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  • Punjab News: मार्केट से 24 घंटे में 2 एक्टिवा चोरी, देखें वीडियो

    Punjab News: मार्केट से 24 घंटे में 2 एक्टिवा चोरी, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले के गिल चौक में स्कूटर मार्केट में चोरों के बुलंद हौसलों ने सनसनी फैला दी है। पुलिस की चौकसी के दावों के बीच, बीती रात बेखौफ चोरों ने मार्केट से दो एक्टिवा पर हाथ साफ कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले एक हफ्ते के भीतर इसी इलाके में चोरी की यह दूसरी बड़ी वारदात है जिससे स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष और डर का माहौल है। मार्केट के प्रधान दीपक अरोड़ा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि देर रात तीन शातिर चोर एक ही बाइक पर सवार होकर आए थे।

    उन्होंने पूरी प्लानिंग के साथ दुकान का शटर उठाया और वहां खड़ी दो एक्टिवा लेकर रफूचक्कर हो गए। यह पूरी वारदात दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में चोरों की मूवमेंट साफ देखी जा सकती है। घटना की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 6 के एसएचओ अमरजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएचओ ने बताया मुझे ड्यूटी ऑफिसर लखवीर सिंह ने फोन पर इस चोरी की सूचना दी थी।

    मैंने अभी कल ही इस थाने का चार्ज संभाला है और आते ही यह बड़ी वारदात सामने आई है। व्यापारियों ने पुरानी चोरियों के बारे में भी बताया है। हम सीसीटीवी खंगाल रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजेंगे। एक हफ्ते में दूसरी बार हुई इस वारदात से दुकानदार भड़के हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों तक सीमित है, जिसका फायदा अपराधी उठा रहे हैं। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इलाके में सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

  • Jalandhar News: खुले आसमान में पड़े नए CNG Auto, अधिकारियों की कमी को लेकर मेयर विनीत धीर का आया बयान, देखें वीडियो

    Jalandhar News: खुले आसमान में पड़े नए CNG Auto, अधिकारियों की कमी को लेकर मेयर विनीत धीर का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: नगर निगम की ओर से कुछ साल पहले नए सीएनसी ऑटो खरीदे गए थे। लेकिन दफ्तर के पास बिना छत के नीचे 8 ऑटो पड़े हुए है। बताया जा रहा है कि नए सीएनजी ऑटो के कुछ पार्ट को जंग लग गया है और कुछ खराब हो रहे है। हालांकि मेयर द्वारा हाउस मीटिंग में प्रस्ताव पास करके नई मशीनरी मंगवाई जाती है। लेकिन कुछ अधिकारियों द्वारा मशीनरी का सही इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।

    यहीं कारण है कि कुछ नए ऑटो खुले आसमान में खराब होने शुरू हो गए है। वहीं इस मामले को लेकर आज मेयर विनीत धीर ने कहा कि यह नए ऑटो ओएंडएम सेल के लिए खरीदे थे, लेकिन बाद में यह फैसला लिया गया कि इन नए ऑटो को ओएंडएम सेल की जगह शहर के फ्रैश बेस्ड की मैनेजमेंट में लाया जाए। ऐसे में जमीनी स्तर पर उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ रही है। दरअसल, नए ऑटो को फ्रैश बेस्ड के लिए किसी ऐसे कर्मी को नहीं दिया जा सकता तो अच्छे तरीके से फ्रैश बेस्ड का सही से काम करने में असमर्थ हो। मेयर ने माना कि इसी के चलते काम को शुरू करने में देरी हुई है।

    वहीं ऑटो में बैटरी चोरी होने को लेकर अधिकारियों को जांच के आदेश दे दिए गए है। वहीं बैटरी चोरी को लेकर एफआईआर दर्ज करवा दी गई है और जल्द समस्या को हल कर लिया जाएगा। विनीत धीर ने इन नए ऑटो को इस्तेमाल में लाने के निर्देश दे दिए गए है, वहीं अगर इस्तेमाल नहीं किया जाता तो इन ऑटो को खुले आसमान की जगह छत के नीचे रखा जाए। खुले आसमान में पड़े नए ऑटो की मशीनरी खराब होने को लेकर अधिकारियों की लापरवाही को भी मेयर ने स्वीकार किया है। मेयर ने कहाकि हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारी श्री कृष्ण सस्पेंड हो गए थे और उन्हें एक माह का समय हो गया है और इसी कारण काम में भी देरी रही, जल्द इस समस्या को हल कर लिया जाएगा।

