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  • Jalandhar News : सड़क पर रोती हुई मिली बच्ची, लोगों ने आधे घंटे में परिजनों को तलाशा

    Jalandhar News : सड़क पर रोती हुई मिली बच्ची, लोगों ने आधे घंटे में परिजनों को तलाशा

    जालंधर, ENS: महानगर के बस्ती दानिश बंदा इलाके में एक छोटी बच्ची सड़क किनारे रोते हुए मिली। स्थानीय दुकानदार और राहगीर जब उसे देखने गए तो बच्ची घबरा रही थी और जोर-जोर से रो रही थी। करीब 6 साल की बच्ची को लोगों ने तुरंत संभाला। उसका नाम पूछा गया तो उसने बस इतना ही कहा कि उसका नाम समायरा है। अपनी उम्र के हिसाब से बच्ची अपने पिता का नाम नहीं बता पाई। अपने घर का पता या गली भी याद नहीं था।

    समायरा ने ठंड से बचने के लिए ग्रे रंग का गर्म सूट और पैरों में बूट पहने हुए थे। स्थानीय लोगों ने उसे पानी दिया और धीरे-धीरे उसका डर कम करने की कोशिश की।

    परिजनों की तलाश में 2 किलोमीटर तक स्कूटी पर घूमाया
    समायरा के आसपास के लोग तुरंत उसे स्कूटी पर बैठाकर लगभग 1-2 किलोमीटर तक घुमाए। हर गली, हर नुक्कड़ और हर चौराहे पर जाकर लोगों ने पूछा, “क्या यह आपका बच्चा है?” लेकिन मासूम समायरा किसी भी जगह को पहचान नहीं पाई। करीब आधा घंटा तक चलने वाली यह खोज नाकाम रही।

    मां लवली ने दूर से ही पहचान बच्ची को पहचाना
    जब लोग थककर वापस लौट रहे थे, तभी समायरा को उसकी मां लवली ने दूर से पहचान लिया। अपनी बेटी को देखकर लवली की आंखों में आंसू आ गए और वह तेजी से दौड़ती हुई उसके पास पहुंची।

    मां ने पूरी घटना बताई
    लवली ने बताया आज घर पर कुछ रिश्तेदार आए हुए थे। समायरा और दूसरे बच्चे बाहर खेल रहे थे। खेलते-खेलते आवारा कुत्ते बच्चों के पीछे पड़ गए, जिससे समायरा डर गई। डर के कारण वह तेजी से भाग गई और दूसरी गली में चली गई। जब हमने देखा कि वह बाहर नहीं है, तो हम 15-20 मिनट से उसे खोज रहे थे।

    परिवार ने मददगारों का किया धन्यवाद
    समायरा के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार खुशियों से भर गया। उन्होंने सभी नेकदिल लोगों का दिल से धन्यवाद किया, जिन्होंने समय पर बच्ची को संभाला और सुरक्षित घर तक पहुंचाने में मदद की। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि इंसानियत आज भी जिंदा है।

     

  • Punjab News : पत्नी की हत्या कर फरार पति का रेलवे ट्रैक से शव बरामद, देखें वीडियो

    Punjab News : पत्नी की हत्या कर फरार पति का रेलवे ट्रैक से शव बरामद, देखें वीडियो

    अमृतसर। रेलवे स्टेशन के पास बनी एक धर्मशाला में सोमवार रात एक महिला का शव कमरे में पड़ा मिला था। पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला की उसके पति ने ही गला घोटकर हत्या की और फरार हो गया था। वहीं, आज फरार पति का शव सुबह जंडियाला गुरु के पास रेलवे फाटक से बरामद हुआ है। सिविल लाइंस थाने की पुलिस टीम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कल देर शाम धर्मशाला में एक महिला की मौत की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि करीब 38 साल महिला बिस्तर पर मृत पड़ी थी और शुरुआती जांच में उसकी मौत दम घुटने से हुई बताई जा रही है।

    जांच के दौरान पता चला कि दोनों 2 दिसंबर को धर्मशाला में रुके थे और खुद को पति-पत्नी बता रहे थे। उन्हें 5 दिसंबर को लौटना था, लेकिन ट्रेन कैंसिल होने का हवाला देकर रुक गए। लड़के ने धर्मशाला मैनेजमेंट को बताया था कि वह शाम 7 बजे ATM से पैसे निकालकर वापिस आ रहा है, लेकिन वापिस नहीं लौटा। जब लड़का काफी देर तक वापिस नहीं आया, तो धर्मशाला मैनेजमेंट ने कमरे का दरवाजा तोड़ा तो लड़की की लाश मिली। इसी बीच, आज सुबह GRP ने जंडियाला गुरु के पास रेलवे ट्रैक से एक युवक की लाश बरामद की।

