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  • Haryana News: कार में ब्लैक फिल्म को लेकर सख्त हुई पुलिस, काटा चालान, देखें वीडियो

    Haryana News: कार में ब्लैक फिल्म को लेकर सख्त हुई पुलिस, काटा चालान, देखें वीडियो

    पंचकूला: पुलिस के द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन एवं डीसीपी ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में हो रहा है। इसी कड़ी में आज सूरजपुर ट्रैफिक के एसएचओ अभिषेक की अगुवाई में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

    इस अभियान में कुल 13 वाहनों के चालान किए गए। पुलिस ने इस कार्रवाई के अंतर्गत 1 बुलेट बाइक इंपाउंड की है। इसमें एक बुलेट पर 42,500 का भारी चालान किया गया है। इसके अलावा दूसरी बुलेट का भी चालान काटा गया है। एक कार पर लगी हुई ब्लैक फिल्म को मौके से हटवा दिया गया और उसका भी चालान काटा गया है।

    अभियान के दौरान बाकी 8 वाहनों के भी मौके पर चालान किए गए हैं। डीसीपी ट्रैफिक मनप्रीत सिंह सूदन ने इस दौरान कहा कि – ‘ब्लैक फिल्म लगी गाड़ियां और मॉडिफाइड साइलेंसर बाइक न सिर्फ गैरकानूनी हैं बल्कि दूसरों के लिए भी खतरा पैदा करती है। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ आगे भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी’।

    सभी चालकों को उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्होंंने नियम तोड़े तो उनकी गाड़ी जब्त कर ली जाएगी। इसके अलावा उनका भारी चालान भी काटा जाएगा। ट्रैफिक नियमों का पालन करना सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक होने की पहचान है।

     

  • Haryana News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, देखें वीडियो

    Haryana News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, देखें वीडियो

    करनाल: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज कुरुक्षेत्र पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग विकास परियोजनाओं की शुुरुआत की। इसमें करनाल से जुड़ी हुई विभिन्न विकास परियोजनाएं भी शामिल हैं।इनका सीधा लाइव प्रसारण करनाल के लघु सचिवालय सभागार में हुआ।

    इस दौरान करनाल के विधायक जगमोहन आनंद और असंध के विधायक योगेंद्र राणा भी मौजूद रहे। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज का फेस टू और साथ ही असंध में 100 बेड का नागरिक अस्पताल और कई करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत हुई।

    मीडिया के साथ बात करते हुए विधायक ने अमित शाह का हरियाणा की धरती पर पहुंचने के लिए स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज करनाल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज मेडिकल केयर यूनिट का उद्घाटन किया गया है।यह मेडिकल केयर यूनिट करोड़ों की लागत से तैयार की गई है।

    इससे करनाल के लोगों को सौगात मिली है। इसके अलावा असंध में 100 बेड के अस्पताल का भी शिलान्यास किया गया है। इससे असंध के लोगों को काफी फायदा होगा। उन्हें इलाज करवाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

  • आसीम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन, भारत ने दी अपनी प्रतिक्रिया

    आसीम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन, भारत ने दी अपनी प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में शहबाज शरीफ सरकार और आसीम मुनीर की सेना के जुल्मों पर अब भारत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने कहा है कि वो पीओके के हालात से अच्छे से वाकिफ हैं और पाकिस्तान की दमनकारी नीतियों के कारण से ही पीओके की ऐसी हालत हो गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ‘हमने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर के कई क्षेत्रों में प्रदर्शन और बेगुनाह नागरिकों पर पाकिस्तानी सेना की ओर से की गई क्रूरता की खबरें देखी है’।

    गैरकानूनी कब्जा किया है

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आगे कहा है कि ‘हम यह मानते हैं कि यह पाकिस्तान के दमनकारी नजरिए और उन क्षेत्रों से संसाधनों की सिस्टमैटिक तरीके से लूट का नतीजा है जिस पर उसने अपना जबरदस्ती कब्जा किया हुआ है। प्रवक्ता का कहना है कि पाकिस्तान को अपनी भयावह मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए’।

