टीबीआरएल की तरफ से पंचकूला के डिप्टी कमिश्नर को भेजी गई आधिकारिक चिट्ठी के मुताबिक, यह बम ट्रायल बेहद शक्तिशाली क्षमता वाला है। धमाका होने के बाद बम के फटने से निकलने वाले छर्रे आसमान में करीब डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकते हैं। वहीं, जमीन पर ब्लास्ट वाले पॉइंट से चारों तरफ 2 किलोमीटर के दायरे में ये टुकड़े फैलने की आशंका है। बम के छर्रों के सीधे खतरे को देखते हुए 2 किलोमीटर के दायरे में आने वाले दो मुख्य गांवों को ‘स्प्लिंटर डेंजर जोन’ घोषित किया गया है। इनमें गांव भानू और गांव बिल्ला का नाम शामिल है। इसके अलावा, लेटर की कॉपियां असरेवाली, नाग्गल, मोगीचंद, किशनगढ़, टीएमवी कॉलोनी, रामगढ़ और नजदीक के आईटीबीपी कैंप को भी भेजी गई हैं, ताकि वहां के लोग और सुरक्षाकर्मी भी पूरी तरह सतर्क रहे।View this post on Instagram