    पहचान के बाद पता चला कि यह वही लड़का है जो लड़की के साथ धर्मशाला में रुका था। दोनों महाराष्ट्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों परिवारों को सूचित कर दिया है और मामले की पूरी जांच की जा रही है।

  • पंजाब में ईमानदारी की मिसाल: एंटी करप्शन डे पर मान सरकार के 10 बड़े फैसले

    पंजाब में ईमानदारी की मिसाल: एंटी करप्शन डे पर मान सरकार के 10 बड़े फैसले

    चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो मुहिम छेड़ी है, वह न केवल प्रदेश की तस्वीर बदल रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक नई मिसाल भी पेश कर रही है। सत्ता में आने के बाद से मान सरकार ने भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसे तो कईं बड़े और क्रांतिकारी कदम उठाए है, उनसे आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। आंकड़े भी इस बात की पुष्टि करते है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के इस नए युग में पंजाब तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज पंजाब की जनता खुले दिल से कह रही है कि ‘यही तो सरकार चाहिए थी, जो हमारे लिए काम करे, हमें लूटे नहीं।’

    पंजाब सरकार द्वारा उठाए गए सबसे क्रांतिकारी 10 कदमों का हम ज़िक्र कर रहे है जिसमें पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9501200200 का शुभारंभ, जो 23 मार्च 2022 को शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर लॉन्च किया गया था। मुख्यमंत्री ने इसे अपना ‘पर्सनल व्हाट्सएप नंबर’ बताते हुए कहा था कि यदि कोई अधिकारी रिश्वत मांगे, तो इनकार न करें, बल्कि उसका वीडियो या ऑडियो बनाकर इस नंबर पर भेज दें। यह साहसिक पहल दिल्ली मॉडल से प्रेरित थी और आज यह हेल्पलाइन पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता का सबसे बड़ा हथियार बन चुकी है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से हजारों शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं और दर्जनों भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

    दूसरा बड़ा कदम है ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ पोर्टल का शुभारंभ, जिससे संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया में आमूलचूल परिवर्तन आया है। नवंबर 2024 में लॉन्च की गई इस योजना के तहत अब नागरिक अपने ज़िले के किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में संपत्ति का पंजीकरण करवा सकते है और पूरी प्रक्रिया 48 घंटे में पूरी हो जाती है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि दशकों से संपत्ति पंजीकरण एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया मानी जाती थी, जिसमें रिश्वतखोरी का बोलबाला था। अब केवल 500 रुपये में ऑनलाइन सेल डीड तैयार हो जाती है और व्हाट्सएप के जरिए रियल टाइम अपडेट मिलते रहते हैं। यह भारत में अपनी तरह की पहली पहल है जो संपत्ति पंजीकरण में पारदर्शिता ला रही है।

    तीसरा महत्वपूर्ण कदम है जमाबंदी और भूमि अभिलेखों का पूर्ण डिजिटलीकरण। पंजाब सरकार ने jamabandi.punjab.gov.in पोर्टल के माध्यम से संपत्ति रिकॉर्ड को ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया है। नागरिक अब केवल 20 रुपये के नाममात्र शुल्क में अपने दस्तावेज घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं। पहले राजस्व विभाग में दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों का जाल था, जहां हर छोटे-बड़े काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी। अब सारा काम ऑनलाइन होने से रिश्वतखोरी की गुंजाइश खत्म हो गई है। राजस्व विभाग के लिए विशेष हेल्पलाइन 8184900002 और एनआरआई के लिए 9464100168 नंबर भी जारी किए गए है।

    चौथा बड़ा कदम है ‘आप दी सरकार, आप दे द्वार’ और ‘भगवंत मान सरकार तुहाड़े द्वार’ योजनाओं का क्रियान्वयन। फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना के तहत पंजाब भर में 11,600 से अधिक कैंप आयोजित किए गए, जहां 44 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं जैसे आवासीय प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, पेंशन, श्रम पंजीकरण आदि गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला में उपलब्ध करवाई गईं। मुख्यमंत्री ने कहा, “अब लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकारी अधिकारी लोगों के द्वार पर जाकर सेवाएं देंगे।” हर तहसील में रोजाना चार कैंप लगाए जाते हैं, जहां एसडीएम, तहसीलदार, डीएसएसओ, डीएफएसओ, एसएचओ जैसे महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहते है।

