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  • जालंधर : श्री देवी तालाब मंदिर में जानें किन वस्त्रों पर लगी पाबंदी

    जालंधर : श्री देवी तालाब मंदिर में जानें किन वस्त्रों पर लगी पाबंदी

    जालंधर, ENS: पंजाब में कई मंदिरों पर छोटे वस्त्र पहनने पर पाबंद लग चुकी है। वहीं अब सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी ने छोटे वस्त्र पहनकर मंदिर आने वाले भक्तों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। कमेटी द्वारा मंदिर ने बैनकर लगाकर जारी किए गए नए निर्देशों के मुताबिक मंदिर में छोटे वस्त्र, हॉफ पेंट, वरमुडा, मिनी स्कर्ट, कटेफटे जीन्स आदि पहनकर आने पर पाबंदी लगाई गई है। प्रबंधक कमेटी ने इस बाबत मंदिर परिसर के अंदर और बाहर फ्लैक्स भी लगवा दी हैं। बता दें कि इससे पहले अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति ने उत्तर भारत के प्रसिद्ध श्री काली देवी मंदिर में माथा टेकने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से फ्लेक्स बोर्ड लगाकर अपील की है कि श्रद्धालु छोटे कपड़े और हाफ पेंट, बरमूडा, मिनी स्कर्ट, नाइटसूट, कटी-फटी जींस, फ्रॉक और थ्री क्वार्टर जींस पहन पहनकर न आएं।

    समिति ने चेतावनी दी कि इस तरह के कपड़े पहनकर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को एक सप्ताह समझाया जाएगा। इसके बाद मंदिर में प्रवेश वर्जित कर दिया जाएगा। समिति ने ने फ्लैक्स बाेर्ड काे साेशल मीडिया पर भी वायरल करके अन्य मंदिर कमेटियाें काे यह नियम लागू करने की अपील की है। हालांकि जैसे ही मंदिर कमेटी को वीआईपी गेट पर इस तरह के दिशा-निर्देश संबंधी लगाए गए बोर्ड की सूचना मिली सदस्यों ने बोर्ड को उतरवा दिया। डीसी ने इस मामले की जांच करवाने के निर्देश दिए हैं और स्थानीय विधायक ने श्रद्धालुओं से स्वयं धार्मिक स्थान की मर्यादा बनाए रखने की बात कही है।

    अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति के सदस्यों का कहना है कि शनिवार को मंदिर में पंजाब समेत आसपास के राज्यों से भी हजारों लोग माथा टेकने आते हैं। समिति सदस्यों ने शनिवार को मंदिर के मुख्य गेट पर खड़े होकर श्रद्धालुओं को सचेत किया। उन्होंने कहा कि मंदिर में लोग बहुत छोटे वस्त्र पहनकर आने लगे थे, जिसे देखते हुए यह फैसला किया गया है। मंदिर के मुख्य द्वार पर दो, वीआईपी गेट के बाहर एक और लंगर भवन के बाहर एक कुल 4 बोर्ड श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए लगाए गए हैं। अपील एक सप्ताह की जाएगी। इसके बाद पांच सदस्यीय टीम मंदिर के मुख्य और वीआईपी गेट पर खड़ी होकर मर्यादित वस्त्र न पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में नहीं जाने देगी। उन्हें बाहर से ही माथा टेकने के लिए कहेगी।

    धार्मिक स्थल में मर्यादित कपड़ों में ही आना चाहिएमेरा निजी तौर पर मानना है कि सभी धार्मिक स्थानों पर लोगों को मर्यादित कपड़े पहन कर ही जाना चाहिए। लेकिन अब सवाल यह है कि यह आदेश सिर्फ श्री काली देवी मंदिर के लिए है या समिति सभी मंदिरों में इसे लागू करवाएगी। समिति और हम सभी को लोगों को धार्मिक स्थानों पर आने से पहले मर्यादित कपड़े पहनने के लिए जागरूक करना चाहिए। इसके लिए शहर में कई धार्मिक आयोजन होते हैं तो बोर्ड लगा सकते हैं ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके।-अजीतपाल कोहली, विधायक पटियाला शहरी।

