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  • हरियाणा के 23 जिलों के 1100 श्रद्धालुओं ने हाथ में दीपक जलाकर की सोमनाथ की आराधना

    हरियाणा के 23 जिलों के 1100 श्रद्धालुओं ने हाथ में दीपक जलाकर की सोमनाथ की आराधना

    चंडीगढ़: हरियाणा के 23 जिलों से गुजरात के सोमनाथ मंदिर पहुंचे लगभग 1100 श्रद्धालुओं ने बुधवार सायं हाथ में दीपक जलाकर भगवान सोमनाथ की महाआरती में शिरकत की। अरब सागर की लहरों की गर्जन के बीच आयोजित इस महाआरती का दृश्य इतना मनोहारी था कि हर व्यक्ति किसी दिव्य अहसास के साथ भक्ति भाव में डूबा हुआ था। इस दौरान हरियाणा के श्रद्धालू 45 मिनट के लाइट एंड साउंड के माध्यम से श्री सोमनाथ मंदिर के अद्भुत एवं अनोखे इतिहास से भी रूबरू हुए।

    सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग, हरियाणा के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से भेजे गए स्मृति चिह्न व शाल आदि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के मैनेजर अनिल मिस्त्री को भेंट किए। मंदिर ट्रस्ट ने आरती के दौरान हरियाणा की खुशहाली की कामना की।

    उल्लेखनीय है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 8 जून को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत 1100 श्रद्धालुओं की स्पेशल ट्रेन को कुरुक्षेत्र से हरी झंडी दिखाकर गुजरात के सोमनाथ मंदिर के दर्शन के लिए रवाना किया था। इस यात्रा के श्रद्धालुओं ने बुधवार को सोमनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान सोमनाथ के दर्शन किए। यहां सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट व गुजरात सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सोमनाथ दर्शन व जलाभिषेक करवाने के लिए वीआईपी व्यवस्था की गई थी। वीआईपी व्यवस्था के बीच लगभग 1100 श्रद्धालुओं व सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अधिकारियों व स्टाफ के सदस्यों ने प्रथम ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। सभी श्रद्धालुओं को गुजरात सरकार व ट्रस्ट की तरफ से अंग वस्त्र व प्रसाद देकर सम्मानित किया गया।

    इसके बाद मंदिर परिसर में भगवान सोमनाथ की 22 मिनट की महाआरती में श्रद्धालुओं ने हाथ में जलते दिये लेकर भागीदारी की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। तत्पश्चात श्रद्धालुओं को सोमनाथ मंदिर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्में दिखाई गईं। इनके माध्यम से श्री सोमनाथ मंदिर के 1000 साल के इतिहास, आजादी के बाद मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए किए गए कार्यों और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और अन्य प्रयासों व उनके संदेश को दिखाया गया। इसके उपरांत लाइट एंड साउंड का शो के माध्यम से विदेशी आक्रांताओं द्वारा समय-समय पर किए गए मंदिर के विध्वंस की कहानी के साथ ही शिव भक्तों, महान शख्सियतों और सरकार द्वारा किए गए जीर्णोद्धार के कामों को बखूबी दर्शाया गया।

    हरियाणा के श्रद्धालुओं को श्री सोमनाथ मंदिर के आसपास के तीर्थों व मंदिरों के दर्शन भी करवाए गए। गुजरात में श्रद्धालुओं के लिए खाने, रहने व यातायात की बेहतर व्यवस्था की गई थी। सभी श्रद्धालुओं ने दिल खोलकर इन व्यवस्थाओं की तारीफ की। कार्यक्रम के अंत में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की तरफ से भेजे गए स्मृति चिह्न, शाल आदि को ट्रस्ट के मैनेजर अनिल मिस्त्री को भेंट किए गए। इस मौके पर आईपीआरओ सत्यपाल सिंह, कुरुक्षेत्र के डीआईपीआरओ डॉ. नरेंद्र सिंह, भिवानी के डीआईपीआरओ सुरेंद्र कुमार, अधीक्षक हाकिम सिंह, एआईपीआरओ बलराम शर्मा, एआईपीआरओ अक्षय कुमार, युवा विकास अधिकारी अश्विन सोलंकी, जिला विकास जिला युवा विकास अधिकारी गुजरात हरीश कुमार, स्टे वैल कंपनी के अधिकारी जयदीप सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