    प्रदर्शनकारियों ने उठाई मांगें

    पीओके के लोगों ने यह आरोप लगाया है कि क्षेत्र के संसाधनों से होने वाले फायदा उनके साथ नहीं बांटा जाता। उनका कहना था कि शहबाज सरकार ने उनकी जरुरतों को भी नजरअंदाज कर दिया है। पीओके में प्रदर्शन उस समय जब शुरु हुआ जब सरकार ने अवामी एक्शन कमेटी (AAC)ने 38 सूत्रीय मांगों को मानने से मना कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की यह मांग है कि विधानसभा में 12 आरक्षित सीटें खत्म कर दी जाएं। इन सीटों को पाकिस्तान में बसे हुए कश्मीरी शरणार्थियों के लिए रखा गया है। बिजली दरों में कटौती कर दी जाए, गेहूं और बाकी जरुरी सामानों पर सब्सिडी दी जाए।

    पीओके में इस वजह से तेज हुआ विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में लोग पिछले कई दिनों से शहबाज सरकार और आसीम मुनीर की सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। अवामी एकश्न कमेटी की अगुआई में हजारों लोग सड़कों पर उतरे हैं। मुजफ्फराबाद, मीरपुर, कोटली, रावलाकोट और नीलम घाटी समेत कई जिलों में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। इस प्रदर्शन के कारण पीओके के कई इलाकों में दुकानें भी बंद है, रास्ते बंद हो गए हैं और जनजीवन भी पूरी तरह से रुक गया है। लोग गुस्से में आ गए हैं और पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ नारेबाजी कर रहे है। पीओके का प्रदर्शन पाकिस्तान के बाकी हिस्सों में भी फैल गया है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोली के कारण 12 लोगों की मौत हो गई है।
  • Punjab News: 4 नौजवानों की मौत के बाद पुलिस का एक्शन, 4 मेडिकल स्टोर किए सील

    Punjab News: 4 नौजवानों की मौत के बाद पुलिस का एक्शन, 4 मेडिकल स्टोर किए सील

    फिरोजपुरः जिले के गांव लख्खो के बहिराम में पिछले दिन नशीले पदार्थों के कारण हुई 4 युवकों की मौत के बाद कड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने टीम बनाकर 6 मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। इस दौरान 4 मेडिकल स्टोरों से काफी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां मिलीं। जिसके बाद प्रशासन द्वारा 4 मेडिकल स्टोरों को सील कर दिया गया है। इस संबंधी जिला प्रबंधन परिसर में डिप्टी कमिश्नर दीपशिखा शर्मा और एसएसपी भूपिंदर सिंह सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी देते हुए बताया कि नशे के कारण हुई मौतों के तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए, एक मेडिकल टीम का गठन किया गया, जिसमें सीनियर मेडिकल अधिकारी, कार्यकारी मजिस्ट्रेट समेत अन्य अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने मारे गए युवाओं के परिवारिक सदस्यों से बातचीत कर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की।

    इसमें पाया गया कि मृतक 3 युवाओं की स्थिति नशे के कारण पहले ही खराब थी और इनमें से एक युवा को पीठ में अल्सर की बीमारी थी और ये सभी युवा नशा छुड़ाऊ केंद्रों में पहले भी कई बार नशा छोड़ने की दवाइयां लेने आते-जाते रहते थे। चौथा युवा नशा छुड़ाऊ केंद्र से नशा छोड़ने की गोलियां लेकर आया था। बताया जा रहा हैकि इसे इंजेक्शन के रूप में लेने के बाद उसकी मौत हो गई। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इसके बाद लक्खों के बहिराम में 6 मेडिकल स्टोरों की जांच के लिए एक और टीम का गठन किया गया, जिसमें जिला कंट्रोलिंग अधिकारी हरिता बंसल, जिला कंट्रोलिंग अधिकारी रमनदीप गुप्ता, नायब तहसीलदार परमपाल सिंह और पुलिस टीम ने तणू मेडिकोज, गुरुनानक 13-13 मेडिकल स्टोर, सुखराज मेडिकल स्टोर, सतनाम मेडिकल स्टोर और परमीत मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई। इनमें से 3 मेडिकल स्टोर परमीत मेडिकल स्टोर से 2950 प्रतिबंधित दवाइयां, गुरुनानक 13-13 मेडिकल स्टोर से 420 प्रतिबंधित दवाइयां बरामद कीं और तणू मेडिकल स्टोर से भी प्रतिबंधित दवाइयां मिलने पर इन्हें सील कर दिया गया।

