Home International Hormuz पर भड़के Donald Trump, ठुकराया Offer, बोले – ‘मुझे कोई भी जरुरत नहीं है’

Hormuz पर भड़के Donald Trump, ठुकराया Offer, बोले – ‘मुझे कोई भी जरुरत नहीं है’

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Hormuz पर भड़के Donald Trump, ठुकराया Offer, बोले – ‘मुझे कोई भी जरुरत नहीं है’
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने साथी देशों पर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रही जंग में स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को दोबारा सुरक्षित और खोलने के लिए वॉरशिप भेजने की अपील की है लेकिन ज्यादातर देशों ने मना कर दिया। ट्रंप ने कहा कि हमें किसी की जरुरत नहीं है। हम दुनिया का सबसे मजबूत राष्ट्र है। हमारी मिलिट्री सबसे ताकतवर हैं।

ट्रंप ने ठुकराया ऑफर

ट्रंप ने बताया कि उन्होंने करीब 7 देशों से बात की और उनसे वॉरशिप भेजने को कहा ताकि तेल के जहाज सुरक्षित गुजर पाएं लेकिन जर्मनी स्पेन, इटली जैसे देशों ने साफ मना कर दिया। ब्रिटेन ने भी शुरु में दो एयरक्राफ्ट कैरियर देने से मना कर दिया था। बाद में जंग खत्म होने के बाद ऑफर किया जिसको ट्रंप ने ठुकरा दिया है। ट्रंप ने कहा कि – मैं कुछ मामलों में ये इसलिए कर रहा हूं कि देखूं वो कैसे रिएक्ट करते हैं। मैं सालों से कहता आ रहा हूं कि यदि हमें कभी उनके जरुरत पड़ी तो वो नहीं आएंगे। उन्होंने NATO पर भी निशाना साधा है। उनका कहना है कि यदि सहयोगी मदद नहीं करेंगे तो NATO का भविष्य बहुत बुरा होगा। ट्रंप ने ब्रिटेन पर हैरानी जताई है और कहा कि उन्होंने शुरु में मदद नहीं की लेकिन जंग खत्म होने के बाद ऑफर किया। मैंने कहा जंग खत्म होने के बाद ऑफर किया। मैंने कहा कि – जंग खत्म होने के बाद मुझे कैरियर की जरुरत नहीं है।

हॉर्मुज में क्या है स्थिति?

स्ट्रेट ऑफ हार्मुज दुनिया का सबसे जरुरी तेल रास्ता है। जहां से करीबन 20% वैश्विक तेल गुजरता है। ईरान से जंग शुरु होने के बाद इसे बंद कर दिया है। ईरान से 15 से ज्यादा जहाजों पर हमले भी किए हैं। इससे तेल के जहाजों का आना-जाना लगभग बंद हो गया है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि स्ट्रेट बंद रहेगा। ईरानी मिलिट्री ने चेतावनी दी कि तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। बता दें कि दोनों देशों में लड़ाई 28 फरवरी को शुरु हुई। जब अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला ऑपरेशन एपिक फ्यूरी किया। इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई और कई बड़े अधिकारी मारे गए। ईरान ने जवाब में इजरायल और अमेरिकी बेस पर मिसाइल ड्रोन हमले किए इससे जंग पूरे मिडिल ईस्ट में फैल गई।

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