Home National Operation Sindoor के बाद अब इन हथियारों के लिए झुका पाकिस्तान, भारत की होगी ये कार्रवाई

Operation Sindoor के बाद अब इन हथियारों के लिए झुका पाकिस्तान, भारत की होगी ये कार्रवाई

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Operation Sindoor के बाद अब इन हथियारों के लिए झुका पाकिस्तान, भारत की होगी ये कार्रवाई
नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी। इस आपरेशन के बाद पाकिस्तान की सेना और सरकार में काफी हलचल मची हुई थी। पाकिस्तान को इस संघर्ष में काफी नुकसान हुआ है। इसके उसने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। साथ ही चीन के साथ उसकी रक्षा भागीदारी और भी गहरी हो गई है। पाकिस्तान ने अपनी सैन्य कमियों को समझा और उन्हें दूर करने के लिए तेजी से काम शुरु किया। सबसे पहले उसने पुराने बमों और आतंकवादी लॉन्च पैड्स को सीमा से दूर जंगलों या गहरे इलाकों में शिफ्ट कर दिया ताकि भारत की अगली कार्रवाई में आसानी से नष्ट हो पाए।

हमले का मुकाबला कर पाए

पाकिस्तान ने अपनी सेना की कमान व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया। उसने जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के पद को बदलकर एक नया पद चीफ आफ डिफेंस फोर्स बनाने का फैसला किया। इसका मकसद थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल बैठाना है। साथ ही पाकिस्तान आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड बनाने की योजना बना रहा है जो लंबी दूरी के मिसाइल हमलों पर फोकस करेगी। पाकिस्तान ने हथियार खरीद भी तेज कर दी है। उसने चीन से एडवांस्ड ड्रोन्स, सरफेस टू एयर मिसाइलें फाइटर जेट्स और सबमरीन्स खरीदने के लिए सौदे किए हैं। तुर्की से भी ड्रोन्स और हमले वाले हथियार लिए गए है। पाकिस्तान की सेना अब लगातार प्रशिक्षण और नई तकनीकों पर जोर दे रही है ताकि भविष्य के हमले का मुकाबला कर सके। आपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को खुलकर मदद की। चीन ने पाकिस्तान को रीयल टाइम इंटेलिजेंस, सैटेलाइट डेटा और इलेक्ट्रोनिक सपोर्ट दिया है। पाकिस्तान में चीनी J-10c फाइटर जेट्स PL-15 मिसाइलें और HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम इस्तेमाल किया। इस संघर्ष ने दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत कर दिया। ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने चीन से और बड़े सौदे किए। इसमें J-35 स्टेल्थ फाइटर जेट्स KJ-500 Airborne Warning Aircraft, HQ-19 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और नई पनडुब्बियों की खरीद शामिल हैं। चीन अब पाकिस्तान को 5th जेनरेशन तकनीक भी दे रहा है। दोनों देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त सैन्य अभ्यास भी बढ़ गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान चीन की रक्षा साझेदारी कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है। यह अब सिर्फ हथियार खरीदने तक सीमित नहीं है बल्कि रीयल टाइम सहयोग, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और संयुक्त रणनीति तक पहुंच गई है। पाकिस्तान अभी भी अपनी सेना को आधुनिक बनाने में लगा हुआ है हालांकि एक्सपर्ट्स मानता है कि आर्थिक संकट के कारण पाकिस्तान को ये तैयारियां पूरा आसान नहीं होगा। भारत के लिए यह स्थिति चुनौती भरी है क्योंकि चीन-पाकिस्तान गठबंधन अब और करीब आ गया है। दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी जारी है। पाकिस्तान कह रहा है कि वह किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है।          

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