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पंजाब म्यूनिसिपल चुनावों में आम आदमी पार्टी की ऐतिहासिक जीत
चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने नगर निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) की शानदार जीत को पंजाब सरकार के विकासमुखी शासन मॉडल पर जनता की निर्णायक मुहर और विपक्ष की नफरत, विभाजनकारी तथा नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह खारिज करने वाला जनादेश बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा का पूरी तरह “सफाया” कर दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह फैसला मुफ्त बिजली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं, रोजगार के अवसर पैदा करने तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं में जनता के विश्वास को दर्शाता है। पूरे पंजाब में ‘आप’ के दबदबे का उल्लेख करते हुए, जिसमें धूरी में पार्टी ने 21 में से 19 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है, उन्होंने कहा कि इन नतीजों ने भाजपा (जिसे उन्होंने “ई.डी. पार्टी” कहा) को पांचवें स्थान पर धकेल दिया है और यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पंजाब पूरी तरह काम की राजनीति के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह जनादेश इस बात का भी संकेत है कि ‘आप’ 2027 के विधानसभा चुनावों में 2022 की अपनी ऐतिहासिक जीत का रिकॉर्ड भी पार करने की राह पर है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब के हर शहर, कस्बे और गांव में बिना किसी भेदभाव के समान विकास किया जाएगा। यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के लोगों ने सांप्रदायिक ताकतों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है और धर्मनिरपेक्षता तथा आम आदमी पार्टी के पक्ष में जोरदार फैसला सुनाया है। भीषण गर्मी के बावजूद लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोट डालने बाहर निकले, जो बेहद उत्साहजनक संकेत है।” पिछले चार वर्षों के दौरान पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि समाज के हर वर्ग के लोग लगातार ‘आप’ और उसकी नीतियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, “आप ने लगभग 13,000 पंचायतों में से 11,000 से अधिक पंचायत सीटें जीती थीं। जालंधर लोकसभा सीट के उपचुनाव, चार विधानसभा सीटों, जिला परिषदों, ब्लॉक समितियों और अब नगर परिषदों तथा नगर पंचायतों के चुनावों ने साबित कर दिया है कि ‘आप’ के लिए जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों की संयुक्त ताकत भी ‘आप’ को मिले समर्थन का मुकाबला करने में विफल रही। उन्होंने कहा, “कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और भाजपा, जिसे मैं ई.डी. पार्टी कहता हूं, सभी मिलकर भी ‘आप’ द्वारा जीती गई सीटों की संख्या तक नहीं पहुंच सके। लोगों ने उनके नकारात्मक और विभाजनकारी एजेंडे को पूरी तरह नकार दिया है। यहां तक कि शहरी क्षेत्रों में भी, जिन्हें भाजपा अपना पारंपरिक वोट बैंक मानती है, मतदाताओं ने उन्हें बुरी तरह खारिज कर दिया है।” भाजपा के प्रदर्शन का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा 1,000 से अधिक सीटों पर अपनी जमानत तक नहीं बचा सकी। इतना ज्यादा प्रचार करने के बावजूद वह इन चुनावों में पांचवें स्थान पर रही है। कई जगहों पर तो निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी भाजपा से अधिक सीटें जीती हैं। ऐसा लग रहा था जैसे भाजपा केवल ‘नोटा’ से मुकाबला कर रही हो।” मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आप’ ने चुनावों में व्यापक जनादेश हासिल किया है और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि 2027 में ‘आप’ का रास्ता और मजबूत होता जा रहा है। लोगों ने उन्हें भी सबक सिखाया है, जिन्होंने ‘आप’ नेताओं और कार्यकर्ताओं को परेशान करने के लिए ई.डी. और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग की कोशिश की थी।” पार्टी छोड़कर जाने वाले ‘आप’ के पूर्व राज्यसभा सदस्यों पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिन लोगों ने पार्टी की पीठ में छुरा घोंपने का रास्ता चुना, उन्हें जनता ने जवाब दे दिया है। उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए और सोचना चाहिए कि उन्होंने क्या हासिल किया है, क्योंकि पंजाब के लोगों ने उन्हें नकार दिया है।”