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  • ओपीएस की बहाली भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की क्षमता रखती है : स्वदेशी

    ओपीएस की बहाली भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की क्षमता रखती है : स्वदेशी

    ऊना/सुशील पंडित :  मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों के संवैधानिक अधिकार को बहाल करने की कवायत में जुटे हैं। इस पर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी राजिन्द्र स्वदेशी ने अपने विचारों को मिडिया से सांझा करते हुए कहा कि गौरतलब है कि हर राज्य के कर्मचारी उसकी रीढ़ की हड्डी होते हैं। जब रीड की हड्डी मजबूत होगी तभी वह राज्य मजबूत बन पाएगा नहीं तो वह श्रीलंका की तरह बिखर जाएगा। हमारे देश में भी वर्तमान समय में लगभग 15 से 17 राज्यों की स्थिति श्रीलंका जैसी ही है। ये राज्य उधारी पर चल रहे हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हर राज्य को अपने कर्मचारियों की मूलभूत आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए जैसे सर्विस (नौकरी) व बुढ़ापे (रिटायरमेन्ट) के दौरान वर्ष 2003 के पहले रखा जाता था।

    लेकिन 2003 के बाद हमारे राज्य में न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारियों के ऊपर लागू कर दी गई। जिस समय न्यू पेंशन स्कीम को केंद्र सरकार ने लॉन्च किया था। तब इसका बड़े स्तर पर गुणगान किया गया था कि न्यू पेंशन स्कीम में आपके कुछ प्रतिशत वेतनमान की कटौती होगी और आपको बुढ़ापे में एक अच्छी खासी पेंशन राशि प्राप्त होगी जिससे आपका बुढ़ापा सुरक्षित रहेगा अर्थात मोटे शब्दों में कहें तो केंद्र सरकार कह रही थी कि पुरानी पेंशन स्कीम से न्यू पेंशन स्कीम कहीं अधिक अच्छी है। बिना सोच-विचार किए ही इसे जल्दबाजी में लागू कर दिया गया। जिस कारण हिमाचल प्रदेश में सबसे पहले (भारत) न्यू पेंशन स्कीम को 15 मई 2003 को लागू किया गया। जब धीरे-धीरे समय बीतने लगा और धीरे-धीरे कर्मचारी रिटायर होने लगे तो उन्हें कटौती की कुल राशि का 60% 60 वर्ष के बाद टैक्स काटकर दिया जाने लगा, शेष 40% को एनएसडीएल कंपनी ने 3 विभिन्न कंपनियों में इस राशि को लगाया। इस 40% की राशि पर जो 4% या 5% के हिसाब से ब्याज प्राप्त होता है। वही राशि कर्मचारियों को न्यू पेंशन स्कीम के अंतर्गत दी जाती है। इस न्यू पेंशन स्कीम को मंहगाई भत्ते और वेतन आयोग से अलग रखा है।

    इनसे न्यू पेंशन स्कीम राशि में कोई भी बढौत्तरी नहीं हो सकती है। इसके अंतर्गत कर्मचारियों को क्रमशः 527 रूपये से लेकर 5172 रुपये तक मासिक पेंशन प्राप्त होने लगी। इसमें क्लास ए से लेकर जेड तक कर्मचारी सम्मिलित हैं। इतनी कम राशि में रिटायर कर्मचारी अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ होने लगे जिसके कारण यह कर्मचारी छोटे-मोटे काम धंधे करने लगे जैसे : चाय पकौड़े की दुकान का काम, कबाड़ का काम, सब्जी बेचने का काम, फेरी लगाने का काम इत्यादि। वे अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने लगे। दूसरे शब्दों में कहा जा सकता है कि न्यू पेंशन जिस उद्देश्य से लाई गई थी उस उद्देश्य को पूर्ण करने में पूर्ण रूप से असफल रही है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हम कर्मचारी वर्ग संवैधानिक दायरे में रहकर सरकार से पुरानी पेंशन बहाली की मांग करते हैं। अगर सरकार पुरानी पेंशन बहाल करती है तो कर्मचारियों के साथ-साथ राज्य सरकार की भी मूलभूत आवश्यकताओं में जो आर्थिक तंगी सामने आ रही है उससे सदा के लिए निजात मिल जाएगी। इसके लिए निम्नलिखित तथ्यों को आपके समक्ष पेश करता हूं।

