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  • करदाताओं के विश्वास और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन का परिचायक है

    करदाताओं के विश्वास और प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन का परिचायक है

    पंजाब में जी.एस.टी. प्राप्ति में दर्ज 24.45% की शानदार वृद्धि

    चंडीगढ़ : पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज बताया कि राज्य ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए जी.एस.टी. (वस्तु एवं सेवा कर) की वसूली में 24.45% की शानदार वृद्धि दर्ज की है। इसके साथ ही कारोबार को प्रोत्साहन देने के लिए जी.एस.टी. रिफंड के रूप में रणनीतिक तौर पर ₹1,270 करोड़ जारी किए गए, जो करदाताओं के विश्वास तथा मजबूत, प्रौद्योगिकी-आधारित प्रशासन पर आधारित एक फलती-फूलती अर्थव्यवस्था को दर्शाता है।

    यहाँ जारी प्रेस बयान के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के बेहतरीन प्रदर्शन की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “कुल जी.एस.टी. वसूली बढ़कर ₹7,833.45 करोड़ हो गई है, जिसे 9% की अभूतपूर्व एस.जी.एस.टी. नकद विकास दर का समर्थन प्राप्त है, जो 3% की राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक है। इसके साथ ही राज्य के राजस्व की पूर्ण सुरक्षा के लिए सख्त नियमों के तहत जुर्माने के रूप में ₹633 करोड़ वसूले गए हैं।”

    वित्त मंत्री ने कहा कि कुल ₹7,833.45 करोड़ की जी.एस.टी. वसूली पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि के दौरान प्राप्त ₹6,294.57 करोड़ की तुलना में ₹1,538.88 करोड़ की कुल वृद्धि को दर्शाती है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय निरंतर आर्थिक गतिविधियों, बेहतर कर अनुपालन तथा आबकारी एवं कर विभाग में चल रहे प्रशासनिक सुधारों को दिया। उन्होंने कहा, “जी.एस.टी. में ₹1,538 करोड़ से अधिक तथा वैट/सी.एस.टी. वसूली में ₹242 करोड़ से अधिक की वृद्धि राज्य की राजस्व संग्रह रणनीति की प्रभावशीलता और पंजाब की वित्तीय स्थिति की स्पष्ट मजबूती को सिद्ध करती है।”

    कर चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर देते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि विभाग के व्यापक प्रवर्तन अभियान के शानदार परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा, “पहली तिमाही के दौरान लगभग ₹633 करोड़ का जुर्माना लगाया और वसूला गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि के दौरान वसूले गए ₹207 करोड़ की तुलना में रिकॉर्ड 207% की वृद्धि है।” केवल जून 2026 में की गई विशेष कार्रवाई का विवरण देते हुए आबकारी एवं कर मंत्री ने कहा, “इस दौरान ₹225 करोड़ का जुर्माना लगाया गया और फर्जी बिल बनाने तथा धोखाधड़ीपूर्ण पंजीकरण में शामिल फर्जी करदाताओं के खिलाफ 20 एफ.आई.आर. दर्ज की गई हैं।” इसके अलावा, विभाग ने वैट प्रणाली के तहत लंबे समय से लंबित बकाया की वसूली में तेजी लाने के लिए इस महीने संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की, जिससे बकाया के रूप में लगभग ₹14 करोड़ सफलतापूर्वक प्राप्त किए गए।

    वास्तविक और ईमानदार कारोबारों के समर्थन के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “बाजार में नकद तरलता में सुधार तथा ‘कारोबार करने में आसानी’ को बढ़ावा देने के लिए समय पर जारी किए गए कुल ₹1,270 करोड़ के जी.एस.टी. रिफंड में से केवल स्टेट जी.एस.टी. हिस्से का योगदान ₹713.70 करोड़ रहा।” उन्होंने जोर देकर कहा, “सख्त प्रवर्तन और करदाताओं को सुविधाएँ प्रदान करना साथ-साथ चल रहे हैं और ये प्रवर्तन कार्रवाइयाँ सार्वजनिक राजस्व की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। आबकारी एवं कर विभाग ईमानदार करदाताओं को समय पर रिफंड, सरल प्रक्रियाओं और पारदर्शी प्रशासन के माध्यम से सुविधाएँ प्रदान करने के लिए पूरी तरह समर्पित है, और यही संतुलित दृष्टिकोण आने वाले महीनों में भी विभाग के प्रयासों का मार्गदर्शन करता रहेगा।”

     

  • क्या आप भी रात में देर रात तक जागते हैं तो बढ़ जाएगा Mini Stroke का खतरा?

