नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रात 11 बजे के बाद लाइव हुए। इस दौरान उन्होंने Gen-Z को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि मैं बच्चों को माफ करना चाहता हूं। पीएम मोदी ने कहा- ‘फ्रेंड्स। आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं। जंतर मंतर पर जो कुछ भी हुआ देश और दुनिया ने देखा है। कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी भद्दी गालियां बोलीं, किसी भी सभ्य समाज को शोभा ना दे। ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया, मुझे तो गालियां दी गईं, मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं। न जाने कितना भद्दा स्वरूप था।
लेकिन, मैं आज बात करना चाहता हूं कि बचपन में गलतियां होती हैं और बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है और यही तो बचपना है। इसलिए मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है उसको भली भांति समझ सकता हूं। एक कल्चरल शॉक है की हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं? प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि, ‘समय है इन बच्चों को गले लगा कर के राह दिखाने काम… ये गुमराह बच्चे है उनको राह दिखाना हमारा काम है। उनको सजा देना अदालतों के चक्कर कटवाना समाज में उनको प्रताड़ित करना इससे हम परिस्थितियां नहीं बदल पाएँगे मैं उन्हें माफ करना चाहता हूँ। समाज भी मेरी इस बात को स्वीकार करें, क्योंकि, मेरे मन में एक ही भाव है कभी कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है खून निकल आता है लेकिन हम दांत तोड़ते नहीं है क्योंकि दांत भी हमारे हैं, जीभ भी हमारी है।
पीएम मोदी ने कहा कि, ये बच्चे भी हमारे है, उन्हें राह दिखाना हमारा काम है, गुमराह को राह दिखाना कठिन होता है लेकिन कठिन कामों को करना है. इसलिए आओ मैं इन बच्चों को कहता हूं कि बच्चों आओ हम देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़े। कुछ नया सीखें. गलतियों से भी सीखें। अपने सपनों को लेकर के चल पड़ें। देश बहुत आगे बढ़ रहा है, आगे बढ़ने वाला है और आपका भी आगे बढ़ना निश्चित हो। यही मेरा सपना है। मैं आपके लिए जीता हूं। आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए खपता हूं। आओ हम मिलकर के देश को आगे बढ़ाए। बहुत बहुत धन्यवाद दोस्तों. बस आओ गलतियों से सीखो और आगे बढ़ो।’
