Blog

  • हरदीप सिंह मुंडियां ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को पदोन्नति पत्र सौंपे

    हरदीप सिंह मुंडियां ने तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को पदोन्नति पत्र सौंपे

    चंडीगढ़: पंजाब के राजस्व मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने आज पंजाब भवन में नव पदोन्नत राजस्व अधिकारियों को पदोन्नति पत्र वितरित किए। राजस्व मंत्री ने वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने वाले 14 तहसीलदारों और 13 नायब तहसीलदारों को बधाई देते हुए कहा कि ये पदोन्नतियां राज्य में राजस्व प्रशासन को और मज़बूत बनाने के साथ-साथ अधिकारियों की मेहनत और वर्षों की सेवा का उचित सम्मान हैं। अधिकारियों को संबोधित करते हुए स. मुंडियां ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार कर्मचारियों को उनका अधिकार समय पर देने के लिए प्रतिबद्ध है।  पारदर्शी और योग्यता आधारित पदोन्नतियों से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और सरकारी सेवाओं की कार्यक्षमता में सुधार होता है।

    पदोन्नत अधिकारियों की तैनाती उनके द्वारा दिए गए तीन पसंदीदा स्टेशनों में से एक पर उनके निवास स्थान के नज़दीक की गई है। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कार्य और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन सुनिश्चित करना है, ताकि अधिकारी अधिक एकाग्रता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा सकें। क्षेत्रीय अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करते हुए माल मंत्री ने विभाग के कामकाज में और सुधार के लिए अधिकारियों से सुझाव भी आमंत्रित किए। उन्होंने कहा कि ज़मीनी स्तर से मिलने वाली फीडबैक नीतियों में सुधार और जवाबदेह व प्रभावी शासन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    मान सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत बनाने जैसी पहलें भविष्य में भी जारी रहेंगी। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव-सह-वित्त आयुक्त राजस्व  अनुराग वर्मा ने भी नव पदोन्नत अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी ज़िम्मेदारियों को ईमानदारी, समर्पण और पेशेवर तरीके से निभाते हुए जनसेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। समारोह के दौरान सचिव राजस्व-सह-निदेशक आपदा प्रबंधन स. मनवेश सिंह सिद्धू तथा विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

  • Punjab News: जमीनी विवाद को लेकर 2 पक्षों में खूनी झड़प, जमकर चले डंडे, 4 घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: जमीनी विवाद को लेकर 2 पक्षों में खूनी झड़प, जमकर चले डंडे, 4 घायल, देखें वीडियो

    कपूरथलाः सल्तानपुर लोधी के गांव सरदुल्लापुर में जमीन के विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव उस समय हिंसक झड़प में बदल गया जब दोनों ओर के लोग आमने-सामने आ गए। इस घटना में जमकर डंडे बरसाएं गए। झगड़े के दौरान दोनों पक्षों के 4 व्यक्ति घायल हो गए। चारों घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मौके पर हंगामे वाली स्थिति बन गई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए स्थानीय लोगों और पुलिस ने हस्तक्षेप किया। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों में काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जो हिंसक रूप धारण कर गया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई है।

    इस संबंध में सिविल अस्पताल में जांच के दौरान पहले पक्ष के गुरचरण सिंह निवासी भिमकदीम के पुत्र मंजीत सिंह मुताबकि, वह और उनका परिवार लगभग 50 वर्षों से उक्त जमीन पर काबिज और किसानों के रूप में हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर दूसरी पक्ष से कई दर्खास्तें दी गई थीं, जिसके तहत विभिन्न पंचायतें भी हुईं। मंजीत के मुताबिक पंचायतों में हमने स्पष्ट कहा था कि दूसरी पक्ष नियमों के अनुसार जमीन का निशानदेही कराएगी और यदि निशानदेही के बाद कोई जमीन उनके हिस्से में आती है तो वह बिना विरोध के वह जमीन छोड़ देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी पक्ष ने इस बात को नजरअंदाज करते हुए बड़ी संख्या में हथियारबंद व्यक्तियों को बुलाकर उनके द्वारा बोई गई गेहूं की फसल को काटने का प्रयास किया और जमीन पर जबरदस्ती कब्जा करने को लेकर हमला कर दिया। इस हमले में उनके पिता और अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

    उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष द्वारा जमीन के चारों ओर मोर्चे बनाए गए थे ताकि माहौल खराब किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि विरोधी पक्ष द्वारा लगाए जा रहे गोलीबारी के आरोप बिल्कुल बुनियादी हैं। जो भी किया है, वह दूसरी पक्ष ने खुद ही किया है। इस संबंध में बातचीत करते हुए दूसरी पक्ष से सिविल अस्पताल में जेरे इलाज हरजिंदर सिंह बूबू निवासी गांव हाजीपुर ने बताया कि हमारी जमीन सरदुल्लापुर में पड़ती है। जो कि हमारी वरासती जमीन है और हमने वहां गेहूं की बोवाई की थी। जब हम अपनी जमीन से गेहूं निकालने के लिए गए तो दूसरी पक्ष ने हम पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने हम पर फायरिंग भी की। जिसके कारण गाड़ी का टायर भी पंचर हो गया और कंपाइने मशीन पर भी शरले लगे।

    इन्होंने ट्रैक्टर पर बैठे मेरे बेटे पर भी हमला किया और उसकी मारपीट की तथा उसके ऊपर भी तेजधार हथियारों से वार किए। जो कि घायल हालत में हमारे ही साथ जेरे इलाज है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवक भी घटना स्थल पर मौजूद हैं जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया है। मामले संबंधी बातचीत करते हुए एसआई सतिंदर सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत हम मौके पर पहुंचे थे, लेकिन हमें वहां किसी तरह की गोली या गोली की आवाज सुनाई देने की बात नहीं निकली। दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ है, जो गेहूं निकालने को लेकर हुआ है। विवाद यह है कि इन दोनों पक्षों का कहना है कि जमीन हमारी है। मामला पहले भी थाने पहुंचा था, दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाई गई थी। एसआई ने कहा कि एमएलआर रिपोर्टों का मसूल होने के बाद, संबंधित कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जाएगी।

     

     

  • Punjab News: पंजाब में ₹1300 करोड़ से 2120 किमी सड़कें बनेंगी, नई इंडस्ट्रियल पार्क नीति जल्द: मंत्री संजीव अरोड़ा

    Punjab News: पंजाब में ₹1300 करोड़ से 2120 किमी सड़कें बनेंगी, नई इंडस्ट्रियल पार्क नीति जल्द: मंत्री संजीव अरोड़ा

    चंडीगढ़ / पटियाला, 10 अप्रैल 2026:पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, स्थानीय सरकार और बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने पटियाला में आयोजित एमएसएमई (MSME) की जिला स्तरीय बैठक में उद्योगपतियों के साथ विस्तृत बातचीत की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों की समस्याएं सुनीं और कई मुद्दों का मौके पर ही समाधान किया।

    इस बैठक में पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह भी मौजूद रहे। उद्योग विभाग के अधिकारियों और उद्योगपतियों ने सरकार की नई नीतियों और पहल की सराहना की।

    ₹1300 करोड़ से सड़क निर्माण और शहरों में सुधार पर जोर

    बैठक के दौरान मंत्री संजीव अरोड़ा ने स्थानीय सरकार विभाग को शहरों में सफाई और सीवरेज व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं देना सरकार की पहली जिम्मेदारी है।

    उन्होंने घोषणा की कि मई माह के अंत तक पंजाब के शहरी क्षेत्रों में ₹1300 करोड़ की लागत से 2120 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी अलग से योजना तैयार की गई है, जिससे पूरे राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके।

    नई इंडस्ट्रियल पार्क नीति से निवेश को मिलेगा बढ़ावा

    मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार एक महीने के भीतर नई इंडस्ट्रियल पार्क नीति लागू करेगी। इस नीति के तहत कम से कम 25 एकड़ क्षेत्र में बड़े औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।

    उन्होंने कहा कि इन पार्कों का विकास उद्योगपतियों और रियल एस्टेट डेवलपर्स के सहयोग से किया जाएगा। निवेशक इन परियोजनाओं में आसानी से पंजीकरण कर सकेंगे और आवश्यक मंजूरियां प्राप्त कर पाएंगे।

    नई नीति के तहत छोटे और बड़े दोनों तरह के प्लॉट उपलब्ध होंगे, जिससे MSME सेक्टर को खास फायदा मिलेगा। मंत्री ने कहा कि यह कदम औद्योगिक विकास को तेज करेगा और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाएगा।

