प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो सके। मिली जानकारी के अनुसार राजस्व एवं प्रशासनिक विभाग की ओर से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंत्री श्वेता गुप्ता के आवास परिसर से सटे उस हिस्से पर कार्रवाई की गई, जिसे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के रूप में चिह्नित किया गया था। अधिकारियों ने नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद बुलडोजर से निर्माण को हटाया। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जा रही है। अभियान के तहत जहां भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण पाया जा रहा है, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंत्री के आवास से जुड़े मामले में बुलडोजर कार्रवाई होने के कारण लोगों के बीच इसे लेकर खास उत्सुकता देखी जा रही है। हालांकि अभी तक मंत्री श्वेता गुप्ता या उनके प्रतिनिधियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट और संबंधित विभाग के आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि अब तक कोई भी अधिकारी एक बुलडोजर एक्शन पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि अतिक्रमण का वास्तविक दायरा कितना था और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया किन तथ्यों के आधार पर की गई।