    इसके अलावा पिछले दिन खुराना मेडिकल एजेंसी, मुल्तानी गेट, फिरोजपुर की जांच की गई और जांच दौरान फर्म से 35,200 टाबेंताडोल की गोलियां और 4,400 Pregabalin कैप्सूल बरामद हुईं, जिनकी कुल कीमत लगभग 9,00,000 ( नौ लाख रुपये) बनती है। फर्म को टाबेंताडोल का स्टॉक रखने की अनुमति नहीं थी और जन स्वास्थ्य के हित में इस चौथी दुकान को भी सील कर दिया गया। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इसके अलावा युद्ध नशियों के खिलाफ चलाई गई मुहिम के तहत 1 जनवरी 2025 से अब तक 207 इनस्पेक्शन्स की गईं, जिनमें 1.32 करोड़ की प्रतिबंधित दवाइयां जब्त की गईं और 12 मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस रद्द किए गए और 65 लाइसेंस सस्पेंड किए गए।

    एसएसपी ने बताया कि जिले में सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए स्पेशल टीमों का गठन किया गया है, जिन्होंने पिछले समय में 212 किलो हेरोइन की रिकवरी की है, जो कि एक साल की रिकवरी से 4-5 गुना अधिक है। इसी तरह काफी संख्या में नशा तस्करों को भी गिरफ़्तार कर परचे दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह देखने में आता है कि जब नशे की सप्लाई टूटती है तो नशा करने वाले मेडिकल व अन्य नशों का सहारा लेते हैं और ओवडोज़ के कारण मौत का शिकार हो जाते हैं। इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वह इस बात का ध्यान रखें कि जब भी कोई नौजवान या बच्चे की आदत या व्यवहार में बदलाव देखने को मिले तो वह तुरंत डॉक्टरों की मदद ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित कर मेडिकल स्टोरों और नशा तस्करों के खिलाफ और भी तेज़ मुहिम चलायी जाएगी। एस.एस.पी ने कहा कि बुरे अंसरों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई अमल में लाई जा रही है, और किसी भी तरह का नशा बेचने वाले मेडिकल स्टोर या तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।

  • Jalandhar News: जय श्री राम के नारे लगाने पर मुस्लिम भाईचारे की ओर से व्यक्ति को पीटने के आरोप, भारी हंगामा, देखें Live

    Jalandhar News: जय श्री राम के नारे लगाने पर मुस्लिम भाईचारे की ओर से व्यक्ति को पीटने के आरोप, भारी हंगामा, देखें Live

    जालंधर, ENS: पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर को मुस्लिम समाज की ओर से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान समाज के प्रतिनिधियों ने यूपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में मुसलमानों के खिलाफ बेवजह मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उन पर अत्याचार हो रहे हैं। प्रतिनिधियों का कहना था कि इस तरह की कार्यवाही लोकतांत्रिक व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द्र के खिलाफ है। इसी बीच, जब मुस्लिम समाज के लोग आगे ज्ञापन देने के लिए डीसी कार्यालय के बाहर पहुंचे तो माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। दरअसल, वहां मौजूद एक व्यक्ति ने जोर-जोर से “जय श्री राम” के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर कुछ युवकों ने विरोध जताते हुए नारे लगाने वाले युवक की एक्टिवा की चाबी निकाल ली और उसके साथ धक्कामुक्की भी की।

    मुस्लिम भाईचारे की ओर से यूपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुस्लिम भाईचार प्रदर्शन करता हुआ डीसी दफ्तर मांग पत्र लेकर पहुंचा था। जिसके बाद बाहर आने पर वहां से दोपहिया वाहन से गुजर रहे व्यक्ति द्वारा जय श्री राम के नारे लगा दिए। जिसके बाद विवाद गरमा गया। प्रत्याक्षियों के अनुसार आरोप लगाए जा रहे हैकि मुस्लिम भाईचारे की ओर से जय श्री राम के नारे लगाने पर व्यक्ति को चप्पलों और डंडों से पीटा गया।

    दरअसल, घटना की सूचना मिलते भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और उन्होंने व्यक्ति को छुड़वाया। जिसके बाद घटना स्थल पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी पहुंचे और उन्होंने मामले को शांत करवाया गया। लोगों ने कहाकि अल्ला हो अकबर के नारे पर किसी हिंदू ने विरोध नहीं किया, लेकिन जय श्री राम के नारे लगाने पर व्यक्ति को डंडे से पीटने को लेकर भारी हंगामा शुरू हो गया।