    पांचवां कदम है मुख्यमंत्री विंडो (सीएम विंडो) की स्थापना, जो जून 2024 में सभी जिलों में शुरू की गई। यह एक अभूतपूर्व पहल है जो नागरिकों और सरकार के बीच सीधा संवाद सुनिश्चित करती है। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों (डीसी) और एसएसपी को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया है और स्पष्ट किया है कि उनके अधिकार क्षेत्र में होने वाली किसी भी भ्रष्टाचार या लापरवाही की घटना के लिए वे सीधे जिम्मेदार होंगे। मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा, “प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर कड़ी निगरानी रखनी होगी और किसी भी दुराचार पर तत्काल कार्रवाई करनी होगी।” यह दृष्टिकोण भ्रष्टाचार के खिलाफ मान सरकार की सख्ती को दर्शाता है।

    छठा महत्वपूर्ण कदम है पंजाब विजिलेंस ब्यूरो को मजबूत बनाना और उसे स्वायत्तता प्रदान करना। विजिलेंस ब्यूरो ने 2024 में दर्जनों बड़े भ्रष्टाचार मामलों में कार्रवाई की है। सितंबर 2024 में एक एएसआई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, अगस्त 2024 में एक सहकारी निरीक्षक को 15,000 रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया, एक पीएसपीसीएल जूनियर इंजीनियर को गूगल पे के ज़रिए 11,500 रुपये की रिश्वत लेने पर पकड़ा गया, एक पुलिस इंस्पेक्टर को 6 लाख रुपये की रिश्वत लेने पर गिरफ्तार किया गया, और जालंधर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के भूमि अधिग्रहण घोटाले में 5.49 करोड़ रुपये के मामले में एक सेवानिवृत्त पीसीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। ये कार्रवाइयां भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ पैदा कर रही हैं।

    सातवां बड़ा कदम है डोरस्टेप डिलीवरी सर्विस (डीएसडी), जो दिसंबर 2023 में ‘भगवंत मान सरकार तुहाड़े द्वार’ के नाम से शुरू की गई। इस योजना के तहत नागरिक 1076 नंबर पर कॉल करके अपनी सुविधानुसार अपॉइंटमेंट ले सकते है और 43 महत्वपूर्ण सरकारी सेवाएं अपने घर पर प्राप्त कर सकते हैं। यह योजना गवर्नमेंट टू सिटीजन (जी2सी) सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोगों को सरकारी कार्यालयों में घंटों इंतजार न करना पड़े। अब सरकार उनके घर तक पहुंचेगी।” इस योजना से लाखों लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

    आठवां कदम है पंजाब एंटी रेड टेप एक्ट 2021 और पंजाब एंटी रेड टेप रूल्स 2022 का कड़ाई से पालन। इन नियमों के तहत सरकारी विभागों में अनावश्यक लालफीताशाही और देरी को खत्म करने के प्रावधान किए गए है। अब सभी सेवाओं के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की गई है और यदि कोई अधिकारी बिना वैध कारण के काम में देरी करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। यह कानून बेवजह की देरी और भ्रष्टाचार को रोकने में कारगर साबित हो रहा है।

    नौवां महत्वपूर्ण कदम है ई-प्रोक्योरमेंट और ई-टेंडरिंग सिस्टम का कड़ाई से पालन। पंजाब सरकार ने सभी विभागों में ऑनलाइन टेंडरिंग को अनिवार्य कर दिया है, जिससे टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता आई है। पहले मैनुअल टेंडरिंग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था, ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत होती थी, और अधिक दरों पर काम दिए जाते थे। अब ऑनलाइन प्रक्रिया से हर चरण में जवाबदेही तय है और देश के किसी भी कोने से योग्य ठेकेदार बिड कर सकते है।

    दसवां और सबसे प्रभावी कदम है पुलिस और नशा तस्करों से मिलीभगत करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई। मान सरकार ने स्पष्ट किया है कि रिश्वत लेने वाले और नशा माफिया के साथ साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस सख्ती का असर यह हुआ है कि भ्रष्ट अधिकारियों में डर का माहौल है और वे अब खुलेआम रिश्वत मांगने से कतराते है।

    इन दस बड़े कदमों का असर पंजाब के राजस्व में भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है। अगस्त 2024 में पंजाब सरकार को भूमि और संपत्ति पंजीकरण से 440.92 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जो अगस्त 2023 के 349.26 करोड़ रुपये की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि इस बात का सबूत है कि भ्रष्टाचार कम होने से न केवल जनता को राहत मिली है, बल्कि सरकारी खजाने में भी इजाफा हुआ है। पहले बिचौलिए और भ्रष्ट अधिकारी पैसा हड़प लेते थे, अब वह पैसा सरकारी खजाने में जा रहा है।