हल्कावार नतीजों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनादेश पूरे पंजाब में ‘आप’ के लिए मजबूत समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पैतृक हलके गिद्दड़बाहा में ‘आप’ ने 19 में से 17 सीटें जीतीं। बरनाला, जो नव-नियुक्त पंजाब भाजपा अध्यक्ष से संबंधित है, वहां भाजपा कहीं मुकाबले में ही नहीं थी, जबकि ‘आप’ ने 50 में से 37 सीटों पर जीत दर्ज की।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पार्टी की नीतियों को मिल रहा समर्थन राज्य के सभी क्षेत्रों में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। “मेरे अपने धूरी विधानसभा क्षेत्र में ‘आप’ ने 21 में से 19 सीटें जीती हैं। विपक्षी दलों ने शायद कुछ इक्का-दुक्का जगहों पर जीत हासिल की हो, लेकिन ‘आप’ ने दोआबा, माझा और मालवा सभी क्षेत्रों में जीत दर्ज की है। लोगों ने मुफ्त बिजली, आम आदमी क्लीनिक, किसानों के लिए दिन में बिजली आपूर्ति, गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के पक्ष में वोट दिया है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बड़ी जीत का पैमाना समाज के हर वर्ग के व्यापक समर्थन को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “हर किसी ने ‘आप’ को वोट दिया है, जिसके कारण पार्टी ने 90 प्रतिशत से अधिक सीटें जीती हैं। कांग्रेस और अकाली दल हार के बाद शिकायतें करने की अपनी पुरानी आदत जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें जनता के फैसले को खुले दिल से स्वीकार करना चाहिए। कई जगहों पर तो उन्हें चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिले।” इन चुनावों को एक बड़े राजनीतिक सफर की शुरुआत बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये नतीजे सिर्फ एक शुरुआत हैं। ‘आप’ विधानसभा चुनावों में अपनी स्थिति को और मजबूत करना तथा अधिक सीटें जीतना जारी रखेगी। भगवान की कृपा से सुनील जाखड़ ने सही समय पर अपना पद छोड़ दिया। दूसरी ओर राजा वड़िंग को दिल्ली में अपनी पार्टी नेतृत्व की बैठक के दौरान कठिन सवालों का सामना करना पड़ेगा।” मतदान के दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के व्यवहार के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, “मतदान वाले दिन जो ड्रामेबाजी देखने को मिली, वह अनावश्यक और दुर्भाग्यपूर्ण थी। ऐसा व्यवहार संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता।” मतदान प्रणाली पर उठाए गए सवालों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कुछ पार्टियां जब भी हारती हैं तो वे बैलेट पेपर और ईवीएम दोनों पर सवाल उठाती हैं। भारत निर्वाचन आयोग को ईवीएम को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।” -

अवैध कॉलोनियों पर अनिल विज का बड़ा एक्शन, संबंधित रजिस्ट्रारों पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
चण्डीगढ़ : हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज यमुनानगर में आयोजित जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में अवैध कॉलोनियों, फर्जी रजिस्ट्रियों, अवैध कब्जों, प्रदूषण, ब्लैक मार्केटिंग तथा जनसमस्याओं से जुड़े मामलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के दौरान श्री विज ने अवैध कॉलोनियां काटे जाने के मामलों में संलिप्त संबंधित रजिस्ट्रारों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी किए। इसके साथ ही जगाधरी के सेक्टर-17 में भूमि के एक टुकड़े की कथित अनियमित रजिस्ट्री के मामले में नगर निगम के सहायक अभियंता दीपक सुखीजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए।
विज जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कुल 15 परिवाद रखे गए, जिनमें से 7 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष 8 मामलों को अगली बैठक तक निर्धारित समयसीमा में निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में एचएसवीपी सेक्टर-17, जगाधरी निवासी महेन्द्र तनेजा ने प्रॉपर्टी आईडी के आधार पर भूमि के एक टुकड़े को स्वीकृत कर रजिस्ट्री किए जाने की शिकायत रखी। इस मामले में अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के आधार पर ऊर्जा मंत्री ने नगर निगम आयुक्त को सहायक अभियंता दीपक सुखीजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए। मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को भी निर्देशित किया कि संबंधित अधिकारी का तबादला हो चुका होने के बावजूद तत्काल कार्रवाई कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
