नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साफ कर दिया कि निजी अस्पतालों को अपने स्टाफ की सुरक्षा खुद करनी होगी। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक सर्वोच्च अदालत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों से निजी अस्पतालों को सुरक्षा कवर प्रदान किए जाने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। निजी अस्पताल व्यावसायिक उद्यम हैं जिनको अपनी सुरक्षा खुद करनी है।
शीर्ष अदालत उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अधिकारियों को अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों में पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिए जाने की मांग की गई है, ताकि मरीजों के रिश्तेदारों और अन्य लोगों द्वारा डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों को रोका जा सके।
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निजी अस्पतालों को खुद करना होगा अपने स्टाफ की सुरक्षा का इंतजाम
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सड़क हादसों के लिए जिम्मेदार है खराब प्रोजेक्ट रिपोर्ट
नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कुछ सड़क दुर्घटनाओं के लिए दोषपूर्ण परियोजना रिपोर्ट को जिम्मेदार ठहराया और जोर देकर कहा कि कंपनियों को राजमार्गों और अन्य सड़कों के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए उचित प्रशिक्षण की जरूरत है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि सरकार नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।
डीपीआर तैयार करने वाली कंपनियों को प्रशिक्षण की जरूरत
गडकरी, जो अपने स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं, ने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘कंपनियों द्वारा तैयार कुछ डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) सबसे खराब हैं और सड़क दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार हैं।’ उन्होंने डीपीआर तैयार करने वाली कंपनियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा, ‘शुरुआत वहां से करो। अगर वो सुधरेंगे नहीं, तो पूरा तुम्हारा सत्यानाश हो जाएगा (शुरुआत डीपीआर से की जानी चाहिए। अगर डीपीआर तैयार करने वाली कंपनियां नहीं सुधरती हैं, तो समस्या फिर से हो जाएगी)। हल्के-फुल्के अंदाज में मंत्री ने कहा कि अकुशल चालक के हाथ में नई मर्सिडीज कार भी समस्या खड़ी कर सकती है।
गडकरी ने सड़क परियोजनाओं में देरी के कारणों की पहचान करने पर जोर दिया क्योंकि देरी के कारण निर्माण की बढ़ती लागत भी एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है।
गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले एनसीआरबी की रिपोर्ट से पता चला है कि पिछले साल दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों की संख्या अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जबकि सड़क दुर्घटनाओं और घायल लोगों की संख्या में पिछले वर्षों की तुलना में कमी आई है। -

अब लाल सिंह चड्ढा 20 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध होगी
नई दिल्ली : आमिर खान-स्टारर ‘लाल सिंह चड्ढा’ 11 अगस्त, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इस फिल्म में करीना कपूर खान और मोना सिंह भी लीड रोल में नजर आईं। इंडियन बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म पूरी तरह से फ्लॉप रही। फिल्म अपनी लागता की आधी कमाई भी नहीं कर पाई। सोशल मीडिया पर बायकॉट ट्रेंड और खराब रिव्यू ने टिकट खिड़की पर इसकी लुटिया डुबो दी।
‘लाल सिंह चड्ढा’ को देखने के लिए लोगों ने सिनेमाघरों का रुख किया ही नहीं। दर्शक मूवी हॉल ना जाकर इसकी ओटीटी रिलीज का इंतजार रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए अब गुड न्यूज है। लाल सिंह चड्ढी की ओटीटी रिलीज डेट सामने आ गई है।
कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि आमिर खान ‘लाल सिंह चड्ढा’ को सिनेमा रिलीज के 6 महीने बाद ओटीटी पर लाना चाहते हैं। हालांकि, खराब परफॉर्मेंस के चलते मेकर्स ने इसे जल्द रिलीज करने का फैसला किया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक अब लाल सिंह चड्ढा 20 अक्टूबर, 2022 को नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध होगी। मेकर्स ने 2 महीने के वेटिंग पीरियड को फॉलो किया है। इसके साथ ही साफ हो गया है कि तमाम विवादों के बावजूद आमिर खान ने नेटफ्लिक्स के साथ ही डील पक्की की है।
बता दें कि पहले खबर आई थी कि आमिर खान अपनी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की रिलीज के लिए नेटफ्लिक्स से 150 करोड़ मांग रहे थे। नेटफ्लिक्स उन्हें 80 से 90 करोड़ के बीच ऑफर किया था पर आमिर खान मान नहीं रहे थे। बता दें कि हॉलीवुड फिल्म फॉरेस्ट गंप की ऑफिशियल रीमेक इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 60 करोड़ के करीब की कमाई की है। रिलीज के अगले दिन से ही कई जगह दर्शक ना मिलने के चलते सिनेमाघर मालिकों को इसके शोज भी कैंसिल करने पड़े थे। -

बम धमाके से फिर दहला काबुल, 2 रूसी राजनायिक समेत 20 की मौत
काबुलः अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार को दूतावास के बाहर हुए धमाके में 2 रूसी राजनायिक समेत 20 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के हवाले रूसी समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह धमाका आत्मघाती हमलावर के काबुल के देह मजांग और दारूलामान रोड के आस पास हुआ है।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आस पास के घरों की खिड़की दरवाजों में लगे कांच तक टूट गए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर भीड़ को निशाना बनाना चाहता था, शायद इसी इरादे से उसे धमाका ऐसी जगह पर किया जहां लोग वीजा अप्लाई करने के आए थे। जिस वक्त यह धमाका हुआ उस वक्त एक रूसी राजनायिक अपने कमरे के बाहर आए थे और एक आवेदक का नाम पुकार रहे थे। तभी धमाका हो गया, इस घटना में 2 रूसी राजनायिकों समते कुल 20 लोगों की मौत हो गई है।
बीते 2 सितंबर को उत्तरी अफगानिस्तान के हेरात शहर में एक मस्जिद में धमाका हुआ था, जिसमें एक प्रमुख मौलवी समेत कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए थे। यह धमाका हेरात शहर की गुजारगाह मस्जिद में नमाज के समय हुआ था। इस विस्फोट में मुजीब-उल रहमान अंसारी नाम के एक मौलवी की भी मौत हो गई थी जो मस्जिद के प्रमुख मौलवी थे। बताते चलें कि पिछले दो दशकों में अफगानिस्तान की पश्चिम समर्थित सरकारों की आलोचना के लिए अंसारी को पूरे अफगानिस्तान में पहचाना जाता था।
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जालंधरः डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत बंटी सहित 6 लोग आप पार्टी में शामिल
जालंधर/अनिल वर्माः महानगर में नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस को आप पार्टी ने बड़ा झटका दिया है। आप पार्टी में डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत बंटी, रोहन सहगल सहित 6 लोग शामिल हो गए हैं। जानकारी देते हुए जरनैल सिंह ने कहा कि आप ने अपने बड़े कामों को पूरा किए हैं। अब बिजली के बिल शून्य हैं, पंजाब के लोग खुश हैं और हम पंजाब के सीएम भगवंत मान को बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म को बीच में जोड़ना गलत है। सभी जानते हैं कि धर्म के नाम पर कौन लोगों में फिक डालता है।
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पंजाबः सीएम मान का अध्यापकों के लिए एक और बड़ा ऐलान, इस मामले पर लगाई मुहर
चंडीगढ़ : टीचर्स डे पर सीएम भगवंत मान ने अध्यापकों को एक और बड़ी सौगात दी है। अध्यापक दिवस के मौके पर सीएम मान ने अध्यापकों को पक्का करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने यह ऐलान आनंदपुर साहिब में हुई पंजाब कैबिनेट की मीटिंग में लिया। उन्होंने 8736 अध्यापकों को पक्का करने पर मुहर लगाई है।