    पंजाब की जनता मान सरकार की इन पहलों से काफी खुश है। लुधियाना के एक किसान बलविंदर सिंह कहते हैं, “पहले जमाबंदी निकलवाने के लिए पटवारी को रिश्वत देनी पड़ती थी। अब मैं घर बैठे अपने मोबाइल से ऑनलाइन निकाल लेता हूं। यह सरकार सचमुच ईमानदार है।” जालंधर की एक महिला सामाजिक कार्यकर्ता सुखविंदर कौर बताती हैं, “आप दी सरकार, आप दे द्वार योजना ने गांव की गरीब महिलाओं को बड़ी राहत दी है। अब उन्हें तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। अधिकारी खुद गांव में आकर पेंशन और अन्य सर्टिफिकेट बना देते हैं।”

    विशेषज्ञों का मानना है कि मान सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम दूरगामी परिणाम देंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमरजीत सिंह कहते है, “तकनीकी का उपयोग करके सरकारी सेवाओं को पारदर्शी और सुलभ बनाना एक क्रांतिकारी कदम है। यह न केवल भ्रष्टाचार रोकता है, बल्कि जनता में सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ाता है। मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो भ्रष्टाचार को खत्म किया जा सकता है।”

    मान सरकार की इन पहलों ने न केवल पंजाब में बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी चर्चा का विषय बना दिया है। कई राज्यों ने पंजाब मॉडल को अपनाने की इच्छा जताई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हमारा सपना है कि पंजाब भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बने। हमने जो दस बड़े कदम उठाए हैं, वे इसी दिशा में हैं। हम जनता से वादा करते हैं कि जो भी भ्रष्टाचार में लिप्त होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने आगे कहा, “पंजाब को लंदन, पेरिस या कैलिफोर्निया नहीं, असली पंजाब बनाना है, जहां ईमानदारी और मेहनत की कद्र हो।”

    मान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि जनहित में चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मेरे पास पुरानी सरकारों जैसी लाल डायरी नहीं है, केवल हरी डायरी है। हम किसी से बदला नहीं लेंगे, लेकिन जो पंजाब की जनता और खजाने को लूटेगा, उसे उसके पापों का हिसाब देना होगा।” यह बयान जनता में बड़ी उम्मीद जगाता है कि मान सरकार सचमुच भ्रष्टाचार के खिलाफ गंभीर है।

    पंजाब सरकार अब भ्रष्टाचार विरोधी अभियान को और मजबूत करने की योजना बना रही है। जल्द ही अधिक सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन लाया जाएगा और डिजिटल पेमेंट सिस्टम को और सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा, जिसके जरिए नागरिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकेंगे और उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग कर सकेंगे। इसके अलावा, सभी विभागों में कैमरा सर्विलांस और डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम भी लागू किया जा रहा है, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही तय हो सके।

    पंजाब में मान सरकार द्वारा शुरू किया गया भ्रष्टाचार विरोधी अभियान एक ऐतिहासिक पहल है, जो आने वाले समय में पंजाब को देश का सबसे पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। दस बड़े कदमों के जरिए मान सरकार ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तकनीकी का सही इस्तेमाल किया जाए, और जनता को साथ लिया जाए, तो भ्रष्टाचार जैसी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है। पंजाब की जनता आज गर्व से कह सकती है कि “यह सरकार है हमारे लिए, हमारे द्वार पर, हमारी सेवा में।”

  • हर बेटी की सुरक्षा अब 24×7: मान सरकार ने शुरु किया प्रोजेक्ट हिफाजत, घरेलू हिंसा के खिलाफ ऐतिहासिक पहल

    हर बेटी की सुरक्षा अब 24×7: मान सरकार ने शुरु किया प्रोजेक्ट हिफाजत, घरेलू हिंसा के खिलाफ ऐतिहासिक पहल

    चंडीगढ़ : महिलाओं की सुरक्षा पंजाब की भगवंत मान सरकार के लिए शुरू से ही प्राथमिकता रही है. यही कारण है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए मान सरकार लगातार काम कर रही है | पंजाब में भगवंत मान सरकार द्वारा ‘प्रोजेक्ट हिफ़ाज़त’ (Project Hifazat) महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और सम्मान के लिए शुरू की गई एक पहल है, जिसका लक्ष्य हिंसा और उत्पीड़न की रिपोर्ट करने से रोकने वाले डर को खत्म करना है, जिसके तहत 181 हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से 24 घंटे तत्काल सहायता प्रदान की जाती है, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, या किसी अन्य दुर्व्यवहार के डर को खत्म करना।

    अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर, पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने ‘प्रोजेक्ट हिफाज़त’ की शुरुआत की थी । इस परियोजना का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के पीड़ितों के लिए प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करना है। पंजाब सरकार के इस मिशन का मकसद सभी की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। यह प्रोजेक्ट पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने और एक एकीकृत सहायता प्रणाली प्रदान करने में सहायक होगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट हिफाज़त’ शुरू करने का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को सहायता प्रदान करना है जो घरेलू हिंसा की शिकार होती हैं, कार्यस्थल पर उत्पीड़न झेलती हैं या किसी भी प्रकार की हिंसा का सामना करती हैं लेकिन डर के कारण अपनी समस्याओं को व्यक्त नहीं कर पातीं। उन्होंने कहा कि सभी महिलाओं को अपने मोबाइल फोन की संपर्क सूची में 181 नंबर अवश्य जोड़ लेना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा की स्थिति में वे बिना डर के हमसे संपर्क कर सकें।

    कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का सपना पंजाब को खुशहाल और सुरक्षित प्रदेश बनाना है। यह तभी संभव होगा जब प्रदेश की महिलाएं भयमुक्त होकर जीवन व्यतीत करेंगी। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट हिफाज़त’ इस दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं के बावजूद, समय पर सहायता उपलब्ध कराने में अब भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। ‘प्रोजेक्ट हिफाज़त’ विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच तालमेल को सुचारू बनाकर इन समस्याओं को हल करने के लिए तैयार किया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि पीड़ितों को तत्काल सहायता मिले।

    यह हेल्पलाइन संकट की स्थिति में महिलाओं और बच्चों को तुरंत सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेगी। कॉल को इमरजेंसी, नॉन-इमरजेंसी या सूचना के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा, और इमरजेंसी मामलों को तुरंत इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS-112) को ट्रांसफर किया जाएगा। यह पहल सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब पुलिस और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच समन्वय को बढ़ावा देगी। यह सहयोग बचाव कार्यों, कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता और मनो-सामाजिक सहायता प्रदान करने में मदद करेगा। इस कार्यक्रम का संचालन डिप्टी कमिश्नरों की निगरानी में जिला कार्यक्रम अधिकारी करेंगे। पीड़ितों को समय पर सहायता प्रदान करने के लिए प्रत्येक जिले में समर्पित वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।

    गैर-आपातकालीन मामलों में, वन-स्टॉप सेंटर (OSC), जिला बाल सुरक्षा इकाइयां (DCPUs) और महिला सशक्तिकरण के जिला केंद्रों के माध्यम से मनोवैज्ञानिक परामर्श, कानूनी सहायता और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पीड़ितों को शेल्टर होम और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम कॉल ट्रैफिक का प्रबंधन करेगा, महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी प्रदान करेगा और निगरानी व मूल्यांकन के लिए रिपोर्ट तैयार करेगा। डॉ. बलजीत कौर ने महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “प्रोजेक्ट हिफाज़त के जरिए हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी पीड़ित उपेक्षित या असहाय महसूस न करे। यह पहल एक सुरक्षित वातावरण बनाएगी और पीड़ितों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए सशक्त बनाएगी।”

    कैबिनेट मंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के किसी भी मामले की रिपोर्ट करने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 और 1098 पर कॉल करें। कानूनी और सामाजिक सहायता को मजबूत करते हुए, ‘प्रोजेक्ट हिफाज़त’ घरेलू हिंसा अधिनियम और पोक्सो अधिनियम सहित प्रमुख कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सुधार करेगा, जिससे समाज को अधिक सुरक्षित और न्यायसंगत बनाया जा सकेगा। मान सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘प्रोजेक्ट हिफाज़त’ (Project Hifazat) सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं है। यह हर उस बेटी, बहन और माँ के लिए एक भावनात्मक सहारा है, जो आज भी घर की चारदीवारी या कार्यस्थल के अंधेरे कोने में डर के साए में जी रही है। हिफाज़त सिर्फ़ एक परियोजना नहीं, यह लाखों आँखों में भरी गई नई उम्मीद है कि अब पंजाब में बेटियाँ डरकर नहीं, बल्कि गर्व से सिर उठाकर जीएँगी।

  • पटियाला से अपने घर पहुंचीं Navjot Kaur Sidhu, मीडिया से बनाई रखी दूरी, देखें वीडियो

    पटियाला से अपने घर पहुंचीं Navjot Kaur Sidhu, मीडिया से बनाई रखी दूरी, देखें वीडियो

