Blog

  • हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के हित में लिया एक और निर्णय

    हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के हित में लिया एक और निर्णय

    चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने व्यापारी वर्ग को बहुत बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रदेश के व्यापारियों के लंबे समय से लंबित पड़े टैक्स मामलों के स्थाई और त्वरित निपटान के लिए सरकार ने आधिकारिक तौर पर ‘एकमुश्त निपटान योजना-2026’ को लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार के इस कदम से राज्य के व्यापारिक समुदाय को अदालती मुकदमों और पुराने टैक्स विवादों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकेगी, जिससे प्रदेश में व्यापार करने की सुगमता को और बढ़ावा मिलेगा।

    एक सरकारी प्रवक्ता ने इस योजना के क्रियान्वयन और समय-सीमा की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष राहत योजना आज यानी 1 जून 2026 से शुरू होकर आगामी 28 सितंबर 2026 तक प्रभावी रूप से लागू रहेगी। उन्होंने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि हरियाणा सरकार की यह नीति पहले भी व्यापारियों के बीच बेहद लोकप्रिय और सफल रही है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि वर्ष 2025 में भी प्रदेश के रिकॉर्ड 1,15,223 व्यापारियों ने इस योजना का भरपूर लाभ उठाया था और अपने पुराने कर विवादों को सुलझाया था।

    छोटे और बड़े करदाताओं को मिलने वाली वित्तीय राहत को लेकर सरकार ने इस बार और भी ज्यादा उदार और सरल प्रावधान किए हैं। इस योजना के सबसे महत्वपूर्ण पहलू को रेखांकित करते हुए प्रवक्ता ने बताया कि जिन छोटे करदाताओं पर किसी भी वित्तीय वर्ष में 1 लाख रुपये तक का टैक्स बकाया है, उनका कर, ब्याज और जुर्माना बिना किसी आवेदन के स्वतः (ऑटोमेटिकली) माफ कर दिया जाएगा, यानी उन्हें किसी भी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही, हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत जिन व्यापारियों का बकाया 1 लाख रुपये से अधिक का है, उनके मामलों में सरकार द्वारा 70 प्रतिशत तक टैक्स छूट का एक बेहतरीन प्रावधान किया गया है।

    प्रवक्ता ने आगे बताया कि व्यापारियों को आर्थिक संबल देने के लिए इसमें और भी कई बड़ी सहूलियतें जोड़ी गई हैं। इस योजना के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र मामलों में व्यापारियों को ब्याज और जुर्माने में पूरे 100 फीसदी की भारी छूट दी जाएगी, जिससे उनकी वर्षों पुरानी बड़ी देनदारियां बेहद कम हो जाएंगी। इतना ही नहीं, सरकार ने व्यापारियों की नकदी की समस्या और व्यावहारिक दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह भी बड़ी राहत दी है कि वे अपनी अंतिम निपटान राशि का भुगतान एक साथ करने के बजाय आसान किस्तों में भी कर सकेंगे।

    सरकार का यह निर्णय किसी एक सीमित क्षेत्र के लिए नहीं है, बल्कि इसका दायरा बेहद व्यापक रखा गया है। इस पूरी योजना के तहत हरियाणा सरकार के कुल 7 टैक्स अधिनियमों के तहत आने वाले तमाम लंबित मामलों का निपटान सुनिश्चित किया जाएगा। हरियाणा सरकार अपने राज्य के व्यापारियों को देश की आर्थिक तरक्की की रीढ़ मानती है, और प्रवक्ता के अनुसार यह ‘एकमुश्त निपटान योजना-2026’ राज्य के व्यापारी भाई-बहनों को पुराने करों के मानसिक और आर्थिक बोझ से मुक्त कर उन्हें निर्बाध रूप से आगे बढ़ने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। सरकार ने सभी पात्र व्यापारियों से अपील की  है कि वे समय रहते 28 सितंबर से पहले इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं।

  • प्रदेश में तीन नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की प्रशासनिक मंजूरी मिली 

    प्रदेश में तीन नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की प्रशासनिक मंजूरी मिली 

    चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आमजन तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के तीन अलग-अलग जिलों में नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने की प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत गुरुग्राम, भिवानी और हिसार जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों को शामिल किया गया है, जिससे स्थानीय आबादी को सीधे तौर पर आधुनिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। सरकार के इस निर्णय के अनुसार गुरुग्राम जिला के गांव घामडोज में एक नया उप-स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा, जबकि भिवानी जिला के गांव धनाना तथा हिसार जिला के गांव सिसाय बोला में एक-एक नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की स्थापना की जाएगी। इन केंद्रों के बनने से आसपास के दर्जनों गांवों की निर्भरता बड़े शहरों के अस्पतालों पर कम होगी।

    हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज या आपातकालीन स्थिति में दूरदराज के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि उन्हें उनके घर के नजदीक ही बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकें। स्वास्थ्य मंत्री ने आगे जोड़ा कि इन नए सामुदायिक और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के खुलने से  स्थानीय स्तर पर मुफ्त दवाएं, जांच और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। सरकार का लक्ष्य आगामी दिनों में ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत करना है ताकि ‘स्वस्थ हरियाणा’ के संकल्प को धरातल पर उतारा जा सके।

  • मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक संपन्न, 16 में से 13 मामलों का हुआ समाधान

    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक संपन्न, 16 में से 13 मामलों का हुआ समाधान

    चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अधिकारी जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान करना है, इसलिए प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय सीमा में उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी जनता के साथ संवाद बनाए रखें और समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक एवं जवाबदेह दृष्टिकोण अपनाएं, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बन सके। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक श्रीमती बिमला चौधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 16 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 13 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 03 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।

    सड़क सुधार कार्यों में समन्वय से कार्य करें सभी विभाग : मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान गुरुग्राम की सड़क व्यवस्था और आधारभूत ढांचे से संबंधित शिकायतों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने एचएसआईआईडीसी, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम गुरुग्राम तथा जीएमडीए के अधिकारियों से विभागवार जानकारी लेते हुए विभिन्न क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति पर जवाब तलब किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को केवल प्राप्त शिकायतों के आधार पर ही नहीं, बल्कि क्षेत्र का नियमित निरीक्षण कर स्वयं भी उन स्थानों की पहचान करनी चाहिए जहां सड़क मरम्मत या पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक सड़क सुधार कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि राज्य सरकार की ‘म्हारी सड़क’ ऐप पर प्राप्त होने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसी भी सड़क संबंधी समस्या का शीघ्र निवारण हो सके और आमजन को बेहतर एवं सुरक्षित यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    धोखाधड़ी से मकान हड़पने के मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश

    बैठक में लक्ष्मण विहार निवासी एक महिला शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी व्यथा रखते हुए बताया कि एक फाइनेंसर ने ऋण के लेनदेन के दौरान विश्वास का दुरुपयोग करते हुए धोखाधड़ी से उनके मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह बकाया राशि लौटाने के लिए तैयार है, लेकिन इसके बावजूद फाइनेंसर मकान पर कब्जा बनाए हुए है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए। उन्होंने रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान तैनात रहे संबंधित तहसीलदार की भूमिका की भी जांच कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। साथ ही मुख्यमंत्री ने फाइनेंसर के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को जल्द से जल्द न्याय दिलाने तथा मकान को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए।

    सेक्टर 4 की समस्याओं की विस्तृत रिपोर्ट बनाने के दिए निर्देश

    बैठक में सेक्टर-4 निवासी एक शिकायतकर्ता ने क्षेत्र में जलभराव, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेक्टर-4 में मौजूद सभी प्रमुख समस्याओं का व्यापक सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन को भी निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को बंद करने से पूर्व शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। शिकायतकर्ता की सहमति और संतुष्टि प्राप्त होने के बाद ही शिकायत के निस्तारण को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि आमजन को वास्तविक राहत मिल सके और शिकायत निवारण प्रणाली पर उनका विश्वास और मजबूत हो।

     
  • Punjab News: युवक को मिलने के बहाने बुलाकर की फायरिंग, परिवार ने लगाया ये आरोप, देखें वीडियो