     

  • हरियाणा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

    हरियाणा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

    चंडीगढ़: हरियाणा में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने आज महेंद्रगढ़ जिले के अटेली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अपग्रेडेशन और संचालन को मजबूत करने के लिए ‘मेदांता फाउंडेशन – पुअर एंड नीडी पेशेंट्स वेलफेयर ट्रस्ट’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

    एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव तथा मेदांता फाउंडेशन के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ नरेश त्रेहन इस एमओयू को एक्सचेंज किया।

    इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा , मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के निदेशक श्री यशेंद्र सिंह ,हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कारपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री मनोज कुमार , स्वास्थ्य सेवाएं विभाग के महानिदेशक डॉ मनीष बंसल , निदेशक डॉ ब्रह्मदीप भी उपस्थित थे।

    स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस एमओयू को प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने सरकार और मेदांता के इस सहयोग की सराहना करते हुए बताया कि यह सहयोग सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार होगा और लोगों को अपने घर के नजदीक ही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।

    उन्होंने बताया कि इस साझेदारी के तहत अटेली के स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरों वाले उप-मंडल अस्पताल (सब-डिविजनल हॉस्पिटल) के रूप में अपग्रेड किया जाना प्रस्तावित है, जिसके बाद रेवाड़ी के मीरपुर और गुरुग्राम के फर्रुखनगर में भी इसी तरह के सुधार किए जाएंगे। इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाकर, विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करके, स्वास्थ्य कर्मियों की क्षमता निर्माण और सामुदायिक आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, नवजातों और बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाना है।

    मेदांता फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ नरेश त्रेहन ने बताया कि इस समझौते के तहत मेदांता फाउंडेशन अटेली में एक समर्पित सिजेरियन सेक्शन ऑपरेशन थिएटर की स्थापना, लेबर रूम का नवीनीकरण, अल्ट्रासाउंड और डायग्नोस्टिक उपकरणों की स्थापना के साथ-साथ मातृ एवं नवजात देखभाल सेवाओं को मजबूत करने और एक एनीमिया स्क्रीनिंग क्लिनिक स्थापित करने में पूरा सहयोग देगा।

    स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह फाउंडेशन एक स्वीकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट सहित विशेषज्ञ चिकित्सा जनशक्ति की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगा। इस अनूठी पहल से क्षेत्र के लोगों को प्रिवेंटिव और क्यूरेटिव आउटपेशेंट (OPD) सेवाएं, महिलाओं के लिए कैंसर स्क्रीनिंग, पॉइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक टेस्टिंग, नवजातों के लिए ‘कंगारू मदर केयर’ (KMC) सुविधाएं, एम्बुलेंस सहायता और समुदाय में नियमित स्वास्थ्य आउटरीच कैंप जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मिल सकेंगी।

    उन्होंने जानकारी दी कि यह समझौता शुरुआत में तीन साल की अवधि के लिए किया गया है, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इस व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग आवश्यक बुनियादी ढांचा, उपयोगिताएं, दवाएं, प्रयोगशाला और डायग्नोस्टिक सहायता प्रदान करेगा, जबकि मेदांता फाउंडेशन तकनीकी विशेषज्ञता, उपकरण, क्षमता निर्माण और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में अपना योगदान देगा।

    आरती सिंह राव ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और राज्य के लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

  • Punjab News: मौसम का बदला मिजाज, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, देखें वीडियो

    Punjab News: मौसम का बदला मिजाज, तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने राहत दिलाई है। मौसम विभाग ने भी गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया था और लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई थी। इसी बीच, गुरुवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली।

    शाम को अमृतसर में पहले तेज़ हवाएं चलने लगीं, जिसके बाद तेज़ हवाओं और झोंकों ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ देर बाद ज़ोरदार बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में काफी गिरावट आई। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को असहनीय गर्मी से बड़ी राहत मिली।

