28 मार्च 2026 को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और शुगर लेवल काफी गिर गया। डॉक्टर की सलाह पर उन्हें तुरंत इमरजेंसी में ले जाना जरूरी था। परिवार ने पहले 112 और 108 नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद GMCH-32 के एक व्यक्ति धर्म के माध्यम से एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई गई। परिवार का आरोप है कि मौके पर पहुंचा एंबुलेंस ड्राइवर मरीज को बेड से स्ट्रेचर पर शिफ्ट करने में असमर्थ रहा। परिजनों ने खुद मरीज को स्ट्रेचर पर लिटाया। इसके बाद जब स्ट्रेचर को कमरे से बाहर ले जाया जा रहा था, तो ड्राइवर ने लापरवाही से स्ट्रेचर संभाला, जिससे वह पलट गया और मरीज जमीन पर गिर गया। इस दौरान मरीज पहले से फ्रैक्चर की हालत में था और उसे असहनीय दर्द हुआ। परिजनों का यह भी आरोप है कि मरीज को उठाते समय ड्राइवर ने फ्रैक्चर वाली जगह से ही पकड़ लिया, जिससे उसकी हालत और खराब हो गई। इतना ही नहीं, अस्पताल ले जाते समय ड्राइवर ने रास्ते में अन्य लोगों के साथ अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल किया। परिवार ने डिप्टी कमिश्नर, चंडीगढ़ से मांग की है कि संबंधित ड्राइवर की ट्रेनिंग और लाइसेंस की जांच की जाए, एंबुलेंस के परमिट की समीक्षा की जाए और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जो मरीजों की जान को खतरे में डाल रहे हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पास पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज मौजूद है, जिसमें साफ दिखाई देता है कि दो लोग बुजुर्ग को उठाकर जब बाहर लाते हैं तो अचानक बुजुर्ग स्ट्रेचर से नीचे गिर जाते हैं। इसके बाद एक महिला मौके पर आती है और रोने लगती है। फिर परिवार का एक सदस्य वहां पहुंचकर नीचे गिरे बुजुर्ग को उठाकर दोबारा स्ट्रेचर पर लिटाता है।View this post on Instagram