‘अध्यापक दिवस’ के मौके पर बधाई देते हुए सीएम मान ने 8736 अध्यापकों को रेगुलर करने का ऐलान किया है। इसमें से 1130 शिक्षा वालंटियर पक्के होंगे, 5442 शिक्षा प्रोवाइडर अध्यापक भी पक्के किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह किसी का हक नहीं मारना चाहते। उनकी कोशिश है कि वह टंकी पर चढ़े अध्यापकों नीचे उतारे। सीएम मान ने अहम ऐलान करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब के लोगों की दी जाने वाली गारंटियों में से यह गारंटी भी पूरी की है।
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किसानों का 3 लाख तक का कर्ज होगा माफ
गुजरात: गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार को अहमदाबाद पहुंचे. सूबे में 27 साल सत्ता का वनवास तोड़ने के लिए राहुल गांधी ने कई बडे़ ऐलान किए. राहुल गांधी ने वादा किया कि अगर उनकी पार्टी गुजरात में सरकार बनाती है, तो वे किसानों का 3 लाख रुपए तक का कर्ज माफ कर देंगे। इतना ही नहीं राहुल गांधी ने किसानों को फ्री बिजली, घरेलू कनेक्शन पर 300 यूनिट फ्री बिजली जैसे वादे भी किए। राहुल गांधी ने किए अहम वादे राहुल गांधी ने गुजरात के लोगों से वादा किया कि कांग्रेस सत्ता में आती है तो किसान का तीन लाख रुपये तक के कर्ज माफ होगा।
दूसरा वादा राहुल ने किया कि कोरोना में तीन लाख लोगों की मृत्यु हुई है. अस्पताल के सामने लाइन से लोगों को देखा होगा. क्या सरकार ने कोई मुआवजा किया है. कोरोना से मरने वाले व्यक्ति के परिवार को कांग्रेस चार लाख रुपये मुआवजा देगी. राहुल गांधी ने तीसरा वादा किसानों की बिजली बिल माफ करने का किया है. राहुल ने कहा कि गुजरात के सभी किसानों की बिजली बकाया माफ किया जाएगा और हर महीने 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाएगी. इसके अलावा राहुल ने वादा किया कि गुजरात में तीन लाख स्कूल बनाए जाएंगे और लड़कियों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी. साथ ही वादा किया है कि राज्य में एलपेजी गैस का एक सिलेंडर जो 1000 रुपये हे उसे 500 रुपये में देने का वादा किया। राहुल गांधी ने बेरोज़गारी और महंगाई से निजात दिलाने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों की मदद की जाएगी, जिसे छोटे और मंझोले कारोबारी मज़बूत हो सकेंगे. गुजरात के युवाओं को रोजगार देने का वादा किया और 10 लाख युवाओं को रोज़गार देंने की बात कही. राहुल ने कहा कि पिछले 25 सालों से आप लोग क्या सहन कर रहे हैं, उसे मैं समझता हूं।
आप लोंगो की लड़ाई सियासी पार्टी से नहीं है, ये लड़ाई बीजेपी कांग्रेस के खिलाफ नहीं है. समझना होगा कि आप किसके खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं. राहुल ने कहा कि सरदार पटेल की बीजेपी ने मुर्ति बनायी, सब से बड़ी मुर्ति बनायी बीजेपी नरेंद्र मोदी और आरएसएस के लोगों ने बनाई है। सरदार पटेल अपनी ज़िंदगी के दौरान किस से लड़े और किस लिए लड़ रहे. वो सिर्फ़ एक इन्सान नहीं थे वो किसान और हिन्दुस्तान के लोगों की आवाज़ थे. जो भी उनके मुंह से निकलता हे वो हिन्दुस्तान के हित के लिए था, उनके भाषण को सुनोगे तो उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी में किसानों के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला और न ही किसानों के खिलाफ कोई काम किया राहुल गांधी ने कहा कि सरदार पटेल ने लोकतांत्रिक संस्था को खड़ा किया।
सरदार पटेल के बिना अमूल को खड़ा नहीं हो सकता है. बीजेपी सब से बड़ी मुर्ति खड़ा करती हे, लेकिन जिस विचार के लिए सरदार लड़े उस किसान के खिलाफ काम करती हैं. एक और सरदार पटेल की मुर्ति और दूसरी तरफ उन लोगों के लिए सरदार पटेल पूरी ज़िंदगी लड़े उनके ख़िलाफ़ ये सरकार हे, गुजरात में उद्धोग पति का क़र्ज़ माफ़ होता हे लेकिन किसान का क़र्ज़ कभी माफ़ नहीं करते। सरदार पटेल होते तो वो किसानों के खिलाफ कभी ऐसे क़ानूनी नहीं लाते।
