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  • NEET पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाईः CBI ने मुख्य आरोपी Rakesh Ranjan को गिरफ्तार किया

    NEET पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाईः CBI ने मुख्य आरोपी Rakesh Ranjan को गिरफ्तार किया

    पटनाः नीट पेपर लीक मामले में जिस शख्स की तलाश सीबीआई को सबसे ज्यादा थी। आखिरकार उस आरोपी रॉकी को झारखंड से गिरफ्तार कर लिया है। जिसे आज पटना कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सीबीआई को रॉकी की 10 दिनों की रिमांड दी है। इससे पहले रॉकी के भारत छोड़ नेपाल भागने की खबर थी। जिसे आज सीबीआई ने आज धर दबोचा है। दरअसल रॉकी ही वो कड़ी है। जिसकी मदद से मुख्य सेटर तक सीबीआई पहुंच सकती है। जिसकी भूमिका प्रश्न-पत्र को आउट कराने में सबसे अहम है।

    रॉकी मूलरूप से बिहार के नवादा का रहने वाला है। उसका वास्तविक नाम राकेश है। पिछले कुछ सालों से वह झारखंड की राजधानी रांची में रहकर रेस्टोरेंट चलाता है।सीबीआई टीम ने चार मुख्य आरोपियों चिंटू, मुकेश, मनीष और आशुतोष को 7 दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जिसमें रॉकी से जुड़े कई सवाल पूछे गए थे बताया जा रहा है कि रॉकी ने ही नीट का पेपर लीक होने के बाद उसे हल कराकर चिंटू के मोबाइल पर भेजा था। चिंटू से खासतौर से रॉकी के बारे में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। चिंटू से एक और संजीव मुखिया को लेकर भी जानकारी ली जा रही है। क्योंकि वह संजीव की भांजी का पति है। संजीव के नेपाल भागने की सूचना मिल रही है।

    वहीं आरोपी मनीष और आशुतोष ने ही पटना के खेमनीचक स्थित निजी स्कूल में करीब 35 छात्रों के नीट का पेपर रटवाने का इंतजाम किया था। यह सब चिंटू के अलावा किसके कहने पर किया गया था, चिंटू के साथ और कौन लोग इसमें शामिल हैं, इसकी जानकारी इनसे ली जा रही है। इस तरह के कई सवालों के जवाब सीबीआई तलाश रही है। नीट पेपर लीक मामले में मंगलवार को सीबीआई ने पटना से दो और आरोपियों सनी कुमार और रंजीत कुमार को गिरफ्तार था। सनी नालंदा का रहने वाला है। जबकि रंजीत गया का रहने वाला है। रंजीत ने अपने बेटे की नीट परीक्षा में सेटिंग कराई थी। हालांकि अभी तक उसके बेटे क गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे पहले सीबीआई ने बिहार से पहली गिरफ्तारी मनीष प्रकाश और आशुतोष कुमार के रूप में की थी।

    दोनों ने नीट पेपर लीक में सेटर की भूमिका निभाई थी। और पटना के लर्न एंड प्ले स्कूल में नीट परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र रटवाए गए थे। सीबीआई ने उनके पास से मिले दो मोबाइल फोन को भी जब्त किए हैं। मनीष और आशुतोष पर नीट परीक्षा के पहले 4 और 5 जून को अभ्यर्थियों को पटना के प्ले लर्न स्कूल में ठहराने का आरोप है।

    नीट पेपर लीक मामले के मास्टर माइंड, पैसे के लेनदेन, अभ्यर्थियों की सही संख्या, फरार संजीव मुखिया, पेपर के लिए निर्धारित पैसे सहित अन्य जानकारियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।आपको बता दें बिहार में नीट पेपर लीक की जांच पहले आर्थिक अपराध शाखा कर रही थी। जिसके बाद इसे सीबीआई को हैंडओवर कर दिया था। इस मामले में अब तक सीबीआई 6 से ज्यादा लोगों को आरोपी बना चुकी है।

     

     

  • Punjab: हथियारों के जखीरे सहित Vicky Gounder और Lawrence के 4 साथी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab: हथियारों के जखीरे सहित Vicky Gounder और Lawrence के 4 साथी गिरफ्तार, देखें वीडियो