  • नहीं चल रही थी ट्रेन तो जवानों ने लगाया धक्का, वीडियो वायरल

    नहीं चल रही थी ट्रेन तो जवानों ने लगाया धक्का, वीडियो वायरल

    नई दिल्लीः अक्सर इंडियन रेलवे के अजीबो-गरीब वीडियो सामने आते रहते हैं। कभी ट्रेन के अंदर यात्रियों के भीड़ की तो कभी बोगियों के अंदर लोगों के लड़ाई के वीडियो आम हो चुके हैं। इन दिनों सोशल मीडिया पर ट्रेन को धक्का देने का वीडियो वायरल हो रहा जिस पर यूजर्स तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। इससे पहले भी ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं जिसमें ट्रेन को धक्का देकर स्टार्ट करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो को देखकर आप दंग रह जाएंगे।

    एक तरफ जहां भारत में बुलेट ट्रेन चलाने की बात हो रही है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इस ट्रेन को धक्का देते नजर आ रहे हैं। भारतीय रेलवे का जाल पूरे देश में है। लगभग हर छोटी-बड़ी जगहों पर ट्रेन चलने लगी है। ऐसे किसी ट्रेन को धक्का देकर आगे ले जाने की बात आपको हजम नहीं होगी। इस वीडियो में एक ट्रेन पटरी पर खड़ी है और अचानक कुछ लोग उसे धक्का देने लगे।

    वायरल हो रहे इस वीडियो में पुलिसकर्मी और कुछ रेलवे स्टाफ मिलकर ट्रेन को धक्का लगा रहे हैं। सभी लोग पहले ट्रेन को जिस दिशा में धक्का दे रहे होते हैं, ट्रेन उस दिशा में थोड़ी भी आगे नहीं बढ़ती है। इसके बाद सभी लोग दूसरी दिशा में ट्रेन को धक्का देने लगते हैं और थोड़ी ही देर में ट्रेन धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगती है। जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ती है सभी रेलवे स्टाफ खुश नजर आते है।

  • पानी में फंसी यात्रियों से भरी बस, कुछ छत पर चढ़े, किसी ने कूदकर बचाई जान, देखें वीडियो

    पानी में फंसी यात्रियों से भरी बस, कुछ छत पर चढ़े, किसी ने कूदकर बचाई जान, देखें वीडियो

    देहरादूनः हिमाचल प्रदेश से देहरादून आ रही रोडवेज की बस रपटे पर पानी के तेज बहाव में फंस गई। बस में सवार 30 यात्री घबराकर छत पर चढ़ गए और कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। मौके पर पहुंची पुलिस ने यात्रियों को बहाव से निकाला और फिर बस को ट्रैक्टर से बाहर किया। इस दौरान करीब आधे तक यात्री बस की छत पर फंसे रहे। रविवार सुबह से हो रही तेज बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में सभी नदी-नाले भी उफान पर थे। शिमला बाईपास रोड स्थित रामगढ़ गांव के रपटे में भी तड़के से पानी का तेज बहाव था। सभी वाहनों को पुलिस और स्थानीय लोगों ने दोनों तरफ रुकवा दिया था।

    लेकिन, इसी बीच पांवटा साहिब की ओर से आ रही हिमाचल रोडवेज की बस का चालक दुस्साहस करते हुए बस को रपटे में ले गया। अभी आधा रपटा ही पार किया था कि पानी के बहाव ने बस को एक किनारे धकेल दिया। इससे बस वहीं फंस गई। बस फंसते ही अंदर बैठे यात्रियों में चीखपुकार मच गई। इसके बाद एक-एक कर सभी यात्री खिड़कियों के रास्ते बस की छत पर चढ़ गए। महिलाओं और बच्चों को भी दूसरे यात्रियों ने सहारा दिया। बस चालक और परिचालक दोनों बस के अंदर ही थे। इस बीच यात्री छत से कूदने लगे।