     

     

     

  • राज चुनाव आयोग द्वारा 9 नगर निगमों और 104 नगर परिषदों के लिए आम/उपचुनाव संबंधी मतदाता सूचियों के संशोधन की प्रक्रिया शुरू

    राज चुनाव आयोग द्वारा 9 नगर निगमों और 104 नगर परिषदों के लिए आम/उपचुनाव संबंधी मतदाता सूचियों के संशोधन की प्रक्रिया शुरू

    चंडीगढ़: पंजाब राज्य में निकट भविष्य में होने वाले 9 नगर निगमों (बरनाला, बठिंडा, अबोहर, बटाला, होशियारपुर, कपूरथला, मोगा, एस.ए.एस. नगर और पठानकोट) तथा 104 नगर परिषदों/नगर पंचायतों के आम एवं उपचुनाव-2026 के मद्देनज़र राज्य चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों के संशोधन की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। इस संबंध में राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नर-सह-जिला चुनाव अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त मौजूदा मतदाता सूचियां संबंधित जिलों को उपलब्ध करा दी गई हैं, जहां-जहां नगर निकाय चुनाव होने हैं। यह संशोधन स्थानीय सरकार विभाग द्वारा अंतिम रूप दी गई वार्डबंदी के अनुसार किया जाएगा।

    संबंधित नगर निकाय क्षेत्रों के योग्य मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे ड्राफ्ट मतदाता सूची में अपने नाम और विवरणों की पुष्टि अवश्य करें। यह सूची 15 अप्रैल 2026 को संबंधित जिलों की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। आयोग ने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 17 अप्रैल 2026 से 23 अप्रैल 2026 (दोनों दिन शामिल) तक 7 दिन की अवधि निर्धारित की है।इसके अतिरिक्त, सभी डिप्टी कमिश्नरों को 20 और 21 अप्रैल 2026 को मतदाता नामांकन के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा 30 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 5 मई 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जो जिलों की वेबसाइट पर आम जनता के लिए उपलब्ध होगी।

    नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए पात्रता तिथि 23 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। अर्थात, जो भी व्यक्ति इस तिथि को 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेता है, वह अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के लिए पात्र होगा। दावे और आपत्तियां दर्ज कराने हेतु निर्धारित प्रपत्र (फॉर्म-7, 8 और 9) संबंधित एसडीएम-सह-निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में उपलब्ध होंगे। इसके अतिरिक्त, इन्हें आयोग की वेबसाइट <sec.punjab.gov.in> से डाउनलोड कर भरकर संबंधित कार्यालय में जमा कराया जा सकता है। राज्य चुनाव आयोग ने आम जनता से अपील की है कि वे मतदाता सूची की शुद्धता और समावेश सुनिश्चित करने के लिए इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं तथा इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

  • मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बड़ा बयान, हर किसान की फसल खरीदेगी सरकार

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बड़ा बयान, हर किसान की फसल खरीदेगी सरकार

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि वे फसल खरीद को लेकर किसानों को भ्रमित कर रहे हैं, जबकि वर्तमान सरकार मंडियों में सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। प्रत्येक मंडी में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मंत्री व विधायक लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल पर हमला बोलते हुए कहा कि उस समय किसानों को फसल बेचने के लिए लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था, भुगतान में देरी होती थी और व्यवस्था बेहद धीमी थी, जबकि अब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने फसल खरीद की स्थिति बताते हुए कहा कि 28 मार्च से सरसों की खरीद जारी है, जिसमें अब तक 16,046 मीट्रिक टन आवक हुई है और 3,421 मीट्रिक टन की सरकारी खरीद की जा चुकी है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹6,200 प्रति क्विंटल के हिसाब से लगभग ₹4.94 करोड़ का भुगतान DBT के माध्यम से किया गया है। वहीं 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद भी जारी है, जिसमें 17.37 लाख मीट्रिक टन आवक दर्ज हुई है और 3.92 लाख मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। गेहूं के लिए ₹2,585 प्रति क्विंटल MSP के अनुसार ₹13.09 करोड़ का भुगतान किसानों के खातों में ट्रांसफर किया गया है।