    इस दौरान हिंदुओ की ओर से घटना स्थल पर जहां जय श्री राम के दोबारा नारे लगाए गए, वहीं मुस्लिम भाईचारे द्वारा अल्ला हो अकबर के नारे लगाए गए। वहीं मुस्लिम नेता का कहना हैकि जब वह वहां पर प्रदर्शन कर रहे थे तो वहां पर किसी व्यक्ति द्वारा क्यों हिंदू धर्म के नारे लगाए गए। दूसरी ओर मुस्लिम भाईचारे द्वारा व्यक्ति की पीटाई किए जाने के मामले को बेबुनियाद बताया गया। इस दौरान आरोप लगाए गए मुस्लिम भाईचारे ने व्यक्ति के दोपहिया वाहन की चाबी निकाल ली। लोगों ने पुलिस को बताया कि वह दीवार फांदकर आए और उन्होंने व्यक्ति की जान बचाई।

  • श्री रामलीला महोत्सव का रावण ,मेघनाथ, कुंभकर्ण के वध श्री राम के राजतिलक के साथ हुआ समापन

    श्री रामलीला महोत्सव का रावण ,मेघनाथ, कुंभकर्ण के वध श्री राम के राजतिलक के साथ हुआ समापन

    समापन पर भाजपा नेता भुट्टो रहे मुख्यातिथि

    ऊना/सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा के श्री राम नाटक क्लब हटली में चल रही श्री रामलीला का समापन इस बार अत्यंत भव्य और भावनात्मक रहा। बीते दस दिनों से चल रहे नाट्य मंचन में जहां एक ओर दर्शकों ने श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और अन्य पात्रों के अद्भुत अभिनय का आनंद लिया, वहीं दूसरी ओर रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण वध के दृश्यों ने जनमानस को भावविभोर कर दिया। मंचन के अंतिम चरण में श्रीराम जी के अयोध्या लौटने और उनके राजतिलक के दृश्य के साथ रामलीला का विधिवत समापन हुआ।

    समापन समारोह में कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर भुट्टो मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने रामायण मंचन की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह मर्यादा, धर्म और कर्तव्य के पालन की प्रेरणा देती है। भुट्टो ने कहा कि श्रीराम जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म का मार्ग अपनाने से विजय निश्चित होती है। उन्होंने हटली क्लब के सभी सदस्यों को बधाई दी और कहा कि वे पौराणिक संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है।इस समारोह में समाजसेवी और शिवराम जनकल्याण समिति के अध्यक्ष एवं क्लब के मुख्य संरक्षक रूमेल कुमार धीमान भी अपने पूरे परिवार के साथ उपस्थित हुए। उन्होंने भी मंचन की सराहना की और कहा कि हटली क्लब द्वारा जिस निष्ठा और अनुशासन से हर वर्ष रामलीला का आयोजन किया जाता है, वह समाज के लिए अनुकरणीय है।

    कार्यक्रम में विशेष आकर्षण कलाकारों का सम्मान रहा। राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण समेत सभी पात्रों को कमेटी की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। हटली की श्रीराम लीला न केवल सफल रही बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गई कि धर्म, सत्य और मर्यादा ही जीवन का वास्तविक मार्ग हैं। इस मौके पर क्लब के सभी सदस्यों एवं कलाकारों ने अपने अभिनय की एक बेहतर छाप छोड़ी है। इस मौके पर जिला पार्षद कृष्ण पाल शर्मा सूरम सिंह, संजीव मिंटू आदि गणमान्य मौजूद रहे।

  • अक्षय कुमार की बेटी Nitara हुई थी Cyber Crime का शिकार, अनजान शख्स ने भेजे थे अश्लील मैसेज

    अक्षय कुमार की बेटी Nitara हुई थी Cyber Crime का शिकार, अनजान शख्स ने भेजे थे अश्लील मैसेज

    बॉलीवुड: खिलाड़ी कुमार अपने पर्सनल लाइफ ज्यादातर प्राइवेट ही रखते हैं। वह बहुत ही कम अपने परिवार के साथ स्पॉट होते हैं परंतु अब इसी बीच अक्षय कुमार ने अपनी बेटी नितारा से जुड़ा एक अहम खुलासा किया है। उनकी यह बात सुनकर कई लोग हैरान हो सकते हैं। एक्टर ने कहा कि उनकी बेटी भी साइबर क्राइम का शिकार हो चुकी है।