    बारिश के बाद शहर का मौसम काफी सुहावना हो गया और लोग घरों से बाहर निकलकर ठंडे मौसम का आनंद लेते दिखे। हालांकि, कुछ इलाकों में तेज़ हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूटने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें भी आईं। फिलहाल, बारिश की वजह से लोगों ने भीषण गर्मी से राहत की सांस ली है।

     

     

  • हरियाणा सरकार ने ‘भविष्य विभाग’ के लिए मांगे आवेदन

    हरियाणा सरकार ने ‘भविष्य विभाग’ के लिए मांगे आवेदन

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक और तकनीकी दूरदर्शिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित किए गए भविष्य विभाग को पूरी तरह क्रियाशील करने की कवायद तेज कर दी है। सरकार के वित्त विभाग ने इस नए निदेशालय के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के कुल 35 नियमित पदों को मंजूरी दे दी है। इन पदों को अनुभवी कर्मियों से भरने के लिए सरकार ने राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत योग्य अधिकारियों व कर्मचारियों से प्रतिनियुक्ति के आधार पर आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    इस भर्ती प्रक्रिया के तहत निदेशालय में विभिन्न श्रेणियों में नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें उप निदेशक के 2 पद, निजी सचिव, लेखा अधिकारी, अधीक्षक और अनुभाग अधिकारी का 1-1 पद, सहायक निजी सचिव के 3 पद तथा सहायक, जूनियर स्केल स्टेनो, क्लर्क और ड्राइवर के 4-4 पद शामिल हैं। इसके अलावा, चपरासी, स्वीपर और चौकीदार के कुल 8 पदों को भी प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भरा जाएगा।

    सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रतिनियुक्ति की प्रारंभिक अवधि एक वर्ष के लिए होगी, जिसे राज्य सरकार के मानक निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है। यह व्यवस्था निदेशालय में नियमित भर्ती होने या प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने, जो भी पहले हो, तक लागू रहेगी। इस सेवा के दौरान चयनित उम्मीदवारों को उनके मूल विभाग के कार्यात्मक वेतनमान के अनुसार ही वेतन और भत्ते मिलते रहेंगे तथा उनकी सेवा शर्तें पूरी तरह से हरियाणा सिविल सेवा के नियमों के तहत ही संचालित होंगी।

    इच्छुक और पात्र कर्मचारी अपने संबंधित विभागों के माध्यम से उचित माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदकों को अपने आवेदन पत्र के साथ पिछले 5 वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट का सारांश और सतर्कता विभाग या अनुशासनात्मक मामलों से मुक्त होने का एक स्पष्ट अनापत्ति प्रमाण पत्र संग्लन करना अनिवार्य होगा। प्रक्रिया को गति देने के लिए कर्मचारी अपने आवेदन की एक अग्रिम प्रति सीधे विभाग की ईमेल आईडी पर भी भेज सकते हैं, हालांकि अंतिम चयन केवल डाक द्वारा उचित माध्यम से प्राप्त भौतिक दस्तावेजों के आधार पर ही किया जाएगा।

     

  • हिमाचल के हितों की पैरवी, मुख्यमंत्री ने नीति आयोग बैठक में उठाए प्रमुख मुद्दे

    हिमाचल के हितों की पैरवी, मुख्यमंत्री ने नीति आयोग बैठक में उठाए प्रमुख मुद्दे

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में भाग लिया। बैठक का विषय ‘विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ था। बैठक में देशभर में समावेशी विकास सुनिश्चित करने तथा विकसित भारत के दृष्टिकोण को ठोस परिणामों में परिवर्तित करने की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के समक्ष मौजूदा वित्तीय चुनौतियों को प्रमुखता से उठाते हुए प्रधानमंत्री से राज्य के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का आग्रह किया, जो राजस्व घाटा अनुदान की समाप्ति, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान, जलविद्युत परियोजनाओं में मुफ्त बिजली के हिस्से में कमी तथा जीएसटी व्यवस्था से उत्पन्न राजस्व हानि का आकलन कर सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की प्रगति में हिमाचल प्रदेश महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहा है, लेकिन उक्त परिस्थितियों के कारण राज्य को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार राज्य को उसका न्यायोचित हिस्सा प्रदान करने का अनुरोध किया। राजस्व घाटा अनुदान की समाप्ति से प्रदेश की अर्थव्यवस्था बहुत प्रभावित हुई है। राज्य को प्रदान किए गए 25,000 करोड़ रुपये इस नुकसान की भरपाई के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने विकास गतिविधियों को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए इस राशि को बढ़ाकर 50,000 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया।