    क्या आप भी रात में देर रात तक जागते हैं तो बढ़ जाएगा Mini Stroke का खतरा?

    सेहत: भागदौड़ भरी जिंदगी में रात का समय अब पहले जैसा नहीं होता। आधी रात के बाद भी कई लोग स्क्रीन पर लगे रहते हैं। बिस्तर पर लेटे-लेटे लोग ऑफिस के ईमेल चेक करते रहते हैं। सोशल मीडिया स्क्रॉल करते-करते यह भी नहीं पता चलता है कि कब रात बीत गई है। खासकर युवा प्रोफेशनल्स के लिए यह अब सामान्य लाइफस्टाइल बन चुकी है लेकिन न्यूरोलॉजिस्ट्स चेतावनी दे रही है कि यह आदत सिर्फ थकान ही नहीं बल्कि मिनी स्ट्रोक जैसी गंभीर खतरे को भी बढ़ा सकती है।

    आखिर क्या होता है मिनी स्ट्रोक?

    मिनी स्ट्रोक जिसको मेडिकल भाषा में ट्रांजिएंट इस्केमिक अटैक कहते हैं। यह उस समय होता है कि जब कुछ समय के लिए ब्रेन के लिए किसी हिस्से में ब्लड फ्लो रुक जाता है। इसके लक्षण कुछ मिनटों में खत्म हो सकते हैं परंतु इसे हल्के में लेना बहुत बड़ी गलती साबित हो सकती है. अमेरिका के एक इंस्टीट्यूट के अनुसार, जिन लोगों को ट्रांजिएट इस्केमिक होता है। उनमें से लगभग हर तीन में एक व्यक्ति को आगे चलकर स्ट्रोक हो सकता है। इनमें से करीबन आधे मामले एक साल के अंदर सामने आते हैं।

    नींद की कमी बनेगी हार्ट की समस्याओं का कारण

    एक्सपर्ट्स ने TOI ने बताया कि नींद की कमी तेजी से न्यूरोलॉजिकल और हार्ट संबंधी समस्याओं का बड़ा कारण बनती जा रही है। उनका कहना है कि लगातार कम नींद लेने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन का स्तर ऊंचा रहता है। ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है सूजन बढ़ती है और मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है। ये सभी कारक मिलकर मिनी स्ट्रोक और बाद में स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

    मिनी स्ट्रोक और स्ट्रोक का बढ़ेगा खतरा

    एक्सपर्ट्स ने बताया कि नींद की कमी तेजी से न्यूरोलॉजिकल और हार्ट संबंधी समस्याओं का बड़ा कारण बनती जा रही है। उनका कहना है कि लगातार कम नींद लेने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन का स्तर ऊंचा रहता है। ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है सूजन बढ़ाती है भी मेटाबॉल्जिम बिगड़ सकता है। इन सभी कारणों के चलते मिनी स्ट्रोक और बाद में स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। अच्छी नींद सिर्फ शरीर को आराम नहीं देती बल्कि ब्लड वेसल्स की मरम्मत, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और सूजन कम करने में भी मदद करती है। जब लगातार नींद पूरी नहीं होती है तो शरीर के ये जरुरी सिस्टम प्रभावित होने लगते हैं। नेशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टीट्यूट की रिसर्च भी बता चुकी है कि लंबे समय तक नींद की कमी हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोगों का जोखिम बढ़ाती है यह स्ट्रोक का मुख्य कारण होते हैं।

    भविष्य में गंभीर समस्याओं का कारण बनेगा फोन

    हाल के सालों में एक नया शब्द भी चर्चा में आया है और वो है रिवेंज बेडटाइम प्रॉक्रैस्टिनेशन कहते हैं। इसका अर्थ है कि चक्कर में जानबूझकर देर तक जागना जबकि शरीर को आराम की जरुरत होती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, देर रात तक फोन चलाना, लगातार स्क्रीन देखना और सिर्फ कुछ घंटे की नींद लेना आज कई युवाओं की आदत बन चुकी है जो भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकते हैं।