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स्वस्थ हरियाणा की दिशा में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री ने 100 करोड़ से अधिक की स्वास्थ्य परियोजनाओं का किया शुभारंभ
चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्वस्थ हरियाणा-समृद्व हरियाणा के संकल्प को और मजबूत करते हुए और प्रदेशवासियों के बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की दिशा में एक बडा कदम उठाते हुए पंचकूला में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र की 100 करोड रूपये से अधिक की 9 महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उदघाटन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती सिंह राव और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चैधरी भी उपस्थित रही।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य अवसंरचना को आधुनिक और सशक्त बनाने की दिशा में बडा कदम उठाते हुए 22.29 करोड रूपये की लागत से 30 स्वास्थ्य संस्थानों का उदघाटन और 21.50 करोड रूपये की लागत से 16 स्वास्थ्य संस्थानों का शिलान्यास किया। इसके अलावा उन्होने जिला नागरिक अस्पताल सोनीपत में 6.45 करोड रूपये की लागत से विश्राम गृह का शिलान्यास, 0.34 करोड रूपये प्रतिवर्ष की लागत से 23 जिला अस्पताओं में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार क्लिनिक( महिला क्लिनिक) का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होने पीपीपी माॅडल के तहत सीटी स्कैन एंव एमआरआई सेवाओं का विस्तार करते हुए 12 करोड रूपये की लागत से जिला अस्पताल पानीपत और कुरूक्षेत्र में एमआरआई और 10 करोड रूपये की लागत से सब डिविजनल अस्पताल बहादुरगढ और जिला अस्पताल दादरी में 10 करोड रूपये की लागत से सीटी स्कैन सेवाओं का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने हृदय रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार हेतु 600 स्वास्थ्य संस्थाओं में 3 करोड रूपये प्रतिवर्ष की लागत से टेली-ईसीजी सेवाओं का शुभारंभ, कारपोरेट सोशल रिंसपोंसिबिलिटि के तहत 24 करोड रूपये से अधिक राशि के एनस्थिसिया वर्कस्टेशन, डिफिब्रिलेटर, एक्स-रे मशीन, टूनैट मशीन और आईसीयू बेड की व्यवस्था का शुभारंभ, 3.60 करोड रूपये प्रतिवर्ष की लागत से महर्षि च्वयन मैडिकल कोलेज, कोरियावास (नारनौल) और श्री अटल बिहारी वाजेपयी राजकीय मैडिकल कालेज छांयसा (फरीदाबाद) में निशुल्क डायलिसिस सुविधा का शुभारंभ, 1.73 करोड रूप्ये की लागत से 23 जिला अस्पतालों में आमजन को ब्रांडेड दवाईयां सस्ती दरों पर उपलब्ध करवाने के लिए अमृत फार्मेसी का शिलान्यास और 0.91 करोड रूपये की लागत से 4600 आशा कार्यकर्ताओं के लिए आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा का आज का दिन इसलिए भी विशेष है क्योंकि हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की जनसेवा यात्रा का गौरवपूर्ण उत्सव मना रहे हैं। इन 12 वर्षों में भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में जो ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है, वह अभूतपूर्व है। उन्होने कहा कि एक समय था जब गरीब परिवार इलाज के लिए बड़े शहरों के चक्कर लगाते थे। बीमारी केवल शारीरिक पीड़ा नहीं देती थी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी तोड़ देती थी। लेकिन आज आयुष्मान भारत योजना, जन औषधि केंद्र, डिजिटल हेल्थ मिशन, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और आधुनिक जांच सुविधाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं को गरीब के घर-द्वार तक पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होने स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य दिया था कि हर जिला अस्पताल अपने शहर का सबसे बेहतर अस्पताल बने। आज उन्हें खुशी है कि हरियाणा के जिला अस्पतालों में तेजी से बदलाव दिखाई दे रहा है।
उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार हर जिले तक हाई-एंड डायग्नोस्टिक सुविधाएं पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। आज प्रदेश के 18 जिलों में सी.टी. स्कैन सेवाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा, 7 जिलों में एम.आर.आई. सेवाएं शुरू हो चुकी हैं तथा सभी जिलों में अल्ट्रासाउंड और ब्लड एनालाइजर सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस वित्त वर्ष के बजट में शेष जिलों में भी सी.टी.स्कैन, एम.आर.आई. और डिजिटल एक्स-रे मशीनों की व्यवस्था करने का प्रावधान किया है। उन्होने कहा कि इसके अलावा 13 और जिला अस्पतालों में एम.आर.आई. सेवाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आने वाले समय में हरियाणा का नागरिक अपने ही जिले में विश्वस्तरीय जांच सुविधाओं का लाभ ले सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 22 जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर शुरू किए गए हैं। अब कैंसर मरीजों को अपने जिले में ही इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है। उन्होने कहा कि समय पर जाचं को ही जीवन की सुरक्षा माना जाता है। इसलिए हम जांच सेवाएं व्यापक कर रहे हैं। पिछले वर्ष पीपीपी मॉडल के माध्यम से जिला अस्पतालों में लगभग 2 लाख डायलिसिस सत्र, 1 लाख 65 हजार सीटी स्कैन, 70 हजार एम.आर.आई स्कैन, 36 हजार ईको कार्डियोग्राफी और हजारों कोरोनरी एंजियोग्राम एवं स्टेंट प्रत्यारोपण किए गए। ये आंकड़े बताते हैं कि अब लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं अपने जिले में ही मिल रही हैं।
मुख्यमंत्रीे कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता डॉक्टरों और चिकित्साकर्मियों की उपलब्धता पर भी निर्भर करती है। पिछले वर्ष 777 मेडिकल ऑफिसर्स की भर्ती पूरी की गई है और 450 मेडिकल ऑफिसर्स की भर्ती अंतिम चरण में है। आने वाले समय में हरियाणा के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता को और मजबूत किया जाएगा। उन्होने कहा कि स्वस्थ नागरिक किसी भी राज्य की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। इसी सोच के साथ हमने स्वास्थ्य बजट में ऐतिहासिक वृद्धि की है। इस वर्ष स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में 32.89 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 14 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होने कहा कि जब वर्ष 2014 में हमने जनसेवा का दायित्व संभाला था, तब प्रदेश का स्वास्थ्य बजट केवल 2 हजार 646 करोड़ रुपये था। आज यह कई गुणा बढ़ चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए हमने वर्ष 2014 में हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने का संकल्प लिया था। उस समय हरियाणा में केवल 6 मेडिकल कॉलेज थे। आज उनकी संख्या बढ़कर 17 हो चुकी है। इसके अलावा एम.बी.बी.एस सीटें 700 से बढ़कर 2 हजार 710 हो गई हैं। इसी प्रकार नर्सिंग, फिजियोथैरेपी और पैरामेडिकल शिक्षा का भी तेजी से विस्तार किया गया है।
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वैश्विक प्रतिस्पर्धा में डटे हरियाणा के विश्वविद्यालय
चंडीगढ़ : हरियाणा के सरकारी विश्वविद्यालय शैक्षणिक उत्कृष्टता, रोजगारपरक शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के मामले में बड़े बदलावों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। रासाथ ही, राज्य सरकार हर जिले में एक-एक मॉडल संस्कृति कॉलेज स्थापित करने की योजना पर भी कार्य कर रही है। ये 22 मॉडल संस्कृति कॉलेज स्वायत्त बहुविषयक उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही क्षेत्रीय मेगा एजुकेशनल हब स्थापित कर सहयोगात्मक अनुसंधान और शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आज यहां एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में शुरू किए गए सुधारों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में 5वें राष्ट्रीय मुख्य सचिव सम्मेलन की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को सभी सुधारात्मक पहलों को निर्धारित समय सीमा में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप वैश्विक स्तर के शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास केंद्रों के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभागों को निर्देश दिए कि सुधारों की गति को बनाए रखते हुए सभी पहलों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों का राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 तथा भविष्य की आर्थिक एवं तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के केंद्रों के रूप में विकास होना चाहिए।
राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों ने भारतीय मूल के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं को आकर्षित करने के लिए पहल की है। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू), रोहतक ने ग्लोबल टैलेंट रिटर्न स्कीम के लिए एक समिति का गठन किया है, जबकि गुरुग्राम विश्वविद्यालय वैश्विक पूर्व छात्र (एलुमनाई) डेटाबेस विकसित कर रहा है तथा आईजीयू रेवाड़ी ने वैश्विक शिक्षाविदों को आकर्षित करने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालयों में उद्योग विशेषज्ञों को ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ के रूप में नियुक्त किया जा रहा है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने दो उद्योग विशेषज्ञों को नियुक्त किया है, जबकि सीबीएलयू भिवानी ने चार और गुरुग्राम विश्वविद्यालय ने तीन विशेषज्ञों को पैनल में शामिल किया है। कई विश्वविद्यालय 2026-27 शैक्षणिक सत्र से ऐसी नियुक्तियों का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।
राज्य सरकार समन्वित भर्ती रणनीति के माध्यम से शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहयोग से एक डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया जा रहा है। उभरती प्रौद्योगिकियों और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा को ढालने के लिए पाठ्यक्रमों में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, ब्लॉकचेन तथा डेटा एनालिटिक्स को शामिल किया है, जबकि सीबीएलयू ने एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, जियो-इन्फॉर्मेटिक्स तथा साइबर सुरक्षा जैसे पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। आईजीयू रेवाड़ी ने एनईपी 2020 को पूर्ण रूप से लागू करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा, सतत विकास और नैतिकता को अपने पाठ्यक्रमों में शामिल किया है।
विश्वविद्यालय वैकल्पिक वित्तीय संसाधनों और उद्योग साझेदारी को भी मजबूत कर रहे हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम मॉडल के अंतर्गत 23 ऑनलाइन कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिनमें लगभग 10,000 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं, जबकि उसके एलुमनाई एसोसिएशन ने शैक्षणिक विकास के लिए लगभग 1.7 करोड़ रुपये जुटाए हैं। गुरुग्राम विश्वविद्यालय ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत सहयोग प्राप्त किया है तथा कई शैक्षणिक साझेदारियां की हैं। राज्य की ‘अर्न व्हाइल लर्न’ पहल का भी लगातार विस्तार हो रहा है, जिससे वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 7,000 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय वर्तमान में चार अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम चला रहा है और सात नए कार्यक्रम प्रस्तावित हैं, जबकि आईजीयू रेवाड़ी ने रोजगार क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में छह माह की अनिवार्य अप्रेंटिसशिप शुरू की है।
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देवभूमि अद्वैता हार्ट इंस्टीट्यूट एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ऊना में सफल TAVI प्रक्रिया
ऊना सुशील पंडित : ऊना स्थित देवभूमि अद्वैता हार्ट इंस्टीट्यूट एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक हृदय उपचार के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सफलतापूर्वक TAVI (Transcatheter Aortic Valve Implantation) प्रक्रिया संपन्न की गई। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह हिमाचल प्रदेश के निजी क्षेत्र में होने वाली दूसरी ऐसी प्रक्रिया है। अस्पताल के निदेशक डॉ. हरजिंदर सिंह एवं श्रीमती मोनिका सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मरीज मूल रूप से पालमपुर क्षेत्र के वनविहार गांव का निवासी है। मरीज का परिवार पिछले लगभग छह महीनों से उनका इलाज PGI चंडीगढ़ में करवा रहा था।मरीज के बेटे ने बताया कि वे कई महीनों से PGI के चक्कर लगा रहे थे। PGI में भी उन्हें इस विशेष प्रक्रिया के बारे में बताया गया, किंतु इसकी लागत अत्यधिक अधिक थी। हालांकि PGI में आयुष्मान कार्ड की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन चूंकि यह एक विशेष प्रक्रिया थी, इसलिए उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि यह प्रक्रिया आयुष्मान योजना के अंतर्गत कवर नहीं होती। इस कारण परिवार काफी परेशान था।उन्होंने आगे बताया कि किसी परिचित ने उन्हें देवभूमि अद्वैता अस्पताल के बारे में सुझाव दिया, जिसके बाद उनकी मुलाकात डॉ. ताहिर से हुई। डॉ. ताहिर ने अत्यंत सरल एवं संवेदनशील तरीके से पूरे उपचार और प्रक्रिया के बारे में समझाया। साथ ही अस्पताल प्रबंधन से चर्चा कर इस जटिल प्रक्रिया को “नो प्रॉफिट, नो लॉस” आधार पर करने का निर्णय लिया गया।