    नितारा के साथ हुआ था साइबर अपराध

    अक्षय ने एक न्यूज एजेंसी के साथ बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि – ‘मैं आप सभी को एक छोटी सी घटना बताना चाहता हूं जो कुछ महीने पहले ही मेरे घर में घटी थी। मेरी बेटी वीडियो गेम खेल रही थी और कुछ वीडियो गेम्स ऐसे होते हैं जिन्हें आप किसी के साथ खेल सकते हैं। आप किसी अनजान अजनबी के साथ खेल रहे होते हैं जब आप खेल रहे होते हैं तो कभी-कभी उधर से एक मैसेज आता है। मेरी बेटी को भी एक मैसेज आया कि आप मेल है या फीमेल? तो उसने आगे से जवाब दिया फीमेल और फिर उसने एक मैसेज भेजा कि क्या आप मुझे अपनी न्यूड तस्वीरें भेज सकते हैं? ये मेरी बेटी के साथ हुआ था। उसने सब कुछ बंद कर दिया और जाकर मेरी पत्नी को बताया। इस तरह ही चीजें शुरु होती हैं। ये भी साइबर क्राइम का एक हिस्सा है। मैं मुख्यमंत्री से अनरोध करता हूं कि हमारे महाराष्ट्र राज्य में सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवी क्लास में हर हफ्ते साइबर पीरियड नाम से एक सेशन होना चाहिए जहां पर बच्चों को इसके बारे में समझाया जाए’।

    13 साल की अक्षय की बेटी

    अक्षय कुमार और ट्विंकल खन्ना की बेटी नितारा सिर्फ 13 साल की है। उन्होंने हाल ही में अपना 13वां जन्मदिन नानी डिंपल कपाड़िया, मासी रिंकी खन्ना के साथ मनाया है। नितारा आमतौर पर पैप्स के कैमरा में स्पॉट नहीं होती। उन्हें बहुत ही कम मीडिया में देखा जाता है हालांकि अक्षय और ट्विंकल कभी-कभी नितारा के साथ अपनी तस्वीरें या वीडियो शेयर कर देते हैं। नितारा के साथ हुआ यह हादसा साइबर क्राइम जैसे मामलों को एक बार फिर से उजागर करता है।  
  • Punjab News: गुरुपर्व पर केंद्र ने जत्थे को दी पाक जाने की मंजूरी, SGPC ने जारी किया शेड्यूल, देखें वीडियो

    Punjab News: गुरुपर्व पर केंद्र ने जत्थे को दी पाक जाने की मंजूरी, SGPC ने जारी किया शेड्यूल, देखें वीडियो

    अमृतसरः श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व समारोह को पाकिस्तान में मनाने के लिए सिख जत्थे को भारत सरकार द्वारा मंजूरी मिल गई है। इस फैसले का स्वागत करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के सचिव प्रकाश सिंह ने कहा कि भले ही मंजूरी देने में देरी हुई, लेकिन “देरी आई, पर सही आई” के आधार पर संगतों ने इस फैसले का सम्मान किया है। प्रकाश सिंह ने कहा कि सिखों की पहले से ही मांग है कि जैसे खेलों के माध्यम से दोनों देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे के देश में खेल सकते हैं, वैसे ही सिखों को भी अपने विछड़े गुरुदामों के दर्शन करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि पहले जत्थे की यात्रा के लिए कम से कम 45 दिन का समय चाहिए था। लेकिन इस बार सरकार ने बहुत सीमित समय में मंजूरी दी है।