    कुछ देर बाद वहां नया गांव पुलिस चौकी से प्रभारी जयवीर सिंह फोर्स के साथ पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से यात्रियों को बहाव से निकाला। कुछ देर बाद रपटे पर पानी का बहाव भी धीमा हो गया था। इसके बाद गांव से ट्रैक्टर बुलवाकर बस को निकाला गया। एसएचओ पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी ने बताया, हादसे में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है। रामगढ़ में रपटे के बाहर चेतावनी बोर्ड भी लगा दिया गया है।

  • खिलौने की तरह पानी मेें बहा 4 मंजिला होटल, देखें वीडियो

    खिलौने की तरह पानी मेें बहा 4 मंजिला होटल, देखें वीडियो

    मंडी: मॉनसून के चलते देश के कई हिस्सों में भारी बारिश देखने को मिल रही है। हिमाचल के मनाली में लगातार भारी बारिश के कारण भारी नुकसान देखने को मिला है। वहीं मंडी से एक वीडियो सामने आई है। जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे खिलौने की तरह बाढ़ में 4 मंजिला होटल बह गया। बता दें कि कुल्लू जिले में बादल फटने व वर्षा से भारी तबाही हुई है। मनाली में 15 से अधिक हाेटल व कई वाहन ब्यास नदी के रौद्र रूप की भेंट चढ़ गए हैं। ग्रीन टैक्स बैरियर से आगे मनाली चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर हाईवे का नामोनिशान मिट गया है।

    कसोल, आलू ग्राउंड व छुरुडु में फंसे 63 लोगों का प्रशासन ने एनडीआरएफ की मदद से रेसक्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा है। 29 लोग कसोल, 25 छुरुडू व 9 आलू ग्राउंड में पानी के तेज बहाव में फंस गए थे। इनमें कई पर्यटक भी शामिल थे। जिले में बीते 42 घंटे से हो वर्षा से भारी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में लगातार जुटा हुआ है।

    बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए श्रीखंड यात्रा पर जो श्रद्धालु 7 जुलाई की शाम और 8 जुलाई की सुबह रवाना हुए थे। उनको पार्वती बाग और भीम डवारी में रोका गया है। सभी श्रद्धालुओं की भीमडवारी लाने का प्रयास किया जा रहा है। वहां श्रद्धालुओं को भोजन व ठहरने आदि के पर्याप्त प्रबंध हैं। जिले के 120 संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं। मनाली चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग कुल्लू मनाली और बजौरा के बीच कई स्थानों पर भारी भूस्खलन के कारण बाधित है। हाईवे का बड़ा हिस्सा ब्यास नदी में बहने से सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोक दी है। लैफ्ट बैंक में भी संपर्क मार्गों पर जगह जगह भूस्खलन हुआ है। इस मार्ग पर भी यातायात ठप है।

    कई स्थानों पर बड़े पुल भी नदी के जल स्तर के कारण बह गए हैं। जिले में 488 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हैं। इससे बिजली की निर्बाध आपूर्ति में दिक्कत आ रही है। बिजली पानी व दूरसंचार सेवाओं का ढांचा पटरी से उतर गया है। उपायुक्त आशुतोष गर्ग का कहना है कि जिला में आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफए पुलिस, होमगार्ड और पर्वतारोहण संस्थान के बचाव दल तैनात हैं। सभी आवश्यक सेवाएं बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है। मनाली और बाहंग में कितना नुकसान हुआ है। रास्ते बंद व दूरसंचार सेवाएं ठप होने की वजह से अभी आकलन संभव नहीं हो पाया है।

  • पंजाबः Punjab Police की अकादमी में घुसा पानी, डूबी कई गाड़ियां गाड़ियां, देखें वीडियो

    पंजाबः Punjab Police की अकादमी में घुसा पानी, डूबी कई गाड़ियां गाड़ियां, देखें वीडियो