    उन्होंने बताया कि हाल ही में बारिश से फसल नुकसान के मद्देनजर हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिलों के लिए मुआवजा पोर्टल खोल दिया गया है, जहां अब तक 1,350 किसानों ने 10,088 एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण कराया है। इसके अलावा राज्य में मजदूरों के न्यूनतम वेतन में लगभग 35% की बढ़ोतरी की गई है, जिससे अकुशल से लेकर उच्च कुशल श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और पारदर्शिता के साथ किसानों व आम जनता के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

  • Punjab News: इमारत का लैंटर गिरने से मलबे में दबा व्यक्ति

    Punjab News: इमारत का लैंटर गिरने से मलबे में दबा व्यक्ति

    लुधियानाः खन्ना के अमलोह रोड पर आज उस समय हड़कंप मच गया जब एक पुरानी इमारत ढहाते समय उसका लैंटर अचानक नीचे गिर गया। इस भयानक हादसे में एक मजदूर मलबे के नीचे दब गया, जिसे लगभग आधे घंटे की कड़ी रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। जानकारी के अनुसार पेट्रोल पंप के नज़दीक स्थित करीब 25-30 साल पुरानी बिल्डिंग को गिराने का काम चल रहा था। जैसे ही मजदूरों ने बिल्डिंग के मुख्य बीम को तोड़ा, पूरा लैंटर अचानक नीचे आ गिरा।

    मौके पर मौजूद एक अन्य मजदूर ने बताया कि वह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहा, लेकिन उसका साथी मलबे की चपेट में आ गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दो जेसीबी मशीनें मंगवाईं गईं। करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद मजदूर को मलबे से निकालकर तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। बिल्डिंग के मालिक रमेश सूद के मुताबिक यह हादसा अचानक हुआ।

    इस हादसे ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा नियमों की कमी को फिर उजागर कर दिया है। मौके पर पहुंचे डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है कि क्या यह हादसा किसी लापरवाही के कारण हुआ। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि ऐसे जोखिम भरे कामों के दौरान कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाएं।

  • बच्चों के पुनर्वास और परिवार से पुनः जोड़ने की प्रक्रिया होगी और मजबूत : डॉ. बलजीत कौर

    बच्चों के पुनर्वास और परिवार से पुनः जोड़ने की प्रक्रिया होगी और मजबूत : डॉ. बलजीत कौर

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने जरूरतमंद और विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों के कल्याण के लिए एक और मानवीय तथा बाल हितैषी कदम उठाया है। बच्चों के लिए संवाद की सुविधा सुनिश्चित करने और भाषा संबंधी कठिनाइयों को दूर करने हेतु 42 स्पेशल एजुकेटर, 1 साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर और 48 अनुवादकों को पैनल में शामिल किया गया है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों को अक्सर अपनी भावनाओं और समस्याओं को व्यक्त करने में कठिनाई होती है, जिससे उनकी देखभाल और पुनर्वास की प्रक्रिया प्रभावित होती है। अब ये विशेषज्ञ बच्चों और चाइल्ड वेलफेयर अथॉरिटीज के बीच संवाद को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

    डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि ये स्पेशल एजुकेटर, साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर और अनुवादक बच्चों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने, उनकी काउंसलिंग करने, पुनर्वास प्रक्रिया को तेज करने तथा बच्चों को उनके परिवारों या अभिभावकों से पुनः जोड़ने में सहायता करेंगे।

    पंजाब सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करना भी है। इस पहल से विशेष जरूरतों वाले बच्चों की भावनाओं को समझने और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में बड़ी मदद मिलेगी। पंजाब सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और विशेष रूप से बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार के मानवीय कदम निरंतर उठाए जा रहे हैं।

  • हरियाणा में 4 IAS व 13 HCS अधिकारियों के तबादले

    हरियाणा में 4 IAS व 13 HCS अधिकारियों के तबादले

    चंडीगढ़- हरियाणा ने तत्काल प्रभाव से 4 आईएएस और 13 एचसीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। आईएएस अधिकारी विजय कुमार सिद्धप्पा भाविकट्टी, को राज्यपाल का सचिव, श्रम आयुक्त तथा श्रम विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। अनीश यादव, जो वर्तमान में विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक तथा विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे, को हैफेड तथा हरियाणा इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग कॉरपोरेशन, गनौर के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। विक्रम को दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम का प्रबंध निदेशक तथा ऊर्जा विभाग का विशेष सचिव लगाया गया है। वे हरियाणा मिनरल्स लिमिटेड, नई दिल्ली के प्रबंध निदेशक भी रहेंगे। सचिन गुप्ता, जो वर्तमान में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त सचिव तथा एचएसएमआईटीसी के प्रबंध निदेशक तथा रोहतक के उपायुक्त हैं,  को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, रोहतक के प्रशासक तथा शहरी सम्पदा, रोहतक अतिरिक्त निदेशक का कार्यभार भी सौंपा गया है।

