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  • नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल ने विधानसभा में किया विरोध

    नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायक दल ने विधानसभा में किया विरोध

    विधायक निधि जारीकरने, ट्रेजरी बिलों के भुगतान में व्याप्त कमीशन खोरी रोके सरकार: जयराम ठाकुर

    पहले चुनाव से बचने के लिए इमरजेंसी लगाई गई थी अब सुक्खू लगा रहे आपदा प्रबंधन एक्ट

    मुख्यमंत्री के जवानों से असंतुष्ट होकर भाजपा विधायक दल ने किया वॉक आउट

    सरकार अपनी नाकामी से पूरी तरह बौखलाई, हार नजदीक देख मित्र मंडली फैला रही हैं ओपीएस पर अफवाह

    जिसने अपनी जेब से एक चवन्नी नहीं दी वह किस मुंह से मांग रहे हैं आपदा राहत का हिसाब 

    ऊना/सुशील पंडित: भाजपा विधायक दल के साथ पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन कर सरकार से विधायक निधि जारी करने की मांग की। सभी विधायक नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में हाथ में बैनर और तत्ख्तियां लेकर नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय से निकले और विधानसभा के गेट तक नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। जयराम ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बजट में घोषणा करते हैं कि विधायक निधि बढ़ा देंगे। हकीकत यह है कि महीनों से विधायक निधि का पैसा जारी नहीं किया जा रहा है जिसकी वजह से विधानसभा क्षेत्र में विकास के काम रुके पड़े हैं। आपदा की वजह से हर जगह नुकसान हुआ है और सरकार आपदा राहत के लिए कुछ कर नहीं रही है। ऐसे में विधायक निधि ही आपदा राहत के लिए एक तत्कालीन सहायता थी जो अब बंद हो गई है। विधायक निधि के तहत भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने संबंधित विभाग को चिट्टियां जारी कर दी लेकिन बजट अभी तक नहीं पहुंचा। इसकी वजह से उहापोह की स्थिति बन रही है और लोग परेशान हो रहे हैं इसलिए सरकार जल्दी से जल्दी विधायक निधि जारी करें और तानाशाही बंद करें।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि ट्रेजरी से भुगतान बंदहै। सरकार के खास लोगों ने सुविधा शुल्क दो और भुगतान लो की योजना चलाई हुई है। सरकार के खास लोग पैसा लेकर ठेकेदारों का पैसा निकलवा रहे हैं। जो ठेकेदार पैसा देने में असमर्थ हैं वह अपने भुगतान के लिए तरस रहे हैं। उन्हें अपने परिवार को पालने और बच्चों के पढ़ाई के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है। सुख की सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार की सारी हदें टूट गई है। भुगतानों के कमीशन में का रैकेट चलाने वाले इस तरह से कैसे राज कर रहे हैं? ऐसे लोगों को किसका संरक्षण है और वह पैसा कहां तक जा रहा है इसके बारे में मुख्यमंत्री को बताना होगा। हिमाचल प्रदेश में इस तरीके की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    जयराम ठाकुर ने मीडिया के प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा कि यह सरकार अभी से अपनी प्रचंड हार देखकर घबरा गई है। इसलिए सरकार झूठ और फरेब के साथ-साथ अफवाह फैलाने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री की मित्र मंडली विधानसभा में बोले गए हमारे शब्दों को अनैतिक रूप से काट–छांटकर ओपीएस से जोड़ रही है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण और गिरी हुई हरकत है। हमने या हमारे किसी भी विधायक ने ओल्ड पेंशन स्कीम से जुड़ा एक भी शब्द नहीं बोला है। उसके बाद भी कुछ लोग माहौल बनाने की कोशिश में है। सरकार के पास बताने के लिए अपनी एक भी उपलब्धि नहीं है और अपनी करारी हार आने वाले चुनाव में देखकर मुख्यमंत्री की मित्र मंडली झूठ का सहारा ले रही है। उनका यह झूठ चलने वाला नहीं है। इसी के साथ ही प्रदेश की जनता का करोड़ों रुपए खर्च करके मुख्यमंत्री की मित्र मंडली भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ दुष्प्रचार करने और घटिया टिप्पणी करने जैसे कार्य करती है।  मुख्यमंत्री को अपने मित्रों को बताना चाहिए कि हिमाचल प्रदेश की ऐसी संस्कृति नहीं है। हिमाचल के लोग वक्त आने पर इसका जवाब सरकार को देंगे।

