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  • ज़िला ऊना के 81 चिकित्सा संस्थानों को मिला कायाकल्प अवार्ड

    ज़िला ऊना के 81 चिकित्सा संस्थानों को मिला कायाकल्प अवार्ड

    ऊना सुशील पंडित : जिला ऊना ने स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वच्छता के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस वर्ष प्रदेश स्तरीय कायाकल्प अवार्ड में जिला ऊना के 81 चिकित्सा संस्थानों को सम्मानित किया गया है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि कायाकल्प पुरस्कार स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्थाओं तथा मरीजों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं के मूल्यांकन के आधार पर प्रदान किए जाते हैं। इस वर्ष पुरस्कारों के लिए राज्य स्तरीय टीम द्वारा फरवरी एवं मार्च माह में विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का बाह्य मूल्यांकन (एक्सटर्नल असेसमेंट) किया गया था।

    उन्होंने बताया कि इस पुरस्कार के लिए चिकित्सा संस्थानों को चार वर्गों में बांटा गया था। वर्ग एक में क्षेत्रीय अस्पताल ऊना को दूसरी बार यह पुरस्कार मिला है, जिसके तहत 3 लाख रूपये की राशि प्रदान की गई है। जबकि वर्ग 2 में राज्य के 23 चिकित्सा संस्थानों को चयनित किया गया है, जिसमें 9 चिकित्सा संस्थान केवल ज़िला ़ऊना के शामिल हैं। इस वर्ग में सिविल अस्पताल बंगाणा राज्य में तीसरे स्थान पर रहा, जिसे 3 लाख रूपये की धनराशि प्रदान की गई। जबकि अन्य 8 विजेताआंे में सिविल अस्पताल हरोली, अम्ब व चिंतपूर्णी, सीएचसी धुसाड़ा, दुलैहड़, बसदेहड़ा, थानाकलां व संतोषगढ़ शामिल रहे, जिन्हें 1-1 लाख रूपये पुरस्कार स्वरूप प्राप्त हुए।

    इसी तरह वर्ग 3 में 20 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जिला ऊना के चयनित हुए हैं, जिनमें पीएचसी पालकवाह ने प्रथम पुरस्कार दो लाख रूपये हासिल किया जबकि अन्य 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिनमें रायपुर मैदान, बाथडी, खड्डु, बढेडा, कांगड़, पंजावर, बढेड़ा राजपूता, अमलेहड़, लठियाणी, सोहारी टकोली, अकरोट, चक्कसराये, चुरुड़ू, धर्मशाला महंता, शिवपुर मुबारिकपुर, बसाल, बसोली, कुठार बीत, चलोला और देहलां को 50-50 हजार रूपये की राशि पुरस्कार स्वरुप प्राप्त हुई। वर्ग-4 के अंतर्गत जिला ऊना के 51 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने कायाकल्प अवार्ड प्राप्त किया जिनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर जनकौर ने प्रदेश में प्रथम पुरस्कार एक लाख रूपये आयुष्मान आरोग्य मंदिर ब्रह्मैत ने प्रथम रनर अप व आयुष्मान आरोग्य मंदिर पोलियां पुरोहितां ने द्वितीय रनर अप का खिताब हासिल किया। इन्हें क्रमशः 50 हजार व 35 हजार रूपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त बाकि 48 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों ने 25-25 हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरुप प्राप्त की।
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जिला ऊना के 81 स्वास्थ्य संस्थानों का इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चयन होना जिले के स्वास्थ्य विभाग की उत्कृष्ट कार्यशैली, समर्पण तथा जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    इस उपलब्धि पर डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय मनकोटिया, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुखदीप सिंह, जिला कंसलटेंट डॉ. रमन सन्दल, सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारी वर्ग, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, कर्मचारियों तथा समस्त स्वास्थ्य विभाग के सहयोगी परिवार को हार्दिक बधाई दी।
    उन्होंने कहा कि यह सम्मान जिला ऊना के समस्त चिकित्सा परिवार की सच्ची सेवा भावना, कर्तव्यनिष्ठा और टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी स्वास्थ्य विभाग इसी समर्पण के साथ कार्य करते हुए जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराता रहेगा।

  • मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को मिली नई दिशा

    मुख्यमंत्री नायब सैनी के नेतृत्व में ग्रामीण विकास को मिली नई दिशा

    चंडीगढ़: हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने राज्य स्तरीय सशक्त पंचायत समारोह के सफल आयोजन पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश की पंचायतों को अभूतपूर्व अधिकार, संसाधन और सम्मान मिला है। पंचायतों को विकास प्रक्रिया का वास्तविक भागीदार बनाकर हरियाणा सरकार गांवों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, आधुनिक और समृद्ध बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पंचायत मंत्री पंवार ने कहा कि समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने 2,697 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न स्कीमों के लाभार्थियों को जारी करना सरकार की गरीब उत्थान की सोच को दर्शाता है। इसके साथ -साथ मुख्यमंत्री ने स्वच्छता और विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रदेश की छह ग्राम पंचायतों को ‘जागृत ग्राम पुरस्कार’ के तहत 1 करोड़ 66 लाख रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की , जो अन्य गांवों के प्रोत्साहन का काम करेगी। पंवार ने कहा कि 350 अटल लाइब्रेरियों का लोकार्पण, एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजनाओं का शुभारंभ तथा ग्रामीण विकास से जुड़ी अनेक योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचाना इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों को बड़ी राहत देते हुए पिछले 20 वर्षों से शामलात भूमि पर बने मकानों के मालिकाना हक के लिए आवेदन की अवधि को बढ़ाकर 16 जनवरी, 2027 तक कर दिया है, जो सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में पंचायतों की होगी निर्णायक भूमिका

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा तय की है। प्रधानमंत्री ने गांवों को विकास का अंतिम नहीं, बल्कि प्रथम केंद्र मानते हुए जो दृष्टि देश को दी है, उसी विजन को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा में प्रभावी रूप से लागू कर रहे हैं। आज प्रदेश की पंचायतें केवल स्थानीय प्रशासन की इकाई नहीं, बल्कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने की सशक्त आधारशिला बन रही हैं। पंचायत मंत्री ने कहा कि विकसित भारत का मार्ग गांवों से होकर गुजरता है। जब गांव स्वच्छ, नशामुक्त, शिक्षित, डिजिटल और आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी विकसित भारत का संकल्प साकार होगा। इसी उद्देश्य से हरियाणा सरकार पंचायतों को अधिक अधिकार देने, ग्रामीण आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, युवाओं के लिए आधुनिक पुस्तकालय स्थापित करने तथा महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। पंवार ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा गांवों में कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने, ई-वाहनों को बढ़ावा देने, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, जल संरक्षण, खेल संस्कृति के विस्तार और नशामुक्ति अभियान को मजबूत करने जैसे विषयों पर दिए गए आह्वान से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंचायतें केवल विकास कार्यों के क्रियान्वयन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जन-जागरूकता की सबसे प्रभावी कड़ी भी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैन के नेतृत्व में हरियाणा की पंचायतें विकसित हरियाणा और विकसित भारत-2047 के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाते हुए ग्रामीण विकास का नया इतिहास रचेंगी।
  • Punjab News: घर से 12 तोले गहने और 3 लाख की नगदी लेकर चोर फरार, देखें वीडियो

    Punjab News: घर से 12 तोले गहने और 3 लाख की नगदी लेकर चोर फरार, देखें वीडियो

    पठानकोटः पठानकोट अमृतसर नेशनल हाईवे पर स्थित गांव राजपरूरा में चोरों द्वारा वारदात को अंजाम दिया गया। जहां चोर ग्रिल तोड़कर घर में घुसे और घर से नगदी व गहने लेकर फरार हो गए। इस घटना में चोर भारी मात्रा में गहने और लाखों की नगदी ले गए। मामले की जानकारी देते हुए रोहित उर्फ मोंटी ने कहा कि वह 16 सालों से घर में रह रहे है। पीड़ित ने कहा कि उसे पत्थरी की दर्द थी और वह दोपहर 3 बजे सोडा पीकर सो गया।
    https://youtu.be/3IGtz5fX0oY