    हिमाचल प्रदेश देश का ‘ग्रीन फ्रंटियर’ है और विकसित भारत के लक्ष्य को वास्तविक रूप देने के लिए केंद्र सरकार को राज्य की विशेष आवश्यकताओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के एक अध्ययन के अनुसार हिमाचल प्रदेश देश को प्रतिवर्ष लगभग 90,000 करोड़ रुपये मूल्य की पारिस्थितिकीय सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन इसके अनुरूप राज्य को कोई पर्याप्त आर्थिक प्रतिपूर्ति नहीं मिल रही है।

    हिमाचल प्रदेश में लगभग 13,000 मेगावाट विद्युत उत्पादन होने के बावजूद राज्य को मुफ्त बिजली का उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है। इसके अतिरिक्त भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से राज्य को लगभग 7,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि भी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का सबसे अधिक प्रभाव झेलने के बावजूद प्रदेश को केंद्र द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि का अभी भी इंतजार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीएसटी व्यवस्था के कारण पिछले आठ वर्षों में राज्य को लगभग 25,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ा है।

    मुख्यमंत्री ने मानव विकास सूचकांकों में प्रदेश की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश वर्ष 2025 में पूर्ण साक्षर घोषित हुआ तथा वर्ष 2026 में स्कूल शिक्षा प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक में राज्य में छठा स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2022 में उनकी सरकार के कार्यभार संभालने के समय राज्य इस सूचकांक में 21वें स्थान पर था। उच्च शिक्षा में प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात 43 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से 28.4 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण में भी राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन का उल्लेख किया।

    सुक्खू ने कहा कि सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, पंप स्टोरेज तथा बैटरी स्टोरेज जैसी पहलों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने चंद्रभागा-रावी-ब्यास लिंक परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान राज्य के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्य के लगभग 1.5 लाख निर्धन परिवारों की पहचान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

    मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बेहतर हवाई संपर्क की आवश्यकता पर बल देते हुए गग्गल हवाई अड्डे के विस्तार और विकास का मुद्दा उठाया, ताकि हिमाचल प्रदेश को ‘वन स्टेट, वन इंटरनेशनल डेस्टिनेशन’ के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने बच्चों के पोषण कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा शिक्षा विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच डेटा साझाकरण को महत्त्वपूर्ण बताते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित, सूचना प्रौद्योगिकी समर्थित तथा साक्ष्य-आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने खुफिया तंत्र को सुदृढ़ बनाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, उप-राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, विशेष आमंत्रित सदस्य, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य व मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव के.के. पंत भी उपस्थित थे।

