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  • पंजाब सरकार बड़ा झटकाः लगा 2 हजार करोड़ का जुर्माना , जानें मामला

    पंजाब सरकार बड़ा झटकाः लगा 2 हजार करोड़ का जुर्माना , जानें मामला

    नई दिल्ली: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले में पंजाब सरकार को एनजीटी यानी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से बड़ा झटका लगा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ठोस और तरल कचरे का उचित प्रबंधन नहीं करने के लिए पंजाब सरकार पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है।

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एनजीटी ने पंजाब राज्य को ठोस और तरल कचरे के अनुचित प्रबंधन के लिए पर्यावरण संबंधी मुआवजे के रूप में 2,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश जारी किया।

    राजस्थान पर लगा था 3 हजार का जुर्माना

    बता दें कि बीते सप्ताह एनजीटी ने राजस्थान सरकार को ठोस और तरल कचरे के अनुचित प्रबंधन के लिए पर्यावरण संबंधी मुआवजे के रूप में 3,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने प्रदूषण में योगदान और अपने संवैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन में नाकाम रहने के लिए राज्य के अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया था। पीठ में न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेली भी शामिल थे।

    यूपी सरकार पर भी लगाया था 100 करोड़ का जुर्माना

    बता दें कि इससे पहले एनजीटी यानी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने उत्तर प्रदेश सरकार को प्रतापगढ़, रायबरेली और जौनपुर जिलों में तरल कचरे के अपर्याप्त प्रबंधन के लिए 100 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया था। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के अनुसार जैव उपचार से प्रदूषण के स्तर में कमी नहीं आई है। पीठ में न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल भी शामिल थे।

  • जालंधरः फिर विवादों में आया किरन बुक डिपो, निगम ने जारी किया नोटिस

    जालंधरः फिर विवादों में आया किरन बुक डिपो, निगम ने जारी किया नोटिस

    जालंधर/वरुणः माईहीरा गेट में स्थित किरन बुक शॉप के मालिक अकसर विवादों में रहे है। वहीं किरन बुक शॉप पर निगम एक बार फिर से कार्रवाई करने की तैयारी में है। दरअसल, किरन बुक शॉप की कामर्शियल इमारत को निगम ने अवैध बता कर कई महीने पहले सील कर दी थी, लेकिन बाद में इसकी सील खुल गई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इसमें फिर से कामर्शियल काम हो रहे हैं। जिसके कारण एक बार फिर से किरन बुक शॉप के मालिक को निगम ने सील खोलने को लेकर नोटिस जारी किया है।

    निगम अफसरों के आरोप है कि किरन बुक शॉप ने बगैर इजाजत के सील खोल ली है। कहा गया है कि किस आधार पर इस सील इमारत का ताला खोला गया। अगर नगर निगम के परमीशन के बगैर सील खोली गई है तो किरन बुक डिपो के मालिक पर एफआईआर भी दर्ज हो सकती है। वहीं, नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक नोटिस भेजकर तीन दिन में जवाब मांगा गया है।

  • खालिस्तान जनमत संग्रह को लेकर सख्त हुई भारत सरकार

    खालिस्तान जनमत संग्रह को लेकर सख्त हुई भारत सरकार

    नई दिल्लीः कनाडा में खालिस्तान जनमत संग्रह को लेकर भारत सरकार सख्त हो गई है। भारत ने कनाडा में खालिस्तान की मांग को लेकर हुए जनमत संग्रह को हास्यास्पद करार दिया। आतंकियों के इस प्रयास पर नाराजगी जताते हुए भारत ने कहा कि इस तरह का प्रयास बेहद आपत्तिनजक और राजनीति से प्रेरित है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने वीरवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कनाडा में चरमपंथी और कट्टरपंथियों द्वारा जो जनमत संग्रह आयोजित किया गया था, उसको लेकर हम हैरान हैं कि एक मित्र देश राजनीति से प्रेरित ऐसे प्रयासों की अनुमति देता है। हमने इस मुद्दे को कनाडा की सरकार के समक्ष उठाया है। उन्होंने बताया कि कनाडा की सरकार ने कहा कि वो भारत की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करते हैं और तथाकथित जनमत संग्रह को मान्यता नहीं देंगे। बागची ने कहा कि भारत सरकार इस मामले पर कनाडा सरकार पर दबाव बनाना जारी रखेगी।

