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  • जालंधरः मारपीट के मामले में परिवार ने पुलिस पर लगाएं गभीर आरोप, देखें Live

    जालंधर, ENS: थाना बस्ती बावा खेल के अंतगर्त इलाके बस्ती मिट्ठू में परिवारिक झगड़े का मामला सामने आया है। जहां पीड़ित परिवार ने थाने के बाहर रोष जताया। इस दौरान उन्होंने पुलिस द्वारा परिवार के खिलाफ कार्रवाई ना किए जाने के आरोप लगाए है। इस दौरान पीड़ित दंपति ने कहा कि 4 तारीख को उनकी सास, देवर, देवरानी, ननंद और जेठानी ने मारपीट कर उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था। इस मामले की शिकायत उन्होंने पुलिस को दे दी थी। पीड़ित दंपति का आरोप है कि पुलिस इस मामले को कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पीड़ित का कहना है कि उनके साथ धक्का हो रहा है। इस दौरान महिला ने अपनी सास कुलवंत कौर पर उन्हें घर से बाहर निकाल देने के आरोप लगाए है।

    पीड़ित का कहना है कि उनकी सास काफी गाली गालौच करती है। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह पहले किसी मामलों में जेल भी जा चुकी है। वहीं पीड़ित व्यक्ति ने कहा कि उन्हें यह कहकर घर से निकाला गया कि उनका घर में कोई हिस्सा नहीं है। इस दौरान पीड़ित ने आरोप लगाए है कि उसके केसों की बेअदबी की गई है, उसकी पगड़ी उतारी गई है। इस दौरान उसके जीजे ने बेसबैट से हमला कर उसका दांत तोड़ दिया। पीड़ित ने बताया कि वह 3 भाई है, वह सभी एक ही घर में रहते है। पीड़ित ने कहा कि कुछ समय पहले उनकी परिवार वालों ने थाने में लिखित में दिया कि 6 महीने के बाद वह 4.20 लाख रुपए देकर उन्हें घर से अलग कर देंगे। पीड़ित का आरोप है कि ना तो उन्हें पैसे दिए गए है और ना ही उन्हें घर में रहने दिया जा रहा है। उनके साथ मारपीट की जा रही है। पीड़ित ने कहाकि थाने में उन्होंने अपनी एमएलआर दे दी है। पीड़ित के अनुसार पुलिस एक दिन ही उनके घर गई थी।

    इस दौरान 7 लोगों ने उनके साथ मारपीट की। पीड़ित के अनुसार पहले भी कई बार थाने में शिकायत दी जा चुकी है। कई बार राजीनामा भी हो चुका है। पीड़ित ने कहा कि अब थाना अधिकारी मनविंदर कुमार के पास उनका मामला लंबित पड़ा हुआ है। पीड़ित ने कहा कि वह जब भी इंसाफ की गुहार लगाता है तो उसे यह कह दिया जाता है कि कार्रवाई जारी है। पीड़ित ने कहा कि 7 दिन हो गए है कि वह ठंड में घर से बाहर रह रहा है। पीड़ित के अनुसार अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक बार थाना प्रभारी के कहने के अनुसार वह अपने परिवार वालों के साथ बैठकर बातचीत के लिए गए, लेकिन उस दौरान भी उनके परिवार वालों ने उन्हें गालियां निकाली। पीड़ित का कहना है कि आज वह घर जा रहे है, ऐसे में अगर उन दोनों को कुछ हो जाता है तो उसका जिम्मेदार उनका परिवार होगा। पीड़ित महिला ने अपनी सास पर लड़कियों से धंधा करवाने के भी आरोप लगाए है। 

  • अवैध खनन करने पर 6 ट्रैक्टरों के कटे चालान, 29,700 जुर्माना वसूला

    अवैध खनन करने पर 6 ट्रैक्टरों के कटे चालान, 29,700 जुर्माना वसूला

    ऊना/ सुशील पंडित : जिला पुलिस ने अवैध खनन करने पर अवैध खनन अधिनियम के अंतर्गत 06 ट्रैक्टरों के चालान किए तथा जुर्माने के रूप में 29,700/- रूपए वसूल किए गए I वहीं सार्वजनिक स्थान पर धुम्रपान करने पर जिला पुलिस ऊना द्वारा धुम्रपान निषेध अधिनियम के अंतर्गत 08 व्यक्तियों के चालान किए गए तथा जुर्माने के रूप में 700/- रूपए वसूल किए गए I
  • भुगतान न होने से राज्य में लैब मैनेजमेंट ने रोकी सेवाएं