    इसलिए उन्हें संगतों के पासपोर्ट ही प्रक्रिया में लाया जा रहा है जो पहले ही एसजीपीसी के पास जमा हैं। एसजीपीसी की ओर से यात्रियों को अपने वीज़ा फॉर्म और दस्तावेज जमा करवाने के लिए तिथियां और स्थानों की सूची भी जारी की गई है। इसके अनुसार, 7 अक्टूबर को संगरूर, बरनाला, बठिंडा, मनसा, फिरोजपुर, मोहाली आदि जिलों की संगत अपने-अपने निर्धारित गुरुद्वारों में दस्तावेज जमा कर सकती है। 8 अक्टूबर को पटियाला, कपूरथला, मुक्तसर, रोपड़ और अन्य जिलों की संगतों के लिए व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, 9 अक्टूबर को लुधियाना, होशियारपुर, फिरोजपुर, फाजिल्का और नवांशहर, श्री आनंदपुर साहिब इलाक़ों की संगत भी अपने दस्तावेज निर्धारित गुरुद्वारा साहिबान में जमा कर सकेगी। प्रकाश सिंह ने संगतों से अपील की है कि दी गई तिथियों और स्थानों पर ही पहुंच कर अपने दस्तावेज जमा कराएं ताकि वीज़ा प्रक्रिया समय से पूरी हो सके।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि नई सूचनाएं बनाने के लिए अब समय नहीं है, इसलिए केवल वही पासपोर्ट प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे जो पहले ही एसजीपीसी के पास आए हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह मंजूरी सिख संगतों की लंबी समय से चल रही अरदास पूरी होने का परिणाम है। पिछले समय दौरान सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सरकार ने जत्थे को पाकिस्तान जाने से रोका था, लेकिन अब जब फैसला ले लिया गया है, इसलिए एसजीपीसी ने सरकार का धन्यवाद किया है। प्रकाश सिंह ने उम्मीद जाहिर की कि भविष्य में करतारपुर गलियारे के माध्यम से भी संगतों को नियमित दर्शन का अवसर मिलेगा और भारत-पाकिस्तान सरकारें सिखों के धार्मिक अधिकारों को प्राथमिकता देंगी।

  • आशिक के साथ दादी फरार, ले गई 40 हजार की नगदी और बहू के गहने

    आशिक के साथ दादी फरार, ले गई 40 हजार की नगदी और बहू के गहने

    झांसीः उत्तर प्रदेश के झांसी में दादी को इश्क का रोग लगने का मामला सामने आया है। जहां मऊरानीपुर इलाके में 45 वर्षीय 2 बच्चों की दादी को 35 साल के शख्स से प्यार हो गया। दादी पर प्यार की ऐसी खुमारी चढ़ी कि वो अपने पति, दो बेटों, नातियों को छोड़कर अपने प्रेमी के साथ भाग गई। परिजनों का आरोप है कि जाते-जाते वह घर से बहुओं के जेवर और नकदी भी साथ ले गई। इस घटनाक्रम से पूरा परिवार टूटकर रह गया है। पुलिस ने पति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

    महिला का पति कामता प्रसाद ग्राम स्यावरी में रहता है। कामता ने कहा कि करीब ढाई साल पहले वह अपनी पत्नी को लेकर भिंड-मुरैना इलाके के ईंट-भट्टों पर मजदूरी करने गया था। वहीं पत्नी की मुलाकात राठ तहसील के बिहुनी गांव के रहने वाले अमर सिंह प्रजापति से हुई। पहले तो मुलाकातें सामान्य रहीं, लेकिन धीरे-धीरे दोनों की नजदीकियां बढ़ती चली गईं और यह रिश्ता अवैध संबंध में बदल गया।

    कामता का कहना है कि उसने कई बार पत्नी के मोबाइल पर अमर का नंबर देखा। दोनों की बातचीत भी सुनी। घर की बहुओं को भी पत्नी के व्यवहार पर शक होने लगा। बावजूद इसके वह चोरी-छिपे प्रेमी से मिलती रही। पति ने कई बार पत्नी को समझाने की कोशिश की, यहां तक कि उसे घर वापस भी ले आया, लेकिन मोबाइल पर बातचीत और चोरी-छिपे मुलाकातें थमी नहीं। कुछ दिन पहले जब कामता अपने बेटे का इलाज कराने झांसी गया हुआ था, तभी उसकी पत्नी ने मौका पाकर घर से करीब 40 हजार रुपये कैश और बहुओं के जेवरात समेट लिए और प्रेमी अमर सिंह के साथ फरार हो गई।