  • पंजाब में गैंगवार के बढ़े आसारः अब इस गैंगस्टर ने दी बंबीहा गैंग को सोशल मीडिया पर धमकी

    पंजाब में गैंगवार के बढ़े आसारः अब इस गैंगस्टर ने दी बंबीहा गैंग को सोशल मीडिया पर धमकी

    चंडीगढ़ः पंजाब में गैंगवार के आसार एक बार फिर से बढ़ गए है। आए दिन गैंगस्टरों की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर एक दूसरे को धमकियां दी जा रही है। दविंदर बंबिहा गैंग और गोल्डी बराड़ की ओर से आए दिन सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की जा रही है। कुछ दिन पहले राजस्थान के नागौर में पेशी के दौरान गैंगस्टर संदीप बिश्नोई की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले गैंगस्टर दविंदर बंबीहा ग्रुप पर लॉरेंस ग्रुप ने न सिर्फ तंज कसा है, बल्कि धमकी भी दी है।

    लॉरेंस बिश्नोई के खासम-खास गैंगस्टर संपत नेहरा ने फेसबुक पोस्ट कर दविंदर बंबीहा ग्रुप को कहा है कि राजस्थान में जो हत्या हुई है, वो दीप्ति यादव गैंग ने की है, हमारा  दीप्ति और ना ही संदीप बिश्नोई से कोई लेना-देना है.. दविंदर बंबीहा वाले मच्छरों से कह दो कि हवाबाजी मारने से व्यक्ति नहीं मारे जाते, नकली पोस्ट मत डालों.. रही बात बदलें की तो बदला कौन लेगा, इसका जल्द ही पता चल जाएगा। हम कांड करने से पहले नहीं बोलते हैं, हमारे कांड अखबार बोलती है…”।

  • पंजाबः आतंकी हरविंदर रिंडा और कनाडा बैठे लखबीर लांडा के दो सदस्य गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

    पंजाबः आतंकी हरविंदर रिंडा और कनाडा बैठे लखबीर लांडा के दो सदस्य गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार बरामद

    चंडीगढ़ः पंजाब पुलिस ने आतंकी गतिविधियों से जुड़े एक बड़े माड्यूल का भंडाफोड़ किया है। गिरोह से बड़ी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह कनाडा स्थित लखबीर लांडा और पाक स्थित हरविंदर रिंडा द्वारा नियंत्रित आइएसआइ समर्थित आतंकी माड्यूल है। इस माड्यूल के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

    इनसे एक एके-56 राइफल, 2 मैगजीन और 90 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। बता दें, पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। आए दिन आतंकी माड्यूल पकड़े जा रहे हैं। नापाक पड़ोसी पंजाब का माहौल बिगाड़ने के लिए धार्मिक व राजनीतिक दलों के लोगों पर हमले की योजना बना रहा है। गत सप्ताह ही पुलिस ने पांच आतंकियों को आई 20 कार पर जाते हुए पंजाब में पकड़ा था। गत सप्ताह पकड़े गए आतंकियों से भी बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे।

  • जालंधरः नकोदर बेअदबी मामले में पंजाब सरकार को हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस 

    जालंधरः नकोदर बेअदबी मामले में पंजाब सरकार को हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस 

    जालंधर/वरुणः पंजाब सरकार को हाईकोर्ट ने 1986 में नकोदर में हुई बेअदबी के मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। दरअसल, इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस फायरिंग में चार युवकों की मौत हो गई थी। इस मामले में रिटायर्ड जस्टिस गुरनाम सिंह आयोग की जांच रिपोर्ट का दूसरा भाग गायब होने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिका में दूसरे भाग की तलाश के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है। 

    32 साल पुराने मामले की बलदेव सिंह ने की SBI या SIT से जांच की मांग

    जालंधर के बलदेव सिंह ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के माध्यम से 32 साल पुराने इस मामले की सीबीआई या एसआईटी से जांच की मांग और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। तत्कालीन डीएम दरबारा सिंह गुरु, एसएसपी मोहम्मद इजहार आलम और एसपी ऑपरेशंस अश्वनी कुमार शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की गई थी।

    हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का दिया आदेश 

    हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान रिटायर जस्टिस गुरनाम सिंह की जांच रिपोर्ट सौंपने का पंजाब सरकार को आदेश दिया था। पंजाब सरकार ने तब बताया था कि रिपोर्ट का दूसरा भाग गायब है। हाईकोर्ट ने पूछा था कि जो रिपोर्ट विधानसभा में पेश की गई है, वह कैसे गायब हो सकती है। अब इस मामले में एक और याचिका दाखिल करते हुए गायब रिपोर्ट के दूसरे हिस्से के मामले में एसआईटी गठित करने की मांग की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

    यह था मामला

    नकोदर में गुरुद्वारे में 2 फरवरी 1986 को श्री गुरुग्रंथ साहिब के 4 पावन स्वरूप जलाने की घटना सामने आने के बाद 4 फरवरी को रोष मार्च निकाला गया था। पुलिस ने लोगों को काबू करने के लिए गोली चला दी और इसमें 4 लोगों की मौत हो गई। इस मामले में बिना मृतकों के परिजनों को जानकारी दिए चारों का पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार करवा दिया गया और अस्थियां परिजनों को सौंपने का प्रयास किया गया। इस मामले में जस्टिस गुरनाम सिंह की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया गया, जिसकी रिपोर्ट 2001 में विधानसभा में पेश की गई। इसी रिपोर्ट का भाग दो गायब है, जिसकी खोज के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की गई है।

  • पंजाबः ISI से जुड़े आतंकी काबू, धार्मिक और सियासी नेताओं को टारगेट करने की बड़ी साजिश नाकाम

    पंजाबः ISI से जुड़े आतंकी काबू, धार्मिक और सियासी नेताओं को टारगेट करने की बड़ी साजिश नाकाम

    भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, हथियार और दस्तावेज बरामद 

    तरनतारनः पंजाब का माहौल खराब करने के लिए पाकिस्तान अपनी गंदे कारनामों से बाज नहीं आ रहा। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) पंजाब का माहौल खराब करने की फिराक में लगी हुई है। आईएसआई ने पंजाब का माहौल बिगाड़ने लिए धार्मिक और सियासी नेताओं को टारगेट बनाने की साजिश रची है। 

    इसके लिए ड्रोन के माध्यम से पंजाब में आईईडी, असलाह और मादक पदार्थों की खेपें भेजी हैं। साथ ही धमाके करने के लिए आधा दर्जन आतंकियों को तैयार किया है। सीआईए स्टाफ तरनतारन की टीम ने आईएसआई से जुड़े 2 आतंकियों को आई 20 कार पर जाते शुक्रवार को दबोच लिया। इनसे बारीकी से पूछताछ की जा रही है। इन आतंकियों में दमनजीत सिंह काहलों निवासी तलवंडी खुम्मन (जेंतीपुर) बटाला, परमिंदर सिंह पिंकी निवासी गांव हरशिया ( बटाला) गुरदासपुर और मुकेश कुमार मेशी निवासी गांव जांबा खेड़ी (थाना नीलखेड़ी) जिला करनाल हरियाणा शामिल हैं।

    सूत्रों की माने तो एसएसपी रणजीत सिंह ढिल्लों ने खूफिया सूचना के आधार पर इन आतंकियों को काबू करके भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, हथियार और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। इनके खिलाफ थाना सदर तरनतारन में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनकी गिरफ्तारी से पंजाब के धार्मिक और सियासी नेताओं को टारगेट करने की बड़ी साजिश नाकाम हो गई है।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया हैं कि गैंगस्टर रह चुके ये आरोपी कुछ समय से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में थे। इनको पंजाब को दहलाने लिए विभिन्न शहरों में धमाके करने के लिए विदेशों से बकायदा फंडिंग भी करवाईं गई है। खालिस्तानी विचारधारा वाले युवाओं को अपने साथ जोड़ने लिए यह आरोपी कुछ दिनों से यह सरगर्म थे। एसपी इन्वेस्टिगेशन विशालजीत सिंह ने कहा कि उक्त मामले बाबत उच्च सत्र पर जांच जारी है। जल्द ही मीडिया से जानकारी सांझी की जाएगी।