    Punjab News: युवक को मिलने के बहाने बुलाकर की फायरिंग, परिवार ने लगाया ये आरोप, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले से एक युवक पर फायरिंग का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार संतपुरा मोहल्ला निवासी हैप्पी नाम का युवक दोपहर के समय कपड़े खरीदने के लिए घर से निकला था। इसी दौरान उसे किसी का फोन आया, जिसके बाद वह उससे मिलने पहुंचा।

    घर चलने के लिए बनाया दबाव
    हैप्पी का आरोप है कि फोन करने वाले युवक ने उसे अपने साथ घर चलने के लिए कहा। जब उसने जाने से इनकार कर दिया तो दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसी दौरान आरोपी युवक ने गुस्से में आकर हथियार निकाल लिया।

    आरोपी ने चलाई गोली
    पीड़ित के अनुसार मान्या नाम के युवक ने उस पर सीधे फायरिंग कर दी। हालांकि किस्मत अच्छी रही कि गोली उसे नहीं लगी और उसकी जान बच गई

    शिवम मोटा गैंग पर लगाए आरोप
    मीडिया से बातचीत करते हुए हैप्पी ने आरोप लगाया कि उस पर हमला करने वाला युवक शिवम मोटा गैंग से जुड़ा हुआ है। उसने कहा कि आरोपी उसे जान से मारना चाहते थे, लेकिन वह किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।

    पुलिस से लगाई न्याय की गुहार
    घटना के बाद हैप्पी अपने परिवार के साथ संबंधित पुलिस थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई। उसने पुलिस प्रशासन से मांग की कि आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके।

     

     

     

  • सरकार के आशीर्वाद योजना के तहत 1241 लाभार्थियों के लिए 6.33 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी: डॉ. बलजीत कौर

    सरकार के आशीर्वाद योजना के तहत 1241 लाभार्थियों के लिए 6.33 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी: डॉ. बलजीत कौर

    चंडीगढ़: आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने आशीर्वाद योजना के तहत पिछड़े वर्गों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के 1241 लाभार्थियों के लिए 6.33 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी की है। इस सम्बन्धी ओर जानकारी सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।

    उन्होंने बताया कि जिला अमृतसर, बरनाला, बठिंडा, फरीदकोट, श्री फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, कपूरथला, मानसा, पटियाला, पठानकोट, एस.ए.एस. नगर, एस.बी.एस. नगर तथा मालेरकोटला के कुल 1241 पात्र लाभार्थियों के आवेदन आशीर्वाद पोर्टल पर प्राप्त हुए थे। इन लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 6.33 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस राशि से जिला अमृतसर के 546, बरनाला के 19, बठिंडा के 14, फरीदकोट के 10, श्री फतेहगढ़ साहिब के 21, जालंधर के 129, कपूरथला के 90 तथा मानसा के 27 लाभार्थियों को लाभ मिलेगा। इसी प्रकार पटियाला के 39, पठानकोट के 208, एस.ए.एस. नगर के 22, एस.बी.एस. नगर के 103 तथा मालेरकोटला के 13 लाभार्थियों को भी इस योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

    डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि आशीर्वाद योजना के अंतर्गत पंजाब सरकार द्वारा पात्र कम आय वाले परिवारों की बेटियों के विवाह हेतु 51,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा सिद्ध हो रही है तथा बेटियों के विवाह के समय पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    सामाजिक न्याय मंत्री ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक का पंजाब राज्य का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाला हो तथा परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 32,790 रुपये से कम होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों तथा अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित परिवारों की दो बेटियां इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र हैं। उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय सहायता की राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही तथा समय पर सहायता सुनिश्चित होती है।

  • युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए हर वर्ग की भागीदारी जरूरी

    युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए हर वर्ग की भागीदारी जरूरी

    चंडीगढ़ : राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर नशे के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से संस्थान के विद्यार्थियों ने तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों को दर्शाते हुए सामाजिक चेतना जगाई। इसके साथ ही, अगद तंत्र विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता यादव ने अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज व उनके परिजनों तथा संस्थान के कर्मचारियों को नशे का सेवन न करने और दूसरों को जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा और डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी के मार्गदर्शन में नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

    डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। परिवार, शैक्षणिक संस्थान, सामाजिक संगठन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों को मिलकर जन जागरूकता अभियान चलाने होंगे, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि संस्थान के अगद तंत्र विभाग में नशे के आदी लोगों के उपचार सुविधा उपलब्ध है। आयुर्वेदिक चिकित्सा, परामर्श और जीवनशैली सुधार के माध्यम से मरीजों को नशे की लत से बाहर निकालने का प्रयास किया जाता है। प्रोफेसर प्रह्लाद रघु ने आह्वान किया कि कि नशे की समस्या को छिपाने के बजाय उसे छोड़ने के लिए विशेषज्ञों की सहायता लें और नशामुक्त, स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें, क्योंकि उपचार का उद्देश्य केवल नशा छुड़ाना ही नहीं, बल्कि व्यक्ति को स्वस्थ कर उसे समाज की मुख्य धारा से दोबारा जोड़ना है। अगद तंत्र विभाग से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुनीता ने बताया कि नुक्कड़ नाटक में माध्यम से विद्यार्थियों ने दिखाया कि किस प्रकार नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। नाटक के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

  • कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, इस तारीख को आएंगे भारत

    कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके का बड़ा ऐलान, इस तारीख को आएंगे भारत

    समर्थकों संग जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के खिलाफ करेंगे प्रदर्शन नई दिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने एक्स पर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने एक्स पर 6 जून को भारत लौटेंगे की जानकारी शेयर की है। इसके बाद वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। अभिजीत ने कहा कि वह परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू करने जा रहे हैं। दिपके ने इसकी जानकारी अपने X अकाउंट ‘कॉकरोच इज बैक’ पर दी है। साथ ही जारी एक वीडियो मैसेज में दिपके ने अपने समर्थकों और छात्रों से दिल्ली पहुंचकर उनके साथ जुड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘अब हम सभी के लिए एक साथ आने का समय आ गया है। हमें भारत के संविधान के रास्ते पर चलते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए।’   कॉकरोच जनता पार्टी एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की हालिया कॉकरोच टिप्पणी के बाद सामने आया। CJP के इंस्टाग्राम पर 2 करोड़ से ज्यादा फालवर्स हैं। एयरपोर्ट पर समर्थकों से एकत्रित होने की अपील की कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अपने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि 6 जून सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके साथ जुड़े। अपने समर्थकों से पुलिस जाकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति लेने को कहा कि है। ताकि शांतिपूर्ण समर्थरकों के साथ प्रदर्शन किया जा सके। यह आंदोलन पूरी तरह अहिंसक रहेगा और इसका उद्देश्य संवैधानिक तरीके से अपनी चिंताओं को उठाना है। अभिजीत दिपके ने परिवार को लेकर कही ये बात अभिजीत दिपके ने अपने परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके माता-पिता कानूनी कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारी को लेकर काफी परेशान हैं, लेकिन वे अपने फैसले पर अडिग हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन लोकतांत्रिक तरीके से इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन को करने देगा।  
  • इग्नू में जुलाई 2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रारम्भ

    इग्नू में जुलाई 2026 सत्र के लिए प्रवेश प्रारम्भ

    चंडीगढ़ : इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जुलाई 2026 प्रवेश सत्र के लिए विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। इग्नू क्षेत्रीय केन्द्र करनाल के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. धर्म पाल ने बताया कि इग्नू देश का सबसे बड़ा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा विश्वविद्यालय है, जो गुणवत्तापूर्ण, लचीली एवं किफायती शिक्षा के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ रहा है।

    उन्होंने बताया कि हाल ही में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों के लिए इग्नू में अनेक आकर्षक कार्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीएजी), बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम), बैचलर ऑफ साइंस (बीएससी), बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए), बैचलर ऑफ सोशल वर्क (बीएसडब्ल्यू), बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस (बीलिस) तथा विभिन्न विषयों में ऑनर्स डिग्री कार्यक्रम प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त प्रबंधन, शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण विकास, पत्रकारिता, स्वास्थ्य, कंप्यूटर, पर्यावरण, योग, संस्कृत, उर्दू, उद्यमिता, साइबर सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे क्षेत्रों में भी अनेक रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