    जिसके बाद सुबह 6.30 बजे पत्नी ने उठाया और बताया कि घर में अलमारी खुली पड़ी है। जिसके बाद जांच की तो पता चला कि दरवाजे बंद थे और रसोई की ग्रिल टूटी हुई थी। पीड़ित के अनुसार उसका सिर काफी भारी हो रहा था और लग रहा था कि किसी ने कोई नशीली चीज दी है। मोंटी ने कहा कि वह बीते दिन व्यापारी से 2.47 लाख रुपए लेकर आए थे और उन पैसों को अलमारी में रखा था। इसी के साथ अलमारी में परिवार के सोने के गहने थे, जो कि 12 से 14 तोले था। मोंटी के अनुसार ढाई से 3 लाख की नगदी लेकर चोर फरार हो गए।

    मोंटी के अनुसार 30 लाख रुपए का नुकसान हो गया। पीड़ित ने कहा कि घटना को अंजाम 3 से 4 लोगों ने दिया है। मोंटी ने कहाकि इस घटना में 3 वर्षीय बेटे सहित परिवार की जान बच गई। मोंटी ने कहाकि दोनों पति-पत्नी का सुबह सिर काफी भारी था। पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई। वहीं मोंटी ने पुलिस से इंसाफ की गुहार लगाई है और चोरों को गिरफ्तार करने की अपील की है। पुलिस ने मामला दर्ज करके आगे की कार्रवाई कर शुरू कर दी गई। इस घटना के दौरान अटैची सहित कुछ सामान खेतों के पास से बरामद हुआ है।

     

  • पटियाला की सफाई व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव, हाइब्रिड मॉडल की शुरुआत

    पटियाला की सफाई व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव, हाइब्रिड मॉडल की शुरुआत

    चंडीगढ़: पंजाब के शहरी क्षेत्रों में सफाई और स्वच्छता कार्यों में बड़ा बदलाव लाते हुए पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने आज अपनी तरह के पहले हाइब्रिड सफाई मॉडल की घोषणा की। यह मॉडल एक महीने के भीतर पटियाला को राज्य का सबसे स्वच्छ शहर बनाएगा और आने वाले समय में पंजाब को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य बनाया जाएगा।

    पटियाला की सड़कों पर बुधवार सुबह इस नए मॉडल की शुरुआत करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि यह हाइब्रिड मॉडल मशीनों द्वारा घास-फूस की कटाई, सुपर-सक्शन मशीनों, स्क्रबरों, हाथों से जैविक कचरा एकत्र करने तथा सड़कों की धुलाई के कार्य को आपस में जोड़ता है। यह प्रणाली प्रत्येक वार्ड के लिए पूर्व निर्धारित साप्ताहिक सफाई कार्यक्रम के अनुसार कार्य करेगी।

    स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब भारत के सबसे बेहतर सफाई मॉडल को लागू कर रहा है। इस चार-स्तरीय मॉडल में ऑटोमैटिक श्रब कटर (झाड़ियां काटने वाली मशीन), घास-फूस और पेड़ों की टहनियों की हाथों से सफाई, सुपर-सक्शन मशीन और स्क्रबर शामिल हैं। इसके बाद सड़कों को धोया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि यह तो अभी शुरुआत है। अगला सोमवार इससे भी बेहतर होगा और हर सप्ताह इसमें और सुधार होगा। आपको हर सड़क चमकती हुई दिखाई देगी, जो इसी प्रणाली का परिणाम होगा।