राहुल ने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान, सरकार ने किसानों का क़र्ज़ माफ़ किया सरदार पटेल आज होते तो वो जो कहते वही हमने वहां कर दिया. यहां पर भी तिन लाख तक का किसानों का क़र्ज़ माफ़ करता. गुजरात में जिन संस्था को सरदार पटेल ने बनाया जिस संस्था की नींव रखी लेकिन उनके लोगों को परेशान किया जा रहा है. मुद्रा पोर्ट ड्रग्स का सेन्टर बन गया है, क्यों सरकार इनके ख़िलाफ़ कार्यवाही नहीं करती हैं और क्या कारण है कि हर दो महीने पर मुद्रा पोर्ट से ड्रग्स मिलता है. इसके बाद भी कोई कार्यवाई नहीं होती. कांग्रेस ने गुजरात में बीजेपी के सियासी आधार को तोड़ने के लिए केजरीवाल की तरफ फ्री का दांव खेला है. ऐसा लगता है कि कांग्रेस कर्जमाफी का ऐलान कर किसानों का दिल जीतना चाहती है।
राहुल गांधी ने चुनाव से पहले किसानों को साधने के लिए कर्जमाफी से लेकर मुफ्त बिजली देने जैसे कई अहम वादे किए हैं. कांग्रेस द्वारा किए गए वादों के मुताबिक कर्ज माफी के साथ साथ 10 घंटे तक मुफ्त बिजली, प्राकृतिक आपदाओं के लिए मुआवजा योजना, पहली कैबिनेट बैठक में मौजूदा भूमि सर्वेक्षण रद्द करने, समर्थन मूल्य पर सभी कृषि उपज की खरीद, दूध उत्पादकों को 5 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी, केंद्र पर दबाव सहित आश्वासन कृषि जिंसों पर जीएसटी रद्द करने के लिए काम किया जाएगा. बता दें कि गुजरात की 182 विधानसभा सीटों में से 98 सीट ऐसी हैं, जो ग्रामीण इलाकों में आती है. ये सभी सीटें राज्य में निर्णायक भूमिका निभाती हैं. अगर इन 98 सीटों में से 80-85 फीसदी सीटों पर भी कब्जा कर लिया जाए, तो राज्य में सरकार बनाई जा सकती है. कांग्रेस ने किसानों के कर्जमाफी सहित तमाम वादें करके ग्रामीण वोटों को साधने का दांव चला है।
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पंजाबः एक्शन में आया punjab pollution control board, बड़ी फैक्ट्रियों की हर 3 महीने में होगी चेकिंग
पटियालाः जिले में प्रदूषण का कारण बनने वाली इंडस्ट्री पर हर तीन महीने के अंदर चेकिंग होगी। यही नहीं इन फैक्ट्रियों पर रूटीन में मानीटरिंग भी की जाएगी। बीते समय के दौरान दो बड़ी फैक्ट्रियों से प्रदूषण फैलाए जाने की शिकायत मिलने के बाद पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने सख्ती शुरू कर दी है। पीपीसीबी ने 10 बड़ी यूनिटों को इस लिस्ट में शामिल किया है, जिसमें पेपर मिल, राइस मिल व ईंट भट्टे का नाम शामिल है। यहां पर हर तीन महीने में पीपीसीबी की टीम विजिट करेगी, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट सीनियर अधिकारियों के सबमिट की जाएगी। इसके अलावा एक टीम इन तीन महीने के समय के दौरान इन यूनिटों की मानीटरिंग करेगी ताकि तीन महीने बाद होने वाली विजिट में टीम अपने साथ पूरे सबूत लेकर जाएगी।
पीपीसीबी की एक टीम जहां बड़ी फैक्ट्रियों की विजिट करेगी, वहीं एक टीम छोटे उद्धोगों पर भी निगरानी रखेगी। फोकल प्वाइंट पटियाला, राजपुरा, नाभा के अलावा अन्य इंडस्ट्रियल एरिया में चल रही इन फैक्ट्रियों पर नजर रखी जाएगी। यही नहीं मोहल्लों की आड़ में चलने वाली छोटी फैक्ट्रियां भी इस जांच की लिस्ट में शामिल रहेंगी, जिन्हें कसूरवार पाए जाने पर भारी जुर्माने के साथ पुलिस केस भी दर्ज किया जाएगा। इन छोटे उद्धोगों पर चैकिंग के लिए शैडयूल नहीं बनाया जाएगा बल्कि अचनचेत चेकिंग की जाएगी। इसको लेकर भी टीम का गठन व छापेमारी को पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। इन सभी जांच के लिए एसडीओ रैंक के अधिकारी सुपरविजन करेंगे, जिस पर मेंबर सैक्रेटरी की अध्यक्षता होगी।
बीते समय के दौरान पीपीसीबी ने दो पेपर मिल को भारी जुर्माना किया था। वजह यह थी कि यहां पर पाल्यूशन कंट्रोल सिस्टम की कमी के साथ कुछ अन्य लापरवाही पाई गई थी। विभाग के अनुसार जुर्माने की राशि करीब पचास लाख रुपए थी, इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट हैड आफिस भेजी जा चुकी है। इसके अलावा हाल ही में राजपुरा की एक फैक्ट्री को पाल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के नियमों का उल्लंघन करना पाया गया है।
पीपीसीबी के एसडीओ एनके सिंगला ने कहा कि जिले का चार्ज उनके पास है। दो बड़ी पेपर मिलाें की लापरवाही संबंधी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। यहां पर अब प्लांट नियमों के अनुसार और सही हैं। इसके अलावा विभाग के नियमों का उल्लंघन कर पाल्यूशन फैलाने वालों पर रूटीन में कार्रवाई व चेकिंग कर रहे हैं। बड़ी फैक्ट्रियों में निर्देशानुसार हर तीन महीने में विजिट हो रही है।
