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  • ELANTE MALL में बिना ताला तोड़े लॉकर से 2.77 लाख की नगदी लेकर चोर फरार, केस दर्ज

    ELANTE MALL में बिना ताला तोड़े लॉकर से 2.77 लाख की नगदी लेकर चोर फरार, केस दर्ज

    चंडीगढ़ः एलांते मॉल में स्थित मिनीसो स्टोर में चोरी की घटना सामने आई है। जहां शातिर द्वारा बिना ताला तोड़े 2 लाख 77 हजार रूपए चोरी कर लिए गए। घटना की सूचना इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस को दे दी गई है। वहीं पुलिस ने पीड़ित हनी शर्मा के बयानों पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मोहाली के सोहाना निवासी हनी शर्मा मिनीसो (रेडीमेड कपड़ों की जापानी कंपनी) स्टोर में मैनेजर हैं।

    रात को स्टोर बंद कर वह घर चले गए थे। इस दौरान रात के समय के व्यक्ति आया और चाबी लगाकर स्टोर का ताला खोल लिया। इसके बाद आरोपी स्टोर में घुसकर लॉकर से 2 लाख 77 रूपए चोरी कर फरार हो गया। आरोपी स्टोर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया है। सुबह जब लॉकर देखा तो उसमें से नकदी गायब थी। जिसके बाद हनी ने मामले की जानकारी पुलिस को दिन।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी एलांते मॉल में किसी दूसरे स्टोर पर काम करता था। वारदात के दौरान आरोपी के साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, जो बाहर खड़ा था। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

     

  • CM पद को लेकर Eknath Shinde का आया बड़ा बयान

    CM पद को लेकर Eknath Shinde का आया बड़ा बयान

    मुंबई: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाण आने के 5 दिन बाद भी महायुति अभी तक सीएम के नाम का ऐलान नहीं कर पाई। इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान कर दिया है। एकनाथ शिंद ने कहा कि सरकार बनाने के लिए मेरी तरफ से कोई अड़चन नहीं। पीएम मोदी जो भी निर्णय लेंगे वो मुझे मंजूर होगा। एकनाथ शिंद ने कहा कि मैं नाराज नहीं हूं। मैं नाराज होने वाला भी नहीं हूं। मैं रोने वाला नहीं हूं। मैं लड़ने वाला और काम करने वाला हूं।

    उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी जीत हमें कभी नहीं मिली है। महायुति ने जो काम किया है जनता ने उसपर विश्वास किया। जो एमवीए ने काम रुकवा दिया था हमने उसे शुरु किया। जो कल्याणकारी योजनाए हम लाए इस वजह से लोगों ने हमें वोट किया। हम लोग सुबह-सुबह 5 बजे से चुनाव के समय काम करते थे। हमने 90 से 100 सभाएं की। सारे कार्यकर्ताओं ने बहुत मेहनत की। कॉमन मैन को कहां-कहां दिक्कत आती है मैं समझता हूं।

    मैंने कभी खुद को सीएम नहीं समझा, मै खुद को कॉमन मैन ही समझता हूं। मैं हमेशा देखते आया हूं की परिवार कैसे चलाया जाता है। गरीब लोगों को दिक्कत आती है। इसलिए हमने लाडली बहने, लाडकी भाऊ जैसी योजनाएं लाए। अमित शाह का पूरा समर्थन मेरा साथ रहा। वो चट्टान की तरह मेरे साथ खड़े रहे। उन्होंने मेरे जैसे आम कार्यकर्ता पर भरोसा किया। मुझे मुख्यमंत्री बनाया। मैंने प्रत्येक क्षण जनता के लिए काम किया। राजनीति के स्तर को हमने बढाया। पीएम मोदी और शाह जी हमेशा मेरे साथ खड़े रहे। किसी भी सरकार ने इतने फैसले नहीं लिए। हमने 124 निर्णय लिए। हम राज्य को एक नंबर पर लेकर आए।