    अमृतसर। नवजोत कौर सिद्धू पटियाला में मीडिया को संबोधित करने के बाद अपने अमृतसर घर पहुंचीं, लेकिन इस दौरान उन्होंने मामले संबंधी मीडिया से दूरी बनाए रखी। वहीं, पटियाला में मीडिया से बात करते हुए नवजोत कौर ने कहा कि पार्टी में कुछ ऐसे लोग हैं, जो लगातार कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं। अगर हम सरकार बनाना चाहते हैं, तो इन 4-5 लोगों को किनारे करना होगा। ये लोग कांग्रेस को बर्बाद कर रहे हैं। मुझे बिना वजह सस्पेंड किया गया, जबकि मैंने कभी किसी से पैसे नहीं मांगे।

    आपको बतादें, कि नवजोत कौर सिद्धू के पंजाब में मुख्यमंत्री बनने के लिए ‘500 करोड़ रुपये वाले सूटकेस’ की जरूरत होती है बयान ने राजनीति में भूचाल ला दिया है। जिसके बाद पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पत्र जारी कर पार्टी से सस्पेंड कर दिया है।

  • बिजली बिलिंग गड़बड़ी पर बड़ी सख्ती: राइट टू सर्विस कमीशन ने मुआवजा दस गुना बढ़ाया

    बिजली बिलिंग गड़बड़ी पर बड़ी सख्ती: राइट टू सर्विस कमीशन ने मुआवजा दस गुना बढ़ाया

    चंडीगढ़: हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन ने गलत औसत बिलिंग के मामलों में कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि अब RAPDRP सिस्टम को लगातार बहाना मानना स्वीकार्य नहीं होगा। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि साल 2024 में कार्य-निष्पादन में सुधार दिखने पर इस श्रेणी की समीक्षा अस्थायी रूप से रोकी गई थी, लेकिन हाल ही में बड़ी संख्या में आए मामलों ने आयोग को दोबारा सक्रिय समीक्षा पर विचार करने को मजबूर किया है।

    प्रकरण की सुनवाई के दौरान महेंद्रगढ़ उपभोक्ता ने बताया कि उसका घरेलू कनेक्शन सामान्यतः 600–650 यूनिट की औसत रीडिंग देता है, परंतु मई 2025 में उसे लगभग 41,000 रुपये का अत्यधिक बिल जारी कर दिया गया। उपभोक्ता ने इसे एकमुश्त जमा करने में असमर्थता जताई। वहीं, उपमंडल अधिकारी बिल को 2021 से ओवरहॉल करने का ठोस कारण प्रस्तुत नहीं कर सके, जबकि रीडिंग एजेंसी ने 2023 से रीडिंग बंद कर दी थी। आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों का समाधान प्रभागीय स्तर पर हो जाना चाहिए था।

    आयोग ने ध्यान दिलाया कि औसत बिलिंग पर नीति बनाने के लिए पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं, जिसकी संशोधित समय सीमा 31 दिसंबर, 2025 निर्धारित है। आयोग ने आशा जताई है कि निगम शीघ्र प्रभावी नीति लागू करेगा।

    निर्णय में आयोग ने कहा कि उपभोक्ता को जारी आठ गलत बिलों पर जो मुआवजा दिया गया था, वह वास्तविक असुविधा का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं करता। आयोग ने पाया कि 23 बिलिंग चक्र प्रभावित हो सकते थे, जिनके आधार पर मुआवजा कहीं अधिक बनता। एसजीआरए के दृष्टिकोण को अपनाते हुए आयोग ने मुआवजा बढ़ाकर 8,000 रुपये (प्रति बिलिंग चक्र 1,000 रुपये ) करने का आदेश दिया है। निगम आवश्यकता अनुसार यह राशि संबंधित दोषी कर्मियों या मीटर-रीडिंग एजेंसी से वसूल सकेगा।

    उपभोक्ता को अपने बैंक विवरण निगम के प्रबंध निदेशक एवं आयोग को भेजने निर्देशित किया गया है, ताकि मुआवजा भुगतान सुनिश्चित हो सके। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को आदेश दिया गया है कि भुगतान का अनुपालन कर 26 दिसंबर 2025 तक आयोग को रिपोर्ट भेजें।

  • इंदिरा स्टेडियम ऊना में हॉकी चैंपियनशिप के तीसरे दिन फाइनल मुकाबले बेहद रोमांचक रहे

    इंदिरा स्टेडियम ऊना में हॉकी चैंपियनशिप के तीसरे दिन फाइनल मुकाबले बेहद रोमांचक रहे