    किसानों, बिजली और नए सेक्टर पर सरकार का फोकस

    मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि फसलों के नुकसान या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी।

    उन्होंने नकली बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

    बिजली क्षेत्र के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले सोलर प्रोजेक्ट्स का पूरा आवंटन किया जाता था, लेकिन अब बिजली बोर्ड खुद टेंडर जारी कर रहा है, जिससे बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति 2026 के तहत फिल्म स्टूडियो, अस्पताल और होटल जैसे नए क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। MSME सेक्टर को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, क्योंकि यह उद्योग की रीढ़ है।

    पंजाब बन रहा निवेशकों की पहली पसंद

    मंत्री ने दावा किया कि पंजाब तेजी से निवेशकों के लिए एक पसंदीदा राज्य बनकर उभर रहा है और अन्य राज्य भी इन पहलों की सराहना कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य जन-केंद्रित विकास है और उद्योग, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार के जरिए पंजाब को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

    इस अवसर पर समाना के विधायक चेतन सिंह जौड़ा माजरा, पटियाला शहरी के विधायक अजीतपाल सिंह कोहली, मेयर कुंदन गोगिया, डिप्टी मेयर हरिंदर कोहली, राज्य सचिव जगदीप जग्गा, नगर निगम आयुक्त परमजीत सिंह, एडीसी (शहरी विकास) नवरीत कौर सेखों, निदेशक उद्योग जसप्रीत सिंह, पंजाब राज्य सूचना आयुक्त वीरेंद्र जीत सिंह, जीएम डीआईसी पटियाला अर्शदीप सहित कई अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • दर्दनाक हादसाः Punjab के श्रद्धालुओं की 80 फीट गहरी खाई में गिरी ट्रैक्टर ट्रॉली, 3 की मौत 13 घायल, देखें वीडियो

    दर्दनाक हादसाः Punjab के श्रद्धालुओं की 80 फीट गहरी खाई में गिरी ट्रैक्टर ट्रॉली, 3 की मौत 13 घायल, देखें वीडियो

    कांगड़ाः हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जहां देहरा में ढलियारा में स्थित शिव मंदिर के पास तीखे मोड़ पर पंजाब से आए श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली 80 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसा इतना भीषण था कि हादसे में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि बच्चों समेत 13 लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, सभी ट्राली सवार लोग कपूरथला से माता चिंतपूर्णी के दर्शन कर के ज्वालामुखी जा रहे थे और फिर हादसे का शिकार हो गए। घायलों में से 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली के ब्रेक फेल होने के कारण हुआ।

    इस दौरान तीखे मोड़ पर वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरा। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस के साथ मिलकर घायलों को खाई से बाहर निकाला। सभी घायलों को देहरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। जिस जगह ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी, वहां अक्सर हादसे होते रहते है।

    इसलिए, यह जगह खूनी मोड़ नाम से भी मशहूर है। यहा पर सड़क यू-शेप में है। हालांकि, सड़क किनारे क्रैश बैरियर भी लगे थे। मगर ट्रैक्टर ट्रॉली इन्हें तोड़ते हुए सड़क से नीचे पलट गई। वहीं मामले की जानकारी देते हुए मयंक चौधरी ने बताया कि हादसा दोपहर करीब सवा 12 बजे हुआ। उन्होंने पुष्टि की कि 3 लोगों की मौत हुई है, जबकि अधिकांश घायलों को हल्की चोटें आई हैं। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों को बैठाने की अनुमति नहीं होती, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसका उपयोग करते हैं। इस तरह की लापरवाही अक्सर बड़े हादसों का कारण बनती है, जैसा कि कांगड़ा में हुए इस हादसे में देखने को मिला।

  • Punjab News: पंजाब में सेहत कार्ड योजना का विस्तार, 2 लाख से ज्यादा इलाज, ₹300 करोड़ से अधिक खर्च

    Punjab News: पंजाब में सेहत कार्ड योजना का विस्तार, 2 लाख से ज्यादा इलाज, ₹300 करोड़ से अधिक खर्च

    चंडीगढ़, 10 अप्रैल 2026: पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। “मुख्यमंत्री सेहत योजना” के तहत जारी किया जा रहा सेहत कार्ड अब लाखों परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा और भरोसे का साधन बनता जा रहा है।

