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  • बस्ती में गैस लीक से हुआ बड़ा हादसा, महिलाओं और बच्चों समेत 16 की मौत

    बस्ती में गैस लीक से हुआ बड़ा हादसा, महिलाओं और बच्चों समेत 16 की मौत

    केप टाउन : दक्षिण अफ्रीका में गैस लीक से बच्चों सहित 16 लोगों की मौत हो गई है। आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, जोहान्सबर्ग के पास एक बस्ती में गैस लीक के बाद 16 लोगों की मौत हो गई। कुछ लोगों को जिंदा बचाने के बाद मरने वालों की संख्या में सुधार किया गया है। यह हादसा बुधवार की रात जोहान्सबर्ग के पूर्व में बोक्सबर्ग जिले के पास एंजेलो बस्ती में हुआ जिसे अवैध खनन गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। गैस रिसाव से मरने वालों में पांच महिलाएं और तीन बच्चे भी शामिल हैं।

    आपातकालीन सेवाओं के प्रवक्ता विलियम एनटलैडी ने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया, ‘हमें घटनास्थल पर 16 लोग मिले हैं जिनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है। पैरामेडिक्स की मदद से कुछ लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।’ उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती चार लोगों की हालत ‘गंभीर’ है जबकि 11 की हालत ‘गंभीर लेकिन स्थिर’ है। एनटलैडी ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं को रात 8 बजे एक गैस विस्फोट को लेकर कॉल आई लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि यह ‘एक सिलेंडर से गैस लीक’ थी जिसमें ‘जहरीली गैस’ थी।

    अधिकारी प्रभावित क्षेत्र की जांच में जुटे हैं। एनटलैडी ने कहा कि शुरुआती जानकारी से पता चलता है कि गैस का इस्तेमाल ‘अवैध खनन गतिविधियों के हिस्से के रूप में’ किया जा रहा था। 32 प्रतिशत से अधिक की चौंका देने वाली बेरोजगारी दर के साथ दक्षिण अफ्रीका हजारों अवैध खनिकों का गढ़ है। इन्हें ‘zama zamas’ कहा जाता है जिसका जुलु में अर्थ है, ‘वे जो अपनी किस्मत आज़माते हैं’। बड़ी संख्या में खनिक कठिन और खतरनाक परिस्थितियों में सोने के लिए खदानों को खंगालते हैं। जोहान्सबर्ग दक्षिण अफ्रीका का कमर्शियल हब है। इसके एक उपनगर में पिछले साल क्रिसमस के मौके पर बड़ा गैस टैंकर विस्फोट हो गया था जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। एलपीजी को ले जा रहा ट्रक एक पुल के नीचे फंस गया था जिसमें पहले रिसाव हुआ और फिर विस्फोट हो गया।

  • पंजाबः तहसील कैंपलेक्स में सुबह 10 बजे तक सरकारी कार्यालयों में लगे रहे ताले, देखें वीडियो

    पंजाबः तहसील कैंपलेक्स में सुबह 10 बजे तक सरकारी कार्यालयों में लगे रहे ताले, देखें वीडियो

    नहीं पहुंचता सुबह 7 बजे तक कोई भी कर्मचारी या अधिकारी

    फिरोजपुरः पंजाब सरकार की ओर से सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 7 से दुपहर 2 बजे तक कर दिया गया है। मगर सरकारी बाबू अभी भी 10 बजे से पहले अपनी ड्यूटी पर नहीं आते, लोग सुबह 7 बजे से उनके दफ्तरों के बाहर बैठकर उनका इंतजार करते हुए नजर आ रहे हैं। फिरोजपुर के कस्बा ममदोट के तहसील कंपलेक्स की है जहां पर सुबह 7 से 10 बजे तक कोई भी कर्मचारी और अधिकारी अपने कार्यालय में अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचा और काम करवाने आए लोग सुबह 7 बजे से तहसील कंपलेक्स में पहुंच गए थे। अधिकारियों और कर्मचारियों का इंतजार कर रहे हैं मगर कंपलेक्स के कई कमरों में ताला जड़ा हुआ है। कई कमरों में एसी, लाइट जल रही है जो शायद अधिकारियों के आने का इंतजार कर रही हैं।