    स्थानीय निकाय मंत्री ने जोर देकर कहा कि सफाई कर्मचारी इस अभियान का मुख्य हिस्सा हैं। दूसरा चरण पूरी तरह (जैविक कचरा एकत्र करना) उन पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा, “हमारे सफाई सेवक हमारे मुख्य भागीदार हैं। मशीनें भारी काम करेंगी और वे बारीकी वाला काम संभालेंगे। यह प्रणाली हाथों से किए जाने वाले कठिन श्रम को कम करने और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए तैयार की गई है। एक बार जब सड़कें चमकने लगेंगी तो गहन सफाई की आवश्यकता स्वाभाविक रूप से कम हो जाएगी, लेकिन स्वच्छता केवल बढ़ेगी।”

    स हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “हमारा प्रयास पटियाला को एक महीने के भीतर पंजाब का सबसे स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने का है। इसके बाद हम पूरे पंजाब में इस अभियान की शुरुआत करेंगे।”

  • बुजुर्ग मां की पुकार पर तत्काल कार्रवाई, डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में मिला न्याय

    बुजुर्ग मां की पुकार पर तत्काल कार्रवाई, डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में मिला न्याय

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसी प्रतिबद्धता के तहत सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर के नेतृत्व में विभाग ने जिला मानसा की एक बुजुर्ग महिला की शिकायत पर तुरंत हस्तक्षेप करते हुए मामले की जांच करवाई तथा आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को तेजी से अमल में लाकर उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की। इससे पीड़ित बुजुर्ग महिला को न्याय मिला है।

    इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि बुजुर्ग महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि पारिवारिक विवाद और संपत्ति संबंधी मामले को लेकर उसके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है तथा उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, मानसा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया। पुलिस द्वारा जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

    डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि किसी भी बुजुर्ग माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार या शोषण न केवल कानूनी रूप से गलत है, बल्कि यह हमारे सामाजिक और नैतिक मूल्यों के भी विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की स्पष्ट नीति है कि प्रत्येक बुजुर्ग को सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त जीवन का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ितों को तत्काल राहत और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    मामले की पैरवी के दौरान जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, मानसा ने बुजुर्ग महिला से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। इस अवसर पर उन्हें जिला मानसा में संचालित “सत्कार घर” के बारे में भी जानकारी दी गई, जहां आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित आवास, देखभाल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

    इस दौरान अधिकारियों ने सत्कार घर का दौरा कर वहां रह रहे बुजुर्गों से बातचीत की और उनकी आवश्यकताओं तथा सुझावों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही प्रबंधन को बुजुर्गों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से संबंधित सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए।

    डॉ. बलजीत कौर ने लोगों से अपील की कि यदि किसी बुजुर्ग नागरिक के साथ दुर्व्यवहार, उपेक्षा या संपत्ति संबंधी शोषण का कोई मामला सामने आता है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों या वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन नंबर 14567 पर संपर्क किया जाए।

    उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा जरूरतमंद बुजुर्गों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

  • Punjab News: लाखों की लेन-देने को लेकर 2 फर्मों में हुआ विवाद, लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    Punjab News: लाखों की लेन-देने को लेकर 2 फर्मों में हुआ विवाद, लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    लुधियानाः जिले में 2 परिवारिक सदस्यों की फर्म को लेकर विवाद हो गया। इस दौरान दोनों परिवारों ने एक-दूसरे पर पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। जहां दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। इस दौरान एक पक्ष बीके इंटरनेशनल के संचालक प्रदीप टंडन उर्फ सन्नी का कहना है कि उन्होंने एसपी मल्होत्रा ट्रेड्स, आरके हौजरी मील के साथ काम को लेकर समझौता हुआ था। पक्ष का कहना है कि इस घटना में साहिल मल्हौता मुख दोषी है। इस दौरान वह 2014 से 2023 तक इस फर्म के साथ काम किया है और तैयार माल बनाकर देते थे। 2020 के बाद फर्म ने उनके पैसे रोकने शुरू कर दिए। इस दौरान 2020 से लेकर 2023 तक के पैसे लौटाने को लेकर टाल-मटौल करते रहे। लेकिन कुछ समय के बाद वह पैसे देने से आनाकानी करने लगे।