    ऊना/सुशील पंडित: राजकीय महाविद्यालय ऊना की मेज़बानी में इंदिरा स्टेडियम, ऊना में चल रही तीन दिवसीय अंतर-महाविद्यालय पुरुष एवं महिला हॉकी चैंपियनशिप 2025 के तीसरे दिन फाइनल मुकाबले बेहद रोमांचक रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राचार्य प्रोफेसर संजय वर्मा उपस्थित रहे। इसके साथ ही उप-प्राचार्य प्रो. पुनीत तथा महाविद्यालय के अन्य स्टाफ सदस्य भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने के लिए मौजूद रहे। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर स्वयं का विकास करना चाहिए उन्होंने बताया कि इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थी चुनौतियों का सामना करना सीखते हैं।

    आज की  इस प्रतियोगिता में महिला वर्ग में तीसरे स्थान के लिए राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर और राजकीय महाविद्यालय सोलन के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें सोलन 6-1 के स्कोर से विजयी रहा। पुरुष वर्ग में राजकीय महाविद्यालय चंबा का मुकाबला राजकीय महाविद्यालय सुन्नी से हुआ, जिसमें राजकीय महाविद्यालय चंबा ने तीसरा स्थान हासिल किया।

    महिला वर्ग में राजकीय महाविद्यालय ऊना का मुकाबला राजकीय महाविद्यालय पांवटा साहिब से हुआ, जिसमें पांवटा साहिब ने 8-2 से जीत हासिल की। इस जीत के साथ, पांवटा साहिब की लड़कियों ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि राजकीय- महाविद्यालय ऊना की महिला टीम दूसरे स्थान पर रही।

    राजकीय महाविद्यालय ऊना के लड़कों ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं की  पुरुष टीम दूसरे स्थान पर रही। ऊना महाविद्यालय ने यह जीत 14-2 के अंतर से हासिल की। कार्यक्रम के अंत में एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर भारती तथा असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर विपुल गौतम ने सभी आए हुए सम्मानित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

  • राज्य ने खोया एक समर्पित सिपाही, उप-मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया दुःख

    राज्य ने खोया एक समर्पित सिपाही, उप-मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया दुःख

    शिमला: उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 13वीं बटालियन डोगरा रेजिमेंट के हवलदार संजीव कुमार के निधन पर शोक व्यक्त किया है। बैजनाथ उपमंडल के डंडेरा गांव के निवासी हवलदार संजीव कुमार का कमांड अस्पताल, बेंगलुरु में बीमारी के कारण निधन हो गया।

    उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हवलदार संजीव कुमार ने राष्ट्र की सेवा में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया, जिसे सदैव सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कठिन घड़ी में प्रदेश सरकार शहीद के परिजनों के साथ है और हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

    मुकेश अग्निहोत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

  • Punjab News : मेजर कुलबीर राणा को शहीदी दिवस पर दी गई श्रद्धांजलि, देखें वीडियो

    Punjab News : मेजर कुलबीर राणा को शहीदी दिवस पर दी गई श्रद्धांजलि, देखें वीडियो

    कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा, शहीद देश की धरोहर हैं, उनका सम्मान करना हम सबका कर्तव्य

    पठानकोट। 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए मेजर कुलबीर राणा को शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान श्रद्धांजलि समारोह में शहीद सैनिकों के परिवार शामिल हुए। इस मौके BSF कमांडेंट और कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने भी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बच्चों ने देशभक्ति के कार्यक्रम पेश किए।

    पंजाब की धरती उन वीरों की धरती है जो हमेशा कुर्बानी देने के लिए तैयार रहते हैं। जब भी देश की आन, बान और शान पर कोई खतरा आया है, उस समय पंजाब के सैनिकों ने अपनी खुशियां कुर्बान कर देश की रक्षा के लिए अपना सब कुछ दे दिया है। इन्हीं बहादुरों में से एक थे पठानकोट से सटे गांव तंगोशाह के मेजर कुलबीर सिंह राणा, जो 15 राजपूत रेजिमेंट फाजिल्का में मेजर के पद पर तैनात थे। 1971 के भारत-पाक युद्ध में उन्होंने बहादुरी से पाकिस्तानी सेना का सामना किया और शहीद हो गए। उन्हें मरणोपरांत रक्षा पदक से सम्मानित किया गया।

    आज मेजर राणा की याद में उनके पैतृक गांव तंगोशाह के स्कूल में गांववालों और शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद की तरफ से श्रद्धांजलि समारोह रखा गया। जहां BSF कमांडेंट और कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक पहुंचे। इस मौके पर स्कूली बच्चों ने देशभक्ति के गाने गाकर माहौल को देशभक्ति के रंग से भर दिया। देश के लिए शहीद हुए सैनिकों के परिवार वाले भी इस समारोह में शामिल हुए।

