- फर्जी जानकारी: पूजा खेड़कर पर आरोप है कि उन्होंने अपने आवेदन में गलत जानकारी दी, जिससे उन्हें परीक्षा में बैठने का मौका मिला।
- दस्तावेजों में गड़बड़ी: जांच में यह पाया गया कि उन्होंने चयन प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
- यूपीएससी और दिल्ली पुलिस ने पूजा खेड़कर की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया।
- प्राथमिकी दर्ज: पुलिस ने पूजा खेड़कर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
- गंभीर आरोप: दिल्ली पुलिस ने बताया कि पूजा ने सिविल सेवा परीक्षा में आवेदन करते समय अपनी पहचान छुपाई और फर्जी जानकारी दी।
- यूपीएससी ने जुलाई 2024 में पूजा खेड़कर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी।
- फर्जी तरीके से चयन: यूपीएससी ने आरोप लगाया कि पूजा ने आरक्षण का गलत लाभ उठाकर परीक्षा में सफलता पाई।
- जांच में खुलासे: मामले की जांच में यह भी पता चला कि पूजा ने दिव्यांग और ओबीसी कोटे के तहत चयन पाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
- अनुचित सुविधाओं की मांग: पूजा पर आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी के चैंबर पर कब्जा किया और निजी ऑडी कार में लाल बत्ती और ‘महाराष्ट्र सरकार’ की प्लेट लगवाई।
- शिकायत के बाद ट्रांसफर: पुणे के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर सुहास दिवासे ने उनके खिलाफ शिकायत की, जिसके बाद उनका ट्रांसफर वाशिम कर दिया गया।