    प्रदीप ने कहा कि 2026 में फर्म की ओर से 2 चैक 30 लाख और 35 लाख के दिए। 17 मार्च 2026 को चैक बैंक में लगाए तो वह चैक बाउंस हो गए। इस मामले को लेकर 23 मार्च 2026 को पुलिस कमिशनर को दी। इस मामले को लेकर पुलिस कमिशनर स्वप्न शर्मा ने जांच के आदेश दिए। जांच के बाद फर्म पर मामला दर्ज हो गया और उन्होंने कोर्ट का रूख करके जमानत ले ली। प्रदीप के अनुसार जांच के दौरान आईओ को दिए दस्तावेजों में कई दस्तावेज गायब पाए गए। इस मामले में पुलिस ने जुर्म में बढ़ौतरी करते हुए नई एफआईआर दर्ज की। पुलिस जांच में सामने आया कि फर्म के दोषी दिल्ली के लीला होटल में रुके हुए है। इस मामले को लेकर 30 तारीख को पुलिस कमिशनर से परमिशन लेकर दिल्ली पहुंचे।

    जहां दिल्ली पुलिस को सूचना देने के बाद लीला होटल में दबिश दी और दोषियों को काब करके लुधियाना लाने की प्रक्रिया शुरू की। रास्ते में दोराहा हाईवे पर गुरु रोमी भल्ला के साथ मुलाकात करने की पुलिस से अपील की। जिसके बाद थाने में आशा नामक महिला द्वारा गालियां निकाली गई और उन पर राजीनामा करने का दवाब बनाया गया। प्रदीप के अनुसार वह थाना प्रभारी से दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की गई। घटना की रात चेतन वबेजा और जतिंदर थाने में आते है। जिसके बाद घटना स्थल पर 12 बजे उनके साथ हाथापाई की। प्रदीप का आरोप है कि हाथापाई में उसकी सोने की चेन और नगदी निकाल ली। आरोप है कि पिस्टल दिखाकर और हूटर बजाकर मौके से दोषियों को लेकर फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि 32 सेक्टर में जाकर एक वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करते है। इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गई। इस मामले को लेकर प्रदीप ने इंसाफ की गुहार लगाई है।

    वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि वह उनके पास नौकरी करते थे। इस दौरान प्रदीप ने कहाकि वह उसके पास कोई नौकरी नहीं करता था, वह उनके साथ व्यापार करता था। इस दौरान चैक बुक चोरी करने के आरोप लगाए और कहा कि उन्होंने प्रदीप का घर भी छुड़वाया है। उन्होंने थ्रेट देने के आरोप लगाए है और कहा कि दोराहा में रोककर उन्हें धमकियां दिलवाई गई। वहीं प्रदीप ने कहाकि साहिल की सास आशा रानी है। वहीं मामे के लड़के के साथ उनका विवाद है। प्रदीप का कहना है कि धमकी देने के आरोप बे बुनियाद है और कहा कि उनके द्वारा आज भी पैसे लिए जाने है।

  • मानसून से पहले सभी तैयारियां पूरी करें, आपदा प्रबंधन को लेकर अलर्ट मोड में रहें विभाग

    मानसून से पहले सभी तैयारियां पूरी करें, आपदा प्रबंधन को लेकर अलर्ट मोड में रहें विभाग