    डॉ. धर्म पाल ने बताया कि इग्नू लगभग 350 से अधिक प्रमाणपत्र, डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों, नौकरीपेशा व्यक्तियों, महिलाओं, ग्रामीण युवाओं, दिव्यांगजनों, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से वंचित वर्गों तथा दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक उच्च शिक्षा पहुंचाना है। इच्छुक विद्यार्थी जुलाई 2026 प्रवेश सत्र के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल https://ignouadmission.samarth.edu.in/ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विभिन्न कार्यक्रमों की पात्रता, अवधि, शुल्क, अध्ययन माध्यम एवं अन्य विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इग्नू के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिलों की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।

  • Jalandhar की पुलिस कमिशनर सहित 11 अधिकारियों के हुए तबादलें, देखें लिस्ट

    Jalandhar की पुलिस कमिशनर सहित 11 अधिकारियों के हुए तबादलें, देखें लिस्ट

    जालंधर, ENS: पुलिस कमिशनर धनप्रीत कौर सहित 11 अधिकारियों के तबादलें हुए है। पुलिस कमिशन धनप्रीत कौर की जगह पर लुधियाना डीआईजी रेंज सतिंदर सिंह को जालंधर पुलिस कमिश्नर लगाया गया है। जारी सूची में आईपीएस अनिता पुंज, आईपीएस प्रदीप कुमार यादव, आईपीएस धनप्रीत कौर, आईपीएस सतिंदर सिंह, आईपीएस विवेकशील सोनी, आईपीएस सुरिंदरजीत सिंह, आईपीएस, संदीप कुमार शर्मा, आईपीएस संदीप गोयल, आईपीएस सुशील और प्रज्ञा जैन का नाम शामिल है।

  • Punjab News: थाने के विवाद पर आप पार्टी के नेता ने मजीठिया पर साधे निशाने, देखें वीडियो

    Punjab News: थाने के विवाद पर आप पार्टी के नेता ने मजीठिया पर साधे निशाने, देखें वीडियो

    अमृतसरः देहात पुलिस की ओर से मजीठिया को पकड़ने के लिए 12 टीमें गठित की हैं। अमृतसर के अलावा चंडीगढ़ में भी मजीठिया की तलाश की जा रही है। वहीं आज मजीठिया के घर के बाहर पहुंची। पुलिस अफसरों के मुताबिक अमृतसर में ग्रीन एवेन्यू, चंडीगढ़ में MLA हॉस्टल के अलावा 6 और ठिकानों पर तलाश की जा रही है।आम आदमी पार्टी के मजीठा हल्का इंचार्ज तलबीर सिंह गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मजीठा थाना विवाद और नगर काउंसिल चुनावों को लेकर शिरोमणि अकाली दल व बिक्रम सिंह मजीठिया पर तीखे निशाने साधे। उन्होंने कहा कि मजीठा थाने में हुई घटना पहले से योजनाबद्ध थी और इसका मकसद माहौल खराब करके राजनीतिक लाभ उठाना था।

    तलबीर गिल ने दावा किया कि चुनावों के दौरान गिनती की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के ऑब्जर्वर और सीसीटीवी निगरानी के तहत गिनती हुई और बार-बार री-काउंटिंग की मांग करके समय बरबाद किया गया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 7 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है और किसी तरह की धक्केशाही या गड़बड़ी के आरोप बेबुनियाद हैं। गिल ने कहा कि मजीठा थाने में एक आरोपी को छुड़ाने के लिए समर्थकों ने हंगामा किया, सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की गई और पुलिस अधिकारियों के साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस अधिकारी समय रहते दखल नहीं देते तो आरोपी को थाने से बाहर ले जाया जा सकता था।

    आप नेता ने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से ले रही है और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर सभी शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत हुई है और कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। तलबीर गिल ने मजीठा के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी राजनीतिक नेता के भड़काऊ बयानों या निजी राजनीतिक लाभ के लिए होने वाली झड़पों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि हलके में शांति और भाईचारे की साझेदारी बनाए रखना समय की जरूरत है और लोगों को आपसी टकराव की बजाय विकास के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।