शिवलिंग को खास क्या बनाता है? इस शिवलिंग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस पर 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग (सहस्त्र लिंगम) उकेरे गए हैं। 33 फीट ऊंचे इस शिवलिंग का वजन करीब 210 मीट्रिक टन है, जो इसे और भी अद्भुत बनाता है। किसने बनवाया बिहार का सबसे बड़ा अखंड शिवलिंग? इस भव्य शिवलिंग का निर्माण बिहार धार्मिक न्यास पर्षद द्वारा करवाया गया है। शिवलिंग का निर्माण किसने किया इस विशाल शिवलिंग को बनाने की पूरी प्रक्रिया प्रसिद्ध शिल्पकार हेमलता देवी की निगरानी में हुई। उनके साथ शिल्पकारों की एक पूरी टीम ने काम किया। इस कार्य में उनके पुत्र विनायक बैकट रमण की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। शिवलिंग कहां बनाया गया इस अखंड शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम स्थित पट्टीकाड़ू गांव में किया गया।बिहार: मोतिहारी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्थापित हुआ दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग
-बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में एक ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन हो रहा है। -कल्याणपुर ब्लॉक की राजपुर पंचायत के कैथवलिया गांव में दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना शुरू हो गई है।… pic.twitter.com/nEf579DTQV — Ritam Varta (@RitamVarta) January 17, 2026
तमिलनाडु से बिहार तक कैसे पहुंचा शिवलिंग
इस शिवलिंग को तैयार करने में करीब 10 साल लगे। 12 नवंबर को यह शिवलिंग महाबलीपुरम से रवाना हुआ और आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होते हुए लगभग 2565 किलोमीटर की दूरी तय कर 46 दिनों में बिहार पहुंचा।
निर्माण में कितना समय और कितना खर्च आया
शिवलिंग को बनाने में 10 वर्षों का समय लगा। इसके निर्माण पर करीब 3 करोड़ रुपये का खर्च आया।
विराट रामायण मंदिर की क्या खासियत है
विराट रामायण मंदिर एक विशाल और भव्य धार्मिक परिसर है, जो करीब 120 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा। मंदिर में कुल 18 शिखर और 22 मंदिर बनाए जाएंगे।
शिखरों की ऊंचाई इस प्रकार होगी
-मुख्य शिखर: 270 फीट
-चार शिखर: 180 फीट
-एक शिखर: 135 फीट
-आठ शिखर: 108 फीट
-एक शिखर: 90 फीट
विराट रामायण मंदिर का निर्माण कब शुरू हुआ?
विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य 20 जून 2023 से चल रहा है। अभी मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हुआ है।
मंदिर का शिलान्यास किसने किया था?
इस भव्य मंदिर का शिलान्यास बिहार धार्मिक न्यास पर्षद के तत्कालीन अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल द्वारा किया गया था। यह अखंड शिवलिंग और विराट रामायण मंदिर आने वाले समय में बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।