    जानें इसके लक्षण

    मिनी स्ट्रोक की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसके संकेत अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। शरीर के एक हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में दिक्कत, चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, चेहरे का एक ओर झुक जाना या कुछ मिनटों तक भ्रम की स्थिति बने रहना। इसके शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार है कि ऐसे किसी भी संकेत को नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने चाहिए।  
  • SIR-2026 के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने संबंधी अफवाहों पर न दें ध्यान : श्री ए. श्रीनिवास

    SIR-2026 के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने संबंधी अफवाहों पर न दें ध्यान : श्री ए. श्रीनिवास

    चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए. श्रीनिवास ने सोशल मीडिया पर “बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने” संबंधी खबर को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है।उन्होंने यहां जारी बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना व किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल होने से रोकना है। उन्होंने बताया कि 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक चल रहे गणना चरण के दौरान प्रत्येक वर्तमान मतदाता को बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा गणना प्रपत्र उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे और उनका नाम बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज की मांग किए प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होगा, उनका नाम केवल निर्धारित परिस्थितियों में ही जैसे डुप्लीकेट अथवा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकरण, मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, अनुपस्थित अथवा पता न चलने वाले मतदाता तथा गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने वाले मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में BLO स्थानीय जांच व निर्धारित प्रक्रिया और रिकॉर्ड के आधार पर ही कार्रवाई करेगा। जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होंगे, उनके संबंध में BLO स्थानीय जांच के आधार पर संभावित कारण जैसे अनुपस्थिति, स्थानांनतरण, मृत, डुप्लीकेट सूची तैयार करेगा। इस सूची पर बूथ लेवल अधिकारियों एवं राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट की बैठक आयोजित की जाएगी तथा सूची को संबंधित कार्यालयों के नोटिस बोर्ड एवं विभागीय वेबसाइट पर भी जारी किया जाएगा।

    सभी पात्र मतदाताओं को मिलेगा अवसर

    14 जुलाई तक वर्तमान मतदाता हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र जमा करेंगे और उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची 2026 में शामिल किया जाएगा। गणना चरण के दौरान किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा नहीं कराया जाएगा। मतदाता स्वयं, परिवार का कोई वयस्क सदस्य व ऑनलाइन माध्यम से भी गणना प्रपत्र भर सकता है।

    दावा व आपत्ति का अवसर

    श्री ए. श्रीनिवास ने कहा कि 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान प्रत्येक पात्र नागरिक को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलेगा। कोई भी पात्र नागरिक फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने तथा फॉर्म-8 के माध्यम से आवश्यक संशोधन कराने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा गलत प्रचार पर विश्वास न करें तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र अवश्य जमा करें, ताकि उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में सुरक्षित रूप से शामिल किया जा सके। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में 1 जुलाई 2026 को दोपहर 2:00 बजे तक 95.09 प्रतिशत गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं तथा 32.66 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण भी पूरा किया जा चुका है। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी जांच एवं सत्यापन के उपरांत ही SIR-2026 की प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराएं।  
  • टक्का रैंसरी रेलवे पुल के नीचे बना तालाब, बरसात की पहली ही बारिश में लोगों का आना-जाना हुआ बेहाल

    टक्का रैंसरी रेलवे पुल के नीचे बना तालाब, बरसात की पहली ही बारिश में लोगों का आना-जाना हुआ बेहाल

    ऊना/सुशील पंडित : बरसात की पहली ही बारिश ने टक्का रैंसरी रेलवे पुल के नीचे जलभराव की समस्या को एक बार फिर उजागर कर दिया है। पुल के नीचे बारिश का पानी जमा होकर तालाब जैसी स्थिति बन गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यहां पानी भरने की समस्या पैदा हो जाती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं पैदल चलने वाले लोगों का भी आना-जाना प्रभावित हुआ। लोगों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को बार-बार परेशानियों का सामना न करना पड़े।
     
  • Jalandhar News: स्नेचरों में खत्म हुआ पुलिस का डर, सरेआम महिला की बालियां छीनकर फरार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: स्नेचरों में खत्म हुआ पुलिस का डर, सरेआम महिला की बालियां छीनकर फरार, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: किशनपुरा और लंबा पिंड चौक के पास चड्ढा स्विट्स के पास दिन दहाड़े महिला की बालियां छीनकर बाइक सवार स्नेचर फरार हो गए। घटना में बाइक सवार महिला की दोनों बालियां ले गए। मामले की जानकारी देते हुए लंबा पिंड की रहने वाली पीड़ित महिला ने बताया कि बहू और बच्चे के साथ वह माई हीरां गेट से सामान लेकर एक्टिवा पर सवार होकर जा रही थी। इस दौरान चड्ढा स्विट्स के पास बाइक सवार 2 स्नेचर आए और महिला के कानों की बालियां छीनकर फरार हो गए। पीड़ित ने कहाकि उसका 8 से 9 तोले के सोने का नुकसान हो गया।