    मगर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अभी तक कार्यालय में नहीं पहुंचा और तहसील कंपलेक्स में अपना कामकाज करवाने के लिए आए लोग परेशान है। लोगों का कहना है कि हमने अपनी जमीन की निशानदेही करानी है और 1 महीने से इस तरह चक्कर काट रहे हैं मगर हमारा काम अभी तक नहीं हुआ हम सुबह कार्यालय के बाहर बैठ जाते हैं और शाम को चले जाते हैं ऐसा रोज ही होता है।

  • कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को सौंपी अहम जिम्मेदारी

    कांग्रेस ने कन्हैया कुमार को सौंपी अहम जिम्मेदारी

    नई दिल्लीः कन्हैया कुमार को NSUI का इंचार्ज बनाया गया। कन्हैया कुमार एक भारतीय राजनीतिक कार्यकर्ता हैं, जिन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) के नेता के रूप में कार्य किया। उन्होंने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में कार्य किया। वह 28 सितंबर 2021 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुए। बता देंकि कन्हैया कुमार अखिल भारतीय छात्र परिषद (AISF) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व नेता व वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता हैं। वह 2015 में जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए थे।

  • क्रिकेट टीम के मालिक ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

    क्रिकेट टीम के मालिक ने खुद को गोली मारकर की आत्महत्या

    पेशावरः पाकिस्तान सुपर लीग की टीम मुल्तान सुल्तान के मालिक आलमगीर तरीन ने खुदकुशी कर ली है। आलमगीर तरीन इश्तेकाम ए पाकिस्तान पार्टी के अध्यक्ष जहांगीर तरीन के भाई हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आलमगीर तरीन ने घर में खुदकुशी की। आलमगीर 63 साल के थे और उन्होंने खुद को गोली मार ली। आलमगीर लाहौर के गुलबर्ग एरिया में रहते थे। आलमगीर ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है जिसमें उन्होंने लिखा है कि वो अपनी बीमारी से परेशान थे और इसीलिए वो खुदकुशी कर रहे हैं। बता दें आलमगीर शादीशुदा नहीं थे लेकिन वो दिसंबर में अपनी मंगेतर से निकाह करने वाले थे।

    बता दें आलमगीर पाकिस्तान सुपर लीग की टीम मुल्तान सुल्तांस के मालिक थे जिसके कप्तान मोहम्मद रिजवान हैं। आलमगीर पाकिस्तान के साउथ पंजाब के बड़े बिजनेसमैन थे। उनके पाकिस्तान में कई वाटर प्यूरिफिकेशन प्लांट लगे हुए हैं। आलमगीर बड़े खेल प्रेमी भी थे और इसीलिए उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग में टीम खरीदी थी। बता दें आलमगीर ने बुरे वक्त में मोहम्मद रिजवान का साथ दिया था। आलमगीर ने ही मोहम्मद रिजवान को साल 2020 में मुल्तान सुल्तांस की कप्तानी सौंपी और टीम चैंपियन बनी।

    इसके बाद साल 2022 में मोहम्मद रिजवान के टी20 में ओपनिंग करने पर सवाल उठे। लोगों ने रिजवान की स्ट्राइक रेट पर सवाल खड़ा किया लेकिन आलमगीर ने मीडिया के सामने उन्हें बतौर ओपनर बैक किया। बता दें मुल्तान सुल्तांस के मालिक आलमगीर तरीन साल 2016 में गिरफ्तारी की वजह से सुर्खियों में आए थे। आलमगीर तरीन ने कराची में सिंध के मुख्यमंत्री के घर के बाहर कूड़ा फेंका था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वो एक दिन तक जेल में रहे और अगले दिन उन्हें रिहा कर दिया गया।

  • वित्त मंत्रायल की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, अभी नहीं मिलेगी महंगाई से राहत