  • दूसरे दिन श्रीमद् भागवत कथा का हुआ भव्य आयोजन

    दूसरे दिन श्रीमद् भागवत कथा का हुआ भव्य आयोजन

    ऊना/सुशील पंडित: उपमडल बंगाणा क्षेत्र के तहत सिद्ध बाबा बालक नाथ मंदिर कठोह में इन दिनों तीर्थ धाम जैसा नजारा दिख रहा है ।यहां श्रीमद् भागवत कथा सुनने सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं ।भगवान के जयकारे लगातार लग रहे हैं। कथा के दौरान राधे-राधे की गूंज पूरे इलाके में गूंज रही है ।आचार्य शिव कुमार शास्त्री के श्री मुख से श्रीमद् भागवत कथा सुन श्रद्धालु धन्य हो रहे हैं ।बांके बिहारी की मूर्ति के समक्ष शीश झुका  प्रणाम करके कथा स्थल पर कथा सुनने जा रहे हैं ।बुधवार को दूसरे दिवस के अवसर पर गणेश वंदना एवं दिव्य मंत्रों के साथ श्रीमद् भागवत कथा की शुरुआत की गई।

    भागवत कथा के दूसरे दिन सुकदेव की बंदना के बारे में वर्णन करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा की अमर कथा एवं सुकदेव की जन्म का विस्तार से वर्णन किया गया, कैसे श्री कृष्ण ने सुकदेव महाराज को धरती पर भेजा भागवत कथा गायन करने को ,ताकि कलयुग के लोगों का कल्याण हो सके ।आचार्य शिव शास्त्री ने कथा वाचन करते हुए कहा कि भगवान मानव को जन्म देने से पहले कहते हैं कि ऐसा कार्य करना जिससे दोबारा जन्म ना लेना पड़े मानव मुट्ठी बंद करके यह संकल्प दोहराते हुए इस पृथ्वी पर जन्म लेता है ।प्रभु भागवत कथा के माध्यम से मानव का यह संकल्प याद दिलाते रहते हैं ।भागवत सुनने वाले का भगवान हमेशा कल्याण करते हैं।

  • पंजाबः प्रेमिका के घर आकर व्यक्ति ने खाया जहरीला पदार्थ, मौत

    पंजाबः प्रेमिका के घर आकर व्यक्ति ने खाया जहरीला पदार्थ, मौत

    गुरदासपुरः आशिक के ऊपर आशिकी का भूत सवार होने के चलते बटाला के व्यक्ति ने प्रेमिका के घर आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। इस घटना दौरान व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान जसकरन मसीह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जसकरन विधवा दो बच्चों की मां से प्यार करता था। महिला के पति की 10 साल पहले मौत हो गई थी और वह अपने मायके घर में रह रही थी। मिली जानकारी के मुताबिक जसकरन ने 31 दिसबंर को प्रेमिका के घर आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिसके बाद उसकी मौत हो गई। वहीं इस घटना को लेकर पुलिस जांच में जुट गई है।

    वहीं मामले की जानकारी देते हुए परिवारिक सदस्यों का कहना है कि उनके लड़के को उसकी प्रेमिका (महिला) ने गलत बताया था कि वह शादीशुदा नहीं है। इस दौरान उसके लड़के के साथ 2 साल से संबंध थे। परिवारिक सदस्यों ने आरोप लगाया कि महिला ने अपने घर बुलाकर लड़के को जहरीला पदार्थ दिया है।