    गनीमत यह रही कि घटना के दौरान कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। मामले की शिकायत थाना 8 की पुलिस को दे दी है। पीड़ित ने कहा कि स्नेचरों को पुलिस का कोई खौफ नहीं रहा। यही कारण है कि सरेआम स्नेचर वारदातों को अंजाम दे रहे है। बता दें किशनपुरा चौक के पास कुछ दिन पहले बीएमएस की दुकान पर बाइक सवार भी फायरिंग करके फरार हुए थे। हालांकि उस घटना को पुलिस ने ट्रेस कर लिया था। लेकिन लोगों का कहना हैकि यह सड़क काफी व्यस्त और इस सड़क पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन फिर भी बेखोफ स्नेचर वारदातों को अंंजाम दे रहे है और पुलिस आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दे देती है।

     

     

  • नशा छुड़ाऊ केंद्र के मालिक समेत दो व्यक्ति सात आधुनिक पिस्तौलों के साथ गिरफ्तार

    नशा छुड़ाऊ केंद्र के मालिक समेत दो व्यक्ति सात आधुनिक पिस्तौलों के साथ गिरफ्तार

    चंडीगढ़/अमृतसर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के मद्देनजर चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता दर्ज करते हुए, अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार के हथियार तस्करी मॉड्यूल के दो व्यक्तियों को सात आधुनिक पिस्तौलों और 40 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल को नष्ट कर दिया है। यह जानकारी डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहाँ साझा की।

    गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान तरन तारन के गाँव सुर सिंह के निवासी सुरजीत सिंह उर्फ राणा (33) और अमृतसर के भाई मंज सिंह रोड के निवासी गुलबाग सिंह उर्फ बाठ (26) के रूप में हुई है। उल्लेखनीय है कि गुलबाग सिंह, अमृतसर के सुल्तानविंड में भाई मंज सिंह रोड पर नशा छुड़ाऊ केंद्र चलाता है।

    बरामद की गई पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लॉक, एक .30 बोर तिसास (तुर्की निर्मित), एक .30 बोर स्पेशल मोडिफाइड पिस्तौल, चार .30 बोर पिस्तौलें शामिल हैं। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया ऐप्स के द्वारा विदेशी तस्करों के संपर्क में थे और सीमावर्ती रास्तों के माध्यम से अवैध हथियारों की खेप प्राप्त करके आपराधिक तत्वों को आपूर्ति कर रहे थे।

    डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंध स्थापित करने के लिए आगे की जाँच की जा रही है, ताकि अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला में शामिल अन्य गुर्गों की पहचान की जा सके।ऑपरेशन से संबंधित विवरण साझा करते हुए, पुलिस कमिश्नर (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विश्वसनीय सूत्रों से मिली पुख्ता सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने सुरजीत उर्फ राणा और गुलबाग उर्फ बाठ को दो पिस्तौलों के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की निरंतर पूछताछ और उनके बयानों के आधार पर पुलिस टीमों ने पाँच और आधुनिक पिस्तौलें बरामद कीं, जिससे बरामदगी की कुल संख्या सात हो गई है।

    सी.पी. ने कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि की तफ्तीश से पता चला है कि आरोपी सुरजीत उर्फ राणा पहले से ही तरन तारन के पुलिस स्टेशन भिखीविंड में दर्ज व्यापारिक मात्रा में नशीले पदार्थों के एक मामले में वांछित है, जो संगठित आपराधिक गतिविधियों में उसकी संलिप्तता को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ और बरामदगी होने की संभावना है। इस संबंध में एफआईआर संख्या 141 दिनांक 24.06.2026 को अमृतसर के पुलिस स्टेशन सुल्तानविंड में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 (6,7,8) के तहत केस दर्ज किया गया है।

     