    एचसीएस अधिकारियों में श्री अमित कुमार-1 को उपमंडल अधिकारी (नागरिक), पुन्हाना लगाया गया है। वीरेंद्र चौधरी को श्री शम्भू के स्थान पर जिला परिषद कुरुक्षेत्र तथा डीआरडीए कुरुक्षेत्र का मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। मनीष कुमार लोहान, जो वर्तमान में नागरिक उड्डयन विभाग के अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं, को खान एवं भूविज्ञान विभाग तथा सूचना, जनसम्पर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक का कार्यभार भी सौंपा गया है। सुरेंद्र सिंह-2 को मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां, सोनीपत में अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) नियुक्त किया गया है। वेद प्रकाश को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) डबवाली; श्री भूपेंद्र सिंह को उपमंडल अधिकारी (नागरिक), पलवल तथा श्री अश्वीर सिंह को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बरवाला लगाया गया है। संजीव कुमार को श्री मनोज कुमार-1 के स्थान पर उपमंडल अधिकारी (नागरिक) बावल नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार, एचसीएस अधिकारी सुश्री अनमोल को सहकारी चीनी मिल, सोनीपत का प्रबंध निदेशक लगाया गया है।

    सुश्री ज्योति नागपाल को सिटी मजिस्ट्रेट गुरुग्राम; सुश्री सपना यादव को संयुक्त निदेशक (प्रशासन), हिपा गुरुग्राम; हनी बंसल को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) फरीदाबाद तथा श्री अंकित कुमार-2 को उपमंडल अधिकारी (नागरिक) गोहाना नियुक्त किया गया है। एचसीएस अधिकारी श्री शंभू तथा श्री मनोज कुमार-1 के नियुक्ति आदेश बाद में जारी किए जाएंगे। दोनों अधिकारी कार्यमुक्त होने के बाद मुख्य सचिव कार्यालय में अपनी ज्वाइनिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

  • बड़ा हादसा: Punjab के श्रद्धालुओं का स्टीमर पैंटून पुल से टकराकर पलटा, 10 की मौत, देखें वीडियो

    बड़ा हादसा: Punjab के श्रद्धालुओं का स्टीमर पैंटून पुल से टकराकर पलटा, 10 की मौत, देखें वीडियो

    मथुराः यूपी के वृंदावन में स्थित यमुना नदी में 30 लोगों से भरा स्टीमर पैंटून पुल से टकराकर यमुना नदी में पलट गया। इस हादसे को लेकर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। वहीं स्टीमर पलटने से चीख-पुकार मच गई। इसके बाद आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े। पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। बिना देर किए गोताखोर यमुना नदी में डूबे लोगों की तलाश में जुट गए। बताया जा रहा है कि इस स्टीमर पर पंजाब से आए 30 से अधिक पर्यटक सवार थे। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई।

    हादसे को लेकर मथुरा डीएम चंद प्रकाश सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है। डीएम ने बताया कि अभी तक 14 लोगों को बचा लिया गया है। एनडीआरएफ और आर्मी के लोगों से भी मदद मांगी गई है। एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच रही है। हालांकि अभी भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। जिनकी तलाश के लिए राहत-बचाव कार्य जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार हादसे में 30 लोगों के डूबने की सूचना आई। हादसे के शिकार हुए श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जो वृदावंन में दर्शन-पूजन के लिए आए थे।

    चंद्रप्रकाश ने बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी है। स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीम और मथुरा आर्मी स्टेशन से भी मदद मांगी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और बचाव दल का सहयोग करने की अपील की है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में हुए हादसे का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

  • स्वास्थ्य सेवाएँ पंजाब के हर नागरिक के लिए ; ‘सेहत कार्ड’ के लिए आयु, लिंग या आय की कोई बाधा नहीं : डॉ. बलबीर सिंह

    स्वास्थ्य सेवाएँ पंजाब के हर नागरिक के लिए ; ‘सेहत कार्ड’ के लिए आयु, लिंग या आय की कोई बाधा नहीं : डॉ. बलबीर सिंह

