Home National Film ‘Ghooskhor Pandat’ मामले में विवाद को लेकर जमकर प्रदर्शन, FIR दर्ज

Film ‘Ghooskhor Pandat’ मामले में विवाद को लेकर जमकर प्रदर्शन, FIR दर्ज

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Film ‘Ghooskhor Pandat’ मामले में विवाद को लेकर जमकर प्रदर्शन, FIR दर्ज

लखनऊः फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के टाइटल को लेकर ब्राह्मण समाज ने आपत्ति जताई है। लखनऊ में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हजरतगंज पुलिस थाने में फिल्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें जातिगत अपमान और सामाजिक शांति भंग करने के प्रयास का आरोप लगाया गया है। अब प्रयागराज में फिल्म को लेकर लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है।

इसी क्रम में प्रयागराज में राष्ट्रीय परशुराम सेना ब्रह्मवाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित विमल तिवारी के नेतृत्व में सुभाष चौराहे पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने फिल्म अभिनेता मनोज बाजपेयी और निर्माता-निर्देशक नीरज पांडेय का पुतला फूंका, हाथों में पोस्टर-बैनर लेकर नारेबाजी की और फिल्म का विरोध जताया। वहीं, बढ़ते विरोध के बीच शुक्रवार को फिल्म के प्रोड्यूसर नीरज पांडे ने आधिकारिक बयान जारी कर फिल्म को पूरी तरह काल्पनिक बताया है। साथ ही फिल्म का टीजर और उससे जुड़ा सभी प्रमोशनल कंटेंट नेटफ्लिक्स इंडिया के सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब से हटा दिया गया।

फिल्म को लेकर नीरज पांडे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है और इसमें ‘पंडत’ शब्द का इस्तेमाल सिर्फ एक काल्पनिक किरदार के लिए आम बोलचाल के नाम के तौर पर किया गया है। इस कहानी का फोकस एक व्यक्ति के काम और उसके फैसलों पर है। इसका किसी भी जाति, धर्म या समुदाय से कोई संबंध नहीं है और न ही यह किसी का प्रतिनिधित्व करती है। आगे उन्होंने लिखा, एक फिल्ममेकर के तौर पर मैं अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेता हूं और ऐसी कहानियां कहना चाहता हूं जो सोच-समझकर और सम्मान के साथ बनाई जाएं। यह फिल्म भी मेरे पिछले कामों की तरह ईमानदार नीयत से और सिर्फ दर्शकों के मनोरंजन के लिए बनाई गई है।

उन्होंने यह भी लिखा, हम समझते हैं कि फिल्म के टाइटल से कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और हम उन भावनाओं का सम्मान करते हैं। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए हमने फिलहाल फिल्म से जुड़ा सारा प्रमोशनल मटीरियल हटाने का फैसला किया है। हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह देखकर और उसकी कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए, न कि सिर्फ कुछ झलकियों के आधार पर उसे आंका जाए। मैं जल्द ही यह फिल्म दर्शकों के साथ शेयर करने के लिए उत्सुक हूं। वहीं, फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर चल रहे विवाद पर एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी प्रतिक्रिया दी है।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए बयान में उन्होंने कहा कि वह लोगों की भावनाओं और चिंताओं का सम्मान करते हैं और उन्हें गंभीरता से लेते हैं। एक्टर ने कहा कि जब किसी प्रोजेक्ट से जुड़े होने के कारण कुछ लोगों को ठेस पहुंचती है, तो यह रुककर सुनने और समझने का वक्त होता है। उन्होंने साफ किया कि एक एक्टर के तौर पर वह किसी फिल्म से उसके किरदार और कहानी के जरिए जुड़ते हैं। उनके मुताबिक, यह भूमिका एक खामियों से भरे व्यक्ति और उसके आत्मबोध की यात्रा को दिखाने के बारे में थी। इसका मकसद किसी भी समुदाय पर टिप्पणी करना नहीं था।

 

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