    ऊना/ सुशील पंडित: भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी एवं भाजपा के तेज़ तरार नेता सरजीवन सिंह ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार की नाकामियों के चलते हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त टेस्ट सुविधा वाली लैब क्रसना बंद हो गई है। नेशल हैल्थ मिशन का बजट जारी न होने के बाद क्रसना लैब ने 650 संस्थानों में सेवाएं रोक दी। इन सेवाओं के ठप होने से बुधवार को दस हजार से ज्यादा मरीज पूरे प्रदेश में प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को क्रसना लैब में 50 करोड़ का भुगतान करना है और यह भुगतान अप्रैल के बाद से फंसा हुआ है। बताया जा रहा है कि नेशनल हैल्थ मिशन में बजट की कमी होने से यह हालात बने हैं। दरअसल, सरकारी अस्पतालों में तय बजट से अधिक परीक्षण हो चुके हैं और इनके बिल नेशनल हैल्थ मिशन को भेजे गए।

    उन्होंने कहा कि क्रसना लैब के अधीन प्रदेश भर में जो कर्मचारी काम कर रहे हैं, लैब प्रबंधन उन्हें वेतन दे पाने की स्थिति में नहीं है। प्रदेश भर में 650 संस्थानों में सेवाएं ठप हुई हैं।बजट न होने की वजह से इन बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय समूचे प्रदेश में 1800 कर्मचारी क्रसना लैब के साथ जुड़े हुए हैं। क्रसना लैब ने सभी मेडिकल कॉलेज समेत सीएचसी और पीएचसी में काम बंद किया है। सरजीवन ने कहा कि पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने क्रसना में फ्री किए थे 142 टेस्ट, आई जी एमसी व प्रदेश भर में क्रसना लैब के माध्यम से टेस्ट किए जाते थे उनके 50 करोड़ से अधिक पैसे रोक दिए गए हैं। क्रसना लैब को जन सुविधा के लिए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने टेस्ट सस्ते दामों पर करने और प्रदेश की बालिकाओं के लिए 142 टेस्ट फ्री किए थे। अब ये लैब चल नहीं रही हैं और जनता को बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और अस्पतालों में लंबी लाइनें लगी हैं। सरजीवन ने कहा कि रोजागर देने की बात करने बाली सूक्खू सरकार कर्मचारियों को प्रताड़ित करने में लगी है। जो एक घटिया राजनीति और सत्ता सुख को दर्शता है।

  • रायपुर स्वास्थ्य केंद्र में हर्बल गार्डन स्थापित, कृष्ण पाल शर्मा ने लगाए ओषधि पौधे

    रायपुर स्वास्थ्य केंद्र में हर्बल गार्डन स्थापित, कृष्ण पाल शर्मा ने लगाए ओषधि पौधे


    ऊना /सुशील पंडित : उपमण्डल बंगाणा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुर मैदान में हर्बल गार्डन स्थापित किया गया। इस मौके पर स्थानीय स्वस्थ्य केंद्र में जन आरोग्य समिति के चेयरमैन एवं जिला परिषद उपाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा की अध्यक्षता में औषधीय पौधे लगाए गए। ज्ञात रहे आज चेयरमैन कृष्ण पाल शर्मा का जन्म दिवस भी था। ओर अपने जन्म दिवस पर स्वास्थ्य केंद्र रायपुर मैदान में हर्बल गार्डन स्थापित करके यादगार बनाया। इस मौके पर डॉ पारुल ठाकुर, रामआसरा शर्मा ,मदन गोपाल शर्मा, रीता शर्मा,राजेंद्र राजू, अजय शर्मा, सुखदेव परमार, राज कुमार, बलविंद्र सिंह बब्बी, प्यारे लाल, विजय शर्मा,रामदास, किरण देवी, कश्मीरी देवी मौजूद रहे। कृष्ण पाल शर्मा ने बताया कि इस हर्बल गार्डन में जन औषधीय पौधे, अजवायन, आल सपाईस,तेज पत्ता, सतावरी,स्टीविया, इन्सुलिन, तुलसी, लैमन ग्रास, मोरिंगा, अनार, संतरा, मौसमी व नींबू आदि लगाए जा रहे है। जिससे जनता को स्वास्थ्य सुविधा लेने के साथ साथ जन ओषधि पौधों के बारे में विस्तार से ज्ञान मिले। और साथ में ओषधि पौधों की सुविधा भी मिले। बहीं अपने जन्म दिवस पर जिला पार्षद उपाध्यक्ष कृष्ण पाल शर्मा ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में 38 बीं बार रक्त दान किया। शर्मा ने कहा कि मुझे जन्म दिवस पर 38 बी वार रक्तदान करने का सौभाग्य मिला। 