    पंचायत चुनाव को लेकर धारा 67 के तहत मंत्री द्वारा दिए गए जवाब से संतुष्ट होकर भाजपा विधायक दल ने वॉक आउट किया। मीडिया से बात करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस तरीके से प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने अपनी लोकप्रियता को देने और चुनाव से बचने के लिए आपातकाल लगाया था उसी तरीके से मुख्यमंत्री पंचायत चुनाव से बचने के लिए आपदा प्रबंधन एक्ट का सहारा ले रहे हैं। जबकि आपदा प्रभावितों को राहत प्रदान करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठा रहे हैं। आपदा आने के पहले से ही पंचायत चुनाव को लेकर जो काम होने चाहिए थे वह नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव से बचने के लिए ही आपदा प्रबंधन एक्ट लागू किया है।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार को आपदा का इतना दु:ख होता तो वह अपने 3 साल की नाकामी का जश्न नहीं मनाती। प्रदेश सरकार और प्रशासन की मशीनरी का पूरा ध्यान आपदा प्रभावितों को राहत देने की बजाय जश्न की तैयारियों में लगा है।  मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में घंटों लंबी मीटिंग्स चलती हैं। उस बैठक में तय होता है कि मंच पर कौन बैठेगा, मंच पर कौन नहीं बैठेगा,  पैसा जो खर्च होगा वह कहां से खर्च होगा, उसे समारोह का कार्ड कैसे छपेगा, कौन से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे? इस जश्न का प्रचार प्रसार कैसे होगा? सरकार में तनिक भी लज्जा होती तो यह जश्न मनाने के बजाय आपदा प्रभावितों की जख्मों पर मरहम लगाने का काम करती। जबकि जश्न के लिए मीटिंगों का दौर जारी है। कर्मचारी वेतन के लिए प्रदर्शन करते हैं तो पेंशनधारी पेंशन और मेडिकल बिल के लिए सड़कों पर धरना देते हैं, लेकिन सरकार आपदा में अपनी जान गवा चुके लोगों की लाशें और उनके पीछे रह चुके लोगों की चीखों पर जश्न मनाने पर मशगूल है।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का विधायक दल सदन में किसी भी मंत्री और विधायक की बदतमीजी सुनने को बाध्य नहीं है। इसलिए सदन में यदि कोई मंत्री बदतमीजी से बात करेगा। मर्यादा के के विपरीत आचरण करेगा भारतीय जनता पार्टी उसका बहिष्कार करेगी। सरकार की मुख्यमंत्री की कोई मजबूरी या कोई  कमजोरी होगी कि वह विधानसभा के अंदर और बाहर मंत्री की बदतमीजी बर्दाश्त करें लेकिन भारत का जनता पार्टी की ऐसी कोई मजबूरीनहीं है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी  मर्यादा के अनुकूल आचरण करने वाले मंत्रियों का बहिष्कार करेगी। इस संबंध में जयराम ठाकुर भाजपा विधायकों के साथ विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के चेंबर में मुलाकात की और बदतमीजी करने वाले मंत्री के बहिष्कार करने के बारे में अवगत करवाया।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुछ लोगों के दिमाग में घटिया सोच बस गई है, उन्हें इसका इलाज करवाना चाहिए। आपदा के दौरान देशभर के भाजपा की सरकारों ने आपदा राहत सामग्री और आर्थिकसहायता दी। भारतीय जनता पार्टी के एक-एक मंडल से हमारे कार्यकर्ताओं ने पैसा जमा करके आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया। अपने कंधे पर तीस किलो की बोरियां लेकर हमारे कार्यकर्ता दस–दस किलोमीटर तक चले हैं। लेकिन कांग्रेस के नेता आपदा प्रभावितों द्वारा सही कराई गई सड़कों का बिल अपने नाम बनवाने पर मशगूल रहे। जिन्होंने आपदा प्रबलताओं के लिए नगर धनराशि किसी भी प्रकार से दी उन्हें पत्र के माध्यम से आपदा प्रभावितों को दिए गए धनराशि का ब्यौरा उपलब्ध करवाया गया है। जिन्होंने पैसा दिया हमने ज्यादातर धनराशि उनके या उनके प्रतिनिधियों के सामने बांटी। जो आपदा प्रभावितों को एक चवन्नी भी अपनी जेब से नहीं दे पाए वह किस मुंह से हिसाब मांग रहे हैं? ऐसे बेशर्म लोग किस बात का हिसाब मांग रहे हैं। ऐसी बेशर्मी हमने आज तक नहीं देखी जो आपदा प्रभावितों को मरहम देने की बजाय मुकदमा करती है।