    फिल्लौर:  मानसून की रिकार्ड तोड़ बारिश ने हर तरह तबाही मचाई हुई है। यहां तक की जनजीवन अस्त व्यस्त है। वहीं सतलुज दरिया का मुख्य बांध टूटने से पानी पंजाब पुलिस अकादमी में दाखिल हो गया, जिसका हैरान करता वीडियो भी सामने आया है।  वहां ट्रेनिंग पर आए पुलिस कर्मचरियों की 100 से ज्यादा गाड़ियां पानी में डूब गई। आखिरकार सभी अधिकारियों ने मिलकर अपने वाहनों को निकालने के लिए मानव श्रृंखला बनाकर रस्सियों के सहारे अपनी डूबी हुई गाड़ियां बाहर निकालने की कोशिश की। पानी के बहाव के आगे उनका जोर नहीं चला, वह मात्र 3-4 वाहन ही बाहर निकाल पाए। अधिकारी प्रशासन से कश्तियां मंगवाने का आग्रह करते रहे। हालांकि 10 बजे तक उन्हें अब तक प्रशासन से कोई सुविधा नहीं मिली। 

    वहीं, पंजाब के फरीदकोट में भी हालात ठीक नहीं हैं। फरीदकोट के गांव चाहल की मजदूर कॉलोनी के करीब 30 घरों में पानी भर गया है। एनडीआरएफ की टीमों द्वारा राहत कार्य जारी है। बड़ी संख्या में लोग घरों के अंदर फंसे हुए हैं। लांगियाना ड्रेन ओवरफ्लो होने के कारण पास की मजदूर कॉलोनी और करीब 500 एकड़ फसल में पानी भर गया है।

  • पंजाबः महंगाई की मार, टमाटर के बाद प्याज और हरी सब्जियों के दामों में हुई बढ़ौतरी 

    पंजाबः महंगाई की मार, टमाटर के बाद प्याज और हरी सब्जियों के दामों में हुई बढ़ौतरी 

    अबोहरः पंजाब में आम जनता पर महंगाई की मार पड़ने लगी है। दरअसल, सब्जियां का जायका बिगड़ने लगा है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की पहुंच से बाहर हो गया है। गृहिणिणं इसके चलते अन्य विकल्प अपनान शुरू कर दिया है। टमाटर के दामों में 140 से 200 तक बढ़ौतरी होने के बाद सलाद से टमाटर गायब हो गया है। बढ़ते दाम के कारण न तो सब्जी में टमाटर और प्याज का तड़का ढंग से लग रहा है और न ही उसमें मसाले डाले जा रहे हैं। टमाटर, प्याज, जीरा, धनिया, लाल मिर्च, मीठी सौंफ, अजवाइन, मेथी सब के दाम बढ़ चुके हैं।

    होलसेल मंडी में टमाटर 100 से 140 रुपये किलो बिका। जानकार इसका कारण अधिक वर्षा को बता रहे हैं, उनका कहना है टमाटर की फसल खराब होने के कारण इसके दाम में निरंतर बढ़ोंतरी हो रही है। एक गृहिणी ने बताया कि वह अब सब्जी में टमाटर की जगह अचारी आम का इस्तेमाल कर रही हैं। होटल ढाबे वा ले भी इस तरह का इस्तेमाल कर रहे हैं। इतना ही नहीं प्याज के साथ सब्जियों के दामों में भी इजाफा हो रहा है। जिससे आम आदमी का रसोई का बजट गिगड़ने लगा है। इसी प्रकार प्याज पहले 15 से 20 रुपये प्रति बिक रहा था अब इसका मूल्य 30 रुपये हो गया है। इसे दुकानदार बाजार में 35 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। मसालों में जीरा के दाम ने आसमान छू लिया है। गृहिणी सरोज कुमारी, विमला देवी, कमलेश कुमारी, रेखा देवी और सावित्री ने कहा बढ़ती महंगाई से एक समय की सब्जी बनाना भी मुश्किल हो गया है।