  • पंजाब में ED ने रियल एस्टेट कारोबारियों पर की कार्रवाई: 148 करोड़ की संपत्ति की अटैच, बैंक खाते भी सीज

    पंजाब में ED ने रियल एस्टेट कारोबारियों पर की कार्रवाई: 148 करोड़ की संपत्ति की अटैच, बैंक खाते भी सीज

    चंडीगढ़ः पंजाब से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लगातार एक्शन के मोड में दिखाई दे रहा है। वहीं ईडी की टीम ने पंजाब में अलग-अलग स्थानों में रियल एस्टेट कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की और करोड़ों रुपये की संपत्ति अटैच की है। साथ की कारोबारियों के बैंक खाते भी सीज किए हैं। ईडी ने निवेशकों से ठगी करने के आरोप में रियल एस्टेट फर्मों की 147.81 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ अंचल कार्यालय ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। ईडी ने मनी लॉंड्रिंग एक्ट के तहत यह कार्रवाई की है।

    इसमें गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (जीबीपीपीएल) के निदेशक सतीश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता और उनके सहयोगी अनुपम गुप्ता और नवराज मित्तल के बैंक खाते सीज किए गए हैं। अटैच की गई संपत्तियों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में वाणिज्यिक स्थान, आवासीय घर, कृषि भूमि और बैंक खाते शामिल हैं। ईडी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एजेंसी ने चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस की ओर से रियल एस्टेट कंपनी जीबीपीपीएल के निदेशकों और अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉंड्रिंग की जांच शुरू की थी। जांच में पता चला कि कंपनी ने खरीदारों से कुल 478 करोड़ रुपये वसूले। उन्होंने फ्लैट, प्लॉट, कामर्शियल स्पेस देने का वादा कर खरीदारों को ठगा। फर्म ने न तो निवेशकों को संपत्तियों का कब्जा दिया और न ही उनका पैसा वापस किया।

    सूत्रों ने खुलासा किया है कि जीबीपीपीएल ने अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया। जालसाजी के माध्यम से यह पैसा विभिन्न चल और अचल संपत्तियों में निवेश किया गया, जो अपराध की आय है। बहरहाल ईडी ने संबंधित संपत्तियों को अटैच कर लिया है। इससे पहले ईडी ने मामले में शामिल व्यक्तियों के विभिन्न परिसरों में तीन जून 2022 को ली गई तलाशी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और चल संपत्तियां जब्त की थीं। इसमें 85 लाख नकद और एक लग्जरी कार भी शामिल थी।

  • पंजाबः दविंदर बंबीहा ग्रुप ने सोशल मीडिया पर निकाली गैंगस्टरों की ऑनलाइन भर्ती, शेयर किया नंबर

    पंजाबः दविंदर बंबीहा ग्रुप ने सोशल मीडिया पर निकाली गैंगस्टरों की ऑनलाइन भर्ती, शेयर किया नंबर

    चंडीगढ़ः पंजाब में अब गैंगस्टरों की ऑनलाइन भर्ती हो रही है। युवाओं को अपने गैंग के साथ जोड़ने के लिए बंबीहा गैंग ने फेसबुक पर पोस्ट लिखकर एक व्हाट्सऐप नंबर जारी किया है। सुल्तान दविंदर बंबीहा ग्रुप के अकाउंट से एक पोस्ट डाली गई है, जिसमें लिखा गया है कि जो भाई गैंग के साथ जुड़ना चाहते हैं, वह व्हाट्सऐप करें। 77400-13056 यह नंबर गैंगस्टरों द्वारा फेसबुक पर जारी किया गया है।

    इस तरह गैंगस्टर सरेआम फेसबुक आदि पर नंबर जारी कर रहे हैं और पंजाब पुलिस गैंगस्टरवाद खत्म करने के दावे कर रही है, जो अब हवाहवाई दिख रहे हैं। गैंगस्टर अपने शोहरत का दिखावा अकसर फेसबुक आदि पर पोस्ट करके करते रहते है और वीडियो आदि बनाकर खुद को एक रोल मॉडल हीरो की तरह पेश करते हैं, ताकि नौजवान उन्हें देख कर आकर्षित हों और उनके साथ अपराध की दुनिया में जुड़ें। 

