कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में जरुरी कदम
बीकेटीसी अध्यक्ष ने सीएम पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देश में प्रदेशभर में अवैध मंजारों को हटाने की कार्रवाई की भी सराहना की है। उन्होंने इसको उत्तराखंड की धार्मिक अस्मिता, सांस्कृतिक विरासत और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में जरुरी कदम बताया है। द्विवेदी ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा लागू किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड, कठोर नकल विरोधी कानून, जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार जैसी योजनाओं और अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश से जनता का सरकार पर विश्वास बढ़ा है।
उन्होंने विश्वास जताया है कि राज्य सरकार और बीकेटीसी के बेहतर समन्वय से देवभूमि उत्तराखंड की पवित्रता और परंपराओं की रक्षा और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। इसके लिए मंदिर समिति इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने वाले हैं।
इस मुद्दे पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस मामले पर मीडिया के साथ बात करते हुए कहा कि केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे पवित्र स्थानों के प्रबंधन में सभी पक्षों की राय ली जाएगी। सीएम ने कहा कि ये सभी धार्मिक स्थल हमारी आस्था के प्राचीन केंद्र हैं इसलिए इन जगहों पर आने वाले लोगों, धार्मिक संगठनों, तीर्थ समितियों, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और संत समाज के विचारों पर भी गौर किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इन पवित्र स्थानों का बहुत बड़ा ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। इन्हें लेकर अतीत में भी कुछ खास कानून बनाए गए थे। सीएम ने यह साफ किया है कि इन स्थानों के प्रबंधन और नियमों को लेकर जो भी फैसला होगा उसमें वहां से जुड़े सभी समुदायों और समितियों की राय शामिल होगी।