  • Haryana News: लूट की वारदात में पुलिस ने पकड़े 4 नाबालिग, कोर्ट में पेश कर भेजा बाल सुधार गृह

    Haryana News: लूट की वारदात में पुलिस ने पकड़े 4 नाबालिग, कोर्ट में पेश कर भेजा बाल सुधार गृह

    पंचकूला: कालका क्षेत्र में हुई लूट की गंभीर वारदात में पंचकूला पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खुलासा कर दिया है। 23 नवंबर की रात में करीबन 11 बजे मूल रुप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले और अब कालका में रह रहे एक व्यक्ति पर रेलवे ग्राउंड कालका के पास कुछ युवकों ने अचानक से हमला कर दिया। आरोपियों ने पीड़ित व्यक्ति को घेरकर मारपीट शुुरु कर दी।

    उसका फोन, 1000 रुपये नकद और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज लूट लिए और उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर 24 नवंबर को कालका थाना में लूट का मामला दर्ज कर लिया। इस मामले पर डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही तुरंत जांच शुरु की गई।

    कालका थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कमलजीत सिंह के नेतृत्व में एक खास टीम बनाई गई। टीम में मुख्य सिपाही वासू देव और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। हमारी टीम ने गुप्त सूत्रों और इलाके की निगरानी के आधार पर 26 नवंबर को घटना के 48 घंटे के अंदर पुलिस ने चार संदिग्ध युवकों को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि चारों आरोपी नाबालिग है। उनकी उम्र 15 से 17 साल के बीच में है। शुरुआती जांच में इन युवकों ने वारदात में शामिल होने की पुष्टि की। पुलिस ने चारों को काबू करते हुए उनके पास से लूटा हुआ फोन भी बरामद कर लिया है।

    पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी नाबालिग आरोपियों को उसी दिन जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया जहां से उन्हें बाल सुधार गृह अंबाला में भेज दिया गया।

  • दर्दनाक हादसाः ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों को ट्रेन ने कुचला, 11 की मौत, कई घायल, देखें वीडियो

    दर्दनाक हादसाः ट्रैक पर काम कर रहे कर्मचारियों को ट्रेन ने कुचला, 11 की मौत, कई घायल, देखें वीडियो

    इंटरनेशनल डेस्क। चीन के दक्षिण-पश्चिमी युन्नान प्रांत की राजधानी कुनमिंग में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक ट्रेन हादसा हुआ। यह घटना लुयांगझेन रेलवे स्टेशन के पास हुई, जहां रात में पटरी की मरम्मत कर रहे 11 रेलवे कर्मचारी अचानक आती हुई मालगाड़ी की चपेट में आ गए। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सुबह करीब 4:30 बजे हुई घटना हादसा सुबह करीब 4:30 बजे हुआ। घायल हुए दो कर्मचारियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी हालत अभी भी बेहद गंभीर बताई जा रही है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कुछ घंटे बाद ही स्टेशन पर ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू कर दी गईं, ताकि यात्री ट्रेनों पर असर न पड़े। क्या थी हादसे की वजह? सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच चल रही है। शुरुआती जांच में यह अंदेशा है कि सुरक्षा नियमों का सही पालन नहीं हुआ। सिग्नलिंग सिस्टम में कोई गलती हुई। ये दोनों बातें हादसे की वजह बन सकती हैं, लेकिन पूरी रिपोर्ट जांच के बाद ही सामने आएगी। चीन में पहले भी हो चुके ऐसे हादसे चीन में तेज रफ्तार रेल परियोजनाओं और 24 घंटे चलने वाले ट्रैक रखरखाव काम के दौरान पहले भी ऐसे हादसे हो चुके हैं। सिर्फ 2024 में भी एक बड़े हादसे में 9 कर्मचारी मारे गए थे। इस कारण रेलवे विभाग पर सुरक्षा को और मजबूत करने का दबाव रहा है। सरकार मृतकों के परिवारों को देगी मुआवजा रेल मंत्रालय ने मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और घायलों का पूरा इलाज करवाने का भरोसा दिया है। साथ ही देशभर में रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा जांच करने का आदेश भी दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।  
  • Punjab News: PU सीनेट चुनाव शेड्यूल को मिली मंज़ूरी, देखें लिस्ट