  • कांग्रेस सरकार की गारण्टियां “फेल”, अपनी नाकामियां छिपाने के लिए सुक्खू ले रहे अनुराग के नाम का सहारा- सुमीत शर्मा

    आपदा में 16,206 घरों समेत 2700 किमी. सड़कें अनुराग ने मंज़ूर कराईं, कांग्रेस ने सिर्फ भाई-भतीजावाद किया: सुमीत शर्मा 


    ऊना/ सुशील पंडित : केन्द्रीय सूचना प्रसारण एवं खेल व युवा कार्यक्रम मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर का नाम लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी सरकार कि एक वर्ष के कार्यकाल कि नाकामियों को छीपाने का कृत कर रहे हैँ। सुमीत ने बताया कि मुख्यमंत्री सुक्खु के हालिया बयान कांग्रेस की फेल गारण्टियों पर पर्दा डालने के लिए भाजपा नेताओं के नाम की माला जप रहे हैं। जबकि प्रदेश का आम जनमानस जानता है कि आपदा के समय हिमाचल की जनता के साथ मोदी सरकार डट कर खड़ी थी और हरसंभव सहायता देवभूमि को दी है। 


    सुमीत ने बताया कि अनुराग सिंह ठाकुर को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हालिया बयान उनकी हताशा और निराशा को दर्शाता है।प्रधानमंत्री मोदी ने सदैव हिमाचल को प्राथमिकता देते हुए अपना दूसरा घर माना है। आपदा के समय उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री से बात कर हर स्थिति का जायजा लिया और सभी जरूरी मदद सुनिश्चित कराई मगर आपदा में भी राजनीति करना कांग्रेस की पुरानी आदत है और मुख्यमंत्री के हालिया बयान इसी दुर्भावना से ग्रसित है।


    सुमीत ने मुख्यमंत्री को पुन: याद दिलाते हुए बताया कि अनुराग ठाकुर हिमाचल में आपदाकाल में 3 बार केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री गिरिराज सिंह से मिलकर प्रदेश के लिए 16,206 हज़ार घर पीएम ग्रामीण आवास योजना के अन्तर्गत व 2373 करोड़ रुपये की लागत से प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अन्तर्गत बनने वाली 2700 किमी. कि सड़कों की मंज़ूर करवाईं।


    यही नहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार ने ₹180 करोड़ पहले दो किस्तों में दिए फिर केवल सड़कों के आधारभुत ढांचे की मजबूती के लिए के लिए ₹400 करोड़ दिए।


    तीसरी बार मदद करते हुए ₹189 करोड़,20 अगस्त को फिर ₹200 करोड़ और 12 दिसंबर को लगभग ₹633 करोड़ भेजे, यानी कुल मिलाकर ₹1782 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद इस वक़्त तक केंद्र सरकार की ओर से हिमाचल के लिये भेजी गई।


    केंद्र सरकार ने मनरेगा योजना अंतर्गत हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार को जुलाई से अब तक लगभग 434 करोड़ रुपये देकर सहयोग का हाथ बढ़ाया है।


    सुमीत ने कहा मुख्यमंत्री सुक्खु यह बताएं कि उपरोक्त सहयोगी राशि को ज़रूरतमंद को बांटते वक़्त भाई-भतीजावाद क्यों किया गया? ज़रूरतमंद को दरकिनार करके पैसे बाँटने व तिरपाल लगाने जैसे गंभीर आरोप सुक्खू सरकार पर लगे हैं।यही नहीं अनुराग ने अपने संसदीय क्षेत्र के सभी जिला अधिकारियों को आपदा पीड़ित के घरों बने खतरे से निपटने के लिए सुरक्षा दीवार लगाने के लिए  कुछ मदों में छूट देकर जिला की “दिशा कमेटी बैठक” में राहत और बचाव कार्य में कोई कमी न रहे उसके लिए उचित निर्देश भी दिए हैँ।