    ऊना सुशील पंडित : आगामी मानसून सीजन को देखते हुए ऊना जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है तथा सभी आवश्यक पूर्व तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बुधवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी विभागों को मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समय रहते आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि जन-धन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पूर्व तैयारियों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरतें। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग तथा बाढ़ नियंत्रण विंग को स्वां नदी और उसकी सहायक खड्डों सहित सभी नालों, जल निकासी चैनलों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई, डी-सिल्टिंग तथा अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पुलों, पुलियों तथा खड्डों-नालों के आसपास जमा सिल्ट और मलबे को हटाने तथा ड्रेनेज व्यवस्था को सुचारू रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जहां भी पानी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न हुई है, उसे तत्काल बहाल किया जाए। जतिन लाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे स्थित नालियों, पुलियों तथा जल निकासी ढांचों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं लोक निर्माण विभाग को अपने अधीन सड़कों, भवनों तथा संवेदनशील मार्गों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। उन्होंने सभी एसडीएम को जलभराव, भूस्खलन और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थलों की पहचान कर संबंधित विभागों के सहयोग से समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही खड्डों और नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को जागरूक करने तथा अस्थायी झुग्गी-झोपड़ियों में निवास कर रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पानी के प्राकृतिक प्रवाह में किसी प्रकार का अवरोध पाया जाता है तो संबंधित एसडीएम तत्काल कार्रवाई कर उसे हटाना सुनिश्चित करें। बैठक में खतरनाक एवं सूखे पेड़ों से उत्पन्न जोखिमों पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे पेड़ों की पहचान कर उन्हें समय रहते हटाया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एसडीएम त्वरित निर्णय लें तथा जनहित में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके। उन्होंने उपनिदेशक शिक्षा को निर्देश दिए कि जर्जर एवं असुरक्षित विद्यालय भवनों का निरीक्षण कर विद्यार्थियों को समय रहते सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया जाए। विद्यालय परिसरों में खतरनाक पेड़ों से जुड़े मामलों की भी तत्काल रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाए। साथ ही सभी शिक्षण संस्थानों में पेयजल टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा विद्यार्थियों को जलजनित रोगों के प्रति जागरूक किया जाए। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री, तिरपाल, कंबल, राशन, एलपीजी तथा अन्य जरूरी वस्तुओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयों तथा एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जल नमूने लेने तथा पेयजल गुणवत्ता की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने विद्युत बोर्ड के अधिकारियों को मानसून के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, आपातकालीन मरम्मत दलों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के संपर्क नंबर सार्वजनिक करने को कहा। वहीं जल शक्ति विभाग को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की नियमित सफाई तथा जल निकासी तंत्र को प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (ईओसी) को चौबीसों घंटे सक्रिय है। किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम को दें। आपात स्थिति में मदद या सूचना के लिए लोग जिला आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1077 (टोल फ्री), दूरभाष नंबर 01975-225045, 225046, 225049 एवं 225052 तथा मोबाइल नंबर 94594-57476 पर कॉल कर सकते हैं । उन्होंने सभी एसडीएम को उपमंडल स्तर पर भी नियंत्रण कक्षों को सक्रिय रखने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोविंद सागर झील किनारे लगाएं चेतावनी बोर्ड उपायुक्त ने गोविंद सागर झील के आसपास संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि एसडीएम यह सुनिश्चित करें कि प्रतिबंधित अवधि में झील में बोटिंग न हो। नगर निगम ऊना को उन असुरक्षित भवनों को गिराना सुनिश्चित करने को कहा गया, जिनको लेकर पूर्व में ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए जा चुके हैं। साथ ही निगम क्षेत्र में संवेदनशील स्थलों पर जेसीबी एवं अन्य आवश्यक मशीनरी तथा पर्याप्त मानव संसाधन तैनात रखने, नालियों की नियमित सफाई के लिए समर्पित टीमें गठित करने तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नुकसान एवं क्षति की तत्काल रिपोर्टिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश उपायुक्त ने सभी विभागों को मानसून के दौरान होने वाले नुकसान एवं क्षति की रिपोर्टिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जान-माल की हानि अथवा सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की सूचना तत्काल जिला प्रशासन एवं आपातकालीन परिचालन केंद्र को उपलब्ध करवाई जाए तथा संबंधित विभाग ऑनलाइन पोर्टल पर भी समयबद्ध रिपोर्ट अपलोड करना सुनिश्चित करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक सचिन हिरेमठ, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर, एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल, एसडीएम अंब पारस अग्रवाल, एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम, डीएफओ विकल्प यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
     
  • Election वीर और जनगणना वीर की करवाई जाए भर्ती, शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए चलाई गई मुहिम

    Election वीर और जनगणना वीर की करवाई जाए भर्ती, शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए चलाई गई मुहिम

