जालंधर, ENS: थाना 4 के अंतर्गत आते Hotel Ravi Residency में संदिग्ध परिस्थितियों में लड़की की मौत हो गई। मृतक लड़की की पहचान 23 वर्षीय अनमोल निवासी अमृतसर के रूप में हुई है।
मामले की जानकारी देते हुए होटल के कर्मी संतराम ने बताया कि लड़की कल रात अपने कजिन भाई के साथ आई थी। इस दौरान लड़की ने यह कहकर कमरा किराए पर लिया था कि उनके अमृतसर में बाढ़ आई हुई है। जिसके कारण में उसे सटे करने के लिए होटल का कमरा किराए पर चाहिए। दोनों के पहचान पत्र ले लिए गए थे। जिसमें लड़के की पहचान जालंधर के रूप में हुई है, जबकि लड़की की पहचान अमृतसर के रूप में हुई है।
इसके बाद लड़का कल रात 7:00 खाना लेने के बहाने होटल से चला गया और सुबह तक वह होटल में नहीं आया। होटल कर्मी ने बताया कि लड़के के नाम से कमरा बुक किया गया था। जिसके बाद आज लड़के को जब फोन किया तो उसका फोन स्विच ऑफ आ रहा था। इसके बाद आज जालंधर का रहने वाला व्यक्ति आया जो खुद को लड़की का पति बता रहा था। इस दौरान जब होटल के कमरे का दरवाजा खोला तो देखा लड़की बेड पर लेटी हुई थी और उसकी सांसे चल रही थी। होटल कर्मी ने कहा कि वह दरवाजा खोलने से पहले पुलिस को सूचना देने वाला था, लेकिन मार्केट के लोगों ने उसे गेट खोलने के लिए कह दिया।
जिसके कारण उसने उस समय पुलिस को सूचना नहीं दी। लेकिन उसे मामला संदिग्ध लगा और कुछ देर बाद उसने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में लड़का यह कहकर लड़की को ले गया कि उसकी हालत ठीक नहीं है और वह उसे अस्पताल में उपचार के लिए लेकर जा रहा है। लेकिन अब पता चला कि लड़की को अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। लड़की की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही असल कारणों का पता चल पाएगा।







एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल ने बताया कि पलाहटा पंचायत के गांव कुड, हरोट, घढ़थोली और क्यारियां में करीब आधा दर्जन रिहायशी मकान भूस्खलन की चपेट में आने से खतरे में हैं। प्रशासन ने आदेश दिए हैं कि इन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए। लेकिन परेशानी यह है कि कई परिवार अपनी पैतृक जमीन और घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। वे लगातार घरों में ही टिके हुए हैं, जबकि चारों ओर से जमीन खिसक रही है। प्रशासन ने ऐसे परिवारों से अपील की है कि वे खतरे की गंभीरता को समझें और अपनी जान की सुरक्षा को प्राथमिकता दें। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी कीमत पर जान का जोखिम नहीं उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर प्रशासन सख्ती से कदम उठाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएगा।
कुटलैहड़ के इन गांवों में लगातार भूस्खलन से तबाही का मंजर
उपमंडल बंगाणा में लगातार बारिश के कारण पलाहटा पंचायत के साथ अन्य में कई जगहों पर भूस्खलन से खेत, रास्ते और मकान प्रभावित हुए हैं। कुड और हरोट गांव में कई स्थानों पर भारी मात्रा में मिट्टी खिसककर नीचे आ गई है, जिससे खेतों में लगे मक्की व अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। घढ़थोली और क्यारियां गांवों में भी कुछ मकानों के आंगन और नींव तक मिट्टी सरक गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर तरफ दरारें पड़ चुकी हैं और कभी भी पूरा मकान ढह सकता है। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि ऐसी स्थिति उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित जगह पर बसाया जाए और स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।