    हमने जो काम किया है इसलिए प्रदेश में हमारी सरकार है। मेरी लाडली बहनों ने अपने लाडले भाई का ध्यान रखा। मेरा पास हर चीज का समाधान है। हम मिलकर काम करने वाले लोग हैं। हम सबने मिलकर मेहनत की है, इसलिए हमें इतनी बड़ी जीत मिली है। महाराष्ट्र में मेरी पहचान लाडली भाई जैसी। हमारी लोकप्रियता भी बढ़ी है। मैंने लोकप्रियता के लिए काम नहीं किया। मैंने महाराष्ट्र की जनता के लिए काम किया है। चट्टान की तरह केंद्र सरकार हमारे साथ खड़ी रही।

  • आतंकी अर्श डल्ला के खिलाफ NIA का एक्शन, 9 ठिकानों पर की छापेमारी

    आतंकी अर्श डल्ला के खिलाफ NIA का एक्शन, 9 ठिकानों पर की छापेमारी

    चंडीगढ़ : पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला के ठिकानों पर छापेमारी की है। तीनों राज्यों के 9 जिलों में ये छापेमारी की गई। कनाडा में अर्श डल्ला की गिरफ्तारी के बाद यह पहली बार एनआई ने उसके के खिलाफ इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। अर्श डल्ला के करीबी सहयोगी  की रडार पर हैं, ताकि डल्ला के पूरे नेटवर्क को तोड़ा जा सके।

    एनआईए की जांच के मुताबिक डल्ला के तीन सहयोगी भारत में बड़ा आतंकी-गैंगस्टर सिंडिकेट चला रहे थे। अर्शदीप खालिस्तान टाइगर फोर्स का आतंकी है। एनआईए का दावा है कि अर्शदीप के साथी हैरी मोड और हैरी राजपुरा स्लीपर सेल के रूप में काम करते थे और उन्हें राजीव कुमार नाम के व्यक्ति ने शरण दी थी। तीनों ने डल्ला के निर्देश पर और उससे मिले पैसों से कई आतंकी हमले करने की योजना बनाई थी। हैरी मोड और हैरी राजपुरा गिरोह के शूटर थे और उन्हें लक्षित हत्याएं करने का आदेश था।

    एनआईए से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिन लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। सभी लोग डल्ला से बात करते थे। लंबी जांच के बाद यह छापेमारी शुरू की गई।र्श डल्ला ने राजीव कुमार उर्फ ​​शीला को हैरी मोड और हैरी राजपुरा को पनाह देने के लिए पैसे दिए थे। एनआईए की जांच में यह भी पता चला कि राजीव कुमार, अर्श दल्ला के निर्देश पर दो अन्य लोगों के लिए रसद सहायता और हथियारों की व्यवस्था भी कर रहे थे।

  • Punjab News: केंद्रिय मंत्री Jitin Prasad  और MP Aujla की मीटिंग में ज्यूलरी एक्सपोर्ट को मिली मंजूरी, देखें वीडियो

    Punjab News: केंद्रिय मंत्री Jitin Prasad और MP Aujla की मीटिंग में ज्यूलरी एक्सपोर्ट को मिली मंजूरी, देखें वीडियो

    पाकिस्तान से व्यापार शुरू करने को लेकर हुई बातचीत

    अमृतसरः कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आज वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से मुलाकात करके पाकिस्तान के साथ व्यापार खोलने के मुद्दे पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अमृतसर से ज्यूलरी एक्सपोर्ट शुरु करने की इजाजत मिलने पर केंद्रिय मंत्री का धन्यवाद किया। सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आज दिल्ली में यूनियन मिनिस्टर जितिन प्रसाद से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि जितिन प्रसाद से अमृतसर से इंपोर्ट एक्सपोर्ट पर चर्चा की गई और उनके साथ सड़क मार्ग व हवाई मार्ग दोनों ही रास्तों से किए जाते इंपोर्ट एक्सपोर्ट पर विस्तार से बातचीत हुई। इस दौरान खास तौर पर पाकिस्तान से वाघा के रास्ते बंद हुए व्यापार को खोलने पर बात की गई। उन्होंने कहा कि बार्डर एरिया होने के कारण उन्हें पाकिस्तान से व्यापार खुलने की बहुत जरुरत है, इससे पूरे अमृतसर को फायदा है। उन्होंने कहा कि अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंपोर्ट-एक्सपोर्ट पर चर्चा की गई। सांसद औजला ने कहा कि इसके विकास और विस्तार के लिए सरकार उनकी मदद करे ताकि यहां से ज्यादा से ज्यादा सामान आ जा सके। सांसद ने अमृतसर से ज्यूलरी से एक्सपोर्ट को इजाजत देने के मामले में कहा कि शहर वासियों को काफी जरुरत थी और इसकी मांग लंबे समय से चली आ रही थी। सांसद औजला ने बताया कि जितिन प्रसाद ने उन्हें विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में और भी बेहतरीन फैसले अमृतसर के लिए किए जाएंगे और जो भी मुश्किलें हैं उन पर काम किया जाएगा ताकि लोगों को किसी तरह की मुश्किलें ना आएं और अमृतसर को एक विकसित शहर बनाया जा सके।
  • 5 लाख रूपए की रिश्वत लेते कानूनगो रंगे हाथों गिरफ्तार