    चण्डीगढ़: चिकित्सकीय आपात स्थिति अक्सर बिना किसी पूर्व चेतावनी के आती है; जो परिवारों को न केवल स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं, बल्कि इलाज के खर्च के बोझ की चिंता में धकेल देती है l इस चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ की शुरुआत की, जिसका स्पष्ट उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब के परिवार बिना किसी आर्थिक चिंता के समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त कर सकें। भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता ‘सेहत कार्ड’ के माध्यम से साकार हो रही है, जो पूरे राज्य में परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने  के साथ-साथ उनमें विश्वास पैदा कर रहा है।

    योजना की समावेशी प्रकृति और बढ़ती पहुँच को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, सेहत कार्ड सभी के लिए है; इसमें आयु, लिंग या आय की कोई बाधा नहीं है। जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ रही है, अधिक परिवार कवरेज प्राप्त करने और अप्रत्याशित चिकित्सा खर्चों से खुद को सुरक्षित करने के लिए आगे आ रहे हैं। इस योजना के तहत अब तक 2 लाख से अधिक उपचार किए जा चुके हैं, जिनमें कैंसर उपचार, हृदय संबंधी हस्तक्षेप और अस्थि शल्य चिकित्सा (ऑर्थोपेडिक सर्जरी)जैसे महत्त्वपूर्ण उपचार शामिल हैं। अब तक इस योजना के तहत ₹300 करोड़ से अधिक लागत के उपचार प्रदान किए जा चुके हैं, जिसे और मजबूत करने के लिए पंजाब बजट 2026–27 में ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत परिवारों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का नकदरहित उपचार प्राप्त होता है, जिससे किसी भी मरीज को आर्थिक बाधाओं या आपात स्थिति में पैसों की कमी के कारण इलाज में देरी न करनी पड़े। अधिकतम पहुँच सुनिश्चित करने और प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए पंजाब सरकार द्वारा प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक गुरुद्वारों, पंचायत घरों, मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों जैसे सुलभ स्थानों पर पंजीकरण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। ये शिविर विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु बनाए गए हैं, जिन्हें औपचारिक केंद्रों तक पहुँचने में कठिनाई हो सकती है।

    नागरिकों के लिए स्पष्ट रणनीति प्रदान करते हुए, पंजाब सरकार ने पंजीकरण के लिए एक सरल छह-चरणीय प्रक्रिया भी निर्धारित की है। निवासी बिना किसी पूर्व नियुक्ति के निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर , सरकारी पंजीकरण शिविर या सेवा केंद्र पर सीधे जा सकते हैं। आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी और नाबालिगों के लिए जन्म प्रमाण पत्र   साथ लाने होंगे; ताकि परिवार के सभी सदस्य(जो पंजाब के निवासी होने चाहिए) योजना के अंतर्गत कवर हो सकें।

    यह योजना प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹10 लाख की साझा कवरेज प्रदान करती है, इसलिए सभी सदस्यों का एक साथ पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पंजीकरण स्थल पर अधिकारी प्रक्रिया पूरी करने में सहायता करते हैं, जिसके बाद लाभार्थियों को सेहत कार्ड सक्रिय होने की पुष्टि हेतु एसएमएस (एस एम एस ) प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त, सुगम पंजीकरण के लिए निवासियों को आधार कार्ड, वोटर आईडी, स्मार्ट राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हों) और किसानों के लिए जे-फॉर्म (यदि लागू हो) जैसे सहायक दस्तावेज साथ लाने की सलाह दी जाती है। सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए, पंजाब सरकार निवासियों को निर्दिष्ट केंद्रों और ज़मीनी स्तर के शिविरों के माध्यम से सेहत कार्ड के लिए पंजीकरण करने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है, ताकि हर परिवार मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत नकदरहित उपचार का लाभ उठा सके।

    सरल मार्गदर्शिका: छह चरणों में सेहत कार्ड के लिए पंजीकरण करें

    चरण 1: किसी अपॉइंटमेंट की आवश्यकता नहींl
    आप सीधे किसी केंद्र या शिविर में जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं।

    चरण 2: पंजीकरण स्थल पर जाएँ l
    • आप जा सकते हैं :
    -निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सी एस सी ) पर
    -सरकारी पंजीकरण शिविर पर
    -सेवा केंद्र पर

    चरण 3: आवश्यक दस्तावेज साथ लाएँ l

    परिवार के सभी सदस्यों के लिए निम्नलिखित दस्तावेज साथ लाएँ:
    • आधार कार्ड
    • वोटर आईडी
    • नाबालिगों के लिए जन्म प्रमाण -पत्र
    • सभी सदस्य पंजाब के निवासी होने चाहिए

    चरण 4: पारिवारिक कवरेज को समझें
    • यह योजना प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹10 लाख तक का कवर प्रदान करती है। यह राशि परिवार के सभी सदस्यों के बीच साझा होती है, इसलिए सभी के लिए दस्तावेज़ साथ लाना महत्त्वपूर्ण है।

    चरण 5: पंजीकरण पूरा करें
    • केंद्र या शिविर में अधिकारी आपकी जानकारी दर्ज करने और प्रक्रिया पूरी करने में आपकी सहायता करेंगे।

    चरण 6: पुष्टि प्राप्त करें
    • पंजीकरण होने के बाद आपको एक एसएमएस प्राप्त होगा, जो आपके सेहत कार्ड लाभों के सक्रिय होने की पुष्टि करेगा।

    साथ लाने वाले दस्तावेज:
    • आधार कार्ड (पहचान और पते का प्रमाण- पत्र)
    • वोटर आईडी
    • स्मार्ट राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो)
    • जे-फॉर्म (किसानों के लिए, यदि लागू हो)

  • हरियाणा में बड़ा DBT ट्रांसफर: 1665 करोड़ सीधे खातों में, महिलाओं और पेंशनर्स को फायदा

    हरियाणा में बड़ा DBT ट्रांसफर: 1665 करोड़ सीधे खातों में, महिलाओं और पेंशनर्स को फायदा

    चंडीगढ़- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में 1665 करोड़ 25 लाख रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की है। इसमें ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना, 15 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, दयालु योजना और अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को ट्रैक्टर सब्सिडी शामिल है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा निवास में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप डबल इंजन की सरकार महिला सशक्तिकरण और उनके आर्थिक विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी भी उपस्थित थे।

    उन्होंने कहा कि आज ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी’ योजना की छठी किस्त जारी की है। इस योजना के तहत 9 लाख 68 हजार लाभार्थी महिलाओं के खातों में 203 करोड़ 28 लाख रुपये की राशि डाली गई है। इसे मिलाकर अब तक 6 किस्तों में 1,038 करोड़ 5 लाख रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 6 हजार 500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 तरह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत भी 1144 करोड़ 55 लाख रुपये की राशि सीधे 35 लाख 55 हजार 187 लाभार्थियों के खातों में डाली गई है। इनमें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और दिव्यांगजन भत्ता और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन शामिल हैं। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के समय में तो 6-6 महीने और 1—1 साल तक पेंशन ही नहीं बनती थी, और अगर बनती भी थी तो उसमें भ्रष्टाचार होता था। लेकिन हमारी सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन करते हुए ‘प्रो-एक्टिव मॉडल’ को अपनाया है। इसके तहत परिवार पहचान पत्र डेटाबेस के आधार पर पात्रता स्वयं निर्धारित होती है और पात्र नागरिकों को बिना दफ्तरों के चक्कर काटे, बिना आवेदन किए घर बैठे ही भत्ते का लाभ मिल रहा है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से किया जा रहा यह भुगतान हमारी पारदर्शिता और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिससे यह सुनिश्चित हो रहा है कि राज्य की सहायता हर जरूरतमंद तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

    फरीदाबाद में 2 फायरकर्मियों की मृत्यु के मामले में परिजनों को मिलेगी सहायता राशि और नौकर

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फरीदाबाद में एचकेआरएन के तहत कार्यरत दो फायरकर्मियों की डयूटी के दौरान हुए दुखद हादसे में मृत्यु पर सरकार ने तुरंत राहत के रूप में प्रति परिवार 30 लाख रुपये की राशि जारी करने का निर्णय लिया है। हरियाणा परिवार सुरक्षा न्यास के माध्यम से 10 लाख रुपये प्रति परिवार तथा मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये प्रति परिवार जारी की जा रही है। इसके अतिरिक्त उनके परिवार के किसी एक आश्रित को एचकेआरएन के तहत नौकरी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त इंश्योरेंस के रूप में भी वित्तीय सहायता पीड़ित परिवारों को दिलवाने के लिए सरकार प्रयासरत है।