये बात, देखें वीडियो

    लुधियानाः मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का असर अब भारतीय कारोबार और उद्योगों पर साफ दिखाई देने लगा है। वहीं, पंजाब की टेक्सटाइल और निटवियर इंडस्ट्री पर साफ देखना को मिल रहा। इसी बीच लुधियाना के इंडस्ट्रियल शहर के बिजनेसमैनों ने इस संकट पर गहरी चिंता जताई है। इस दौरान चिंता जताते हुए कहा कि बाहरी देशों में चल रहे संघर्ष का असर अब साफ दिखने लगा है। जिससे लेकर बिजनेशमैनों को व्यापार करने में दिक्कत आ रही है।

    टेक्सटाइल इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट कमलदेव चौहान ने कहा कि पंजाब की इंडस्ट्री पहले से ही घाटे में चल रही है। खाड़ी देशों में चल रही लड़ाई इस संकट को और गंभीर बना सकती है और बिजनेसमैन के लिए बड़ी चुनौती बन रही है।

    वहीं, निटवियर एसोसिएशन क्लब के चेयरमैन विनोद थापर ने कहा कि टेक्सटाइल और निटवियर इंडस्ट्री का एक बड़ा हिस्सा एक्सपोर्ट पर निर्भर करता है। लड़ाई की वजह से कई कंटेनर रास्ते में फंस गए हैं, जिससे इंडस्ट्री को भारी नुकसान हो रहा है।