    अचानक आने वाली मेडिकल इमरजेंसी अक्सर परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन जाती है, क्योंकि इलाज का खर्च उठाना आसान नहीं होता। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की, ताकि हर परिवार समय पर इलाज करा सके और आर्थिक बोझ से बच सके।

    तेजी से बढ़ रहा दायरा, 2 लाख से ज्यादा इलाज

    सरकार द्वारा राज्यभर में गांवों, कस्बों और शहरों में बड़े स्तर पर नामांकन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत रोजाना करीब 50,000 सेहत कार्ड बनाए जा रहे हैं।

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि यह योजना सभी के लिए है और इसमें उम्र, लिंग या आय की कोई बाधा नहीं है। जागरूकता बढ़ने के साथ अधिक से अधिक लोग इस योजना से जुड़ रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि अब तक इस योजना के तहत 2 लाख से ज्यादा इलाज किए जा चुके हैं, जिनमें कैंसर, दिल से जुड़ी सर्जरी और हड्डी के ऑपरेशन जैसे गंभीर उपचार शामिल हैं।

    अब तक ₹300 करोड़ से अधिक का इलाज मुफ्त में किया जा चुका है। साथ ही, इस योजना को और मजबूत बनाने के लिए पंजाब बजट 2026–27 में ₹2000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

    हर परिवार को ₹10 लाख तक कैशलेस इलाज

    मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है।

    इससे मरीजों को इलाज के लिए पैसे जुटाने की चिंता नहीं रहती और आपात स्थिति में तुरंत उपचार शुरू हो सकता है।

    योजना को हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक गुरुद्वारों, पंचायत घरों, मंदिरों और सामुदायिक केंद्रों में कैंप लगा रही है।

    सरल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया, बिना अपॉइंटमेंट सुविधा

    सरकार ने योजना में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया है। लोग बिना किसी अपॉइंटमेंट के अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), सरकारी कैंप या सेवा केंद्र में जाकर आवेदन कर सकते हैं।

    रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी और बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं। सभी परिवार के सदस्यों का एक साथ पंजीकरण करना जरूरी है, क्योंकि ₹10 लाख की राशि पूरे परिवार के लिए होती है।

    रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद लाभार्थियों को SMS के जरिए सेहत कार्ड एक्टिव होने की जानकारी दी जाती है।

    जरूरी दस्तावेज और सरकार की अपील

    सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे रजिस्ट्रेशन के समय आधार कार्ड, वोटर आईडी, स्मार्ट राशन कार्ड (यदि उपलब्ध हो) और किसानों के लिए J-फॉर्म साथ लेकर आएं, ताकि प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सके।

    पंजाब सरकार ने कहा कि उसका लक्ष्य हर परिवार तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति पैसे की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे।

  • महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के 20 कैडेट एनडीए मेरिट सूची में शामिल

    महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट के 20 कैडेट एनडीए मेरिट सूची में शामिल

    चंडीगढ़: महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट ने अपने शानदार ट्रैक रिकॉर्ड में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ते हुए 20 कैडेटों को सफलता दिलाई है। इन कैडेटों ने सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (एस एस बी) इंटरव्यू सफलतापूर्वक पास कर लिया है और जून 2026 में शुरू होने वाले प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस अकादमी (एन डी ए )-156 कोर्स की अंतिम मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है। मोहाली के कैडेट अभिश ने ऑल इंडिया स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया, जबकि मलेरकोटला के कैडेट गुरकरनजीत सिंह ने 12वां स्थान प्राप्त किया।

    इसके अलावा, संस्थान के कुल पांच कैडेटों ने राष्ट्रीय मेरिट सूची के शीर्ष 100 में अपनी जगह बनाई है। चयनित कैडेट अब नेशनल डिफेंस अकादमी, खड़कवासला से अपने जॉइनिंग लेटर का इंतजार कर रहे हैं। पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र में पंजाब के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कैडेटों की सराहना करते हुए कहा कि ये युवा पंजाब का गौरव हैं। उनकी मेहनत, अनुशासन और संस्थान द्वारा दी गई उत्कृष्ट प्रशिक्षण ने पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। उन्होंने सभी कैडेटों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

    महाराजा रणजीत सिंह एएफपीआई के निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अजय एच. चौहान, वीएसएम ने भी कैडेटों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम संस्थान की फैकल्टी की प्रतिबद्धता और कैडेटों की कड़ी मेहनत का प्रतिफल है, जो भारतीय सशस्त्र बलों के लिए उत्कृष्ट अधिकारियों को तैयार करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

