मानसून सत्र भी प्रोएक्टिव रहे
पीएम मोदी ने कहा कि मानसून हो या और मानसून सत्र यदि दोनों ही प्रो एक्टिव होंगे तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। जब दोनों प्रोडक्टिव होते हैं तो देश का कल्याण होता है जीव मात्र का कल्याण होता है ऐसे में हम यह प्रार्थना करते हैं कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे और मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रहे। मानसून सत्र से शुरु होने से पहले पीएम मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं। देशवासी गर्व से भर जाएं इस तरह की सिद्धियों का सिलसिला चला है। चाहे फिर राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय हो और अब तो अंतरिक्ष भी हो एक तरह से यह भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं।पिछले साल मानसून सत्र से ठीक पहले एक भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर थे। दो दिन पहले भारत के युवाओं करे नेतृत्व वाले एक स्टार्टअप ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की जिसको अभी तक बहुत ही कम देश ही हासिल कर पाए हैं। पीएम ने कहा कि ये सिर्फ संयोग नहीं बल्कि एक संदेश है। यह एक बड़ा मजबूत संदेश है कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी ही आसीम है। उन्होंने भारतीयों में आत्मविश्वास जगाया है और दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। ये संदेश देता है कि हमारे युवाओँ की क्षमताएं और महत्वकाक्षाएं अंतरिक्ष के जैसे असीम है। शोर-शराबे के जरुरत नहीं है। मेरा यह मानना है कि जहां तर्क तथ्य होते हैं वहां पर शोर-शराबे की कोई जरुरत नहीं होती है। तर्क और तथ्य होते हैं तो शांत रहकर भी अपने बात प्रभावी ढंग से रखी जा सकती है।Speaking at the start of the Monsoon Session of Parliament. May this session witness productive discussions that strengthen India’s development journey. https://t.co/v25Vg62apy
— Narendra Modi (@narendramodi) July 20, 2026