    सुमीत ne कहा सांसद ne अपनी योग्यता व हिमाचल हितों को सर्वोपरि मानते प्रदेश कि केंद्र सरकार से हर मदद करवाई लेकिन दूसरी ओर सुक्खु सरकार की विश्वसनीयता व अपने ही नेताओं से भेदभाव के आरोपों के कारण चारों तरफ़ घिरे होने के कारण मुख्यमंत्री आधारहीन ब्यान देकर जनता को भटकाने व राजनैतिक लाभ के लिए तथ्यहीन का प्रयास कर रहे हैँ जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है।

  • पंजाबः जेलों को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

    पंजाबः जेलों को लेकर हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

    चंडीगढ़ः पंजाब की जेलों को लेकर सुनवाई आरंभ होते ही पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने जेल से पार्टियों की वीडियो वायरल होने पर सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि आखिर जेलों में यह हो क्या रहा है। जेल में कैदी पार्टी कर रहे हैं और अदालत में पेश होकर एडीजीपी को शर्मिंदा होना पड़ रहा है। इसे रोकना बहुत जरूरी है और यदि यह नहीं रुका तो हमें बेहद कड़े आदेश जारी करने को मजबूर होना पड़ेगा। लॉरेंस बिश्नोई के हिरासत में इंटरव्यू के मामले में सुनवाई आरंभ होते ही हाई कोर्ट ने कहा कि लगातार जेल से वीडियो आने के मामले बढ़ रहे हैं। जेल में पार्टियां हो रही हैं और उनके वीडियो बनाकर बाकायदा इंटरनेट मीडिया पर डाले जा रहे हैं। जेलों में लगातार मोबाइल फोन मिलने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और एडीजीपी को कभी किसी अदालत में तो कभी किसी में तलब किए जा रहे हैं।

    हाईकोर्ट ने कहा कि यह शर्मिंदगी का विषय है और जेलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को रोकना बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने कहा कि इसके लिए सरकार जल्द प्रभावी कदम उठाए वरना हमें बेहद सख्त आदेश जारी करने को मजबूर होना पड़ेगा। सुनवाई के दौरान आदेश के अनुसार पंजाब सरकार ने जेलों में जैमर, सीसीटीवी, नायलॉन नेट, बॉडी स्कैनर आदि का काम पूरा करने के लिए  समय सीमा सौंपी। 6 माह से लेकर डेढ़ वर्ष की समय सीमा को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अस्वीकार करते हुए नए सिरे से समय सीमा तय करने का सरकार को आदेश दिया है।

    हाईकोर्ट ने इस दौरान केंद्र सरकार को आदेश दिया है कि जिन कार्यों को पूरा करने में केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है वहां यह सुनिश्चित किया जाए कि इस कार्य में समय न ले। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि लॉरेंस बिश्नोई के हिरासत में 2 इंटरव्यू हुए थे और दोनों की जांच के लिए दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी जांच आरंभ कर चुकी है। लॉरेंस के इंटरव्यू को इंटरनेट मीडिया  से पूरी तरह से हटाया जा चुका है। हाईकोर्ट ने कहा कि अभी एसआईटी को जांच के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए इसलिए उन्हें फिलहाल निर्देश की आवश्यकता नहीं है। 

  • इनर व्हील क्लब ऊना उमंग ने मनाया स्थापना दिवस

    ऊना/सुशील पंडित : इनरव्हील ऊना उमंग क्लब ने एक अनोखे अंदाज में इंटरनेशनल इनर व्हील डे मनाया। इस मौके पर क्लब की प्रेसिडेंट अनुराधा वर्मा के नेतृत्व में एक और यहां मनोरंजक कार्यक्रम का आगाज़ किया गया, वहीं दूसरी ओर इस अफसर पर इनर‌ व्हील के 100 साल पूरे होने की खुशी में केक काटा गया और इस दिन को उत्साहपूर्ण ढंग से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत क्लब के सदस्यों ने इनर व्हील क्लब के अपने गीत से किया और फिर एक प्रार्थना सभा में सभी लोगों के स्वास्थ्य की मंगल कामना की। इसके उपरांत मनोरंजक कार्यक्रम का आरंभ किया। इस अवसर पर क्विज कांटेस्ट रखा गया, जिसमें इनर व्हील के कार्यों से संबंधित प्रश्न थे। जिसका सभी ने सही जवाब दिया और उन्हें पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान क्लब की प्रेसिडेंट अनुराधा वर्मा ने इनर व्हील की संस्थापक स्वर्गीय मार्गरेटआ‌लिवर के सामाजिक जीवन वह सामाजिक के कार्यों को करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला और उनके सामाजिक नियमों पर चलने की सभी से अपील की। उन्होंने बताया कि यह दिन प्रतिवर्ष 10 जनवरी को स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस मौके इनरव्हील ऊना उमंग क्लब की अध्यक्ष मैडम अनुराधा वर्मा, वीनू कंवल, डॉक्टर मीनाक्षी नाथ, डॉक्टर अनुपमा, रश्मि ठाकुर, सुकेली जसवाल, साधना चड्ढा, सुषमा लठ, एकता जैतक, जसलीन कौर व क्लब के अन्य सदस्य मौजूद थे।
  • ਪੰਜਾਬ : ਹਿਟ ਐਂਡ ਰਨ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ‘ਚ ਡਰਾਈਵਰ ਭਾਈਚਾਰੇ ਨੇ DC ਦਫਤਰ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਕੀਤਾ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ, ਦੇਖੋ ਵੀਡਿਓ