    वित्त मंत्रायल की रिपोर्ट में हुआ खुलासा, अभी नहीं मिलेगी महंगाई से राहत

    नई दिल्लीः वित्त मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि आम लोगों को जल्द महंगाई से राहत मिलने वाली नहीं है। मिनिस्ट्री ने अपने एनुअल इकोनॉमिक रिव्यू में कहा कि थोक महंगाई के कम हुए आंकड़ों और रिटेल महंगाई के आंकड़ों के बीच अभी अंतर काफी बड़ा है। टमाटर, अदरक, मिर्च, बैंगन और जीरा जैसे किचन के सामान की कीमतें आसमान पर है। आम लोगों की जेब इन सामानों को खरीदने पर ही ढीली हो रही है। अब जो वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट सामने आई है वो और भी ज्यादा डराने वाली है। वित्त मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा दिया है कि आने वाले दिनों में आम लोगों को महंगाई से राहत नहीं मिलने वाली हैं। रोजमर्रा के खाने के सामान की कीमतें दोगुनी हो गई है। वित्त मंत्रालय ने इसका जिम्मेदार हीटवेव और बढ़ती गर्मी जैसे जियोग्राफिकल प्रभाव को ठहराया है।

    वित्त मंत्रालय ने अपनी एनुअल इकोनॉमिक रिव्यू में कहा कि होल सेल प्राइस इंडेक्स यानी डब्ल्यूपीआई में लगातार गिरावट देखने को मिली है। जिसका असर रिेटेल इंफ्लेशन पर काफी धीमी गति देखने को मिल रहा है। इसके अलावा अल नीनो प्रभाव भी देखने को मिल रहा है। इन्हीं कारणों की वजह से कंज्यूमर की स्थिति और खराब होने की आशंका है। मंत्रालय ने कहा कि लोन डिमांड पर मॉरेटरी पॉलिसी का धीमा प्रभाव महंगाई की शुरुआत को कम कर सकता है। सालाना आधार पर मई में खुदरा महंगाई घटकर 25 महीने के निचले स्तर 4.25 प्रतिशत पर आ गई थी। महंगाई के गिरते आंकड़े भारत में मूल्य वृद्धि में कमी की तस्वीर पेश कर सकते हैं, लेकिन थोक और खुदरा आंकड़ों के बीच अंतर अभी भी बड़ा है। भारत की थोक महंगाई मई में मुख्य रूप से खनिज तेल, बुनियादी धातुओं और कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में गिरावट के कारण 3.48 फीसदी कम हो गई थी। डेटा से पता चलता है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में ओवरऑल तेजी देखने को मिली है, मसालों पर भी असर पड़ा है।

    भारत के कृषि प्रधान इकोनॉमी होने के कारण, अल नीनो का प्रभाव आमतौर पर बाजारों के लिए चिंता का कारण रहा है। वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि​ भू-पॉलिटिकल इश्यूज और अल नीनो के प्रभाव से वित्त वर्ष 2024 के ग्रोथ में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। रिपोर्ट में कहा कि जियो पॉलिटिकल टेंशन, ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में बढ़ी हुई अस्थिरता, ग्लोबल शेयर बाजारों में करेक्शन, अल नीनो का असर आदि शामिल हैं। अल नीनो के पूर्वानुमान ने पॉलिसी मेकर्स को तुअर, उड़द और गेहूं पर स्टॉक लिमिट लगाने और 2024 के मध्य तक चीनी निर्यात पर कैप लागू करने के लिए मजबूर किया था। रॉयटर्स ने वीरवार को सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत में सामान्य से कम मानसून के कारण गर्मियों में बोए जाने वाले चावल की बुआई में सालाना आधार पर 26 प्रतिशत की गिरावट आई है। इससे वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का संकेत है।

    उत्पादन में नरमी भी सप्लाई चेन में परेशानी का संकेत है। कम प्रोडक्शन की वजह से सरकार और अधिक प्रतिबंध लगा सकती है। जिसकी वजह से भारतीय बाजारों के एक्सपोर्टर्स को संघर्ष करना पड़ेगा और ग्लोबल लेवल पर प्राइस बढ़ेंगे। रॉयटर्स ने एक ग्लोबल बिजनेस हाउस के सिंगापुर स्थित डीलर के हवाले से कहा कि सप्लाई की कंडीशन बेहद खराब है और भारतीय निर्यात में कमी से ग्लोबल लेवल पर महंगाई में इजाफा हो सकता है। इंडियन इकोनॉमी अभी भी रूस-यूक्रेन वॉर के कारण सप्लाई परेशानी के परिणामों से उबर रही है और आगे पॉलिसी सख्त होने से इकोनॉमी में संतुलन प्रभावित हो सकता है और इंडियन कंज्यूमर्स की जेब पर असर पड़ सकता है।

