चंडीगढ़ः वन घोटाले के मामले में कांग्रेस पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत जेल में बंद है। वहीं इस मामले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री को बड़ा झटका देते हुए ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी को सही बताते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि, साधु सिंह धर्मसोत को आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें तकनीकी आधार पर जमानत दे दी है। दरअसल, पूर्व मंत्री धर्मसोत ने इन दोनों मामलों में गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
बता दें कि पंजाब विजिलेंस ने 6 फरवरी 2023 को धर्मसोत के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया था। मोहाली की कोर्ट ने धर्मसोत की रेगुलर बेल की मांग 5 मार्च को खारिज कर दी थी। विजिलेंस जांच के दौरान सामने आया था कि एक मार्च 2016 से 31 मार्च 2022 तक की अवधि में धर्मसोत और उनके परिवार की आय 2.37 करोड़ रुपये थी, जबकि खर्च 8.76 करोड़ रुपये था।
दूसरा मामला वन घोटाले से जुड़ा है, साधु सिंह धर्मसोत पर आरोप है कि जब वह वन मंत्री थे तो उन्होंने पेड़ काटने के मामले में रिश्वत ली थी। इसी मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली में धर्मसोत के खिलाफ 6 जून, 2022 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। धर्मसोत ने इन दोनों यानी वन घोटाले और आय से अधिक संपत्ति मामलों में अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए गिरफ्तारी आदेश रद्द करने की मांग की थी और जमानत भी मांगी थी।
दोनों मामलों में से वन घोटाले के मामले में उनकी याचिका को हाईकोर्ट ने आज खारिज कर दिया है, लेकिन आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें तकनीकी आधार पर जमानत दे दी है। एक मामले में जमानत के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिल पाएगी, दूसरे मामले में उनकी याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए उनकी वन घोटाले के मामले में ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी को सही करार दे दिया है। धर्मसोत इस समय नाभा सेंट्रल जेल में बंद हैं।