    घर की बहुएं, जिनके जेवर गायब हो गए, सदमे में हैं। पोते दादी के अचानक गायब हो जाने को समझ ही नहीं पा रहे। जो महिला अब तक परिवार के लिए संरक्षक की भूमिका में थी, वही पूरे परिवार को आर्थिक और भावनात्मक रूप से तोड़कर चली गई। दो पोतों की दादी के इस कदम ने परिजनों को सदमे में डाल दिया है। पीड़ित पति ने मजबूरी में परिवार के साथ मऊरानीपुर थाने का रुख किया। वहां जाकर उसने पत्नी और उसके प्रेमी अमर सिंह के खिलाफ तहरीर दी और आरोप लगाया कि दोनों मिलकर गहने और नकदी लेकर भाग गए हैं।

    परिजनों ने थाने में हंगामा भी किया और मांग की कि जल्द से जल्द दोनों को ढूंढ़ा जाए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। यह मामला गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया। लोग यह सोचकर हैरान हैं कि दो पोतों की दादी बहुओं के जेवर और नकदी लेकर 35 साल के प्रेमी संग फरार कैसे हो सकती है। मऊरानीपुर पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। मजदूरी के दौरान शुरू हुआ महिला का अफेयर उसके परिवार के लिए गहरा घाव बन गया। परिवार की बहुएं और बच्चे हैरान हैं, वहीं पति को अपने जीवनसाथी के विश्वासघात का सामना करना पड़ रहा है।

  • Sonam Wangchuk की पत्नी ने SC का लिया सहारा, NSA की गिरफ्तारी को बताया गलत

    Sonam Wangchuk की पत्नी ने SC का लिया सहारा, NSA की गिरफ्तारी को बताया गलत

    नई दिल्ली: क्लाइमेट एक्टिविटिस्ट सोनम वांगचुक की रिहाई अभी तक नहीं हुई है। 26 सितम्बर को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट NSA के तहत उन्हें गिरफ्तार किया गया था जिसके बाद अभी तक वे हिरासत में है। वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपने पति की रिहाई की मांग करते हुए हेबियस कार्पस याचिका लगाई है। डॉ. अंगमो ने दावा किया है कि सोनम वांगचुक की गिरफ़्तारी इल्लीगल है। इसके साथ ही उनके गिरफ्तारी के समय हिरासत आदेश की कॉपी भी नहीं दी गई। गीतांजलि ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस मामले में चिंता दिखते हुए सरकार से सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के लिए आवाज उठाना क्या पाप है। अंगमो ने सरकार पर आंदोलन को कमजोर करने के लिए उनके पति को “देशद्रोही” बताने और “जासूसी” करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वांगचुक सीबीआई और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों की और से लगाए गए आरोपों पर पहले ही स्पष्टीकरण दे चुके हैं, लेकिन “उन्हें बदनाम करने के लिए ये खेल खेला जा रहा है।” उन्होंने अपने कैप्शन में लिखते हुए इस बात की जानकारी दी – ‘मैंने श्री सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई के लिए यह अभ्यावेदन भारत के राष्ट्रपति, भारत के प्रधान मंत्री, गृह मंत्री, भारत के कानून मंत्री और लद्दाख के उपराज्यपाल को भेजा है, साथ ही डीसी लेह को भी इसकी कॉपी भेजी है’।

    Gen – Z प्रोटेस्ट के दौरान हुए गिरफ्तार

    बता दें कि 24 सितंबर को लेह में हुए Gen – Z प्रोटेस्ट के दौरान काफी हिंसा हुई जहां प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी के दफ्तर फुक दिए तो वहीं एक सीआरपीएफ की गाड़ी भी जला डाली। इस हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई तो वहीं 70 से ज्यादा लोग घायल हुए। जिसके बाद सरकार ने सोनम वांगचुक को हिंसा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वे इस वक़्त राजस्थान के जोधपुर जेल में बंद है। आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट अंगमो की याचिका पर सुनवाई करेगा।

    अनुसूची 6 की कर रहे मांग

    लेह के लोग अनुसूची 6 के लिए प्रदर्शन कर रहे है। वे चाहते है कि उनके राज्य को भी उनकी खुद की सरकार मिले। 2019 में आर्टिकल 370 के हटने के बाद से ही यहां के लोग प्रदर्शन कर रहे है और इस प्रदर्शन में एक मुख्य चेहरा था सोनम वांगचुक। उन्होंने कई बार इसके सबूत दिखाए कि सरकार ने आश्वासन दिया था की उन्हें भी अनुसूची 6 में रखा जायेगा मगर ये अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।