    दूसरी ओर लड़की के परिवारिक सदस्यों और इलाके के लोगों का कहना है कि वह लगातार लड़की को परेशान करता आ रहा था। इस दौरान वह उनको घरवालों को बताने के लिए कहते थे लेकिन लड़का उनको कहता था कि आप मेरे घरवालों को बताए कि लड़की कुंवारी है, लेकिन हमने झूठ नहीं बताया। इस लड़के के परिवार वालों को कहा कि लड़की विधवा है और उसके 2 बच्चे हैं, लेकिन घरवाले इस बात को नहीं मानते थे। जिसके चलते उसने हमारे घर आकर जहर खा लिया और हमारी बेटी को भी खिला रहा था। हम उस समय घर पर भी नहीं थे। हमने मौके पर पुलिस को सूचना दी और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ये सब झूठे आरोप लगा रहे हैं।

    मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया कि उपल गांव के रहने वाले जसकरन ने अपनी प्रेमिका के घर पर कोई नशीला पदार्थ निगल लिया था, जिसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असल कारणों के बारे में पता लगेगा औऱ जांच के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • जगह सरकारी है: फिर भी कब्जा छुड़वाने में नाकाम रहा विभाग

    जगह सरकारी है: फिर भी कब्जा छुड़वाने में नाकाम रहा विभाग

    5 महीने में अधिकारी नहीं छुड़वा पाए अवैध कब्जा

    आखिर कौन खाली करवाएगा अवैध कब्जे की भूमि

    ऊना/ सुशील पंडित : उपमंडल अंब के अंतर्गत आते गांव कटौहड कलां महाल  बीजापुर में लगभग 36 कनाल सरकारी भूमि पर कुछ लोगों का अवैध कब्जा होने बारे पता चलने पर ग्रामीणों ने एक शिकायत पत्र के माध्यम से तहसीलदार अम्व को इस भूमि की निशानदेही करने बारे लिखा गया था जिस पर तहसीलदार अम्व प्रेम धीमान ने कानूनगो व पटवारी को मौके की निशानदेही बारे आदेश जारी किए।

    जिस पर कार्रवाई करते हुए कानूनगो व पटवारी ने मौका पर जाकर सभी ग्राम वासियों के समक्ष उस करीब 36 कनाल भूमि की निशानदेही की गई। और यह पाया कि इस भूमि पर खसरा नंबर 1049,1051,1240,1241,1244, पर वन्नादरान ने सरकारी भूमि पर फ़सल वीज रखी है। मौके पर उन सभी अवैध कब्जा धारियों को हिदायत दी गई कि 1 माह के भीतर कब्जा छोड़ दें इस पर सभी अवैध कब्जा धारियों ने सहमति जताई लेकिन सहमति पत्र पर बलदेव सिंह सुपुत्र बाबूराम ने हस्ताक्षर नहीं किए और ना ही मौका पर कोई किसी न्यायालय का कोई आदेश दिखाया गया और बड़ी बात यह है कि ना ही उक्त व्यक्ति द्वारा कब्जा छोड़ा गया। बल्कि लोगों के आने जाने का रास्ता भी उक्त व्यक्ति द्वारा बंद कर दिया गया है ।

    ऐसे मामलों में अगर सरकारी अधिकारी अपनी जिम्मेवारी का सही तरीके से निर्वहन नहीं करते? तभी अवैध कब्जाधारियों के हौसले बढ़ जाते हैं व उनको ठेंगा दिखाते हुए नजर आते हैं।जबकि फील्ड कानूनगो की रिपोर्ट 04-06 -2022 को तहसीलदार अम्व को पेश की गई जिस पर तहसीलदार महोदय ने 09-07-2022 को फैसला सुनाया गया।जब इस संबंध में प्रेम धीमान तहसीलदार अम्व से बात की गई तो उन्होंने इस मामले में जल्द ही कार्रवाई किए जाने की बात कही।वहीं डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर जोगिंदर पटियाल ने बताया कि इस संबंध में  तहसीलदार अम्व को उचित कार्रवाई के लिए कहां गया है परंतु फिर भी अगर अवैध कब्जा नहीं छुड़वाया जा रहा तो इस बारे में फिर बात की जाएगी।

    इस मौके पर ग्रामीणों में उप प्रधान कटौहड कलां तरसेम लाल, वार्ड पंच कांता देवी, प्रकाश चन्द ,मिल्खी राम, संदीप कुमार, गुरवचन चन्द, सीता राम, अर्जुन कुमार,अजय कुमार, दर्शना देवी, सुजाता देवी,सोमा देवी, निर्मला देवी, रिंपी देवी,सोमा देवी, भावना इत्यादि ग्रामीण मौजूद रहे।

