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America-Iran का हुआ ऐतिहासिक शांति समझौता, MOU डील पर आया Donald Trump का बयान

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America-Iran का हुआ ऐतिहासिक शांति समझौता, MOU डील पर आया Donald Trump का बयान
नई दिल्ली: महीनों के संघर्ष के बाद आखिरकार ईरान और अमेरिका के बीच में समझौता हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल माध्यम से ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन पर साइन किए। समझौते के बाद ईरान का पहला बयान सामने आया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि – दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के साइन के साथ इस्लामाबाद समझौते के मसौदे को अंतिम रुप दे दिया गया है। अब ये देखने का समय है कि इस समझौते को जमीन पर कैसे लागू किया जाता है।

ट्रंप ने ईरान समझौते को बताया ऐतिहासिक

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में इमैनुएल मैक्रो की मौजूदगी में इस एमओयू पर साइन किए हैं। ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ हुए समझौते को एक ऐतिहासिक सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से मौजूदा संघर्ष खत्म हो गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल गया है। यह तय हो गया है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।
 
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डील पर आखिर क्या बोले ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि रविवार को हमने ईरान को एक साथ समझौता किया है। इससे यह सभी लक्ष्य पूरे हो गए हैं जिनको हम हासिल करना चाहते थे। संघर्ष खत्म करना, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना य़ही इस समझौते का मकसद था। ट्रंप ने कहा कि इस समझौते की सबसे अहम बात यह है कि ईऱान ने कभी भी परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है। ईरान ने सहमति जताई है कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही उसे हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने दोनों पर लागू होता है हालांकि ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान इस समझौते का पालन नहीं करता है। फिर से सैन्य कार्रवाई भी हो सकती है। उनका कहना है कि यदि इस सणझौते का सम्मान नहीं करते हैं तो कुछ ऐसी बातें है कि जो इसमें शामिल नहीं है तो यह एक समझौता ज्ञापन है। यदि वो इसे नहीं मानते तो शायद हमें फिर से उन पर बमबारी करनी पड़ेगी और जब तक वे इसे नहीं मानते हैं।    

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