    ਲੁਧਿਆਣਾ : ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਹਿਟ ਐਂਡ ਰਨ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਪਾਸ ਕੀਤੇ ਗਏ ਕਾਨੂੰਨ ਦਾ ਵਿਰੋਧ ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਉੱਥੇ ਹੀ ਡਰਾਈਵਰਾਂ ਨੇ ਵੀ ਇਸ ਕਾਨੂੰਨ ਨੂੰ ਕਾਲਾ ਕਾਨੂੰਨ ਦੱਸਦਿਆਂ ਇਸਨੂੰ ਵਾਪਸ ਲੈਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਡਰਾਈਵਰ ਭਾਈਚਾਰੇ ਵੱਲੋਂ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫਤਰ ਪਹੁੰਚੇ ਅਤੇ ਵਿਰੋਧ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨ ਕਰ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਫੂਕਿਆ।

    ਗੱਲਬਾਤ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਡਰਾਈਵਰ ਭਾਈਚਾਰੇ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਡਰਾਈਵਰਾਂ ਤੇ ਥੋਪਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਕਾਲਾ ਕਾਨੂੰਨ ਉਸ ਨੂੰ ਰੱਦ ਕਰਵਾਉਣ ਦੇ ਲਈ ਅੱਜ ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫਤਰ ਪਹੁੰਚੇ ਹਾਂ। ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਦਫਤਰ ਦੇ ਬਾਹਰ ਮੋਦੀ ਸਰਕਾਰ ਦਾ ਪੁਤਲਾ ਵੀ ਫੂਕਿਆ ਗਿਆ ਹੈ। ਏਡੀਸੀਪੀ ਨੂੰ ਇੱਕ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਵੀ ਸੌਂਪਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਾਨੂੰਨ ਰੱਦ ਨਾ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਸੰਘਰਸ਼ ਹੋਰ ਵੀ ਤਿੱਖਾ ਹੋਵੇਗਾ।

  • जिला को टीबी मुक्त बनाने के लिए टेस्टिंग को दे बढ़ावा : एडीसी

    आमजन से भी किया महत्वपूर्ण सहयोग देने का आहवान


    ऊना/ सुशील पंडित : जिला को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से टेस्टिंग को बढ़ावा दिया जाए ताकि टीबी मरीजों की पहचान करके उनका समय रहते ईलाज संभव हो सके। यह जानकारी एडीसी ने जिलास्तरीय टीबी उन्मूलन समिति की त्रैमासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि टीबी रोगियों को चिन्हित करने के लिए जिला के विभिन्न स्थलों पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाना चाहिए। शिविरों में लोगों को टीबी रोग के लक्ष्णों के बारे में जानकारी दें। एडीसी ने बताया कि वर्ष 2023 के दौरान जिला में 720 का लक्ष्य रखा गया था जिसमें 819 क्षय रोगी दर्ज़ किये गये। इसके अलावा वर्ष 2023 में जिला केे 57 क्षय रोगियों की मृत्यु भी दर्ज की गयी। इसी के दृष्टिगत अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसके ऊपर विशेष ध्यान देने व मृत्यु दर को जिला में कम करने के लिए उचित दिशा निर्देश भी दिए। उन्होंने क्षय रोग मुक्त हेतु जिला ऊना में 245 पंचायतों में से 88 पंचायतों को क्षयरोग मुक्त पंचायत के लिए चिन्हित किया गया है जिसमें प्रति हजार लोगों में से 30 लोगों की क्षय रोग हेतु जाँच की गई, प्रति हजार 1 क्षय रोगी या उससे भी कम पाया गया। हर रोगी को निक्षय पोषण योजना का लाभ क्षय रोगी को दिया गया और उस पंचायत में क्षय रोगी का ईलाज की सफलता दर 85 प्रतिशत से ज्यादा है,  ऐसी पंचायतों को क्षय रोग मुक्त पंचायत हेतु चिन्हित किया गया। 