  • पंजाबः इस नाम से जाने जाएंगे ये 12 स्कूल, शिक्षा मंत्री ने दिए आदेश 

    पंजाबः इस नाम से जाने जाएंगे ये 12 स्कूल, शिक्षा मंत्री ने दिए आदेश 

    चंडीगढ़ः मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा आज़ादी संग्रामियों, शहीद सैनिकों और प्रसिद्ध लेखकों को सम्मान देने और आने वाली पीढ़ियों को उक्त शख़्सियतों से अवगत करवाने के मकसद से राज्य के 12 सरकारी स्कूलों के नाम बदल कर मशहूर शख़्सियतों के नाम पर रखे गए हैं। यह जानकारी पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज यहां दी। बैंस ने बताया कि पंजाब सरकार ने बीते महीने ही राज्य के सरकारी स्कूलों के नाम मशहूर शख़्सियतों के नाम पर रखने का फ़ैसला लिया था जिसके अंतर्गत पहले दौर में 12 सरकारी स्कूलों के नाम बदले गए हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेशों अनुसार सरकारी स्कूलों के नाम मशहूर शख़्सियतों के नाम पर रखे जा रहे हैं जिससे यह मशहूर शख़्सियतां सदियों तक हमारे राज्य के बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहें। उन्होंने बताया कि जिन सरकारी स्कूलों के नाम बदले गए हैं उनमें सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल धौला का नाम बदल कर राम स्वरूप अनखी सरकारी प्राईमरी स्मार्ट स्कूल धौला, ज़िला बरनाला रखा गया।

    इसी तरह सरकारी प्राईमरी हरिजन बस्ती कोट फत्ता ज़िला बठिंडा का नाम बदल कर शहीद करतार सिंह सराभा सरकारी प्राईमरी स्कूल कोट फत्ता ज़िला बठिंडा, सरकारी प्राईमरी स्कूल, ज़िला जेल, उधम सिंह नगर बठिंडा का नाम बदल कर शहीद उधम सिंह सरकारी प्राईमरी स्कूल उधम सिंह नगर, बठिंडा, सरकारी मिडल स्कूल पोहलोमाजरा, ज़िला फतेहगढ़ साहिब का नाम बदल कर शहीद मलकीत सिंह सरकारी मिडल स्कूल पोहलोमाजरा, ज़िला फतेहगढ़ साहिब, सरकारी हाई स्कूल पब्बाराली कलाँ, ज़िला गुरदासपुर का नाम बदल कर शहीद लांस नायक रजिन्दर सिंह सरकारी हाई स्कूल पब्बाराली कलां, ज़िला गुरदासपुर, सरकारी कं. सीनियर सैकडंरी स्मार्ट स्कूल हाजीपुर, ज़िला होशियारपुर का नाम बदल कर शहीद बख़ताबर सिंह सरकारी कं. सीनियर सैकडंरी स्मार्ट स्कूल हाजीपुर, ज़िला होशियारपुर रखा गया है।

    इसी तरह सरकारी एलिमेंट्री स्कूल कलीचपुर कलोतां, ज़िला होशियारपुर का नाम बदल कर शहीद सूबेदार रजेश कुमार सरकारी एलिमेंट्री स्कूल कलीचपुर कलोतां, ज़िला होशियारपुर, सरकारी एलिमेंट्री स्मार्ट स्कूल रुड़की, ज़िला पटियाला का नाम बदल कर स्वतंत्रता संग्रामी भाई नानू सिंह सरकारी एलिमेंट्री स्मार्ट स्कूल रुड़की, ज़िला पटियाला, सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल गंगरोला, ज़िला पटियाला का नाम बदल कर शहीद उधम सिंह सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल गंगरोला, ज़िला पटियाला, सरकारी मिडल स्कूल हरदोशरन, ज़िला पठानकोट का नाम बदल कर शहीद राम सिंह पठानिया मेमोरियल सरकारी मिडल स्कूल हरदोशरन, ज़िला पठानकोट, सरकारी प्राईमरी स्कूल बदेशे, ज़िला मलेरकोटला का नाम बदल कर शहीद गुरप्रीत सिंह बाजवा सरकारी प्राईमरी स्कूल बदेशे, ज़िला मलेरकोटला और सरकारी प्राईमरी स्कूल डेरा बाज़ीगर, ज़िला अमृतसर का नाम बदल कर शहीद रेशम सिंह सरकारी प्राईमरी स्कूल गुरूनानकपुरा, ज़िला अमृतसर रखा गया है।

    बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत मान के दिशा-निर्देशों अनुसार हाल ही में पंजाब राज्य के कई ऐसे सरकारी स्कूलों के नाम भी बदले गए हैं जिनके नाम जाति आधारित थे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग गांवों, शहरों और कस्बों की मशहूर शख़्सियतों के नाम पर स्कूलों के नाम रखने की यह प्रक्रिया जारी रहेगी। उन्होंने राज्य के लोगों से अपील की कि यदि वह अपने इलाके के स्कूल का नाम किसी मशहूर शख़्सियतों के नाम पर रखवाना चाहते हैं तो वह विभाग के साथ तालमेल कर सकते हैं।

  • बाल संरक्षण सेवा के तहत जिला में 245 बाल संरक्षण समितियां गठित

    बाल संरक्षण सेवा के तहत जिला में 245 बाल संरक्षण समितियां गठित

    बाल-बालिका सुरक्षा योजना के तहत 168 बच्चों को 24,64,851 रुपए का दिया गया वित्तीय लाभ 

    पीएम केयर योजना के तहत 4 बच्चों को स्वीकृत किए गए 10-10 लाख रुपए

    ऊना/सुशील पंडित:  बाल संरक्षण समिति की त्रैमासिक बैठक अतिरिक्त उपायुक्त डॉ अमित शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से बाल-बालिका सुरक्षा योजना/मिशन वात्सल्य तथा फोस्टर केअर स्कीम इत्यादि के माध्यम से बच्चों के हित में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं व कार्यक्रमों बारे विस्तृत चर्चा की गई। 
    डॉ अमित शर्मा ने जानकारी दी कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के द्वारा संचालित बाल बालिका सुरक्षा योजना में 1 अप्रैल 2021 से 30 सितंबर 2022 तक 168 बच्चों को 24 लाख 64 हज़ार 851 रुपए का वित्तीय लाभ दिया गया है। इस योजना में पहले प्रति व्यक्ति प्रति माह 25सौ रूपए दिए जाते थे जिसे 1 सितंबर 2022 से प्रति लाभार्थी 4 हज़ार रूपये प्रतिमाह कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि फोस्टर केयर योजना के तहत वित्त वर्ष 2021-22 में 192 तथा वित्त वर्ष 2022-23 में 78 बच्चों को वित्तीय लाभ प्रदान किया गया है। उन्होंने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान जिला में अनाथ हुए 4 बच्चों को प्रधानमंत्री केयर योजना के तहत दस लाख रुपए प्रति बच्चा स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त  20 हज़ार रूपये प्रति बच्चा वजीफा भी दिया गया है।  

    अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई ऊना द्वारा वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान जिले के विभिन्न विद्यालयों में 56 जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया जिसमें 13 हज़ार 413 विद्यार्थियों व अध्यापकों ने भाग लिया। इन शिविरों में नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराध तथा गुड टच बैड टच इत्यादि के बारे में बच्चों को समझाया गया। उन्होंने बताया कि बाल संरक्षण सेवा के तहत ऊना जिला में विभिन्न ग्राम पंचायतों में 245 बाल संरक्षण समितियों का गठन किया गया है ताकि बच्चों के अधिकारों को सुरक्षित किया जा सके। 