  • सरकार का ऐलान, अब कुंवारों को भी पेंशन मिलेगी, देखें वीडियो

    सरकार का ऐलान, अब कुंवारों को भी पेंशन मिलेगी, देखें वीडियो

    चंडीगढ़: हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य में अविवाहित लोगों के मासिक पेंशन देने का ऐलान किया है। यह पेंशन महिला और पुरुष दोनों को मिलेगी। राज्य सरकार पिछले काफी समय से राज्य में मौजूद कुंवारे लोगों को पेंशन देने पर विचार कर रही थी। राज्य सरकार ने इस बारे में सैद्धांतिक निर्णय लेने के बाद ऐलान किया है कि कुंवारे लोगों को 2,750 रुपये प्रति महीने पेंशन प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री ने इस पेंशन के दायरे में उन लोगों को भी रखा गया है जो जिनकी पत्नी का निधन हाे गया है या पत्नी के पति का निधन हो गया है औ वे विधुर या फिर विधवा के तौर पर जिंदगी जी रहे हैं।

    मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अविवाहित पेंशन को लेकर लगी रही चर्चाओं को विराम देते हुए सरकार के बड़े फैसले के बारे में मीडिया से कहा कि ‘मैं घोषणा करता हूं कि हरियाणा के 45 से 60 वर्ष तक की आयु वाले कुंवारे पुरुष व महिलाओं को अब से ₹2,750 मासिक पेंशन दी जाएगी। ₹1.80 लाख से कम वार्षिक आय वाले व्यक्तियों को इस पेंशन का लाभ मिलेगा। इसके अलावा 40-60 वर्ष आयु तक के विधुर पुरुष, जिनकी वार्षिक आय ₹3 लाख से कम है उन्हें भी ₹2,750 पेंशन दी जाएगी।’ हरियाणा में अविवाहित पेंशन को लेकर चर्चा करनाल के जनसंवाद कार्यक्रम के बाद शुरू हुई थी।

    मुख्यमंत्री के करनाल में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में एक 60 वर्षीय एक अविवाहित व्यक्ति की पेंशन संबंधी शिकायत की थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तब इस बुजुर्ग की शिकायत पर पेंशन को लेकर काफी सकारात्मक जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि सरकार एक योजना शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके बाद राज्य में इस पेंशन को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था। जनसंवाद के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सामुदायिक केंद्र परिसर में पौधारोपण किया। उन्होंने गांव में संस्कृति मॉडल स्कूल के निर्माण की भी घोषणा की। सरकार ने अब इस मुद्दे पर फैसला लिया है।

  • अब बिना CM फेस के चुनाव लड़ेगी कांग्रेस, जल्द होगा उम्मीदवारों का ऐलान

    अब बिना CM फेस के चुनाव लड़ेगी कांग्रेस, जल्द होगा उम्मीदवारों का ऐलान

    राजस्थानः विधानसभा चुनावों को देखते हुए दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई। नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति तय करने को लेकर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में कांग्रेस पार्टी ने निर्णय लिया कि विधानसभा चुनाव में सीएम चेहरे का ऐलान नहीं किया जाएगा। बिना सीएम फेस के ही पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। यह भी तय किया गया कि सितंबर तक राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए सभी उम्मीदवारों का पार्टी ऐलान कर देगी। हालांकि इस बैठक में सचिन पायलट की भूमिका पर कोई फैसला नहीं हुआ।

    प्रदेश प्रभारी रंधावा ने बताया कि आज हमारी मीटिंग 4 घंटे चली। मीटिंग में शामिल सभी नेताओं ने एक ही बात कही कि सभी मिलकर बीजेपी को हराएंगे। विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम के लिए सर्वे चल रहे हैं। जो जीतने वाला उम्मीदवार होगा उसे ही टिकट दिया जाएगा. उनमें से कई नाम तय हो गए हैं। विधानसभा चुनावों से बहुत पहले ही कर्नाटक की तरह उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा।