  • अहम ख़बरः क्या खत्म हो जाएगी WhatsApp की फ्री कॉलिंग?, सरकार ने तैयार किया Indian Telecommunication Bill का ड्राफ्ट

    अहम ख़बरः क्या खत्म हो जाएगी WhatsApp की फ्री कॉलिंग?, सरकार ने तैयार किया Indian Telecommunication Bill का ड्राफ्ट

    नई दिल्लीः इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp का इस्तेमाल बड़ी संख्या में लोग करते हैं। भारत में ही इसके एक्टिव यूजर्स की संख्या 40 करोड़ से ज्यादा है। क्या हो अगर कल से आपको वॉट्सऐप यूज करने के लिए पैसे देने पड़े। इस बात के कयास नए टेलीकॉम बिल के ड्रॉफ्ट के बाद से लगाए जा रहे हैं। सरकार ने Indian Telecommunication Bill, 2022 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। बिल का ड्राफ्ट सभी के लिए दूरसंचार विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके साथ ही विभाग ने बिल पर इंडस्ट्री के सुझाव भी मांगे हैं। अगर बिल पास होता है तो दूरसंचार विभाग इसके हिसाब से चलेगा। Indian Telecommunication Bill, 2022 के ड्राफ्ट में कई नई चीजें शामिल की गई हैं।

    लेना होगा टेलीकॉम लाइसेंस

    इसके मुताबिक WhatsApp, Skype, Zoom, Telegram और Google Duo जैसे कॉलिंग और मैसेजिंग सर्विस ऐप्स को अब लाइसेंस लेना होगा। इन्हें भारत में ऑपरेट करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों की तरह ही लाइसेंस की जरूरत होगी। वहीं OTT प्लेटफॉर्म्स को भी नए टेलीकम्युनिकेशन बिल में शामिल किया गया है। इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि WhatsApp Calling और दूसरे ऐप्स के लिए लोगों को फीस देनी होगी। क्योंकि इन ऐप्स को ऑपरेशन के लिए अब लाइसेंस की जरूरत है। हालांकि, यह लाइसेंस कैसे मिलेगा और वॉट्सऐप समेत दूसरे ऐप्स के लिए कितने पैसे खर्च करने होंगे इस पर कोई जानकारी नहीं है।

    क्या हैं लाइसेंस को लेकर प्रावधान? 

    सरकार ने इस बिल में लाइसेंस फीस को लेकर भी कुछ प्रावधान जोड़े हैं। इसके तहत सरकार के पास अधिकार है कि वह लाइसेंस फीस को आंशिक या पूरी तरह से माफ कर सकती है। इसके साथ ही रिफंड का भी प्रावधान जोड़ा गया है। अगर कोई टेलीकॉम या इंटरनेट प्रोवाइडर अपना लाइसेंस सरेंडर करता है, तो उसे रिफंड मिल सकता है।

    क्या खत्म हो जाएगी WhatsApp की फ्री सर्विस?

    WhatsApp या दूसरे ऐप्स पर कॉलिंग के लिए वैसे भी हमें चार्ज देना होता है। ये चार्ज हम डेटा कॉस्ट के रूप में देते हैं, लेकिन लाइसेस फीस के बाद स्थिति क्या होगी इस पर कुछ नहीं कहा जा सकता है।

    संभव है कि कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर कोई फीस चार्ज करने लगें या फिर कुछ सर्विसेस को यूज करने के लिए आपको मेंबरशिप लेनी पड़े। इसके अलावा कंपनियां ऐड्स के जरिए भी आपको फ्री सर्विस दे सकती हैं। फिलहाल सरकार ने ड्रॉफ्ट बिल पर लोगों के सुझाव 20 अक्टूबर तक मांगे हैं। इसके बाद ही इस पर कोई स्थिति साफ हो पाएगी।

    जोड़े गए कई नए प्रावधान 

    नए बिल के तहत सभी टेलीकम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइड्स को लाइसेंस लेना होगा और उन्हें टेलीकॉम ऑपरेटर वाले नियमों का पालन करना होगा। पिछले कई साल से टेलीकॉम ऑपेरटर्स इसकी मांग कर रहे थे। इसके अलावा अगर कोई टेलीकॉम कंपनी दिवालिया होती है, तो उसके दिए गए स्पेक्ट्रम का कंट्रोल सरकार के पास होगा।