    इस मौके पर जिला बाल संरक्षण समिति द्वारा इस दिशा में किए जा रहे कार्यों व प्रयासों के बारे विस्तृत रूप से जानकारी दी।
    इस अवसर पर नव कमल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऊना, नवीन कुमार परियोजना अधिकारी (डीआरडीए) ऊना  अनीता शर्मा जिला कल्याण अधिकारी ऊना, अनिता गौतम जिला रोजगार अधिकारी ऊना, सतनाम सिंह जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) ऊना, कमलदीप सिंह जिला बाल संरक्षण अधिकारी ऊना, सोहनलाल जलोटा श्रम अधिकारी ऊना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

  • जालंधर आएंगे राज्यपाल Banwarilal Purohit, जाने मामला

    जालंधर आएंगे राज्यपाल Banwarilal Purohit, जाने मामला

    चंडीगढ़ः पंजाब में गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2023 को तिरंगा फहराने के समागम को लेकर सरकार की ओर से सूचि जारी कर दी गई है। जारी की गई सूचि के अनुसार राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित जालंधर में और सीएम भगवंत मान बठिंडा में तिंरगा फहराएंगे। जबकि विधान सभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा लुधियाना में और पंजाब विधान सभा के डिप्टी कमीशनर जै किशन रोड़ी तरनतारन में तिंरगा फहराएंगे। देखें लिस्ट

  • आम आदमी पार्टी में बड़ा फेरबदल, देखिए लिस्ट

    आम आदमी पार्टी में बड़ा फेरबदल, देखिए लिस्ट

    अहमदाबाद: गुजरात विधानसभा चुनावों में पूरे दमखम से लड़ने वाले आम आदमी पार्टी ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पार्टी नेता इसुदान गढ़वी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। गुजरात चुनावों में गढ़वी पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे। पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए मौजूदा अध्यक्ष गोपाल इटालिया को नेशनल टीम जगह देते हुए महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया है। गोपाल इटालिया ने पार्टी नेशनल ज्वाइंट सेक्रेटरी बनाया है।

    गोपाल इटालिया के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए इसुदान गढ़वी  पत्रकारिता छोड़कर राजनीति में आए थे। इसुदान गढ़वी गुजरात विधानसभा चुनावों में पार्टी के मुख्य चेहरे थे, हालांकि वे द्वारका की खंभालिया सीट से चुनाव हार गए थे। विधानसभा चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत के साथ आप के संगठन में फेरबदल की अटकलें लग रही थी। गुजरात विधानसभा चुनावों में आप को पांच सीटें मिली हैं तो वहीं बीजेपी को 156 सीटें और कांग्रेस को 17 सीटें मिली हैं। पार्टी के फेरबदल में पाटीदार नेता अल्पेश कथीरिया और डेडियापाड़ा से चुनाव जीतकर सुर्खियों में चल रहे विधायक चैतर वसावा का पार्टी ने कद बढ़ाया है।

    पार्टी ने जहां इसुदान गढ़वी को संगठन की कमान सौंपी हैं तो वहीं अल्पेश कथीरिया समेत प्रदेश के चारों जाेन में स्टेट वर्किंग प्रेसीडेंट नियुक्त किए हैं। सूरत जोन का स्टेट वर्किंग प्रेसीडेंट अल्पेश कथीरिया को बनाया गया है। तो वहीं साउथ गुजरात जोन की कमान चैतर वसावा और सौराष्ट्र जोन की कमान जगमाल वाला को दी गई है। इसके पार्टी ने उत्तर गुजरात की जिम्मेदारी डॉ. रमेश पटेल, मध्य गुजरात की जिम्मेदारी ज्वेल वसरा और कच्छ जोन की कमान कैलाश गढ़वी को सौंपी हैं।

    पार्टी ने गुजरात विधानसभा चुनाव गोपाल इटालिया के अगुवाई में लड़ा था। पार्टी को पांच सीटों के साथ 13 फीसदी वोट मिले और पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला, लेकिन गुजरात विधानसभा चुनावों के समय गोपाल इटालिया के पुराने वीडियो पार्टी के सिरदर्द बने थे। इसके चलते पार्टी को काफी बचाव की मुद्रा में आना पड़ा था। नए फेरबदल में इटालिया को एक तरह से प्रदेश के बाहर भेज दिया गया है। राष्ट्रीय ज्वाइंट सेक्रेटरी के साथ उन्हें महाराष्ट्र के सह प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है।