    कांग्रेस पार्टी की इस बैठक में सीएम अशोक गहलोत वर्चुअली जुड़े थे। मीटिंग के दौरान कुछ समय के लिए मीडियाकर्मियों को वीडियो और फोटो के लिए अनुमति दी गई। राहुल गांधी ने मीडियाकर्मियों से हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि बैठक में गहलोतजी भी जुड़े हैं लैपटॉप में उन्हें भी दिखा दीजिए। इस बात पर बाकी नेताओं ने कहा कि बड़ी स्क्रीन लगी है उस पर भी देख सकते हैं। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि आरपीएससी बोर्ड के गठन के लिए भी अच्छे मानदंड तय किए जाएंगे। पेपर लीक के आरोपियों पर कार्रवाई के लिए भी कठोर कानून लेकर आ रहे हैं।

    इस बैठक में प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट, स्पीकर सीपी जोशी, भंवर जितेंद्र सिंह के अलावा राज्य के 9 मंत्रियों ने हिस्सा लिया। प्रताप सिंह खाचरियावास, रघु शर्मा, शकुंतला रावत, रमेश मीणा, महेंद्रजीत सिंह मालवीय, ममता भूपेश, लालचंद कटारिया, रामलाल जाट, जाहिदा खान, अशोक चांदना, राजेंद्र यादव भी शामिल रहे।

  • इस मशहूर कबड्डी खिलाड़ी का निधन

    इस मशहूर कबड्डी खिलाड़ी का निधन

    नई दिल्लीः मेक्सिको के मशहूर कबड्‌डी खिलाड़ी जीसस शावेज़ के निधन पर दुनिया भर में कबड्‌डी समुदाय और प्रशंसक शोक मना रहे हैं। जीसस शावेज़ की अचानक मृत्यु की खबर ने उनके दोस्तों, परिवार और कबड्डी समुदाय को गहरा सदमा लगा है। अपनी अद्वितीय प्रतिभा, करिश्मा और अटूट दृढ़ संकल्प के लिए जाने जाने वाले जीसस ने कबड्डी की दुनिया पर एक अमिट छाप छोड़ी है। युबा शहर, कैलिफ़ोर्निया में लंबे समय से रहने वाले जीसस का देहांत हो गया। वह अपने प्रियजनों के दिलों में यादें छोड़कर गया। कबड्डी जगत की हस्तियों ने सोशल मीडिया पर जीसस के परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।

    कैलिफ़ोर्निया के युबा शहर में जन्मे और पले-बढ़े जीसस कबड्डी की दुनिया में एक चमकता सितारा थे। उनकी यात्रा रिवर वैली हाई स्कूल से शुरू हुई, जहां उन्होंने खेल के प्रति अपने कौशल और जुनून को निखारा। चूंकि कबड्डी समुदाय जीसस की मृत्यु पर शोक मना रहा है, उनके अंतिम संस्कार की घोषणा उनके परिवार द्वारा बाद में की जाएगी। उनकी विरासत उनके प्रियजनों द्वारा सांझा की गई यादों और कबड्डी की दुनियां पर उनके प्रभाव के माध्यम से जीवित रहेगी। जीसस को हमेशा एक सच्चे कबड्डी सुपरस्टार के रूप में याद किया जाएगा। जिनकी प्रतिभा, विनम्रता और दृढ़ संकल्प ने कई लोगों के दिलों को छू लिया।

    जीसस के असामयिक निधन से कबड्डी जगत में एक खालीपन आ गया है। उनके असाधारण कौशल, करिश्माई व्यक्तित्व और अटूट समर्पण ने उन्हें खेल में एक प्यारी हस्ती बना दिया। साधारण शुरुआत से लेकर कबड्डी सुपरस्टार बनने तक यीशु की यात्रा उनके लचीलेपन और जुनून का प्रमाण है। कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, वह उत्कृष्टता की अपनी खोज में कभी नहीं डगमगाए। जीसस की विरासत महत्वाकांक्षी कबड्डी खिलाड़ियों को अपने सपनों का पीछा करने और बाधाओं पर काबू पाने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

  • पंजाबः जालंधर आ रहे अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्य हथियारों सहित गिरफ्तार

    पंजाबः जालंधर आ रहे अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्य हथियारों सहित गिरफ्तार

    लुधियाना: खन्ना पुलिस ने हथियार सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 हथियार, 10 मैगजीन भी बरामद की हैं। मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी अमनीत कौंडल ने बताया कि एसपी डा. प्रज्ञा जैन की अगुवाई में सीआईए स्टाफ पुलिस नाकाबंदी के दौरान अमलोह चौक पर मौजूद थी। तभी मुखबिर ने सूचना दी कि अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्य राजस्थान से जालंधर की तरफ आ रहे हैं। गिरोह के सदस्य पंजाब और बाहर के राज्यों में हथियार के बल पर आम लोगों से नकदी व गाड़ियों की छीनाछपटी करते हैं। 