    सब्जियों का स्वाद बढ़ाने की बात हो या चाय में औषधीय गुण घोलने की, अदरक का भाव दोनों का जायका बिगाड़ रहा है। थोक कारोबारी बता रहे हैं कि महाराष्ट्र में इस बार अदरक की पैदावार काफी कम हुई है, जिससे थोक में ही अदरक दो सौ रुपये प्रति किलो से अधिक है तो वहीं फुटकर में 350 से 400 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है। अदरक महंगा होने के कारण तमाम फुटकर दुकानदार बेचने से बच रहे हैं। इस समय मंडी में अदरक की आवक महाराष्ट्र, असम व मेघालय से है। शिमला मिर्च, कद्दू, गोभी और बैंगन की कीमत काफी बढ़ चुकी है। गोभी और कद्दू के दाम बढ़ चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 15 दिनों के दौरान सब्जियों की कीमतें बहुत ज्‍यादा हो गई हैं। 

  • फिर विवादों में घिरे पंजाबी गायक Inderjit Nikku

    फिर विवादों में घिरे पंजाबी गायक Inderjit Nikku

    चंडीगढ़ः पंजाबी गायक इंद्रजीत निक्कू एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इंद्रजीत निक्कू बीते दिन मध्य प्रदेश के बाबा बागेश्वर धाम पहुंचे और धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र शास्त्री को सिखों के बारे में कुछ बात करने को कहा। आगे से धीरेंद्र शास्त्री ने सिखों की प्रंशसा करते हुए उन्हें सनातन धर्म की सेना कह दिया। जिसके बाद सिख भड़क गए, जहां सिखों द्वारा पंडित धीरेंद्र शास्त्री की आलोचना की जा रही है, वहीं गायक इंद्रजीत निक्कू को भी निशाना बनाया जा रहा है।

    इसका सोशल मीडिया पर काफी विरोध हो रहा है। इसके साथ ही शिरोमणि गुरुद्वारा कमेटी ने पंजाबी गायक इंद्रजीत निक्कू पर भी नाराजगी जताई है। शिरोमणि कमेटी के महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि वह किसी धर्म को निशाना बनाकर कुछ नहीं कहना चाहते, लेकिन यह स्पष्ट कर देते हैं कि निक्कू सिख धर्म का प्रतिनिधि नहीं है। सभी धर्म एक जैसे नहीं हो सकते। सिख धर्म में सभी धर्मों का सम्मान करने की बात कही गई है। इस बीच निक्कू ने शास्त्री से कहा कि वह पूरे सिख समुदाय की ओर से उन्हें धन्यवाद देते हैं।

    इसके साथ ही इंदरजीत निक्कू ने इस बारे में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- ”मैंने हमेशा अपने सिख धर्म का सम्मान किया है और करता रहूंगा।” मेरे लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब और मेरे गुरु साहिब सबसे ऊपर हैं। हालांकि, बाबा के सामने बोलते हुए निक्कू ने कहा कि जो लोग मेरा विरोध करते हैं, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि बागेश्वर धाम में सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है।

    बता दें कि पंजाबी गायक निक्कू कुछ महीने पहले बागेश्वर धाम गए थे। वहां निक्कू ने कहा कि उसका काम नहीं चल रहा है। जब इसका वीडियो सामने आया तो सिख धर्म में इसका विरोध शुरू हो गया। सिखों ने तर्क दिया कि हमारे धर्म के अनुसार एक सिख किसी देहधारी गुरु के सामने झुक नहीं सकता। हालांकि, कुछ सिख कलाकारों ने निक्कू का समर्थन भी किया और उनके शो चलने लगे। इसके बाद निक्कू फिर बागेश्वर धाम गए जहां उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से पंजाब में रोष के इसी मुद्दे पर बात की।

  • ਪੰਜਾਬ: ਸੀਵਰੇਜ਼ ਵਾਟਰ ਟਰੀਟਮੈਂਟ ਪਲਾਂਟ ਦੇ ਗੰਦੇ ਨਾਲੇ ‘ਚ ਪਿਆ ਪਾੜ, ਪਾਣੀ ‘ਚ ਡੁੱਬੀ ਕਈ ਏਕੜ ਫਸਲ, ਦੇਖੋਂ ਵੀਡਿਓ

