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6 साल बाद फिर लौटा कोरोना ! 23 देशों में फैला नया वेरियंट

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6 साल बाद फिर लौटा कोरोना ! 23 देशों में फैला नया वेरियंट

नई दिल्लीः 6 साल बाद एक बार फिर से कोरोना के नए वेरिएंट ने दस्तक दी है। दरअसल, एक बार फिर से कोविड-19 (ओमिक्रॉन) का नया अवतार दिख रहा है। इस नए अवतार का नाम है ‘सिकाडा’ बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार नए कोविड वेरिएंट ने 23 देशों में अपनी जगह बना ली है। साथ ही सबसे अधिक अमेरिका में प्रभाव दिख रहा है। सीडीसी की जानकारी के अनुसार, यहां के 25 राज्यों में फैल चुका है। नया कोविड वैरिएंट BA 3.2 अपने 75 म्यूटेशन के साथ और भी प्रभावी बनकर लौटा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि Covid-19 का एक नया वेरिएंट पूरी दुनिया में चुपचाप फैल रहा है।

इसमें म्यूटेशन की संख्या असामान्य रूप से ज्यादा है, जिसकी मदद से यह मौजूदा इम्युनिटी को भी चकमा दे सकता है। सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, इस वेरिएंट स्ट्रेन सबसे पहले नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में पहचाना गया था और अब तक 23 देशों में इसका पता चला है। यह जानकारी अमेरिका के वेस्टवॉटर सर्विलांस के जरिए मिली है। इसे अमेरिका के हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से लिए गए वॉलंटरी नेजल स्वैब सैंपल के जरिए भी पहचाना गया है।

सिकाडा इसका निकनेम है, जो एक कीड़े के नाम पर रखा गया है। इसके नाम के पीछे की कहानी ये है कि सिकाडा कीड़ा सालों तक जमीन के नीचे छिपा रहता है और फिर अचानक बाहर निकलता है। इसी तरह, यह वैरिएंट (BA.3) परिवार से है जो 2022 के बाद गायब होकर भारी म्यूटेशन्स के साथ “अचानक” वापसी किया है। वायरस जब एक शरीर से दूसरे शरीर में जाता है, तो वह अपना रूप बदलता है, जिसे ‘म्यूटेशन’ कहते हैं।

ज्यादा म्यूटेशन का सीधा मतलब है – अधिक नया रूप। इस वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में करीब 70 से 75 बदलाव देखे गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन इसको लेकर लगातार स्टडी कर रहा है। हालांकि, अभी तक इसके खतरे को लेकर कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। इसलिए, स्पष्ट कुछ कहा नहीं जा रहा है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि म्यूटेशन को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि ये पिछली वैक्सीन के असर को कम कर सकता है। हालांकि, इसको लेकर कोई शोध या तथ्य सामने आते हैं तो स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है। इसके म्यूटेशन्स इसे और अधिक संक्रामक बना सकते हैं।

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