    मेजर कुलबीर राणा की शहादत पर गर्व है
    इस मौके पर मेजर कुलबीर राणा की पत्नी ने कहा कि हमें मेजर कुलबीर राणा की शहादत पर गर्व है। उन्होंने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। युवा पीढ़ी को उनकी शहादत से सीख लेनी चाहिए और देशभक्ति से प्रेरित होना चाहिए। शहीद परिवार सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष रविंदर विक्की ने कहा कि आज बच्चों ने संकल्प लिया है कि हम अपने शहीदों की कुर्बानी को हमेशा याद रखेंगे। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने कहा कि शहीद देश की धरोहर हैं, उनका सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है।

  • पंजाब के गांवों में बदली तस्वीर, ‘आप’ सरकार की योजनाओं ने पकड़ी रफ्तार

    पंजाब के गांवों में बदली तस्वीर, ‘आप’ सरकार की योजनाओं ने पकड़ी रफ्तार

    चंडीगढ़: पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए कई ऐसे ऐतिहासिक कार्य किए हैं, जिनका सीधा प्रभाव आगामी जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों पर पड़ना निश्चित है। सरकार का यह दावा है कि यह चुनाव विकास के एजेंडे पर लड़ा जाएगा और ग्रामीण जनता ने ‘आप’ सरकार द्वारा किए गए बदलावों को न केवल स्वीकार किया है, बल्कि उसे अपना समर्थन देने का मन बना लिया है।

    बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व सुधार सरकार ने ग्रामीण कनेक्टिविटी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके तहत 44,920 किलोमीटर की लिंक रोड परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। यह सड़कों का जाल ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन गया है, जिससे किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने में लगने वाला समय और लागत दोनों कम हुई है। बेहतर सड़कें अब गांवों को मुख्यधारा से जोड़ रही हैं, जो आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।

    युवा सशक्तीकरण और शिक्षा में निवेश युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के दरवाजे खोलना ‘आप’ सरकार की एक प्रमुख उपलब्धि रही है। अब तक 60,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिनमें ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं की एक बड़ी संख्या शामिल है। इस पहल ने गांवों में बेरोजगारी को कम करने और आर्थिक स्थिरता लाने में मदद की है। इसके समानांतर, गांवों के स्कूलों को स्कूल ऑफ एमिनेंस के रूप में विकसित किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता में यह सुधार सुनिश्चित करता है कि ग्रामीण छात्रों को भी शहरी छात्रों के समान बेहतर अवसर मिलें, जिससे वे उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

    हर द्वार पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवा स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘आप’ सरकार ने एक क्रांति ला दी है। मोहल्ला क्लीनिक की स्थापना से आम लोगों को मुफ्त जांच और दवाएं उनके घर के करीब ही मिलने लगी हैं। ग्रामीण आबादी, जो पहले स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर शहरों पर निर्भर थी, अब इस सुविधाजनक और मुफ्त इलाज की सुविधा से अत्यधिक संतुष्ट है। स्वास्थ्य सेवाओं का लोकव्यापीकरण एक ऐसा बड़ा कारक है, जिसके चलते लोग सरकार के इस कदम की खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं।

    नशा मुक्ति और खेल संस्कृति का पुनरुत्थान नशों के खिलाफ छेड़े गए ‘युद्ध’ ने ग्रामीण समुदायों में एक सकारात्मक लहर पैदा की है। सरकार के प्रयासों से लगभग 50% गांव नशा मुक्त हो चुके हैं, जो एक बड़ी सामाजिक उपलब्धि है। इसके अलावा, युवाओं को सही दिशा में लगाने और उन्हें नशे से दूर रखने के लिए, पूरे पंजाब में 3100 शानदार खेल के मैदान बनाए जा रहे हैं। ये खेल के मैदान न केवल युवाओं के लिए शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देंगे, बल्कि गांवों में एक नई खेल संस्कृति को भी जन्म देंगे।

    विकास के आधार पर चुनावी समीकरण ये सभी विकास कार्य सीधे तौर पर ग्रामीण निवासियों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में इन विकास कार्यों का बड़ा असर देखने को मिलेगा। स्थानीय स्तर पर हो रहे इन चुनावों में, मतदाता उन उम्मीदवारों और पार्टियों का समर्थन करेंगे जिन्होंने उनके जीवन में मूर्त और सकारात्मक बदलाव लाए हैं। विकास के सिर पर, आम आदमी पार्टी को इन चुनावों में बड़ी लीड के साथ जीत मिलने की उम्मीद है, जो इस बात का संकेत है कि पंजाब की ग्रामीण जनता ने सरकार के ‘काम की राजनीति’ को स्वीकार कर लिया है।