    5 लाख रूपए की रिश्वत लेते कानूनगो रंगे हाथों गिरफ्तार

    हरियाणा: एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने पंचकूला जिला में कार्यरत कानूनगो कर्मबीर सिंह को 5 लाख की रिश्वत लेते हुए कैथल में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इस मामले में निजी व्यक्ति चंद्र सिंह ढांडा की भी संलिप्तता पाई गई जिसके चलते एसीबी अंबाला की टीम द्वारा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों द्वारा शिकायतकर्ता से 20 लाख रुपए की रिश्वत पहले ही ली जा चुकी थी।

    सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम को शिकायत प्राप्त हुई कि पंचकूला जिला में कार्यरत कानूनगो कर्मबीर सिंह द्वारा लैंड रिलीज करने तथा डीमार्केशन से संबंधित पत्र को उपलब्ध करवाने के बदले में 5 लाख रुपए  की रिश्वत की मांग की जा रही थी। इस मामले में आरोपियो द्वारा 20 लाख रुपए की रिश्वत पहले ही ली जा चुकी थी। इसके बाद भी 5 लाख रुपए की रिश्वत की मांग और की जा रही थी, जिसे लेते हुए कानूनगो कर्मबीर सिंह को एसीबी अंबाला की टीम ने कैथल में रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

    इस संबंध में अम्बाला के एंटी क्रप्शन ब्यूरो थाने में मामला दर्ज करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इस मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। ब्यूरो के प्रवक्ता ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी अधिकारी अथवा कर्मचारी सरकारी काम करने की एवज में रिश्वत की मांग करता है तो तुरंत इसकी जानकारी हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल फ्री नंबर -1800-180-2022 तथा 1064 पर देना सुनिश्चित करें।

  • कांस्टेबल सहित अन्य व्यक्ति से ऑनलाइन ठगी, खाते से 3.73 लाख निकाले, मामला दर्ज

    कांस्टेबल सहित अन्य व्यक्ति से ऑनलाइन ठगी, खाते से 3.73 लाख निकाले, मामला दर्ज

    पंचकूलाः हरियाणा के पंचकूला में ऑनलाइन ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए है। जिसमें से एक मामला कांस्टेबल से गैस कनेक्शन रिन्यू करने के नाम पर ठगी का है, जबकि दूसरा मामला मोबाइल कवर की गलत डिलीवरी से ठगी का है। दोनों मामलों में कुल 3,73,444 लाख की ठगी मारी गई। इस मामले की शिकायत दोनों पीड़ितों ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पंचकूला में दर्ज करवाई है। दरअसल, गैस कनेक्शन रिन्यू करने के नाम पर व्यक्ति ने 2.84 लाख रुपये ठग लिए, जबकि दूसरे में मोबाइल कवर की गलत डिलीवरी का सेटलमेंट करने के नाम पर खाते से 88,944 रुपये निकाल लिए गए।

    मामले की जानकारी देते हुए कांस्टेबल मोहित कुमार ने शिकायत में बताया कि नवंबर में उनके मोबाइल पर गैस कनेक्शन रिन्यू करने के लिए कॉल आई। कॉल करने वाले ने उनसे बैंक डिटेल मांगी और जानकारी लेने के बाद अगले दिन मैसेज आया जिसमें उनकी मां के खाते से 2,84,500 रुपये कटने की जानकारी थी। यह खाता उनके मोबाइल से लिंक था। मोहित ने तुरंत 1930 नंबर पर शिकायत दर्ज कराई और बाद में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दी।

