चंडीगढ़: पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि बेहतर कर अनुपालन, खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाइयों और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन के बल पर आबकारी एवं कर विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों के दौरान कुल जी.एस.टी. राजस्व में 20 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है। विभाग ने पिछले वर्ष के 8,708.48 करोड़ रुपये की तुलना में 10,447.9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया है।
यहां जारी एक प्रेस बयान में यह जानकारी साझा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया, “केवल जुलाई 2026 महीने के दौरान ही राज्य ने 2,614.45 करोड़ रुपये का कुल जी.एस.टी. राजस्व दर्ज किया है, जो वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर 8.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इसके साथ ही फर्जी बिलिंग नेटवर्कों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और पुराने कर बकायों की वसूली के बल पर एस.जी.एस.टी. कैश वृद्धि में 16.23 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो देशभर में सबसे अधिक है।”
इन वित्तीय उपलब्धियों का श्रेय विभाग के सुव्यवस्थित रोडमैप को देते हुए वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य ने बेहतर कर अनुपालन, खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाइयों और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन के माध्यम से जी.एस.टी. संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कर चालू वित्तीय वर्ष के दौरान अपने मजबूत राजस्व प्रदर्शन को बनाए रखा है। उन्होंने बताया, “जुलाई 2026 के दौरान पंजाब ने 2,614.45 करोड़ रुपये का कुल जी.एस.टी. संग्रह किया, जबकि जुलाई 2025 के दौरान यह 2,413.91 करोड़ रुपये था, जो 200.54 करोड़ रुपये (8.31%) की वृद्धि दर्शाता है। इस महीने के प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण पहलू एस.जी.एस.टी. कैश संग्रह में वृद्धि रही है, जो जुलाई 2025 के 815.84 करोड़ रुपये से बढ़कर जुलाई 2026 में 948.29 करोड़ रुपये हो गया है, जो 132.45 करोड़ रुपये (16.23%) की वृद्धि को दर्शाता है।”
एस.जी.एस.टी. में वृद्धि पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “पंजाब ने 16.23 प्रतिशत से अधिक की एस.जी.एस.टी. कैश वृद्धि दर्ज की है, जो देश में सबसे अधिक दरों में से एक है। एस.जी.एस.टी. कैश प्राप्तियों में वृद्धि राज्य में कारोबार कर रहे उद्योगों द्वारा स्वैच्छिक अनुपालन में सुधार और वास्तविक कर भुगतानों का एक प्रमुख संकेत है।”
पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान इस गति को बनाए रखने के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि राज्य ने वित्तीय वर्ष के पहले चार महीनों के दौरान भी मजबूत राजस्व वृद्धि बनाए रखी है। उन्होंने आगे बताया, “अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान पंजाब ने 10,447.9 करोड़ रुपये का कुल जी.एस.टी. संग्रह किया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान यह 8,708.48 करोड़ रुपये था, जो 1,739.42 करोड़ रुपये (20%) की वृद्धि दर्शाता है।”
राज्य की करदाता-केंद्रित पहलों पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “कारोबार को सुगम बनाने और ईमानदार करदाताओं की सहायता करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए पंजाब सरकार ने वैध जी.एस.टी. रिफंडों की समय पर स्वीकृति और वितरण सुनिश्चित किया है। जुलाई 2026 के दौरान 200 करोड़ रुपये से अधिक के जी.एस.टी. रिफंड मंजूर किए गए। यह फर्जी दावों के विरुद्ध सख्त निगरानी रखते हुए ईमानदार करदाताओं को तुरंत रिफंड जारी कर सुविधा प्रदान करने की सरकारी नीति को दर्शाता है। सरकार एक पारदर्शी, विश्वसनीय और करदाता-पक्षीय प्रशासन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करता है और कारोबारी विश्वास को मजबूत करता है।”
आबकारी एवं कर मंत्री चीमा ने कर चोरों के विरुद्ध की गई सख्त कार्रवाइयों का विवरण भी दिया। उन्होंने कहा, “विभाग ने कर चोरी और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाइयों को काफी तेज कर दिया है। केवल जुलाई 2026 के दौरान ही राज्यभर में की गई कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप 200 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने लगाए गए हैं। विभाग ने कर चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट नेटवर्कों का पता लगाने के लिए डेटा एनालिटिक्स और रिस्क प्रोफाइलिंग का उपयोग करते हुए खुफिया जानकारी-आधारित दृष्टिकोण अपनाया है। इस महीने के दौरान की गई एक बड़ी कार्रवाई में जालंधर में लगभग 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले के संबंध में एक एफ.आई.आर. दर्ज की गई और पंजाब जी.एस.टी. अधिनियम की धाराओं के तहत मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया।”
पंजीकरण के दुरुपयोग को रोकने और पुराने बकायों की वसूली के लिए किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री चीमा ने कहा, “विभाग ने नियम 14ए के प्रावधानों का दुरुपयोग करके प्राप्त किए गए फर्जी पंजीकरणों के विरुद्ध भी एक विशेष अभियान चलाया है। व्यापक जांच और फील्ड सत्यापन के परिणामस्वरूप 100 से अधिक जी.एस.टी. पंजीकरण रद्द किए गए हैं, जिससे जी.एस.टी. पंजीकरण ढांचे के दुरुपयोग को रोका गया है और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने तथा आगे हस्तांतरित करने पर रोक लगी है।”
उन्होंने बताया कि वैट के लंबे समय से लंबित बकायों की वसूली पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा, “वैट के पुराने डिफॉल्टरों की संपत्तियों को कुर्क करने और नीलाम करने के माध्यम से विभाग ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 12.39 करोड़ रुपये की वसूली की है और सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए कानून के अनुसार सभी डिफॉल्टर डीलरों के विरुद्ध वसूली अभियान जारी रहेगा।”
राजस्व संग्रह के लिए पंजाब सरकार की नीति को दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “पंजाब की जी.एस.टी. प्राप्तियों में उत्साहजनक वृद्धि करदाताओं की सुविधाओं, प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन और कर चोरी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पर आधारित संतुलित रणनीति का परिणाम है। जहां सरकार तरलता में सुधार करने और कारोबार को सुगम बनाने के लिए ईमानदार करदाताओं के वैध रिफंडों की तुरंत स्वीकृति सुनिश्चित कर रही है, वहीं फर्जी बिलिंग, फर्जी पंजीकरणों और कर धोखाधड़ी के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। एस.जी.एस.टी. कैश संग्रह में महत्वपूर्ण वृद्धि, कुल जी.एस.टी. राजस्व में लगातार बढ़ोतरी, पुराने वैट बकायों की वसूली, फर्जी जी.एस.टी. पंजीकरणों को रद्द करना तथा जुलाई के दौरान की गई सख्त प्रवर्तन कार्रवाइयां राज्य सरकार की सार्वजनिक राजस्व की रक्षा करने और एक निष्पक्ष तथा पारदर्शी कर वातावरण सृजित करने की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं।”
सभी करदाताओं से पूर्ण रूप से नियमों का पालन करने का आह्वान करते हुए तथा प्रत्येक वास्तविक करदाता को विभाग की ओर से पूर्ण सुविधा और सहयोग का भरोसा दिलाते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “राज्य में पारदर्शिता, जवाबदेही और कारोबार को सुगम बनाना सुनिश्चित करते हुए राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से आबकारी एवं कर विभाग उन्नत एनालिटिक्स, लक्षित प्रवर्तन, डिजिटल गवर्नेंस और करदाता-केंद्रित पहलों के माध्यम से कर अनुपालन को मजबूत करना जारी रखेगा।”