    Punjab News: PU सीनेट चुनाव शेड्यूल को मिली मंज़ूरी, देखें लिस्ट

    चंडीगढ़ : PU सीनेट चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वाइस प्रेसिडेंट ने PU सीनेट चुनाव को मंजूरी दे दी है। इसे लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं उपराष्ट्रपति की तरफ से सीनेट चुनाव की तारीख का नोटीफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये चुनाव सितंबर 2026 में होंगे।

    उपराष्ट्रपति कार्यालय की सचिव सरिता चौहान की तरफ से यह नोटीफिकेशन जारी किया गया है। जिसमें लिखा गया है कि आपकी तरफ से जारी किए गए शेड्यूल के हिसाब से सीनेट चुनाव करवाने को उपराष्ट्रपति की तरफ से मंजूरी दे दी गई है।

    5 साल का होता है सीनेट का कार्यकाल
    पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) चंडीगढ़ की सीनेट का कार्यकाल 5 साल का होता है। पिछली सीनेट का टर्म 31 अक्टूबर 2024 को खत्म हो गया था। इसके बाद नई सीनेट 1 नवंबर 2024 को चुननी थी। लेकिन केंद्र सरकार ने समय पर चुनाव करवाने की बजाय सीनेट को भंग करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, जिसके कारण चुनाव लटक गए।

    25 दिन से चल रहा था पक्का मोर्चा
    सीनेट चुनाव की तारीखों का ऐलान करवाने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ बचाओ मोर्चा लगातार 25 दिन से पक्का मोर्चा लगाए बैठा था। कई पंजाब संगठनों ने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किए। 26 नवंबर को यूनिवर्सिटी को बंद रखने की कॉल भी दी गई थी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर तारीखों का ऐलान नहीं हुआ, तो 3 दिसंबर को पंजाब BJP और जिला स्तर के सभी BJP दफ्तरों का घेराव करेंगे।

    घेराव की चेतावनी से पहले ही आया फैसला
    हालात बिगड़ने की संभावना को देखते हुए, उपराष्ट्रपति कार्यालय ने घेराव की तय तारीख से पहले ही चुनाव करवाने की मंजूरी दे दी। इससे आंदोलनरत संगठनों की बड़ी मांग पूरी हो गई है।

     

     

     

  • Haryana News: गंदे नाले से मिला नवजात का शव, जांच में जुटी पुलिस

    Haryana News: गंदे नाले से मिला नवजात का शव, जांच में जुटी पुलिस

    पंचकूला: शहर से एक नवजात लड़के का शव मिला है। शव की सूचना मिलने के बाद सेक्टर-25 चौकी पुलिस और सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने नवजात का भ्रूण कब्जे में लेकर सेक्टर-6 के अस्पताल में भेज दिया है।

    पुलिस के द्वारा आस-पास लगे हुए सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जा रहे हैं ताकि जिस व्यक्ति ने शव को यहां पर फेंका है उसकी पहचान हो पाए। इस मामले में अभी जांच-पड़ताल जारी है। सेक्टर-25 चौकी पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले की गंभीरता के साथ जांच पड़ताल की जा रही है ।

    नवजात बच्चे का शव पंचकूला के सेक्टर-24 की बिल्डिंग के निर्माण कार्य के पीछे गंदे नाले से मिला है। इस मामले में सेक्टर-25 चौकी पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि स्काई हाइट की इमारत का निर्माण कार्य हो रहा था। उसके पीछे नाले से एक नवजात बच्चे का शव मिला है।

    इसकी सूचना अधिकारियों को दी गई है। मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। मौके पर फॉरेंसिक टीम भी जांच के लिए पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि शव लड़के का है और करीबन 9 महीने का नवजात है। शव नाले के पास गिरा हुआ मिला।

    पुलिस का कहना है कि यदि इस बारे में कोई जानकारी मिली तो चंडी मंदिर थाना प्रभारी के साथ संपर्क करें। पुलिस भी बच्चे को फेंकने वाले मां-बाप की तलाश कर रही है। अभी फिलहाल मृतक नवजात का शव मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस के द्वारा आगे की जांच-पड़ताल की जा रही है।

