ईरान ने कर दिया था इंकार
यह उलटफेर तब हुआ जब ईरान ने सार्वजनिक रुप से क्लीयर किया कि डील MOU पर अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों ने डिजिटल रुप से हस्ताक्षर किए गए थे। स्विट्जरलैंड में कोई हस्ताक्षर समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। शहबाज शरीफ ने एक्स पर अपने पोस्ट से बाद में हटाए गए पैराग्राफ में कहा था कि – पाकिस्तान को मीडिएटर कतर के समर्थन से इस ऐतिहासिक घटना को याद रखने के लिए और तकनीकी स्तर की वार्ता शुरु करने के लिए 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, ऑफिशियल समारोह की मेजबानी करेगा।हालांकि शहबाज के दूसरे पोस्ट में यह दावा बरकरार रखा गया था। इस डील को मैंने ही करवाया है लेकिन प्रस्तावित समारोह के मेजबान के रुप में पाकिस्तान की भूमिका से संबंधित पूरे पैराग्राफ को हटा दिया गया था। इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि इस्लामाबाद उस समझौते के दो प्रमुख पक्षों के साथ कितनी नजदीकी से बातचीत कर रहा था। इसे उसने एक बड़ी पाकिस्तानी डिप्लोमेसी उपलब्धि के रुप में किया है।بریکنگ نیوز ،شہبازشریف نے اپنا پہلا ٹویٹ ڈیلیٹ کردیا نئے ٹویٹ میں سوئٹزر لینڈ کی تقریب کا ذکر نکال دیا گیا
پہلے ٹویٹ کا وہ حصہ جو ڈیلیٹ کردیا گیا Pakistan with the support of co-mediator State of Qatar will host the official ceremony as scheduled on 19 June 2026 in… pic.twitter.com/ZPoAvik8Mz — Mukhtar Hassan (@mukhtarhassan56) June 18, 2026
ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघई ने इससे पहले कहा था कि डील पर डिजिटल रुप से हस्ताक्षर किए जाएंगे और स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि – बातचीत करने वाली टीमों के जिनेवा में होने की योजना तैयार है परंतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर डिजिटल माध्यम से होंगे और स्विटजरलैंड में हस्ताक्षर समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।शहबाज शरीफ के उलट था ईरान का जवाब
ईरान का बयान शहबाज शरीफ की उस घोषणा के पूरी तरह उलट था जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान 19 जून को स्विटजरलैंड में एक आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह की मेजबानी करेगा। 15 जून को एक पिछली पोस्ट में शरीफ ने घोषणा की थी कि अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते पर पहुंच गए हैं और आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून को स्विटजरलैंड में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यस्थ तकनीकी स्तर की वार्ता और औपचारिक हस्ताक्षर समारोह की तैयारी के लिए हफ्ते के दौरान बैठकों की सुविधा प्रदाऩ करेंगे। बाद में एक पोस्ट में मसौदे पर इलेक्ट्रोनिक हस्ताक्षर की घोषणा करते हुए शरीफ ने कहा कि इस पर अमेरिका और ईरान के राष्ट्रपतियों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने मध्यस्थ के रुप में इसका समर्थन किया है हालांकि उन्होंने पहले की पोस्ट को डिलीट कर दिया और उसमें से वह पैराग्राफ हटा दिया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान कतर के समर्थन से 19 जून के समारोह की मेजबानी करेगा।I am honoured to announce that the historic ‘Islamabad Memorandum of Understanding’ has been electronically signed today between the United States of America and the Islamic Republic of Iran. The Memorandum has been signed by honourable Presidents of both the countries and also…
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) June 18, 2026