    जालंधर (Ens): भारत सरकार द्वारा चार साल अग्निवीर योजना शुरु की गई है। इसके अंतर्गत 17.5 से 21 साल आयु वर्ग के युवाओं की भर्ती भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में की जाती है। चार वर्ष की सेवा के बाद बेहतर प्रदर्शन के आधार पर 25 प्रतिशत युवाओं को स्थायी रुप से सेवा में रखा जाता है।

    इन युवाओं को अग्निवीर कहते हैं। इन्हें छह महीने का कठौर सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है और बाकी अवधि में फील्ड सेवा में तैनात किया जाता है। चार साल पूरे होने पर उन्हें अनुभव एवं कौशल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है। इससे वो अन्य क्षेत्रों में अपना करियर आगे बढ़ा सके।

     

    यह योजना काफी हद तक सफल मानी गई है। भले ही इसके पक्ष और विपक्ष में विभिन्न मत रहो हो। मेरा मानना है कि लाखों रुपये वेतन पाने वाले शिक्षकों की नियुक्ति इसलिए की जाती है ताकि वो विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर पाएं। उनके भविष्य को संवारने में अपना योगदान दे पाएं लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इन्हीं शिक्षकों को पूरे साल बी.एल.ओ ड्यूटी चुनावी कार्यों तथा वर्तमान में चल रही है।

    जनगणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया जाता है। इनमें इनकार करने की उनके पास कोई गुंजाइस नहीं होती है। सरकार यह भूल जाती है कि यदि शिक्षक लगातार ऐसे काम में ही व्यस्त रहेंगे तो वो भविष्य के वैज्ञानिक, इंजीनियर डॉक्टर, वकील, लेखक, चित्रकार और नेता कैसा तैयार करेंगे।

    इससे न सिर्फ विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है बल्कि सरकारी खजाने से शिक्षकों के वेतन पर खर्च की जा रही करोड़ों रुपये की राशि का उद्देश्य भी अधूरा रह जाता है। माननीय मुख्यमंत्री जी को मेरा यह सुझाव है कि हमारे रोजगार कार्यालयों में हजारों बेरोजगार युवाओं के बायोडाटा पड़े रहते हैं और प्रतिदिन सैंकड़ों युवा रोजगार की तलाश में इन कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं।

     

    यदि इन्हीं रोजगार कार्यालयों के जरिए से अग्निवीर योजना की तर्ज पर बेरोजगार युवाओं को इलेक्शन वीर/इलेक्शन बहन तथ जनगणना वीर/जनगणना बहन के रुप में भर्ती किया जाए तो पंजाब ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों की तस्वीर भी बदल सकती है। ये युवा नए उत्साह और ऊर्जा के साथ इन काम को खत्म करेंगे। काम पूरा होने के बाद उन्हें प्रमाण-पत्र एवं कौशल प्रमाण पत्र दिया जाए।

    जिनमें यह उल्लेख हो कि उन्होंने सफलतापूर्वक चुनाव अथवा जनगणना का काम किया है। इन प्रमाण पत्रों को सरकारी नौकरियों में वरीयता दी जाए। इसके लिए अलग से कोटा निर्धारित किया जाए। मेरा विश्वास है कि यह फैसला पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए नए अवसरों के द्वारा खोल सकता है।

     

    शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों के बोझ से मुक्ति मिलेगी। विद्यालयों में शिक्षक पूरे समय उपलब्ध रहेंगे और वो बिना किसी अतिरिक्त ड्यूटी के विद्यार्थियों को पूर्ण समर्पण के साथ शिक्षा प्रदान कर सकेंगे। वास्तव में इससे शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति आ सकती है। माननीय मुख्यमंत्री जी अब तक शिक्षकों के सिर से गैर शैक्षणिक कामों का बोझ नहीं हटाया जाता है।

    तब तक पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना कठिन रहेगा। इस व्यवस्था से दोहरा लाभ होगा। एक और शिक्षक पूरे मनोयोग से बच्चों के भविष्य को संवारने में जुट सकेंगे। वहीं दूसरी ओर बेरोजगार युवा, इलेक्शन वीर, बहन अथवा जनगणना वीर/बहन बनकर कम मानदेय पर भी अनुभव और कौशल प्राप्त कर अपने सुनहरे भविष्य के सपनों को साकार कर सकेंगे।