     

  • Jalandhar News: केंद्रिय मंत्री के समक्ष कैबिनेट मंत्री सोंध ने उठाए मुद्दे, 250 करोड़ को लेकर आया बयान, देखें Live

    Jalandhar News: केंद्रिय मंत्री के समक्ष कैबिनेट मंत्री सोंध ने उठाए मुद्दे, 250 करोड़ को लेकर आया बयान, देखें Live

    जालंधर, ENS: पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर पहुंचे। जहां उन्होंने बताया कि उनकी केंद्रिय मंत्री शिवराज चौहान के साथ अहम मुद्दों को लेकर मीटिंग हुई। इस दौरान पंजाब के कई अहम मुद्दों को लेकर चर्चा की गई, जिसमें केंद्र और पंजाब सरकार की सांझी स्कीम को लेकर बात की गई। इस दौरान उन्होंने केंद्र के समक्ष पंजाब की मांगों के मुद्दों को उठाया और केंद्रिय मंत्री ने उन मांगो को जायज बताया और इसे जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया है।

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मट्रीरियल का 250 करोड़ रुपए केंद्र के पास पेंडिंग है, उसे जारी करने के लिए केंद्रिय मंत्री से बात की गई और उन्होंने इसे जल्द पंजाब सरकार को देने का आश्वासन दिया है। वहीं उन्होंने मनरेगा स्कीम का मुद्दा उठाया और कहा कि हरियाणा में मजूदर को 400 रुपए दिहाड़ी मिल रही है, लेकिन पंजाब में मनरेगा मजदूर को 346 रुपए दिहाड़ी मिल रही है। ऐसे में इस पक्षपात को दूर करने का केंद्रिय मंत्री से आग्रह किया गया। इस मांग को केंद्रिय मंत्री ने जायज माना और विचार विमर्श करके जल्द इस मुद्दे को पूरा करने का आश्वासन दिया है।

    इस दौरान पंचायती राज में मजदूरों से काम करवाने की सरकार को काफी समस्या आ रही है। मजदूरों को समय के अनुसार पैसे ना मिलने को लेकर कहा कि सेमी स्टेट को जो पेमेट आती है और उसे मट्रीरियल के साथ लिंक किया हुआ है। जिसके कारण उनकी पेमेंट पेंडिंग पड़ रही है। ऐसे में मट्रीरियल पेमेंट को जल्द पंजाब सरकार के खाते में पैसे ट्रांसफर करने के लिए केंद्रिय मंत्री के समक्ष मुद्दा उठाया गया और उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द पैसे ट्रांसफर किए जाएगे।

    वहीं एसवाईएल मुद्दे को लेकर कहा कि एसवाईएल तभी बनती अगर पंजाब के पास पानी होता। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास तो पहले ही पानी कम है। हम तो खुद जमीन से पानी निकालकर जमीन को खोखला कर रहे है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रत्येक 25 साल बाद पानी का रिव्यू होना चाहिए। कैबिनेट मंत्री ने केंद्र से सवाल किया कि क्या आज तक देश की आजादी के बाद पानी का असल में रिव्यू करवाया।

    उन्होंने कहा कि अगर सही मायने में पानी का रिव्यू किया जाए तो पंजाब स्टेट के पास पीने के लिए पानी नहीं बचा। कैबिनेट मंत्री ने कहाकि पंजाब के सीएम भगवंत मान ने साफ शब्दों में कहा है कि एसवाईएल की जगह इसे वाईएसएल बना लिया जाए और यमुना का पानी सतलुज में फेंका जाए। इससे पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों की जरूरत पूरी हो जाएगी। इसे केंद्र द्वारा वोटों के दौरान राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है। दूसरी ओर 1600 करोड़ के मुद्दे पर कहा कि पंजाब सरकार को अभी तक कुछ नहीं मिला है।

    कैबिनेट मंत्री ने कहाकि पंजाब में बाढ़ के दौरान हैवी बारिश से 36 हजार लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए और इसका डाटा केंद्र को भेजा गया। इस दौरान केंद्र द्वारा पंजाब में आकर इसका जायजा लिया गया और उसके बाद केंद्र ने सांझी स्कीम पीएमएवाई के दौरान सबसिडी दी है। लेकिन 1600 करोड़ रुपए से एक सिंगल पैसा नहीं दिया गया।