    वहीं दूसरे मामले में चंडीमंदिर निवासी महाबीर सिंह ने शिकायत में बताया कि उन्होंने ऑनलाइन मोबाइल कवर ऑर्डर किया था, लेकिन डिलीवरी गलत हुई। इसके बाद उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर खोजा और कॉल की। कॉल पर मौजूद व्यक्ति ने उन्हें एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही महाबीर ने ऐप डाउनलोड किया, उनके अकाउंट से लगातार पैसे कटने लगे। कुल 88,944 रुपए उनके खाते से निकल गए। मामले की शिकायत उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस थाना पंचकूला में दर्ज कराई।

     

  • Punjab News: पूर्व विधायक के बेटे की कांग्रेस में हुई वापसी, देखें लिस्ट

    Punjab News: पूर्व विधायक के बेटे की कांग्रेस में हुई वापसी, देखें लिस्ट

    मोगाः पंजाब में नगर निगम चुनाव से पहले नेताओं का पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने का सिलसिला जारी है। वहीं पूर्व विधायक महेशइंदर सिंह निहाल सिंह वाला के बेटे धर्मपाल कांग्रेस में दोबारा वापसी हुई है। बता दें कि 20 जनवरी 2024 को मोगा में नवजोत सिंह सिद्धू की रैली के बाद कांग्रेस पार्टी ने पूर्व विधायक महेश इंदर सिंह निहाल सिंह वाला और उनके बेटे धर्मपाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था।

  • Jalandhar सहित Punjab में BJP ने 36 नेताओं को इंचार्ज और को-इंचार्ज नियुक्त किया, देखें लिस्ट

    Jalandhar सहित Punjab में BJP ने 36 नेताओं को इंचार्ज और को-इंचार्ज नियुक्त किया, देखें लिस्ट

    मनोरंजन कालिया, अश्वनी शर्मा और विजय सांपला को मिली अहम जिम्मेदारी

    जालंधर, ENS: पंजाब में भले ही चुनाव आयोग ने अभी नगर निगम चुनावों की घोषणा नहीं की है, लेकिन उससे पहले ही पंजाब बीजेपी ने नगर निगम चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। बीजेपी की ओर से 36 पदाधिकारियों की घोषणा कर उन्हें अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिसमें नेताओं को इंचार्ज और को-इंचार्ज नियुक्त किया है। जारी सूची में जालंधर इंचार्ज की कमान मनोरंजन कालिया और अश्वनी शर्मा को दी गई, वहीं को-इंचार्ज की कमान केडी भंडारी को दी गई।
  • Canada में भारतीयों की बढ़ी मुश्किलें, Study Permit और Work Visa में हो सकती है देरी

    Canada में भारतीयों की बढ़ी मुश्किलें, Study Permit और Work Visa में हो सकती है देरी

    नई दिल्ली: कनाडा को लंबे समय से भारतीय छात्रों और वर्कर्स के लिए सबसे बढ़िया देश माना जाता रहा है। दरअसल, कनाडा की यूनिवर्सिटीज में छात्रों को आसानी से एडमिशन मिल जाता है। इसी तरह से भारतीय वर्कर्स भी आसानी से कनाडा में नौकरी हासिल कर पाते हैं। हालांकि, भारत के साथ राजनयिक विवाद के बाद तस्वीर बदल गई है। भारत-कनाडा टेंशन की वजह से इमिग्रेशन बैकलॉग लगातार तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। इमिग्रेशन बैकलॉग बढ़ने के चलते भारतीयों को काफी ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

    नवंबर 2024 तक का कनाडा का इमिग्रेशन बैकलॉग अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुका है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि लगभग 25 लाख आवेदन प्रोसेसिंग में है। इनमें से लगभग 11 लाख आवेदन सामान्य प्रोसेसिंग समय से ज्यादा टाइम ले रहे हैं। इमिग्रेशन बैकलॉग कई वजहों से हो रहा है, जिसमें बढ़ती मांग, स्टाफ की कमी और वैश्विक घटनाएं हैं, जिनसे प्रोसेसिंग क्षमता पर असर पड़ रहा है। भारतीय आवेदकों के लिए हालात ज्यादा चिंताजनक हैं। कनाडा में आने वाले विदेशी नागरिकों का सबसे बड़ा स्रोत भारत ही है। यहां से हर साल लाखों लोग कनाडा जा रहे हैं। इस वजह से वीजा के लिए सबसे ज्यादा आवेदन किए जा रहे हैं।