  • हरियाणा में मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए 170 करोड़ आवंटित

    हरियाणा में मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए 170 करोड़ आवंटित

    चंडीगढ़- हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पोषण मिशन को और मजबूत करते हुए वर्ष 2026-27 के दौरान कुपोषण, खास तौर पर गंभीर कुपोषण को लगभग समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। पोषण अभियान के तहत वित्तीय सहायता और कवरेज को बढ़ाते हुए लाखों लाभार्थियों को दैनिक पोषण सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री दूध उपहार योजना के लिए भी 170 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जिससे राज्य में पोषण संबंधी प्रयासों को और गति मिलेगी। बैठक में वर्ष 2025-26 के दौरान हासिल उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। प्रदेशभर में लगभग 9.92 लाख लाभार्थियों की स्क्रीनिंग की गई, जबकि विकास निगरानी कवरेज 99 प्रतिशत से अधिक रहा। निरंतर और लक्षित प्रयासों के परिणामस्वरूप गंभीर कुपोषण के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज राज्य स्तरीय कन्वर्जेंस कमेटी की सातवीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में स्थायी सुधार के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय, डेटा आधारित निगरानी और अंतिम छोर तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन पहलों के क्रियान्वयन में स्थानीय पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा ग्राम सभा की बैठकों के दौरान जागरूकता अभियान चलाए जाएं। उन्होंने महिला पंचों और सरपंचों को परिवर्तन के प्रमुख वाहक के रूप में शामिल करने पर भी जोर दिया, ताकि समुदाय की भागीदारी बढ़े और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आए। मुख्य सचिव ने आयुष विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पोषण वाटिकाओं के विकास तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर मासिक योग दिवस आयोजित करने के भी निर्देश दिए। वहीं, बागवानी विभाग को फलों और मौसमी सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए, ताकि पोषण सुधार के प्रयासों को मजबूती मिल सके। वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में विकास निगरानी कवरेज को 99 प्रतिशत तक बढ़ाने, गंभीर कुपोषण को नगण्य स्तर तक लाने तथा पूरक पोषण सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत शिशुओं के लिए स्तनपान को बढ़ावा देने, पूरक आहार प्रथाओं में सुधार और तीव्र कुपोषण के लक्षित प्रबंधन पर बल दिया जाएगा।

    एनीमिया से निपटने के लिए बच्चों, किशोरियों और महिलाओं को आयरन एवं फाॅलिक एसिड की खुराक देने की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही, ओआरएस और जिंक के माध्यम से दस्त प्रबंधन, टीकाकरण, डिवार्मिंग तथा विटामिन-ए कवरेज का विस्तार कर समग्र बाल स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जाएगा। जमीनी स्तर पर आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग, स्वयं सहायता समूहों और पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से विभागीय समन्वय को मजबूत किया जाएगा। आयरन युक्त आहार, स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक पहल का भी विस्तार किया जाएगा। साथ ही कम वजन वाले नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल पर भी ध्यान दिया जाएगा।

     
  • विधानसभा और Civil Court को साइनाइड गैस व RDX से उड़ाने की धमकी

    विधानसभा और Civil Court को साइनाइड गैस व RDX से उड़ाने की धमकी

    पटनाः बिहार विधानसभा और सिविल कोर्ट बम से उड़ाने की धमकी मिलने पर प्रशासन में हड़कंप मच गया। कर्मियों द्वारा मामले की सूचना पुलिस को दी गई। मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा को उड़ाने की धमकी भरा एक ईमेल सामने आया। धमकी भरे इस मेल में दावा किया गया कि दोपहर 2:15 बजे साइनाइड गैस के साथ 13 आरडीएक्स IED का इस्तेमाल कर बड़े धमाके को अंजाम दिया जाएगा। वहीं सिविल कोर्ट को दी गई धमकी की बाबत पीरबहोर थानेदार के अनुसार मेल के माध्‍यम से यह धमकी दी गई है। पूरे कोर्ट परिसर की जांच की जा रही है।

    हालांकि‍ कोर्ट को बंद नहीं कराया गया है। अदालत का कामकाज पूर्व की तरह चल रहा है। ईमेल में यह भी कहा गया है कि धमाके से पहले सभी विधायकों और आम जनता को भवन से बाहर निकाल लिया जाए। आगे लिखा है क‍ि बांग्‍लादेश के अबू सईद मामले से लेकर तम‍िलनाडू के साथनकुलम में बेनिक्‍स और हालिया अज‍ित कुमार कस्‍टोड‍ियल मामले में भी जिन पुलिसकर्मियों को सजा दी गई वे बेकसूर थे। इस तरह की चेतावनी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।

    बिहार विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से कड़ा कर दिया गया है। हर आने-जाने वाले व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है। धमकी के बाद बम निरोधक दस्ता (बम स्क्वॉड) और डॉग स्क्वॉड की टीमों को मौके पर तैनात किया गया है। विधानसभा परिसर के अंदर और आसपास के इलाकों में गहन छानबीन अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय थाना की पुलिस भी मौके पर मौजूद है। हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की ओर से लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की गई है।

  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हिमकैप्स लॉ कॉलेज के स्टूडेंट्स ने लिया भाग

    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हिमकैप्स लॉ कॉलेज के स्टूडेंट्स ने लिया भाग

    ऊना/सुशील पंडित: 
    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में पूरे देश से 60 विधि महाविद्यालय व कॉलेजों ने भाग लिया। वहीं हिमकैप्स कॉलेज ऑफ लॉ से भी मूट कोर्ट प्रतियोगिता में बीएएलएलबी चौथे वर्ष की छात्राओं हिमा कौशल, कोमल और पल्लवी ने भाग लिया। लॉ संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. जसवंत सिंह ने लॉ स्टूडेंट्स को प्रतियोगिता में भाग लेने पर प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि मूट कोर्ट में भाग लेने से लॉ के छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी मिलती है। साथ ही संस्थान के चेयरमैन विक्रमजीत सिंह ने मूट कोर्ट प्रतियोगिता में भाग लेने वाले स्टूडेंट्स को अपनी शुभकामनाएं दीं।
  • बाइक सवार ने तोड़े ट्रैफिक नियम, कटे 544 चालान, लाखों का जुर्माना पेंडिंग

    बाइक सवार ने तोड़े ट्रैफिक नियम, कटे 544 चालान, लाखों का जुर्माना पेंडिंग

    चंडीगढ़ः पुलिस ने ट्रैफिक नियमों को लेकर कई महीनों तक मैनुअल चालान और वाहनों की चेकिंग में ढील दी हुई थी। वही अब एक बार फिर से विभाग की ओर से सख्ती शुरू कर दी है। दरअसल, वाहन चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही थी। वहीं एक हैरानजनक मामला सामने आया है। जिसमें मोहाली के खरड़ के रहने वाले एक बाइक सवार के चालान सुनकर आप भी दंग रह जाएंगे। दरअसल, बाइक सवार ने 544 बार ट्रैफिक नियमों को तोड़ा।

    बताया जा रहा है कि बाइक सवार के चालान की कीमत उसकी बाइक से 5 गुना बन गई है। खरड़ के गुरचेत सिंह ने चंडीगढ़ में सैकड़ों बार ट्रैफिक नियमों को तोड़ा है। गुरचेत सिंह की बाइक के 200 से अधिक चालान पेंडिग हैं। दरअसल, ट्रैफिक पुलिस ने बाइक के चालान कोर्ट भेजे तो देस्तावेज देख कर्मचारी भी दंग रह गए। अब अदालत ने आरोपी को तलब किया है।

    आरोपी बाइक चालक ने 544 बार ट्रैफिक नियमों को तोड़ा है और उसके 299 चालान पेंडिंग है, जिनका जुर्माना 2.99 लाख रुपये है। हर चालान का एक हजार रुपये फाइन है। ज्यादातर चालान रेड लाइट जंप के हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार 1 जनवरी से 22 मार्च तक ट्रैफिक पुलिस ने एक भी मैनुअल चालान नहीं किया। इस दौरान करीब 81 दिन तक मैनुअल चालान पूरी तरह बंद रहे। हालांकि थाना पुलिस ने अपने स्तर पर 3255 चालान किए। अब सख्ती बढ़ने के बाद न केवल चालान किए जा रहे हैं, बल्कि संदिग्ध वाहनों को रोककर जांच भी की जा रही है, जिससे अपराधियों पर लगाम लग रही है।