  • विवेक शर्मा ने 14.21 लाख रुपये की लागत निर्मित पंचवटी पार्क का किया शुभारम्भ

    विवेक शर्मा ने 14.21 लाख रुपये की लागत निर्मित पंचवटी पार्क का किया शुभारम्भ

    मंदिर परिसर में शैड निर्माण के लिए 2 लाख रुपये देने की घोषणा

    ऊना सुशील पंडित : कुटलैहड़ क्षेत्र के विधायक विवेक शर्मा ने आज कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत रायंसरी में श्री बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर बाग वाला में मूर्ति प्रतिष्ठा कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में 14.21 लाख रुपये की लागत से निर्मित पंचवटी पार्क का शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा मंदिर परिसर में डंगे के निर्माण पर फर्श डलवाने पर 3 लाख रुपये व्यय किए गए हैं।

    विवेक शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार मंदिरों के सौंदर्यकरण और रख-रखाव पर विशेष बल दे रही है ताकि आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के संकल्प को साकार करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल और सिंचाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विकास कार्यों को निरंतर गति प्रदान की जा रही है।

    विधायक ने मंदिर परिसर में शैड बनाने के लिए 2 लाख रुपये देने की घोषणा की। इससे पूर्व मंदिर के पुजारी मंहत महेंद्र सिंह मनकोटिया ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और मंदिर में चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर कुटलैहड़ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विवेक मिंका, जिला परिषद सदस्य सुमित शर्मा, एडवोकेट विजय शर्मा, विनिश कुमार, पूर्व महासचिव अशोक कुमार, पूर्व महिला कांग्रेस प्रधान उर्मिला, खण्ड विकास अधिकारी राहुल धीमान, जेई प्रशांत कुमार, सचिव मनोज सहित स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

     

     

  • ग्रुप-डी कर्मचारियों को कॉमन कैडर में बने रहने या बाहर आने का एकमुश्त विकल्प

    ग्रुप-डी कर्मचारियों को कॉमन कैडर में बने रहने या बाहर आने का एकमुश्त विकल्प

    चंडीगढ़: हरियाणा में विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत नियुक्त पात्र ग्रुप-डी कर्मचारी 6 जुलाई से 20 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कॉमन कैडर में बने रहने अथवा उससे बाहर निकलने का अपना विकल्प दर्ज कर सकेंगे। विकल्प दर्ज करने की प्रक्रिया ओटीपी आधारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी की जाएगी। कर्मचारी केवल मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) में पंजीकृत अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से ही पोर्टल पर लॉग-इन कर सकेंगे।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में सभी विभागाध्यक्षों और प्रशासकीय सचिवों को एक पत्र जारी किया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई पात्र कर्मचारी निर्धारित अवधि के भीतर अपना विकल्प दर्ज नहीं करता है, तो उसे कॉमन कैडर में बने रहने की सहमति माना जाएगा।

    गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हजारों ग्रुप-डी कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत नियुक्त कर्मचारियों को एकमुश्त अवसर प्रदान किया है। इसके तहत वे यह विकल्प चुन सकेंगे कि वे कॉमन कैडर में बने रहना चाहते हैं अथवा उससे बाहर निकलकर अपने-अपने विभागों के सेवा नियमों के अधीन आना चाहते हैं।

    यह निर्णय हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी अधिनियम, 2018 को लागू किए जाने के बाद लिया गया है। यह अधिनियम 28 मार्च, 2018 अथवा उसके बाद नियुक्त सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों पर लागू होगा।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो कर्मचारी कॉमन कैडर में बने रहने का विकल्प चुनेंगे, वे हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के अधीन रहेंगे, जबकि कॉमन कैडर से बाहर आने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों पर उनके संबंधित विभागों के सेवा नियम लागू होंगे।