    ਪੰਜਾਬ: ਸੀਵਰੇਜ਼ ਵਾਟਰ ਟਰੀਟਮੈਂਟ ਪਲਾਂਟ ਦੇ ਗੰਦੇ ਨਾਲੇ ‘ਚ ਪਿਆ ਪਾੜ, ਪਾਣੀ ‘ਚ ਡੁੱਬੀ ਕਈ ਏਕੜ ਫਸਲ, ਦੇਖੋਂ ਵੀਡਿਓ

    ਫਿਰੋਜ਼ਪੁਰ : ਜਿਲੇ ਦੇ ਬਾਰਡਰ ਰੋਡ ਤੇ ਉਸ ਸਮੇਂ ਹਫੜਾ ਦਫੜੀ ਮੱਚ ਗਈ। ਜਦੋਂ ਸੀਵਰੇਜ਼ ਵਾਟਰ ਟਰੀਟਮੈਂਟ ਪਲਾਂਟ ਦੇ ਗੰਦੇ ਨਾਲੇ ਵਿੱਚ ਅਚਾਨਕ ਪਾੜ ਪੈ ਗਿਆ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਕਈ ਏਕੜ ਫਸਲ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਡੁੱਬ ਗਈ। ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਕਿਸਾਨਾਂ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਨਾਲੇ ਰਾਹੀਂ ਪੂਰੇ ਸ਼ਹਿਰ ਦੇ ਸੀਵਰੇਜ਼ ਦਾ ਗੰਦਾ ਪਾਣੀ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਪਰ ਨਗਰ ਕੌਂਸਲ ਅਤੇ ਸੀਵਰੇਜ਼ ਵਿਭਾਗ ਦੀ ਆਪਸੀ ਖਿਚੋਤਾਣ ਕਾਰਨ ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਇਸਦੀ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਨਹੀਂ ਹੋਈ। ਜਿਸ ਕਾਰਨ ਪਾਣੀ ਜਿਆਦਾ ਛੱਡਣ ਕਾਰਨ ਇਸ ਵਿੱਚ ਪਾੜ ਪੈ ਗਿਆ ਹੈ। ਜਿਸ ਨਾਲ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਕਈ ਏਕੜ ਫਸਲ ਪਾਣੀ ਵਿੱਚ ਡੁੱਬ ਚੁੱਕੀ ਹੈ। ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਕਾਫੀ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਹੈ। ਕਿ ਇਸ ਨਾਲੇ ਦੀ ਸਾਫ ਸਫਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇ ਅਤੇ ਇਸਨੂੰ ਪੱਕਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਤਾਂ ਜੋ ਭਵਿੱਖ ਦੁਬਾਰਾ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦਾ ਨੁਕਸਾਨ ਨਾ ਹੋਵੇ।

  • पंजाबः छोड़ा गया 40565 क्यूसेक पानी, इस नदी के किनारे जाना हुआ खतरनाक, अलर्ट पर प्रशासन 

    पंजाबः छोड़ा गया 40565 क्यूसेक पानी, इस नदी के किनारे जाना हुआ खतरनाक, अलर्ट पर प्रशासन 

    तरनतारन: पंजाब में हो रही वर्षा से भले ही लोगों को थोड़ी राहत रही। परंतु बूंदाबांदी से जनजीवन प्रभावित रहा। जिले के दर्जनों गांवों पर ब्यास में बढ़े पानी की मार पड़ी है। हजारों एकड़ फसलों के खराब होने का संदेह है। जगह-जगह राहत कार्य भी जारी हैं। हरिके हेड वर्क्स से रविवार को 40,565 क्यूसिक पानी डाउन स्ट्रीम में छोड़ा गया ताकि ब्यास दरिया के साथ लगते गांवों में जलभराव कम हो सके और गांवों में पानी से नुकसान न हो। यह छोड़ा गया पानी पाकिस्तान जाएगा। वर्षा से शहरी क्षेत्रों की सड़कें टूट गई हैं। ग्रामीण क्षेत्र में छप्पड़ों का पानी लोगों के घरों में घुस गया है।