    बठिंडाः पुलिस ने हथियारों के जखीरे सहित विक्की गौंडर और लारेंस गैंग के 4 साथियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी दीपक पारिक ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के संबंध विक्की गौंडर ग्रुप और गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना व लारेंस बिश्नोई ग्रुप के साथ है। एसएसपी दीपक पारिक ने बताया कि सीआईए की पुलिस टीम जब शहर में गश्त कर रही थी तो नहर की पटरी के पास पुलिस ने एक ही मोटरसाईकिल सवार चार युवकों को चेकिंग के लिए रोका, जिनके पास से एक बैग भी था। जब पुलिस ने बैग चेक किया तो उसमें से 5 देसी पिस्तौल 32 बोर, 3 तीन पिस्तौल देसी कट्टा 12 बोर, 1 एक पिस्तौल देसी कट्टा 315 बोर, 1 रिवॉल्वर 32 बोर, 10 राउंड जिंदा 32 बोर, 3 कारतूस 12 बोर, एक चोरी की मोटरसाइकिल स्प्लेंडर बरामद की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वह हथियार फिरोजाबाद उत्तर प्रदेश से लेकर आए है।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान राम कुमार, संदीप नागर निवासी हरियाणा के रूप में हुई है। जबकि हरमन प्रीत सिंह और मनीष कुमार की पहचान बठिंडा के रूप में हुई है। एसएसपी ने कहा कि जांच में पता चला है कि हरमन प्रीत के पहले विक्की गौंडर गैंग के साथ संबंध थे, लेकिन अब उसके गैंगस्टर मन्ना से संबंध है। वहीं संदीप नागर के जेल में मूसेवाला केस में बंद केकड़ा से संबंध है जोकि लारेंस गैंग का गुर्गा है। चारों के खिलाफ थाना केनाल में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। एसएसपी ने बताया आरोपियो से पूछताछ दौरान पता चला हैकि राम कुमार पर 6, संदीप नागर पर 4, हरमन प्रीत के खिलाफ 5 और मनीष कुमार के खिलाफ 4 मामले दर्ज है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर उनका रिमांड हासिल किया जाएंगा। आरोपियों से पूछताछ दौरान ओर बड़े खुलासे होने की संभावना है।

  • केंद्र के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरेंगे किसान, SKM ने किया ऐलान

    केंद्र के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरेंगे किसान, SKM ने किया ऐलान

    नई दिल्लीः संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने एक बार फिर से केंद्र सरकार के खिलाफ किसानों के आंदोलन की घोषणा की है। एसकेएम एमएसपी कानून की गारंटी, ऋण माफी, फसल बीमा, किसानों और खेतिहर मजदूरों की पेंशन, बिजली के निजीकरण को वापस लेने और अन्य मांगों को लेकर फिर से अपना आंदोलन शुरू करेगा। एसकेएम ने कृषि के लिए अलग बजट, केंद्र सरकार में सहकारिता विभाग को समाप्त करने, कृषि इनपुट पर जीएसटी नहीं लगाने की मांग की है। इसके अलावा राज्य सरकारों के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए जीएसटी अधिनियम में संशोधन की मांग की है। एसकेएम ने जो मांगें सरकार के सामने रखी हैं वो इस प्रकार हैं-
    • एसकेएम ने 736 किसान शहीदों की याद में सिंघू/टिकरी सीमा पर शहीद स्मारक की मांग की।
    • एसकेएम 16, 17, 18 जुलाई 2024 को प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और संसद सदस्यों को ज्ञापन और मांगों का चार्टर सौंपेगा।
    • एसकेएम 9 अगस्त को “कॉरपोरेट्स भारत छोड़ो दिवस” के रूप में मनाएगा। यह भी मांग की कि भारत विश्व व्यापार संगठन से बाहर आए और कृषि उत्पादन और व्यापार में कोई बहुराष्ट्रीय कंपनी शामिल न हो।
    • एस.के.एम. संयुक्त संघर्ष के लिए केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ समन्वय बैठक बुलाएगा।
    संयुक्त किसान मोर्चा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए किसान नेता हन्नान मोल्लाह ने कहा, ‘एसकेएम ने कहा कि एमएसपी मांगों पर कदम उठाने कि लिए कल जीबीएम बुलाई गई थी। 3 साल हो गए हैं, सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी है, न ही हमें किसी बैठक के लिए बुलाया गया है। एमएसपी और कानूनी गारंटी अभी भी नहीं दी गई है। हम अभियान चलाने जा रहे हैं। पिछली बार दिल्ली घेराव था, लेकिन इस बार हम अखिल भारतीय आंदोलन करेंगे।’ एसकेएम ने 9 अगस्त को अखिल भारतीय आंदोलन का आह्वान किया। एसकेएम ने कहा -“बीजेपी को बेनकाब करो, विरोध करो और दंडित करो।” उनके अभियान ने उन सभी जगहों पर बड़ा प्रभाव डाला है, जहां किसान आंदोलन व्यापक और सक्रिय था। हन्नान मुल्लाह ने कहा, “पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र की 38 ग्रामीण सीटों पर बीजेपी की हार और यूपी के लखीमपुर खीरी में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी और झारखंड के खूंटी में अर्जुन मुंडा (कृषि मंत्री) की हार, किसानों के संघर्ष के प्रभाव को दर्शाती है। बीजेपी 159 ग्रामीण बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में हारी है।”  
  • Sushant Rajput के मैनेजर की हत्या के मामले में BJP MLA को Police ने भेजा Notice, होगी पूछताछ