  • फ़ोटो लेने के तुरंत बाद 500 फ़ीट नीचे गिरा हाइकर, मौत, देखें वीडियो

    फ़ोटो लेने के तुरंत बाद 500 फ़ीट नीचे गिरा हाइकर, मौत, देखें वीडियो

    ब्रासीलियाः ब्राजील में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां रियो डी जेनेरियो के पास मारिका में मौजूद ‘पेड्रा दो माकाको’ ट्रेक पर 500 फ़ीट नीचे गिरने से हाइकर की मौत हो गई। मृतक की पहचान 44 वर्षीय कायो रोचा एगुइयार अराबल के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार मशहूर टूरिस्ट स्पॉट पर फोटो खिंचवाने के तुरंत बाद एक 44 वर्षीय कायो का संतुलन बिगड़ गया और वह 500 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
    बता दें कि हादसे की खबर मिलते ही मारिका सिविल डिफेंस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इलाका काफी ऊबड़-खाबड़ था और वहां घने जंगल थे, जिस वजह से रेस्क्यू टीम को कायो के शव तक पहुंचने में 4 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बचाव दल के अधिकारी मथियस मौरा ने बताया कि शव तक पहुंचने के लिए हमें घने जंगलों और बेहद दुर्गम रास्तों से होकर जाना पड़ा। हमें रस्सियों के सहारे चढ़ाई करनी पड़ी और काफी प्रक्रियाओं के बाद हम वहां पहुंच पाए। इसके बाद आखिरकार हेलिकॉप्टर की मदद से शव को बाहर निकाला गया। गंभीर चोटों के कारण कायो की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। जानकारी के मुताबिक, कायो पहाड़ी की चोटी पर एक ऐसी चट्टान पर चढ़कर फोटो खिंचवा रहे थे, जहां से नीचे की झीलों का खूबसूरत नजारा दिखता है। यह जगह बेहद खतरनाक मानी जाती है, फिर भी लोग यहां आकर तस्वीरें खिंचवाते हैं। चश्मदीदों ने बताया कि कायो ने जैसे ही फोटो खिंचवाना खत्म किया और नीचे उतरने की कोशिश की, तभी उनका पैर फिसल गया। उनके साथ मौजूद एक साथी ट्रेकर इस पूरी घटना का वीडियो बना रहा था। वीडियो में वह कायो को ध्यान से, संभलकर रहने की चेतावनी देता सुनाई दे रहा है, लेकिन अगले ही पल कायो का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गए। वीडियो में गवाह की चीखें भी रिकॉर्ड हुई हैं। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कायो उस दिन ट्रेकर्स के एक ग्रुप के लिए गाइड का काम कर रहे थे, जबकि उनके पास इसका कोई कानूनी लाइसेंस नहीं था। जांच अधिकारियों का मानना है कि फोटो खिंचवाने के बाद वे चट्टान के उस हिस्से से नीचे उतरने की कोशिश कर रहे थे जो बहुत ज्यादा सीधा और ढलान वाला था। गलत रास्ते से उतरने की वजह से ही उनका संतुलन बिगड़ा।  
  • Punjab की 2 महिलाएं 45 लाख की सोने-चांदी की चोरी मामले में गिरफ्तार

    Punjab की 2 महिलाएं 45 लाख की सोने-चांदी की चोरी मामले में गिरफ्तार

    शिमला: पुलिस ने महज़ तीन दिनों में 45 से 50 लाख रुपये की सोने-चांदी की चोरी का सनसनीखेज मामला सुलझाते हुए दो महिला आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी हुआ करीब 40 तोला सोना और 250 ग्राम चांदी के सभी गहने बरामद कर लिए हैं। तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने पंजाब में छापेमारी कर दोनों महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 39 वर्षीय चंद्रवती पत्नी बबलू निवासी पटियाला और 40 वर्षीय रेखा पत्नी श्याम निवासी राजपुरा, जिला पटियाला (पंजाब) के रूप में हुई है।

    पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता का करीब 40 तोला सोना और 250 ग्राम चांदी के सभी चोरीशुदा गहने बरामद कर लिए हैं। दोनों महिलाओं को अदालत में पेश कर 2 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के अनुसार 25 जून 2026 को थाना सदर शिमला में जिला शिमला के निवासी खुब सिंह ठाकुर की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि लोअर बाजार शिमला में खरीदारी के दौरान अज्ञात महिलाओं ने उनके स्लिंग बैग से कीमती सोने और चांदी के गहने चोरी कर लिए। चोरी हुए गहनों की कीमत लगभग 45 से 50 लाख रुपये बताई गई थी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए शिमला पुलिस ने तुरंत विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, तकनीकी सबूत जुटाए और साइबर सेल की मदद से आरोपियों और उनकी कार की पहचान की। जांच में सामने आया कि आरोपी पुलिस को गुमराह करने और सबूत मिटाने के इरादे से शिमला से नारकंडा, लुहरी, कींगल, कुल्लू, मंडी और बिलासपुर होते हुए पंजाब पहुंच गए, ताकि रास्ते में पुलिस की पकड़ से बच सकें। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। शिमला पुलिस ने इस कार्रवाई को त्वरित जांच, तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क का नतीजा बताते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और आम जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।