इस डिवाइस को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा मंजूरी मिल चुकी है और इसे ब्रेकथ्रू डिवाइस डेजिग्नेशन दिया गया है। इसका मतलब है कि यह उपकरण जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली स्थितियों को रोकने में मददगार होगा। मस्क ने पहले बताया था कि न्यूरालिंक इस साल आठ मरीजों के दिमाग में चिप इम्प्लांट करने की योजना बना रहा है, जिससे पैरालाइज मरीजों को भी लाभ मिल सकेगा। यह चिप, जो एक छोटे सिक्के के आकार की है, मस्तिष्क और कंप्यूटर के बीच एक सीधा संवाद स्थापित करेगी। यदि ह्यूमन ट्रायल सफल होते हैं, तो दृष्टिहीन लोग इस चिप के माध्यम से देख सकेंगे, और पैरालाइज लोग चलने-फिरने में सक्षम होंगे। प्रारंभिक चरण में, डिवाइस लो-रेजोल्यूशन विजन प्रदान करेगी, जो समय के साथ बेहतर होती जाएगी। इसके अलावा, उपयोगकर्ता इन्फ्रारेड और अल्ट्रावॉयलेट लहरों को भी देख सकेंगे, जिससे उनके अनुभव और भी समृद्ध हो जाएंगे। यह तकनीक न केवल दृष्टिहीनों के लिए एक नया जीवन प्रदान कर सकती है, बल्कि मानवता के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। एलन मस्क के इस अविश्वसनीय प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि हम सभी के लिए एक बेहतर और अधिक समावेशी भविष्य का निर्माण हो सकेगा।View this post on Instagram