    Sushant Rajput के मैनेजर की हत्या के मामले में BJP MLA को Police ने भेजा Notice, होगी पूछताछ

    मुबंईः दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रहीं दिशा सालियान केस में मुंबई पुलिस कल 12 जुलाई को भाजपा विधायक नितेश राणे से पूछताछ करेगी। मुंबई पुलिस ने राणे को दिशा सालियान केस में नोटिस जारी किया है। इसमें उनसे कल 12 जुलाई को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है। दरअसल, राणे ने दावा किया था कि सालियान की हत्या की गई थी।

    दिशा सालियान सेलिब्रिटी मैनेजर थीं। वे सुशांत सिंह राजपूत की भी मैनेजर रही थीं। 8 जून 2020 को दिशा के मौत की खबर आई। कथित रूप से दिशा सालियान की मौत एक इमारत की 14 वीं मंजिल से गिरने के बाद हुई। दिशा की मौत के पांच-छह दिन बाद ही 14 जून, 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने घर में मृत पाए गए। दोनों के निधन को लेकर कई अटकलें लगीं और दोनों ही मामलों में जांच चल रही है।

    भाजपा विधायक नितेश राणे ऐसा दावा कर चुके हैं कि दिशा सालियान की हत्या की गई थी। ऐसे में पुलिस उनसे उनके दावे के बारे में पूछताछ करेगी और पूछेगी कि उनके पास हत्या के क्या सबूत हैं? इसके लिए मुंबई पुलिस ने नोटिस जारी कर राणे को कल पूछताछ के लिए बुलाया है।

    दिशा के शव का पोस्टमार्टम 11 जून को किया गया था। प्रक्रिया में दो दिन की देरी पर सवाल उठाया गया था। शव परीक्षण रिपोर्ट से पता चला कि सिर की चोट और विभिन्न अप्राकृतिक चोटों के कारण सालियान की मौत हुई। रिपोर्ट में कहा गया, क्योंकि वह 14वीं मंजिल से गिरी थीं, इसलिए उन्हें कई चोटें आईं। हालांकि, रिपोर्ट में शारीरिक हमले या उसके निजी अंगों पर किसी चोट का जिक्र नहीं किया गया था।

     

  • सड़क हादसे के बाद Action में आए Minister, 18 बसों को किया सीज, देखें वीडियो

    सड़क हादसे के बाद Action में आए Minister, 18 बसों को किया सीज, देखें वीडियो

    आगराः उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर डबल डेकर बस और टैंकर के बीच हुई टक्कर में 18 लोगों की मौत हो गई और 19 घायल हो गए थे। इस हादसे की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि जिस बस में इतने सारे यात्री सवार थे उसका इंश्योरेंस तक नहीं हुआ था और न ही बस का फिटनेस सर्टिफिकेट था। जिसके बाद अब सरकार की नींद टूटी हैं। यूपी में परिवहन मंत्री दयाशंकर मिश्रा ने आजमगढ़ में औचक निरीक्षण किया। जिसमें जाँच के बाद कई बसों की सीज किया गया है।

    परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने आजमगढ़ जिले में परिवहन विभाग की टीम के साथ कंधरापुर थाना क्षेत्र के निकट अचानक से छापा मारा। इस दौरान उन्हें कई ऐसी बसें मिली जो बिना तय मानकों के सरपट दौड़ रही थीं। बसों का ये हाल देखकर मंत्री भी हैरान रह गए। मंत्री की इस छापेमारी की कार्रवाई में करीब डेढ़ दर्जन बसें मानकों को पूरा नहीं करने के कारण सीज की गई।

    इस दौरान परिवहन मंत्री ने कहा, चेकिंग अभियान में करीब डेढ़ दर्जन बसों को सीज किया गया है। उनके नंबर अरुणाचल प्रदेश और बिहार के थे। ये बसें आजमगढ़ से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद तक चलाई जा रही थी। इन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन दूसरे स्टेट का है गाड़ियों का फिटनेस नहीं है परमिट नहीं है इसके बाद भी बसें चलाई जा रही थी। बस चालक यात्रियों को बिना स्टैंड के भी उतारते हुए दिखाई दिए। बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को भरा जाता है। जिसकी वजह से प्रदेश में लगातार दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।

    परिवहन मंत्री ने आरटीओ और एआरटीओ के साथ छापा मारा। यह भी कई गाड़ियां सड़क के किनारे गलत तरीके से खड़ी मिली। जिसके बाद सभी गाड़ियों को सीज करके थाने में भेजा गया है। पूरे प्रकरण की जांच हो रही है अगर कहीं कोई कमी पाई गई तो उनके मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन मंत्री ने कहा कि कोई भी बस बिना फिटनेस, परमिट और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के अगर सड़क पर चलती पाई गई तो बस सीज करके मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

    परिवहन उपायुक्त राधेश्याम ने कहा कि पहले भी मानकों को पूरा न करने वाली बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से समझौता करने वाली बसों को सड़कों पर नहीं चलने दिया जाएगा जो मानक पूरा करेंगे वह बसें ही चलेंगीं।

  • Airline के Plan में लगी आग लगने से मचा हड़कंप, कराई गई Landing, देखें वीडियो

    Airline के Plan में लगी आग लगने से मचा हड़कंप, कराई गई Landing, देखें वीडियो

    पेशावरः रियाद से आ रहे सउदी एयरलाइंस के एक विमान में वीरवार को पेशावर के बाचा खान अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरते समय आग लग गई। इस दौरान यात्रियों में हड़कंप मच गया। Dawn की रिपोर्ट के मुताबिक नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने एक बयान में इसकी जानकारी साझा की है। विमान में आग लगने के तुरंत बाद ही इसमें मौजूद सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सीएए के प्रवक्ता सैफुल्लाह के अनुसार, “एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने एयरप्लेन के उतरते ही उसके बाएं हाथ के लैंडिंग गियर से धुंआ और चिंगारी निकलते हुए देख लिया था और इसके बारे में पायलटों को सूचित कर दिया था। साथ ही उन्होंने एयरपोर्ट के फायर डिपार्टमेंट और बचाव सेवाओं को भी इसकी जानकारी दे दी थी।” बयान में कहा गया कि घटनास्थल पर पहुंचकर सीएए के फायर डिपार्टमेंट के वाहन लैंडिंग गियर में लगी आग को बुझाने में सफल रहे। सैफुल्लाह ने कहा, “फायर फाइटर दल ने समय रहते कार्रवाई की और लैंडिंग गियर में लगी आग पर तुरंत काबू पा लिया और इस वजह से विमान को किसी बड़ी दुर्घटना से बचाया जा सका।” “सभी 276 यात्रियों और 21 चालक दल के सदस्यों को एक इन्फ्लेटेबल स्लाइड की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया।” पेशावर एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, हवाई अड्डा चालू है और सभी उड़ानें अपने निर्धारित समय के अनुसार जारी रहेंगी।
  • भारी बारिश के चलते नदी के तेज बहाव में फंसा कैंटर, चालक ने कूदकर बचाई जान, देखें वीडियो

