ईरान के 10 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि अमेरिकी सैन्य विमानों ने ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणाली, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्ट्रोरेज सुविधाओं और बारुदी सुरंग बिछाने की क्षमता को निशाना बनाया है। बाद में CENTCOM ने साफ किया है कि यह अभियान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आस-पास स्थित ईरान के 10 अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर चलाया गया है।तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद की गई जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार को तड़के ईरान बलों ने एकतरफा ड्रोन हमले में तेल टैंकर M/T Kiku को निशाना बनाया है। उस समय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहा था और उसमें 20 लाख से ज्यादा बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान को युद्धविराम समझौते का पालन करने का मौका दिया गया था लेकिन उसने इसके जगह व्यापारी जहाज पर हमला करना चुना है। इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने सैन्य कार्रवाई की है।कतरी ऑयल फील्ड से यूएई जा रहा था टैंकर
शिप ट्रैंकिंग डेटा के अनुसार, M/T Kiku इस हफ्ते की शुरुआत में कतर के एक तेल क्षेत्र से रवाना हुआ था और संयुक्त अरब अमीरात के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था जो ओमान की खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ठीक आगे स्थित है। यह टैंकर ओमान के तट के पास बने वैकल्पिक समुद्री मार्ग से गुजरा रहा था जिसे ईरान के क्षेत्रीय जलमार्ग के ऑप्शन के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है।CENTCOM ने शेयर किया वीडियो
हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रंल कमांड ने एक्स पर इस सैन्य अभियान का वीडियो भी शेयर किया है। CENTCOM ने यह दावा किया है कि इस ऑपरेशन में ईरान की निगरानी व्यवस्था, संचार नेटवर्क, एयर इंडिया सिस्टम, ड्रोन ठिकानों और माइनलेयर क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। कतरी ऑयल फील्ड से यूएई जा रहा था टैंकर शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, M/T Kiku इस हफ्ते की शुरुआत में कतर के एक तेल क्षेत्र से रवाना हुआ था और संयुक्त अरब अमीरात के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था जो ओमान की खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ठीक आगे स्थित है। यह टैंकर ओमान के तट के पास बने वैकल्पिक समुद्री मार्ग से गुजरा रहा था जिसे ईरान के क्षेत्रीय जलमार्ग के ऑप्शन के रुप में के ऑप्शन के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है।