Home Panchkula 160 करोड़ के गबन मामले में कोटक महिंद्रा बैंक का अधिकारी गिरफ्तार, मिला इतने दिनों का रिमांड, देखें वीडियो

160 करोड़ के गबन मामले में कोटक महिंद्रा बैंक का अधिकारी गिरफ्तार, मिला इतने दिनों का रिमांड, देखें वीडियो

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160 करोड़ के गबन मामले में कोटक महिंद्रा बैंक का अधिकारी गिरफ्तार, मिला इतने दिनों का रिमांड, देखें वीडियो

पंचकूलाः नगर निगम पंचकूला के करीब 160 करोड़ रुपये गबन मामले में कोटक महिंद्रा बैंक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। पंचकूला सेक्टर-11 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन मैनेजर पुष्पेंद्र ने बीते दिन खुद को सरेंडर कर दिया था। ऐसे में आज कोर्ट में उसे पेश किया गया, जहां कोर्ट से आरोपी का 5 दिन का पुलिस रिमांड मिला है। रिमांड के दौरान एन्टी करप्शन ब्यूरो द्वारा दस्तावेज ओर फर्जी स्टेम्प बरामद की जाएगी। बताया जा रहा है कि हाल ही में गिरफ्तार तत्कालीन अकाउंट ऑफिसर नगर निगम विकास कौशिक और पुष्पेंद्र को आमने सामने बैठा कर पूछताछ की जा सकती है। बता दें कि इस मामले में 6 लोगो की गिरफ्तारी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई ओर बडे खुलासे होने की उम्मीद है।

आरोप हैं कि तत्कालीन बैंक मैनेजर पुष्पेंद्र ने नगर निगम पंचकूला में तैनात सीनियर अकाउंट ऑफिसर विकास कौशिक के साथ मिलकर मई 2020 में नगर निगम पंचकूला का एक फर्जी बैंक खाता संख्या (2015073031) खोला। फिर बैंक अकाउंट ओपनिंग फॉर्म पर आरोपी विकास कौशिक ने कमिश्नर नगर निगम पंचकूला और सीनियर अकाउंट ऑफिसर की मोहरें लगाई। उन मोहरों पर तत्कालीन आयुक्त सुमेधा कटारिया व तत्कालीन सीनियर अकाउंट ऑफिसर सुशील कुमार के जाली हस्ताक्षर तक किए। जिसके बाद आरोपी विकास कौशिक और पुष्पेंद्र ने मिलकर जून 2022 में नगर निगम पंचकूला के नाम का एक और जाली खाता संख्या (2046279112) कोटक महिंद्रा बैंक पंचकूला में खुलवाया।

इसके अकाउंट ओपनिंग फॉर्म पर बतौर सीनियर अकाउंट ऑफिसर आरोपी विकास कौशिक ने अपने हस्ताक्षर किए, जबकि डीएमसी नगर निगम की जाली मोहर लगाई थी, जिस पर तत्कालीन डीएमसी दीपक सूरी के जाली हस्ताक्षर भी आरोपी विकास कौशिक और पुष्पेंद्र मैनेजर ने किए। आरोपी विकास कौशिक और पुष्पेंद्र ने नगर निगम पंचकूला के फर्जी डेबिट पत्र (आरटीजीएस/एनईएफटी नोट) बनाने के बाद फर्जी डेबिट नोट पर आरोपी विकास कौशिक अपने हस्ताक्षर करता था, जबकि दूसरे हस्ताक्षर जाली कर दिए जाते थे। फर्जी बैंक खातों से इन डेबिट पत्रों के माध्यम से पुष्पेंद्र अपने अन्य बैंक खातों में नगर निगम की रकम ट्रांसफर करता था। आरोपी विकास कौशिक और पुष्पेंद्र द्वारा फर्जी डेबिट पत्र (आरटीजीएस/एनईएफटी नोट) से नगर निगम पंचकूला के असल खातों में जो एफडी बनी होती थी, उन्हें प्री-मैच्योर तुड़वाकर राशि को फर्जी हस्ताक्षर कर नगर निगम पंचकूला के नाम से खोले फर्जी खाता संख्या 2015073031 और 2046279112 में ट्रांसफर करते थे।

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