    हालांकि, कनाडा और भारत के बीच राजनयिक तनाव ने देरी को और बढ़ा दिया है। भारत में कनाडाई राजनयिक कर्मचारियों की कमी की वजह से भारतीय वीजा के लिए प्रोसेसिंग समय लंबा हो गया है, जिससे हजारों आवेदक प्रभावित हुए हैं। इमिग्रेशन बैकलॉग के चलते कनाडा जाने की सोच रहे भारतीय काफी ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लंबे प्रोसेसिंग समय का मतलब है कि आवेदकों को अपने स्टडी परमिट, वर्क वीजा और परमानेंट रेजीडेंसी आवेदनों पर फैसले का इंतजार करने में लंबा समय लग रहा है। यह अनिश्चितता उनकी पढ़ाई और नौकरी के प्लान को बिगाड़ सकती है। इसके अलावा, कनाडा और भारत के बीच राजनयिक विवाद ने इन चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।

    भारत में कनाडाई राजनयिक कर्मचारियों की कमी ने कई भारतीय आवेदकों को असमंजस में डाल दिया है। उन्हें नहीं पता कि उनके आवेदनों पर कब फैसला आएगा। मौजूदा हालात की वजह से उनकी ना सिर्फ भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, बल्कि उन्हें मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है और लोगों के हाथ से नौकरी के मौके छिटक रहे हैं। इस अनिश्चिता ने उनके जीवन में परेशानियां खड़ी कर दी हैं।

  • सरकार का बड़ा एक्शनः Medical College के प्रिंसिपल सहित 3 Suspended

    सरकार का बड़ा एक्शनः Medical College के प्रिंसिपल सहित 3 Suspended

    झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड में दस बच्चों की मृत्यु के मामले में योगी सरकार ने बड़ी कार्यवाही की है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के प्रिंसिपल को हटा दिया है। उन्हें लखनऊ से अटैच किया गया है। इसके साथ ही कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को आरोप पत्र एवं 3 अन्य को निलंबित किया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि झांसी मेडिकल कॉलेज में हुई ह्रदय विदायक घटना को लेकर सरकार बेहद संवेदनशील है। पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई गई है।

    उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक जांच कमेटी का गठन किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. नरेंद्र सिंह सेंगर को पद से हटा दिया गया है। उन्हें चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशालय से संबद्ध किया गया है। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर को आरोप पत्र दिया गया है। वहीं, कॉलेज के अवर अभियन्ता (विद्युत) संजीत कुमार, एनआईसीयू वार्ड की नर्सिंग सिस्टर इंचार्ज संध्या राय एवं मेडिकल कॉलेज की प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुनीता राठौर को तत्काल निलम्बित करते हुए आरोप पत्र दिया गया। कॉलेज में बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया, सर्जरी विभाग के सह-आचार्य डॉ. कुलदीप चंदेल व विद्युत प्रभारी अधिकारी को आरोप पत्र देकर उनकी भूमिका की जांच के लिए मण्डलायुक्त झांसी को जांच अधिकारी बनाया गया।

    बता दें कि15 नवम्बर को झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू वार्ड में आग लगने से दस बच्चों की मृत्यु हो गई थी। हादसे के तुरंत बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंचे थे और पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी थी। साथ ही दोषियों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया था। डिप्टी सीएम ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को महानिदेशक की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी गठित करने के आदेश दिए थे। कमेटी की जांच रिपोर्ट के बाद समीक्षा कर घटना में दोषियों के खिलाफ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा कार्रवाई की गई है।

    चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक किंजल सिंह की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय जांच कमेटी का पिछले 16 नवंबर को गठन किया गया था। कमिटी ने अपनी जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट तैयार की। अब इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की तैयारी है। रिपोर्ट में आग लगने के दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की गई है। अग्निकांड के दौरान मेडिकल उपकरण चलाने में बरती गई लापरवाही का भी जिक्र और शार्ट सर्किट से ऑक्सिजन कंसंट्रेटर में आग लगने से यह हादसा हुआ था।