    वहीं अमृतसर जिले में रावी के किनारे बसे गांव घोनेवाल में नदी के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ का खतरा है। इसको लेकर किए जाने वाले प्रबंधों का जायजा लेने के लिए कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुबह उज्ज दरिया में दो लाख क्यूसिक पानी छोड़ने के बाद मकौड़ा पत्तन के पास दरिया का पानी रावी नदी में प्रवेश कर गया है। इसके बाद जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में रावी के किनारे जाना खतरनाक है। उन्होंने रावी के आसपास रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की है।

    तरनतारन जिले में दरिया ब्यास के साथ लगते कस्बा चोहला साहिब, खडूर साहिब, गोइंदवाल साहिब, वैरोवाल के अलावा सभरा, कोटबुड्ढा से लेकर खेमकरण, खालड़ा, घरियाला, वल्टोहा, अलगों कोठी, भिखीविंड, सुरसिंह, झब्बाल, चीमा कलां, जगतपुरा, कसेल, मीयांपुर, नौशहरा ढाला व अन्य गांवों में हजारों एकड़ फसलों पर बरसाती पानी की मार पड़ी। निकासी नालों की समय पर सफाई न होने के कारण खेतों में जलभराव का असर ज्यादा रहा। गांवों के छप्पड़ों का पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर गया है। विधायक कश्मीर सिंह सोहल ने कस्बा झब्बाल में पहुंचकर ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए जेसीबी और क्रेन लगवाकर निकासी नालों से बूटी निकलवानी शुरू की। ग्रामीणों ने प्रशासन का साथ दिया।

    उधर, हरिके हेड वर्क्स पर पहले 23 हजार क्यूसिक पानी की आमद होती थी जो शनिवार की रात को 30,409 क्यूसिक दर्ज की गई। हरिके हेड वर्क्स से राजस्थान को 13,462 क्यूसिक पानी रविवार को छोड़ा गया। फिरोजपुर फीडर में 8512 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। विभाग के मुताबिक यहां कुल 40,565 क्यूसिक पानी डाउन स्ट्रीम में छोड़ा गया है ताकि हरिके पत्तन दरिया को उफान पर आने से रोका जा सके और आसपास के गांवों में नुकसान से बचाव किया जा सके। इस बीच अमृतसर के डीसी अमित तलवाड़ ने जिला प्रशासन और रावी से सटे गांवों के अधिकारियों को सतर्क रहने और बाढ़ की स्थिति में जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के नंबर 01832229125 पर संपर्क करने को कहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल खतरे की कोई स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत है।

  • पंजाबः बारिश के कारण थर्मल प्लांट का यह यूनिट हुआ बंद

    पंजाबः बारिश के कारण थर्मल प्लांट का यह यूनिट हुआ बंद

    पटियाला:  पंजाब में भारी बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। वहीं बीते दिन राजपुरा में नाभा पावर लिमिटेड (एनपीएल) में पानी घुस गया। जिस कारण एक यूनिट बंद करना पड़ा। 1200 एकड़ में फैले इस प्लांट में डेढ़ फीट भरा है, लेकिन कार्यालय चालू है। प्लांट का एक यूनिट अभी आधी क्षमता पर काम कर रही है। वहीं बारिश के कारण आज पटियाला में भी स्कूल बंद किए गए है। बीते दिन ही डिप्टी कमिशनर साक्षी ने पत्र जारी कर 10 जुलाई को स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए थे। 

    पटियाला की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी देर रात तक फील्ड में रहने के बाद सुबह 7 बजे से फिर से फील्ड में वापस आ गई हैं। उन्होंने विधायक अजीतपाल कोहली के साथ गोपाल कलौनी का दौरा किया जहां पानी भर गया है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी परेशानी में वे उनसे संपर्क करें या हेल्पलाइन 0175-2311321 पर संपर्क करें। उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ।