साथ ही जागरूक किया जा रहा है कि जिन्हें यह बीमारी नहीं है वे पॉजिटिव पार्टनर से शादी न करें। ताकि उनके बच्चों में यह बीमारी न पहुंचे। शादी करने से पहले वे पार्टनर की स्क्रीनिंग कराएं। विभाग की ओर से पॉजिटिव पाए गए मरीजों को लगातार लगातार इलाज दिया जा रहा है। बता दें कि यह एक बीमारी रेड ब्लड डिसऑर्डर से जुड़ी है। यह खून में मौजूद हीमोग्लोबिन को बुरी तरह प्रभावित करती है। ऐसे में शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। ऐसे में शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन ठीक से नहीं पहुंच पाती। शरीर के हिस्सों में तेज दर्द होने लगता है।