Home Mohali पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने समग्र युवा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ

पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने समग्र युवा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ

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पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने समग्र युवा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास अभियान का राज्य स्तरीय शुभारंभ

मोहालीः युवाओं के कल्याण और सामाजिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने समग्र युवा नशा मुक्ति एवं पुनर्वास अभियान को समर्पित एक व्यापक, राज्य स्तरीय पहल का आधिकारिक शुभारंभ किया है।
इस ऐतिहासिक पहल का उद्घाटन 18 को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश तथा उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।

इस राज्य स्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील युवाओं को व्यवस्थित पुनर्वास प्रदान करना, नशे की रोकथाम, उपचार तक पहुंच सुनिश्चित करना तथा प्रभावित व्यक्तियों का दीर्घकालिक सामाजिक पुनर्समावेशन करना है, ताकि वे स्वस्थ, उत्पादक और नशा-मुक्त जीवन व्यतीत कर सकें।

समुदाय-आधारित समन्वित ढांचे के माध्यम से पंजाब की सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSAs) इस अभियान को 31 अक्टूबर तक मिशन मोड में लागू करेंगी। अभियान के अंतर्गत नशे की लत से पीड़ित जेलों में बंद कैदियों को व्यवस्थित पुनर्वास सहायता प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे नशे से मुक्त होकर सम्मानपूर्वक अपना जीवन पुनः प्रारंभ कर सकें।

इस पहल की दीर्घकालिक सफलता एवं स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए अभियान के अंतर्गत विधिक सेवा संस्थानों, स्वास्थ्य विभाग, जेल विभाग, शैक्षणिक संस्थानों, कौशल विकास एजेंसियों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, सामाजिक संस्थाओं, अभिभावकों तथा समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों को एक बहु-विभागीय नेटवर्क के अंतर्गत जोड़ा गया है। यह संयुक्त प्रयास विभिन्न कार्यान्वयन चरणों में संचालित किया जाएगा ताकि एक प्रभावी सहयोग प्रणाली स्थापित की जा सके।

पहला चरण 18 जुलाई से 31 जुलाई तक चलेगा, जिसमें संस्थागत तैयारियां, क्षमता निर्माण, जिला स्तर पर मैपिंग तथा संवेदनशील क्षेत्रों एवं प्रभावित व्यक्तियों की पहचान की जाएगी।

इसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर तक परामर्श, रेफरल एवं पुनर्वास का चरण संचालित किया जाएगा। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण स्वैच्छिक परामर्श, विशेष पारिवारिक परामर्श तथा सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त नशा मुक्ति केंद्रों में उपचार हेतु औपचारिक रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराएंगे। साथ ही लाभार्थियों की गोपनीयता को पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।

नशे की समस्या को एक जटिल जनस्वास्थ्य चुनौती मानते प्राधिकरण ने इस बात पर बल दिया है कि स्थायी नशा मुक्ति के लिए सामूहिक संवेदनशीलता, समय पर हस्तक्षेप तथा मजबूत संस्थागत सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

अभियान का अंतिम चरण 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें उपचार उपरांत पुनर्वास, समाज में पुनर्समावेशन तथा निरंतर फॉलो-अप को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दौरान नशा मुक्त हुए युवाओं को शैक्षणिक संस्थानों, व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कौशल विकास पहलों, रोजगार के अवसरों तथा खेल एवं योग जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे पुनः नशे की ओर न लौटें।

अक्टूबर में अभियान समाप्त नहीं होगा, बल्कि दीर्घकालिक सहयोग सुनिश्चित करने के लिए इसे प्रत्येक तिमाही में दोहराया जाएगा।

पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने अभिभावकों, शिक्षकों, युवा संगठनों, स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा समस्त नागरिकों से सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण हेतु इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। सामूहिक जिम्मेदारी एवं संयुक्त प्रयासों के माध्यम से यह अभियान स्वस्थ समाज, मजबूत परिवारों तथा पंजाब के युवाओं के लिए नशा-मुक्त और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का लक्ष्य रखता है।

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