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जालंधरः एक्शन में आई निगम टीम, होशियारपुर रोड पर 4 इमारतें की सील
जालंधर/वरुणः नगर निगम प्रापर्टी टैक्स ब्रांच ने सोमवार को डिफाल्टरों पर कार्रवाई की और टैक्स न देने वालों की इमारतें सील की। सुपरिंटेंडेंट महीप सरीन और भूपेंद्र सिंह टिम्मी के नेतृत्व में यह कार्रवाई होशियारपुर रोड पर कमर्शियल इमारतों पर की गई है। प्रापर्टी टैक्स की वसूली के लिए कई दिनों से यह अभियान चलाया जा रहा है।
महीप सरीन ने बताया कि 30 सितंबर तक प्रापर्टी टैक्स जमा करवाने वालों को 10% की छूट रहेगी इसलिए लोगों से अपील है कि वह अपना टैक्स 30 सितंबर से पहले जमा करवा दें। उन्होंने बताया कि अब तक 11 करोड़ रुपये प्रापर्टी टैक्स जमा हो चुका है और सितंबर महीने में 10 करोड़ रुपये और टैक्स मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अभी भी 50,000 से ज्यादा लोगों से टैक्स नहीं मिल रहा है।
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हेमंत सोरेन सरकार ने जीता विश्वास मत
पक्ष में 48 वोट पड़े
झारखंड- झारखंड में लंबे सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विश्वास मत जीत लिया है। सरकार के पक्ष में 48 वोट पड़े हैं, जबकि भाजपा ने सदन का बहिष्कार कर दिया। कैश कांड में गिरफ्तार कांग्रेस के तीन विधायक विधानसभा नहीं पहुंचे। जबकि भाजपा के 26 आजसू पार्टी के दो और दो निर्दलीय विधायकों ने वोटिंग का बहिष्कार किया। बता दें कि हेमंत सोरेन ने आज विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है। विश्वास मत से पहले सीएम हेमंत सोरेन यूपीए विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे। उसके वाद वोटिंग हुई। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि विश्वास मत हासिल करने के लिए विशेष सत्र बुलाना समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि पार्टी लाभ के पद के मुद्दे पर सोरेन का इस्तीफा मांगेगी। इस मौके पर सोरेन ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हमने यह सत्र बुलाया। सोरेन ने विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राज्य विधानसभा में भाजपा पर आरोप लगाया। सोरेन ने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए देश में गृह युद्ध जैसे हालात पैदा करने की कोशिश कर रही है। सोरेन ने विधानसभा में आगे कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें नहीं हैं वहां वह लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने के प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन के अंदर कहा कि हम सदन के बाहर भी अपनी ताकत दिखा रहे हैं। सदन के अंदर भी ताकत दिखा रहे है। इससे पहले रायपुर से आए सभी यूपीए विधायकों को विशेष बस में सर्किट हाउस से लेकर विधानसभा लाया गया था। सभी विधायकों को विधानसभा में अंदर लाया गया, जिस गेट से मुख्यमंत्री खुद जाते हैं। दरअसल विधानसभा में दो गेट है एक गेट से मुख्यमंत्री दूसरे गेट से आम विधायक जाते हैं लेकिन आज यूपीए के सभी विधायकों को उस गेट से ले जाया गया, जहां से मुख्यमंत्री जाते हैं। विश्वास प्रस्ताव लाने के चलते सभी विधायकों को मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे। झारखंड में सत्तारूढ़ यूपीए गठबंधन के करीब 30 विधायक सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र में भाग लेने के लिए रायपुर से रविवार दोपहर को रांची वापस आए थे। ये विधायक 30 अगस्त से रायपुर के पास एक रिसॉर्ट में डेरा डाले हुए थे। हेमंत सोरेन सरकार को 49 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। 81 सदस्यीय सदन में वर्तमान में सबसे बड़ी पार्टी झामुमो के 30, कांग्रेस के 18 और राजद के एक विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल भाजपा के 26 विधायक हैं। इस बीच सोरेन की विधायकी जाने के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई थी।