    इसके अतिरिक्त एडीसी ने बताया कि क्षय रोग से बचाव हेतु लगने वाली बीसीजी वैक्सीन के लिए 96,192 सम्भावित लाभार्थियों में से 41,911 लाभार्थियों ने अपनी सहमती जताई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों को लाभार्थियों तक अपनी पहुंच बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि व्यस्क बीसीजी टीकाकारण अभियान के तहल जिला के 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के व्यक्ति जिन्हें पिछले 5 साल से टीबी हो या पिछले तीन वर्षों से टीबी मरीज़ के सम्पर्क में रहे हैं और मधुमेह से पीडित हैं, धूम्रपान करते हैं, अत्यन्त दुबले पतले अर्थात जिनका बॉडी मास इंडेक्स 18 है या इससे कम उनका टीकाकरण किया जाएगा। इसके अलावा 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के समस्त व्यक्तियों का भी टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन बिल्कुल सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि व्यस्क को दी जाने वाली यह वैक्सीन बीसीजी है जोकि कि नवजात शिशु के पैदा होने के उपरांत लगाई जाती है।


    एडीसी ने आमजन से भी आहवान किया कि टीबी मुक्त ऊना बनाने के लिए अपना महत्वपूर्ण सहयोग दें। उन्होंने टीबी मुक्त अभियान से जुडे़ अधिकारियों से कहा कि वे मानवता से जुडे़ इस अभियान को सफल बनाने के लिए कर्त्तव्य निष्टा के साथ कार्य करें ताकि टीबी मुक्त ऊना बनाने में सफल हो सके। इस मोके पर जिला परिषद अध्यक्षा नीलम कुमारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संजीव वर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुखदीप सिंह सिद्दू, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ रमेश रततु, प्रधान केमिस्ट एसोसिएशन ऊना मुनीश चड्डा, खंड चिकित्सा अधिकारी बसदेह्दा डॉ रामपाल शर्मा, डॉ संजीव कुमार, डॉ खंड चिकित्सा अधिकारी गगरेट डॉ पंकज पराशर, जिला पंचायती राज अधिकारी श्रवन कुमार, डॉ आत्मिकास नायर सति जिला के विभिन्न विभागों अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • जिला स्तर पर मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष स्थापित, उद्धारता से करें सुख आश्रय कोष में दान

    दान करने से दूसरों को सहायता मिलती है, परंतु हमारी आत्मा को और भी शक्ति मिलती है – उपायुक्त
     
    ऊना/ सुशील पंडित : उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आरम्भ की गई मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत 27 साल तक कि उम्र के निराश्रित और अनाथ बच्चों के खाने, आश्रय, कोचिंग अनुदान, उच्च शिक्षा, व्यवसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और स्वरोजगार उद्यम जैसे कई लाभ शामिल हैं। योजना के अंतर्गत अनाथ बच्चों को सामाजिक सुरक्षा दी जाती है। राघव शर्मा ने बताया कि अनाथ व निराश्रित बच्चों की सहायता के लिए जिला स्तर पर मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष की स्थापना की गई है जिसका बैंक खाता आईसीआईसीआई बैंक ऊना में खोला गया है जिसका खाता संख्या 050601001952 आईफएससी कोड आईसीआईसी 0000506 है।उन्होने बताया कि इस कोष में प्राप्त राशि ऊना जिला के सुख आश्रय योजना के प्राप्त लाभार्थियों पर व्यय की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोष में दान की गई राशि नियमानुसार आयकर अधिनियम के अंतर्गत आयकर छूट के लिए पात्र होगी।उपायुक्त ने जिलावासियों से जिला स्तरीय मुख्यमंत्री सुख आश्रय कोष में उदारता से अंशदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि दान करने से दूसरों को सहायता मिलती है, परंतु हमारी आत्मा को और भी शक्ति मिलती है।