इस वजह से खास है इसरो का यह मिशन
इस मिशन में सबसे खास बात यह है कि पहली बार भारतीय निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने इतनी बड़ी भूमिका निभाई है। यह उपग्रह दुश्मन ठिकानों को सटीक तौर पर पहचान पाएगी। इसमें उच्च रिजॉल्यूशन इमेजिंग में सक्षम है। इससे देश की रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई मिलेगी। PSLV-C62 उपग्रह EOS-N1 और 15 सह उपग्रहों को भी लेकर जा रहा है। इसको सूर्य के तुल्यकालिक कक्षा में स्थापित करना ही मुख्य योजना है।India’s Space Power Grows as ISRO Launches Anvesha Satellite#ISRO #Anvesha #Satellite #Greenland AlaVaikunthapurramuloo Gambhir #Indian #viralvideo pic.twitter.com/7rOVFXju9t
— Encounter India (@Encounter_India) January 12, 2026
तीसरी स्टेज में आई दिक्कत
अनवेषा सैटेलाइट ऑर्बिट में तैनात नहीं हो पाया है। इसरो के चीफ ने खुद बयान जारी कर बताया कि तीसरे स्टेज में दिक्कत आई है। इसकी दिशा में परिवर्तन हो गया है। डेटा एनालिसिस किया जा रहा है जो भी अपडेट होगी वो बता दिया जाएगा। इसरो के चीफ वी नारायणन ने बताया कि सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है। इसकी दूसरी स्टेज भी सफल रही परंतु तीसरे स्टेज के बाद मिलने वाला डेटा मिलने में परेशानी आ रही है। ये दिशा से हिल गया। मिशन का चौथा स्टेज शुरु तो हो गया परंतु बाद में इसका कोई भी अपडेट नहीं मिला है हम एनालिसिस कर रहे हैं।The PSLV-C62 mission encountered an anomaly during end of the PS3 stage. A detailed analysis has been initiated.
— ISRO (@isro) January 12, 2026