     

     

  • ट्रांसफार्मर में आग लगने से 7 वाहन सहित 2 लोग झुलसे, देखें वीडियो

    ट्रांसफार्मर में आग लगने से 7 वाहन सहित 2 लोग झुलसे, देखें वीडियो

    रायपुररानी: हरयोली-हंगोली सड़क मार्ग पर स्थित एक फैक्टरी के बाहर लगे बिजली ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। इस घटना में मौके पर खड़े 7 मोटरसाइकिल आग की चपेट में आकर जल गए। घटना के दौरान मौके पर लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आग पर काबू पाने और मोटरसाइकिलों को बचाने के प्रयास के दौरान 2 लोग भी झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    घटना के बाद फैक्टरी परिसर के बाहर पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि फैक्टरी में काम करने वाले कई कर्मचारी अपने वाहन बाहर सड़क किनारे या ट्रांसफार्मर के आसपास खड़े करने को मजबूर हैं, क्योंकि अंदर पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में हादसे के बाद नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह बड़ा सवाल बन गया है। फिलहाल आग लगने के कारणों और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

     

  • Jalandhar News: गरमाया धर्म परिवर्तन मुद्दा, माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन ने दिए सख्त आदेश, देखें वीडियो

    Jalandhar News: गरमाया धर्म परिवर्तन मुद्दा, माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन ने दिए सख्त आदेश, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: वेस्ट हलके की मिट्ठू बस्ती के अंतर्गत आते गुरु अर्जुन नगर में धर्म परिवर्तन को लेकर मामला लगातार गरमा रहा है। दरअसल, 1 जून को इलाका निवासियों ने घर के मालिक गुरदयाल सिंह पर होशियारपुर से आई महिलाओं द्वारा इलाके के लोगों के धर्म परिवर्तन करने को लेकर आरोप लगाए थे। इस मामले को लेकर हाल ही में ईसाई समुदाय द्वारा कार्रवाई ना किए जाने पर 10 जून को सड़के जाम करने का ऐलान किया था। लेकिन आज पीड़ित परिवार माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन जितेंद्र गौरव मसीह के पास इंसाफ की गुहार लेकर पहुंचा।

    जहां पीड़ित परिवार ने आरोप लगाए है कि उन पर समझौता करने का दवाब बनाया जा रहा है। वहीं जितेंद्र गौरव मसीह के समक्ष एसीपी आतिश भाटिया पेश हुए। जहां एसीपी ने बताया कि गढ़शंकर से आई महिलाओं द्वारा घर में धर्म परिवर्तन किए जाने को लेकर कुछ शरारती अनंसरों द्वारा गलत सूचना फैलाई गई। इस दौरान गौरव मसीह ने मामले को लेकर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए है और उसकी रिपोर्ट माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन के पक्ष रखने के आदेश दिए। इस दौरान पीड़ित परिवार ने माइनॉरिटी कमीशन के चेयरमैन के समक्ष कार्रवाई करने की अपील की है।

    मसीह ने थाना प्रभारी की ढीली कार्रवाई को लेकर फटकार लगाई और कहा कि अगर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ना किए जाने पर एक्शन लेने के आदेश दिए। आतिश भाटिया ने कहा कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर जांच जारी है। उन्होंने कहा कि घटना स्थल पर माहौल खराब ना हो इसके लिए दोनों पक्षों को घटना स्थल से थाने ले जाया गया।

    उन्होंने कहा कि अगर कोई मर्जी से धर्म परिवर्तन करना चाहता है और उसे धर्म परिवर्तन करने का अधिकार है। एसीपी आतिश भाटिया ने कहा कि धर्म का मुद्दा ना बनें इसके लिए 7 दिन का समय मांगा गया। वहीं गौरव मसीह ने कहा कि पीड़ित परिवार को थ्रेट दी जा रही है और उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।