  • गाय के पेट से निकाला गया 7 किलो प्लास्टिक, 2 पत्थर और 3 सिक्के

    गाय के पेट से निकाला गया 7 किलो प्लास्टिक, 2 पत्थर और 3 सिक्के

    सोहारी गांव की गाय का सफल ऑपरेशन, पशु चिकित्सकों की टीम ने बचाई जान
    ऊना, सुशील पंडित: ललड़ी पॉलीक्लिनिक पशु अस्पताल में पशु विशेषज्ञों की टीम ने आज एक गाय का जटिल ऑपरेशन किया। जटिल ऑपरेशन के माहिर डॉक्टर निशांत रनौत, डॉक्टर शिल्पा की अगुवानी ने टीम तैयार की है। जिसमें अंब क्षेत्र से आई हुई एक गाय का सफल ऑपरेशन किया गया। जानकारी देते हुए डॉक्टर निशांत ने बताया कि अंब उपमंडल के अंतर्गत गांव सोहारी की एक गाय के पेट से पशु चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन कर लगभग 7 किलोग्राम प्लास्टिक, 2 पत्थर तथा 3 सिक्के निकाले। यह ऑपरेशन आज पशु चिकित्सा पॉलीक्लिनिक ललहड़ी में किया गया।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार गाय पिछले रविवार से चारा नहीं खा रही थी और लगातार तनाव एवं पीड़ा में थी। जांच के दौरान पशु चिकित्सकों को उसके पेट में बाहरी वस्तुओं के होने का संदेह हुआ, जिसके बाद तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन के दौरान गाय के पेट से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक के साथ दो पत्थर और तीन सिक्के निकाले गए। सफल सर्जरी के बाद गाय की हालत में सुधार है तथा उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
    इस जटिल ऑपरेशन को डॉ. निशांत रणौत, डॉ. नवनीत शर्मा और डॉ. शिल्पा के नेतृत्व में सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस दौरान फार्मासिस्ट सौरव तथा स्टाफ सदस्य रीमा, सनंदा, राम प्रसाद, दीपक, सक्षम और विकास ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को खुले में पड़े प्लास्टिक और कूड़े-कचरे से दूर रखें, क्योंकि ऐसी वस्तुएं पशुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। यह मामला एक बार फिर पशुओं द्वारा प्लास्टिक निगलने की बढ़ती समस्या को उजागर करता है।
     
  • दिसंबर तक पीजीआई सैटेलाइट सेंटर को जनता को समर्पित करने का लक्ष्य: अनुराग सिंह ठाकुर

    दिसंबर तक पीजीआई सैटेलाइट सेंटर को जनता को समर्पित करने का लक्ष्य: अनुराग सिंह ठाकुर

    ऊना, सुशील पंडित : हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर वीरवार सुबह जिला मुख्यालय स्थित निर्माणाधीन पीजीआई सैटलाइट सेंटर में निर्माण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्तीए प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारीए पीजीआई के अधिकारी और निर्माण कार्य का जिम्मा संभालने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इस अवसर पर परियोजना का निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन्हें निर्माण कार्य की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी दी। निर्माण कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि दिसंबर 2026 तक इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि पहले ही इस परियोजना के निर्माण में 18 माह की देरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को मिली विभिन्न विकासात्मक सौगातों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का हिमाचल प्रदेश के प्रति विशेष लगाव रहा है, जिसका लाभ प्रदेश को विभिन्न परियोजनाओं और योजनाओं के रूप में मिला है। इस अवसर पर ऊना सदर के विधायक सतपाल सत्ती, एडीसी ऊना महेंद्र पाल गुर्जर सहित कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे।

    तृणमूल कांग्रेस के कई सांसद-विधायक भाजपा में आना चाहते हैं

    तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में संभावित विलय से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की तानाशाही से वहां के कई सांसद और विधायक स्वयं को मुक्त महसूस कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के अनेक जनप्रतिनिधि अब उस पार्टी के माहौल से बाहर निकलना चाहते हैं और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर विश्वास जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये जनप्रतिनिधि कांग्रेस में जाने के इच्छुक नहीं हैं और भाजपा को बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं।

    पंजाब की दुर्दशा के लिए कांग्रेस और आप जिम्मेदार

    वहीं अनुराग ठाकुर ने कहा कि पंजाब को ड्रग्स, बढ़ते कर्ज और गैंगस्टर संस्कृति ने गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने पंजाब को देश का अग्रणी अन्नदाता बताते हुए कहा कि राज्य की जनता ने हमेशा देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने-अपने शासनकाल में पंजाब के विकास की बजाय राजनीतिक हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक में पंजाब को प्रगति के मार्ग पर ले जाने के बजाय अपराध और अव्यवस्था की ओर धकेला गया। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता समय आने पर इन मुद्दों का उचित जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
  • Punjab News: लूट मामले में हथियारों सहित 3 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: लूट मामले में हथियारों सहित 3 आरोपी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    अमृतसरः थाना वल्ला की पुलिस ने युवक से लूट और हमले के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात के दौरान इस्तेमाल किया गया एक्टिवा स्कूटर और तेजधार हथियार बरामद कर लिए हैं। मामले की जानकारी देते हुए एसएचओ ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 जून 2026 की शाम करीब 6:15 बजे परमजीत सिंह नामक युवक अपने काम से वापस गांव अमरकोट रख देवीं दासपुर जा रहा था।