  • कुटलैहड़ में गरजी दविंदर कुमार भुट्टो की राजनीति, बोले मैं नहीं अयोग्य बल्कि कुटलैहड़ के विधायक हैं एक्सीडेंटल

    कुटलैहड़ में गरजी दविंदर कुमार भुट्टो की राजनीति, बोले मैं नहीं अयोग्य बल्कि कुटलैहड़ के विधायक हैं एक्सीडेंटल

    लोकनिवि एवं जल शक्ति विभाग बने भ्रष्टाचार के अड्डे,विधायक के भाई ने मचाई है लुट: दविंदर भुट्टो

    ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो ने बंगाणा में मीडिया से बातचीत के दौरान एक बार फिर सरकार और स्थानीय विधायक पर तीखे राजनीतिक प्रहार किए। उन्होंने अपने बयान की शुरुआत ही इस टिप्पणी से की कि “मैं अयोग्य विधायक नहीं, बल्कि कुटलैहड़ के विधायक एक्सीडेंटल हैं।” दविंदर भुट्टो ने कहा कि आज क्षेत्र में काम बोल नहीं रहा, बल्कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का ढांचा खड़ा हो चुका है। इस मौके पर मंडल अध्यक्ष राजेंद्र मलांगड़ महामंत्री नरेश ठाकुर जिला एस सी मोर्चा के अध्यक्ष सूरम सिंह कुटलैहड़ युवा मोर्चा अध्यक्ष नीरज परमार,पंकज शर्मा अमरीक सिंह के अलावा बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद रहे।

    पूर्व विधायक भुट्टो ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण विभाग  और जल शक्ति विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके हैं। उनके अनुसार विभागों में टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और कार्यों में मनमर्जी हावी है। दविंदर भुट्टो का दावा है कि चाहतों को रेवड़ियां बांटी जा रही हैं और कुटलैहड़ के विधायक के करीबी लोगों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर कोई अन्य डालता है, लेकिन बाद में “पूल” कर चार-चार लाख रुपये तक की वसूली होती है। दविंदर भुट्टो ने कहा कि भाजपा सरकार आते ही इन सभी मामलों की जांच करवाई जाएगी और कोई नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह कितना बड़ा पदाधिकारी ही क्यों न हो।

    भाजपा नेता ने कुटलैहड़ के वर्तमान विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि वह बताएं, अपने कार्यकाल में उन्होंने एक भी ठोस विकासात्मक कार्य किया हो तो उसका नाम दें। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप और दिखावे की राजनीति के अलावा क्षेत्र को कुछ नहीं मिला।

    उन्होंने आपदा प्रभावित परिवारों की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोमनियार जिला परिषद वार्ड में आपदा के कारण लगभग 50 परिवार बेघर हो गए, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन मिला है, सहायता नहीं। कई परिवार रिश्तेदारों के घर रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ किराए के कमरों में आश्रय ले रहे हैं। भुट्टो ने कहा कि यह प्रदेश सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इन परिवारों को कुटलैहड़ के विधायक की तरफ से केवल आश्वासन ही मिला,कोई मदद नहीं मिली। यह कैसी सरकार और कैसे राजनीति है। इसका भी जनता हिसाब लेगी। भुट्टो ने बताया कि पांच से थानाकला रायपुर सड़क लंबे समय से बंद पड़ी है, लेकिन उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं। स्थानीय लोगों को आए दिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    भुट्टो ने प्रदेश में बढ़ते गोलीकांड और आपराधिक घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की हालत बदतर है और सरकार इस पर चुप बैठी है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार प्रदेश की सहायता कर रही है, लेकिन सुक्खू सरकार केवल केंद्रीय योजनाओं का राजनीतिक उपयोग कर रही है।

  • कानून-व्यवस्था चरमराई, सरकार व प्रशासन की नाकामी उजागर: गौरव कुमार

    कानून-व्यवस्था चरमराई, सरकार व प्रशासन की नाकामी उजागर: गौरव कुमार

    ऊना/सुशील पंडित: स्वामी विवेकानंद सेवा ट्रस्ट चिंतपूर्णी के अध्यक्ष गौरव कुमार ने जिला ऊना में पिछले महीनों से लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं, गोलीकांड, अवैध खनन तथा प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जिला अब अपराध, गैंग गतिविधियों और माफिया तंत्र के कारण भय के वातावरण में जीने को मजबूर है, जबकि प्रशासन और पुलिस व्यवस्था इन घटनाओं को रोकने में प्रभावी कदम उठाने में विफल साबित हो रही है।

    गौरव कुमार ने कहा कि ऊना में हर सप्ताह किसी न किसी नए गोलीकांड या हिंसक वारदात के सामने आने से यह स्पष्ट है कि अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रहा। खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन, सड़कों पर फायरिंग और गिरोहों की सक्रियता कानून-व्यवस्था के गिरते स्तर को उजागर करती है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में खनन माफिया का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि अवैध खनन उद्योग की तरह फल-फूल रहा है, जिससे नदियाँ, पर्यावरण और स्थानीय समाज गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। कई मामलों में इस माफिया पर प्रशासनिक संरक्षण का संदेह भी गहरा होता दिखाई दे रहा है।

    गौरव कुमार ने कहा कि जिला स्तर पर कुछ अधिकारियों द्वारा जनता की सुरक्षा व कानून-व्यवस्था की जगह कार्यक्रमों, फोटोशूट और दिखावटी गतिविधियों में समय व्यतीत करने से हालात और बिगड़े हैं। सरकार की निगरानी भी कमजोर हो चुकी है, जिसका परिणाम है कि अपराधी दिन-दिहाड़े घटनाओं को अंजाम देकर बेखौफ घूम रहे हैं।

    गौरव कुमार ने राज्यपाल महोदय से निम्नलिखित माँगें रखी हैं—

    जिला ऊना में बढ़ते अपराध और गोलीकांडों की हाई-लेवल जांच SIT या किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाई जाए।

    खनन माफिया पर तुरंत विशेष अभियान चलाकर अवैध खनन को पूर्ण रूप से रोका जाए।

    अपराधियों को संरक्षण देने वाले अधिकारियों की पहचान कर कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।

    जिले में अतिरिक्त पुलिस फोर्स, विशेष पेट्रोलिंग और मजबूत इंटेलिजेंस नेटवर्क स्थापित किया जाए।

    प्रशासन व पुलिस को जवाबदेह बनाते हुए नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि जनता में सुरक्षा की भावना वापस लौट सके।

    अंत में, गौरव कुमार ने कहा कि जिला ऊना की वर्तमान स्थिति अत्यंत गंभीर है और राज्य की सर्वोच्च प्राधिकरण द्वारा कठोर हस्तक्षेप किए बिना हालात सामान्य नहीं हो सकते। उन्होंने आशा जताई कि प्रदेश सरकार व राजभवन इस विषय पर तुरंत संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाएंगे। इस दौरान ट्रस्ट के बाकी सदस्य साक्षी, नेहा, तानिशा,अभिषेक, निशांत, अशरफ, चिराग, पूनम, आंचल, समर्थ, अभिनय आदि भी उपस्थित रहे।

  • CM मान का बड़ा ऐलान: चरन गंगा स्टेडियम को बनाया जाएगा इंटरनेशनल मार्शल आर्ट्स सेंटर

    CM मान का बड़ा ऐलान: चरन गंगा स्टेडियम को बनाया जाएगा इंटरनेशनल मार्शल आर्ट्स सेंटर

    चंडीगढ़: आनंदपुर साहिब का ऐतिहासिक चरन गंगा स्टेडियम जल्द ही एक नए रूप में दिखाई देगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पवित्र शहर आनंदपुर साहिब में मौजूदा चरन गंगा स्टेडियम के नवीनीकरण और उन्नयन की घोषणा की है । यह स्टेडियम हर साल होला मोहल्ला मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और खेल प्रेमियों की सुविधा के लिए विश्व स्तरीय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्टेडियम युवाओं के लिए मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षण का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

    चरन गंगा स्टेडियम सिख इतिहास और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह वही पवित्र स्थल है जहां 1701 में दसवें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी ने निहंग सिंह जत्थेबंदियों या ‘गुरु की लाडली फौज’ की स्थापना की थी । यहां गुरु साहिब ने खालसा योद्धाओं को गतका और अन्य युद्ध कलाओं का प्रशिक्षण दिया था। आज भी हर साल होला मोहल्ला के दौरान यहां निहंग सिंह परंपरागत मार्शल आर्ट्स का शानदार प्रदर्शन करते हैं। हजारों की संख्या में दर्शक यहां तलवारबाजी, घुड़सवारी और टेंट-पेगिंग जैसे रोमांचक कार्यक्रम देखने के लिए आते हैं ।