    भारी बारिश के चलते नदी के तेज बहाव में फंसा कैंटर, चालक ने कूदकर बचाई जान, देखें वीडियो

    पंचकूलाः हरियाणा के पंचकूला में भारी बारिश के बाद एक ट्रक नदी में फंस गया। रजीपुर माजरी बाईपास के नजदीक नदी में पानी का स्तर बढ़ गया और कैंटर चालक बीच में फंस गया। बाद में ड्राइवर ने कूदकर जान बचाई। नदी में फसे कैंटर का वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि नदी में पानी के तेज बहाव में कैंटर फंसा हुआ है। लोग कैंटर को रस्सियों से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार, कैंटर चालक नदी से गाड़ी निकाल रहा था और इसी बीच नदी में एकदम से पानी का बहाव तेज हो गया। इस दौरान चालक ने गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचानी पड़ी। नदी में फंसे हुए कैंटर को निकालने के लिए लोगों ने कोशिश की। प्रशासन और पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई थी। घटना के दौरान जब कैंटर नदी से गुजर रहा था, तब पानी का कम था, लेकिन पंचकूला में बारिश होने की वजह से नदी में पानी का स्तर बढ़ गया। साथ ही ही एकदम से पहाड़ी क्षेत्र से आने वाला बरसाती पानी भी नदी में आने से कैंटर सैलाब में फंस गया। बाद में लोगों ने भी कैंटर चालक की मदद की।

    ट्रक को फसता देख मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग दौड़े-दौड़े रस्सी लेकर मौके पर पहुंचे और नदी के बीच से मिनी ट्रक को निकालने की कोशिशें शुरू कर दी। पानी के बहाव को ज्यादा तेज़ होता देख मिनी ट्रक के ड्राइवर ने कूदकर अपनी जान बचाई। वहीं मिनी ट्रक को नदी से निकालने की कोशिशें भी जारी है। पूरी घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। वहीं ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है ताकि इस तरह की घटनाएं आगे ना हो। गौरतलब है कि पंचकूला प्रशासन ने बरसात के समय मे नदी में उतरने और नहाने पर सख्ती करते हुए धारा 144 लगाई गई है, लेकिन लोग फिर भी नहीं मान रहे हैं।

  • Punjab: BUS से Amarnath Yatra से लौट रहे श्रद्धालुओं पर तेजधार हथियारों से हमला, चली गोली

    Punjab: BUS से Amarnath Yatra से लौट रहे श्रद्धालुओं पर तेजधार हथियारों से हमला, चली गोली

    पटियाला: श्री अमरनाथ यात्रा से पंजाब लौट रही बस पर हमला हो गया। बताया जा रहा है कि बस में सवार नौजवानों पर 30 से 35 हमलावरों ने तेजधार हथियारों से हमला किया है। इस दौरान हमलावारों ने युवकों के सिर और पीठ पर कृपाण से भी वार किया। कहा जा रहा है कि घटना के दौरान फायरिंग भी की गई है। इस हादसे में एक युवक घायल हो गया। घायल युवक पहचान मोहन अरोड़ा के रूप में हुई है। घायल युवक ने बताया कि 2 तारीख को बस श्री अमरनाथ यात्रा के लिए पटियाला से रवाना हुई थी जिसे 10 जुलाई को वापस आना था लेकिन वह 11 जुलाई को वापस लौटी।

    उक्त ने बताया कि यात्रा वाली बस लेकर गए राजू प्रधान नामक व्यक्ति के साथ बस का ए.सी. चलाने को लेकर बस में सवार नौजवानों के साथ विवाद हो गया। बहस के बाद राजू प्रधान ने पटियाला पहुंचने पर पहले अपने साथियों को फोन करके बुला लिया। जब बस पटियाला पहुंचने वाली थी तो बस को बड़ी नदी के पास 30 से 35 हमालवरों ने घेर हमला कर दिया। इस दौरान गोलियां भी चली, जिसके बाद सारे हमलावर मौके से फरार हो गए। घायल युवक को उसके भाई और साथी उठाकर राजिंदरा अस्पताल लेकर आए।