  • पंजाबः दिन दिहाड़े घर में घुसकर हमलावारों ने चलाई ताबड़तोड़ गोलियां

    पंजाबः दिन दिहाड़े घर में घुसकर हमलावारों ने चलाई ताबड़तोड़ गोलियां

    लुधियानाः शहर के कस्बा जगराओं के अधीन आते गांव बारदे से बड़ी ख़बर सामने आई है। जहां 2 हमलावारों ने घर में घुसकर जीमींदार को गोलियां मार दी। जीमींदार को घायल अवस्था में कल्याणी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने हालात ज्यादा गंभीर होती देख उसे सिविल अस्पताल भेज दिया। वहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 45 वर्षीय परमजीत सिंह के रूप में हुई है।

    बताया जा रहा है कि आरोपी सफेद रंग की आई-10 कार में सवार होकर आए थे। गाड़ी का नंबर दिल्ली का लगा हुआ था। पुलिस गाड़ी को लोकेट करने में जुट चुकी है। वहीं सूत्रों मुताबिक पता चला है कि मरने वाले व्यक्ति को पहले थ्रेट (धमकी) भी मिल चुकी थी। बताया जा रहा है कि आज वह पशुओं के लिए चारा डाल रहा था। दो लोग सीधा घर में घुसे और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लग गए।

    परिवार के लोगों को एकत्र होता देख हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल परमजीत को लोगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया। घटना स्थल पर देहात पुलिस के सीनियर अधिकारी पहुंचे चुके है। पुलिस मुताबिक मामले को जल्द हल कर लिया जाएगा। इलाके में लगे सीसीटीवी आदि फूटेज पुलिस खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान हो सके। मरने वाले का कोई जमीनी विवाद भी बताया जा रहा है। इस कारण पुलिस कई थ्योरियों पर काम कर रही है।

  • आतंकी हमले के इनपुट के बाद गृह मंत्रालय अलर्ट, तैनात किए जा रहे 1800 CRPF जवान

    आतंकी हमले के इनपुट के बाद गृह मंत्रालय अलर्ट, तैनात किए जा रहे 1800 CRPF जवान

    जम्मूः साल के पहले ही दिन जम्मू-कश्मीर के राजौरी में हिंदू परिवारों पर हुए आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जारी किया है। जम्मू क्षेत्र में आतंकी हमले के बारे में खुफिया जानकारी मिली है। जिसको लेकर सुरक्षाबल सतर्क हो गए हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जिसमें पुंछ और राजौरी में सीआरपीएफ की लगभग 18 कंपनियां तैनात की जाएंगी। जिनमें से 10 कंपनियां दिल्ली से भेजी गई है।

    दोनों क्षेत्रों के चप्पे-चप्पे पर सेनाबल तैनात रहेगा, ताकि फिर से आतंकी किसी हिंदू परिवार को यहां निशाना न बना सके। गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक जम्मू में आतंकी हमले के इनपुट के बाद केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर अतिरिक्त सुरक्षा बल जम्मू कश्मीर भेजे गए हैं। सीआरपीएफ के 1800 (18कंपनियां) अतिरिक्त जवान पुंछ और राजौरी तैनात किए जाएंगे। इसमें से 1000 जवान दिल्ली से भेजे गए हैं।

    बता दें कि 1 जनवरी रविवार को आतंकियों ने राजौरी के धांगरी इलाके में कई हिंदू परिवारों पर गोलीबारी की थी। आतंकियों ने यहां पहले परिवार से आधार कार्ड मांगा, फिर उनकी पहचान कर गोलीबारी की थी। पुलिस ने बताया था कि करीब 7:15 बजे हायर सेकेंड्री स्कूल, डांगरी के पास इस हमले में एक महिला और एक बच्चे समेत एक हिंदू परिवार के 7 लोग घायल हो गए। बाद में 4 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि अन्य का इलाज जीएमसी राजौरी में चल रहा है। वहीं सोमवार को भी आतंकी हमला हुआ। जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हुए।