    पंजाब सरकार ने आश्वासन दिया है कि स्टेडियम का निर्माण कार्य बिल्कुल परफेक्ट तरीके से किया जाएगा। यह विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस होगा, जहां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मार्शल आर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित किए जा सकेंगे। स्टेडियम में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, दर्शक दीर्घाएं और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा। यह पहल पंजाब की युवा पीढ़ी को परंपरागत मार्शल आर्ट्स से जोड़ने और गुरु साहिब की विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    पंजाब सरकार खेलों के विकास के लिए अभूतपूर्व काम कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पूरे पंजाब में 3,000 से अधिक खेल स्टेडियमों की आधारशिला रखी है, जिनपर 1,184 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा । यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है।

    मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब ने देश को अनेक महान खिलाड़ी दिए हैं और सरकार का उद्देश्य पंजाब की खेल महिमा को वापस लाना है। उन्होंने घोषणा की कि अमृतसर और जालंधर में जल्द ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट और हॉकी स्टेडियम बनाए जाएंगे । उनका मानना है कि सही सुविधाएं और माहौल मिलने पर युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में प्रवाहित होगी।

    पंजाब सरकार की खेल नीति का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल नशे के खिलाफ लड़ाई का सबसे मजबूत हथियार है। यह देखकर खुशी होती है कि पंजाब के युवा बड़ी संख्या में खेल के मैदानों की ओर लौट रहे हैं। सरकार ने ‘हर पिंड खेड मैदान’ योजना के तहत हर गांव में खेल का मैदान बनाने का लक्ष्य रखा है।

    पंजाब सरकार खिलाड़ियों का भी सम्मान कर रही है। नौ हॉकी खिलाड़ियों को DSP और PCS अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है, ओलंपियनों को सम्मानित किया गया है और स्थानीय खिलाड़ियों को उनके योगदान के लिए मान्यता दी गई है । यह कदम युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

    चरन गंगा स्टेडियम का नवीनीकरण पंजाब सरकार की व्यापक खेल विकास योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह परियोजना न केवल आनंदपुर साहिब की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेगी, बल्कि युवाओं को मार्शल आर्ट्स और खेलों से जोड़कर उन्हें स्वस्थ और अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित भी करेगी। सरकार का संकल्प है कि पंजाब फिर से देश की खेल राजधानी बने और यहां के युवा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं।

     

     

     

     

  • घर में सिलेंडर फटने से लगी आग, बच्चे सहित मां की मौत, 2 घायल

    घर में सिलेंडर फटने से लगी आग, बच्चे सहित मां की मौत, 2 घायल

    अंबालाः हरियाणा के अंबाल शहर के घर में एक सिलेंडर फटने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार भीड़भाड़ वाले क्षेत्र जगाधरी गेट के पास फ्रैंडस कॉलोनी में एक घर में डीजल की भट्टी में आग लग गई। हादसे के दौरान घर में दो बच्चे भीतर ही फंस गए। जिसमें डेढ़ साल की प्रांजल नामक बच्चे सहित मां की मौत हो गई। वहीं दूसरी बच्ची तनुष्का और पिता बुरी तरह झुलस गए। जिन्हें इलाज के लिए चंडीगढ़ रेफर किया गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और उन्होंने आग पर काबू पाया, तब तक सारा घर जलकर राख हो चुका था। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने बताया कि आग सिलेंडर फटने से लगी थी, जिसमें 4 लोग घायल हो गए। एक डेढ साल के बच्चे और उसकी मां की मौत हो गई, जबकि बच्चे के पिता और एक लड़की घायल हो गए।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि यह राजा का घर था, जो गोलगप्पे और गज्जक बनाने का काम करता था। दोपहर को वह रोजाना की तरह डीजल की भट्टी पर काम कर रहा था तभी जोरदार धमका हुआ। धमाके के बाद स्थानीय लोग घर से बाहर निकल कर आए। वहीं, घर के अंदर फंसे लोग चीख पुकार करने लगे। धमाके के बाद आग की लपटें घर के दूसरे कोने तक पहुंच गईं। जिस स्थान पर भट्टी फटी वहां पर कई सिलेंडर भी रखे गए थे। फिलहाल प्रशासन मौके पर पहुंचकर हालात का जाएजा ले रहा है।