Home National Raghav Chadha ने संसद में उठाया मुद्दा, कहा- ‘Fruit Juice’ के नाम पर मिल रहा ‘चीनी का पानी’…, देखें वीडियो

Raghav Chadha ने संसद में उठाया मुद्दा, कहा- ‘Fruit Juice’ के नाम पर मिल रहा ‘चीनी का पानी’…, देखें वीडियो

0
Raghav Chadha ने संसद में उठाया मुद्दा, कहा- ‘Fruit Juice’ के नाम पर मिल रहा ‘चीनी का पानी’…, देखें वीडियो

नई दिल्लीः आम आदमी पार्ट के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने सासंद में ‘फ्रूट जूस’ का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने संसद में कहा है कि बाजार में जो पैकेटबंद जूस हम पीते है उसकी पैकेजिंग से हमें लगता है कि यह बहुत ही ताजा और शुद्ध होगा लेकिन जमीनी हकीकत बेहद खराब है। वास्तव में इस जूस में चीनी का घोल मिला रहता है जो युवाओं को डायबिटीज, मोटापा और लाइफस्टाइल की कई बीमारियों को जन्म दे रहा होता है। डॉ. राघव चड्डा ने जो सवाल उठाए हैं वे कई मायने में सही है। राघव चड्डा ने सरकार से सवाल का जवाब मांगते हुआ कहा कि भारत का कंज्यूमर ब्रांड एक बड़ी बीमारी का शिकार है, जिसे मिसलीडिंग ब्रांड और फॉल्स एडवरटाइजमेंट के नाम से जाना जाता है।

जब हम फ्रूट जूस खरीदते हैं तो डिब्बे पर एकदम बढ़िया फ्रेश फ्रूट जूस की तस्वीर लगी रहती है। यह बहुत ही लुभावनी लगती है। इससे लगता है कि जूस बहुत ताजा है लेकिन डिब्बे के पीछे बहुत छोटे-छोटे अक्षरों लिखा रहता है कि यह पिक्चर सिर्फ मार्केटिंग उद्येश्य के लिए है। इसे पढ़कर हमारे देश के युवा यह सोचकर इसे पीते हैं कि उन्हें लगता है कि यह हेल्दी और स्वादिष्ट है लेकिन उन्हें पता नहीं कि वे चीनी का घोल पी रहे हैं जिनके चलते डायबिटीज, मोटापा और लाइफस्टाइल डिजीज होती है। मेरा सरकार से यह सवाल है कि क्या सरकार इस तरह के भ्रामक प्रचार पर पाबंदी लगाने के बारे में सोच रही है।

उधर, आकाश हेल्थकेयर, नई दिल्ली में इंटरनल मेडिसीन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा ने बताया कि अगर जूस के डिब्बे पर एफएसएसएआई FSSAI की मुहर लगी है तो हम यह मान कर चलते हैं कि यह जूस सही होगा। क्योंकि हमारी रेगुलेटरी बॉडी सारे मानक टेस्ट करके ही जूस बनाने की अनुमति देती है। अगर किसी डिब्बे पर एफएसएसएआई मार्क नहीं है तो इसका मतलब है कि इसकी शुद्धता की गारंटी नहीं है। लेकिन मसला तब होता है जब रेगुलेटरी बॉडी की मुहर के बावजूद जूस मानकों पर खरा नहीं उतरता। मसलन पैकेटबंद जूस में कई तरह के प्रिजर्वेटिव्स, एडेड शुगर, हाई फ्रूक्टोज कॉर्न सिरप, कलर आदि मिलाए जाते हैं। यह बात कई रिसर्च में भी साबित हुई है। यही से मामला खराब होना शुरू होने लगता है। चाहे वह प्रिजर्वेटिव्स हो या एडेड कलर, ये सब इतने ज्यादा हानिकारक होते हैं कि इससे कैसर तक हो सकता है। इसलिए समझा जा सकता है कि अगर इस जूस का लगातार सेवन किया जाए तो इसका असर कितना घातक हो सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here