    पुलिस ने राजस्थान नंबर की कार को फोकल प्वाइंट के पास रोककर चैकिंग की तो उसमें सवार चार लोगों से पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान इनके कब्जे से हथियार बरामद हुए। पूछताछ के दौरान गौतम शर्मा ने बताया कि वह उक्त हथियार तकदीर सिंह निवासी एमपी से लाए हैं। जिसके बाद पुलिस ने उसको भी गिरफ्तार किया है। अंतरराज्यीय गिरोह के पांचों सदस्यों के पुलिस ने कुल 5 हथियार, 10 मैगजीन बरामद किए हैं। एसएसपी ने बताया कि पुलिस पूछताछ कर रही है। जल्द ही अहम खुलासे होंगे।

  • जिंदा है आतंकी गुरपतवंत पन्नू, संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय के सामने से वीडियो जारी कर दी धमकी, देखें वीडियो

    जिंदा है आतंकी गुरपतवंत पन्नू, संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय के सामने से वीडियो जारी कर दी धमकी, देखें वीडियो

    न्‍यूयॉर्क: अमेरिका में रह रहे खालिस्‍तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्‍नू ने दावा किया है कि वह अभी जिंदा है। इससे पहले सिख फॉर जस्टिस के संस्‍थापक पन्‍नू के कार हादसे में मारे जाने की खबरें आई थीं। अब पन्‍नू ने न्‍यूयॉर्क में संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय के बाहर से एक वीडियो जारी करके कार हादसे की सभी अटकलों को खारिज किया है। उसने दावा किया है कि इस वीडियो को कल यानि 5 जुलाई को ही शूट किया गया है। यही नहीं आतंकी पन्‍नू ने एक बार फिर से कनाडा, ऑस्‍ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन में भारतीय राजनयिकों को धमकी दी है।

    इस वीडियो में पन्‍नू को संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय के बाहर दिखाई दे रहा है। उसने वीडियो में कहा कि मैं संयुक्‍त राष्‍ट्र के मुख्‍यालय के बाहर खड़ा हूं। उसने कहा कि 16 जुलाई को मालटोन कनाडा में खालिस्‍तान की वोटिंग होगी। इसके बाद 10 सितंबर को वैंकुवर कनाडा में वोटिंग होगी। उसने दावा किया कि आतंकी नज्‍जर की हत्‍या के पीछे भारतीय राजनयिकों का हाथ है। इसके लिए उन्‍हें जिम्‍मेदार ठहराया जाएगा। उसने कहा कि मैं यही हूं जिसको मिलना हो आ जाओ।

    दरअसल, आतंकी नज्‍जर की हत्‍या के बाद खालिस्‍तानी आतंकी दहशत में आ गए हैं और छिपे हुए फिर रहे हैं। पन्‍नू भी पिछले कई दिनों से दिखाई नहीं दिया था। अब उसके मौत की अफवाह के बाद वह सामने आया है और वीडियो जारी करके एक बार फिर से भारत और भारतीय राजनयिकों को गीदड़भभकी दी है। इससे पहले सोशल मीडिया में अफवाह फैल गया था कि पन्‍नू अमेरिका में एक सड़क सड़क हादसे में मारा गया है। हालांकि आधिकारिक सूत्रों ने भी इसे तुरंत खारिज कर दिया था।

    इससे पहले खालसा टुडे के संपादक सुखी चहल ने भी पन्‍नू की मौत की खबर को खारिज किया था। उन्‍होंने कहा कि कैलिफोर्निया में पन्‍नू की कार के हादसे की खबर फर्जी है। उन्‍होंने कहा कि लोग फर्जी सूचना फैलाने से परहेज करें। पन्‍नू को साल 2020 में भारत सरकार ने आतंकी घोषित किया था। पन्‍नू पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का पिट्ठू है और अक्‍सर भारत के विरोध में धमकीभरे बयान देता रहता है। वह दुनिया के कई देशों में खालिस्‍तान को लेकर जनमत संग्रह करा रहा है।