    उक्त युवक ने बताया कि वह हमलावरों में से 3 लोगों को पहचानता है, जिनमें बस ले जा रहा राजू प्रधान, शाम और उसका बेटा गौरव और गोली चलाने वाला हरप्रीत सिंह ढिठ शामिल हैं। घायल युवक और उसके भाई ने पुलिस प्रशासन और पटियाला प्रशासन से न्याय की मांग की है। फिलहाल घायल युवक राजिन्द्र अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है। उधर, कोतवाली थाने के एस. एच.ओ. हरजिंदर सिंह ढिल्लों घायल युवक के बयान लिखने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि ये बस अमरनाथ यात्रा के लिए गई थी, जब ये बस पटियाला पहुंची तो इनके बीच झगड़ा हो गया।एक युवक घायल है जिसका बयान दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • Punjab: 7 जिलों से भरे गए 2664 पानी के नमूने, देखें वीडियो

    Punjab: 7 जिलों से भरे गए 2664 पानी के नमूने, देखें वीडियो

    16.4 प्रतिशत गैर-खेती योग्य पानी

    लुधियानाः पंजाब कृषि विश्वविद्यालय ने 2020 से 2023 तक पंजाब के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र के 7 जिलों में भूमिगत पानी की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए 2664 पानी के नमूने लिए गए। जिसको लेकर एक व्यापक अध्ययन किया। भूमिगत पानी विज्ञान के मुखी डॉक्टर धनविंदर सिंह ने बताया कि ज्यादातर धरती के पानी के नमूने में खारे पानी का उच्च स्तर पाया गया, केवल 30.5 नमूने सिंचाई के लिए उपयोग योग्य पाए गए। जबकि 53.1 प्रतिशत सीमांत और 16.4 प्रतिशत पानी खेती के इस्तेमाल के योग्य नहीं है। डॉ. ने कहा कि अध्ययन में बठिंडा, मानसा, मुक्तसर साहिब फाजल्का, मोगा, बरनाला शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 16.4 प्रतिशत अनुपयोगी जल है। उन्होंने कहा कि विशेषकर इस पानी से यदि हम धान का लगातार उपयोग करते हैं तो गेहूं की पैदावार और मिट्टी के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि पंजाब के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में, जहां कम वर्षा होती है और मिट्टी और भूजल की लवणता अधिक है। किसानों को खारे पानी के संचय के नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए उपलब्ध नहर और भूजल के संयुक्त उपयोग को अपनाना चाहिए। इससे फसल की पैदावार तो बनी रहती ही है, मिट्टी का स्वास्थ्य भी बना रहता है।  
  • Punjab: Delivery दौरान सरकारी अस्पताल में नवजात बच्चे की मौत, परिजनों ने किया हंगामा, देखें वीडियो

    Punjab: Delivery दौरान सरकारी अस्पताल में नवजात बच्चे की मौत, परिजनों ने किया हंगामा, देखें वीडियो

    फिरोजपुरः सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान बच्चे की मौत होने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर परिजनों द्वारा हंगामा किया गया। परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए है। वहीं दूसरी ओर इस मामले को लेकर डॉक्टरों ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। जानकारी देते हुए महिला के पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि वह गांव वरपाल टाउन मक्खू के रहने वाले है। उनकी बहू सलमा को बच्चा होने वाला था।

    उसकी हालत हालत खराब होने के चलते उसकी डिलीवरी करवाने के लिए फिरोजपुर के सरकारी अस्पताल में लाया गया। परिजनों ने आरोप लगाए कि डॉक्टरों ने कुछ समय तक उसकी डिलीवरी नहीं की और जिसके चलते बाद में उनकी हालत बिगड़ी गई। इस दौरान बहू ने बेड पर बच्चे को जन्म दिया और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण बच्चे की मौत हुई है।

    उन्होंने मांग की है कि उन्हें न्याय दिया जाए और अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं दूसरी ओर अस्पताल स्टाफ पर लगे आरोपो को लेकर डॉ. निखल गुप्ता ने बताया कि डॉक्टरों ने डिलीवरी सामान्य की थी, लेकिन जब तक वे उसे बचाने की कोशिश करते तब तक बच्चे ने मां के पेट में ही दम तोड़ दिया था।