    इस दौरान रास्ते में तीन अंजान युवकों ने उसे घेर लिया और उसका किट बैग छीनने की कोशिश की। जब परमजीत सिंह ने विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलने पर थाना वल्ला की पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तफ्तीश के दौरान पुलिस ने 3 आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मसीहा उर्फ़ काला, रोहित उर्फ़ तोती और शिवा के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों के निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया एक्टिवा स्कूटर और तेजधार हथियार बरामद कर लिए गए हैं। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर अगली कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस ने कहा कि इलाके में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे आपराधिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

     

  • इग्नू अध्ययन केंद्र ऊना में प्रवेश के लिए 15 जुलाई तक करें आवेदन

    इग्नू अध्ययन केंद्र ऊना में प्रवेश के लिए 15 जुलाई तक करें आवेदन

    ऊना, सुशील पंडित : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के जुलाई 2026 सत्र के लिए विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। इच्छुक अभ्यर्थी 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

    यह जानकारी इग्नू अध्ययन केंद्र 1109, राजकीय महाविद्यालय ऊना के समन्वयक डॉ. सुरेश कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा तथा प्रमाणपत्र कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

    डॉ. सुरेश कुमार ने इच्छुक विद्यार्थियों से समय रहते प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं ऑनलाइन आवेदन की सुविधा इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए विद्यार्थी अध्ययन केंद्र ऊना से भी संपर्क कर सकते हैं। विद्यार्थी इग्नू की आधिकारिक वेबसाइट https://ignouadmission.samarth.edu.in/ पर जाकर समर्थ पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

     

  • हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के सफल कार्यान्वयन के लिए चुनावी अमले को दिया जा रहा है प्रशिक्षण- ए. श्रीनिवास

    हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के सफल कार्यान्वयन के लिए चुनावी अमले को दिया जा रहा है प्रशिक्षण- ए. श्रीनिवास

    चंडीगढ़: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार हरियाणा में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण-2026’ को पूरी तरह सफल, प्रभावी, पारदर्शी और त्रुटि रहित बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने बताया कि इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए राज्य के सभी जिलों में निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों (ईआरओ), अतिरिक्त निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों (एईआरओ) और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के लिए 5 जून से 12 जून 2026 तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पूरी पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटि रहित बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ को मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी और निर्देश दिए जा रहे हैं, जैसे कि मृत या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं का सही सत्यापन करना, निर्वाचन आयोग की डिजिटल तकनीकों और ऐप्स के कुशल उपयोग पर प्रशिक्षण, शत-प्रतिशत पंजीकरण कर प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना ताकि कोई भी योग्य मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे, निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय सारणी (टाईम-लाइन) के भीतर सभी कार्य गंभीरता और जिम्मेदारी से पूरा करना शामिल है।

    बीएलओ जनता और निर्वाचन आयोग के बीच की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्हें मतदाताओं के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने और हर पात्र नागरिक को इस प्रक्रिया से जोड़ना है। प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंटों के लिए भी ओरिएंटेशन वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्कशॉप का उद्देश्य उन्हें विशेष गहन पुनरीक्षण की बारीकियों, इसके उद्देश्य और प्रक्रिया में उनकी भूमिका व जिम्मेदारियों से अवगत कराना है, ताकि वे इस राष्ट्रीय कार्य में अपना सक्रिय सहयोग दे सकें।

    श्री ए. श्रीनिवास ने जानकारी दी कि मतदाताओं की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राज्य के सभी जिलों में टोल-फ्री नंबर 1950 चालू कर दिया गया है। इसके अलावा, सभी निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों के कार्यालयों में विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। मतदाता सूची में अपने नाम की जांच कर सकते हैं, नए पंजीकरण (नाम जुड़वाने) के लिए आवेदन कर सकते हैं, पुराने रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन या सुधार करवा सकते हैं।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हेल्प डेस्क पर आने वाले नागरिकों को सभी आवश्यक प्रपत्र (फॉर्म) तुरंत उपलब्ध कराए जाएं और उनकी निर्वाचन संबंधी हर समस्या का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।