मरीज के परिजनों ने डॉ. ताहिर एवं देवभूमि अस्पताल की पूरी टीम का विशेष धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल ने न केवल उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा प्रदान की, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी प्राथमिकता दी। इस अवसर पर डॉ. ताहिर ने TAVI प्रक्रिया की बारीकियों एवं इसकी गुणवत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया विशेष रूप से वृद्ध मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि अधिक आयु में बायपास सर्जरी अथवा वाल्व रिप्लेसमेंट जैसी पारंपरिक सर्जरी काफी जोखिमपूर्ण होती हैं। TAVI तकनीक अपेक्षाकृत कम जोखिम वाली एवं तेजी से रिकवरी प्रदान करने वाली आधुनिक प्रक्रिया है।डॉ. ताहिर ने इस सफल प्रक्रिया का श्रेय पूरी मेडिकल टीम एवं देवभूमि प्रबंधन को देते हुए उनका आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मरीज के हित को सर्वोपरि रखते हुए इस प्रक्रिया को “नो प्रॉफिट, नो लॉस” आधार पर सम्पन्न कराने का निर्णय लिया। -

हरियाणा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने की नई नीतियां अधिसूचित
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश आकर्षित करने तथा राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से सात नई क्षेत्र-विशिष्ट नीतियों को अधिसूचित किया है।
अधिसूचना के अनुसार, नई नीतियों में हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण (ESDM) नीति-2026, हरियाणा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइस विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा खिलौना एवं खेल उपकरण विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट (ई-वेस्ट) रिसाइक्लिंग नीति-2026, हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) नीति-2026, हरियाणा आईटी/आईटीईएस, एआई एवं उभरती प्रौद्योगिकी नीति-2026 तथा हरियाणा एवीजीसी-एक्सआर नीति-2026 शामिल हैं।
ये सभी नीतियां पांच वर्ष की अवधि तक प्रभावी रहेंगी और इनका उद्देश्य हरियाणा को उभरते तथा उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। सरकार को उम्मीद है कि नई नीतिगत रूपरेखा से देशी एवं वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी, राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी, नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा हरियाणा के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
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Punjab News: अंतरराज्यीय चरस तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 8 किलो चरस सहित आरोपी गिरफ्तार
चंडीगढ़ः नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने हिमाचल प्रदेश से देश के अलग-अलग हिस्सों में चरस की अवैध सप्लाई में शामिल एक सुनियोजित अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है।
खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए NCB चंडीगढ़ की एक टीम ने 25.05.2026 को मंडी, हिमाचल प्रदेश में हरियाणा के दो संदिग्धों को रोका और उनके कब्ज़े से 4.529 किलो चरस बरामद की। जांच के दौरान मिली जानकारियों के आधार पर NCB टीम ने सप्लाई चेन का पता हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले से लगाया।
इसके बाद 27.05.2026 को कुल्लू ज़िले के जारी में की गई एक और कार्रवाई में NCB टीम ने ज़ब्त की गई चरस की सप्लाई में शामिल ड्रग सिंडिकेट के दो और सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। इस कार्रवाई के दौरान उनके कब्ज़े से 3.543 किलो और चरस के साथ-साथ बिक्री से मिले 85,000 रुपये भी बरामद और ज़ब्त किए गए।
इससे पहले अप्रैल 2026 में भी NCB चंडीगढ़ ने इसी तस्करी नेटवर्क से जुड़े तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था, जिनमें हिमाचल प्रदेश के दो और चंडीगढ़ का एक आरोपी शामिल था। जिनके पास से 1.559 किलो चरस बरामद की गई थी। अब तक की जांच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले से देश के अलग-अलग हिस्सों, जिनमें चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई और गोवा शामिल हैं।
इस अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के अन्य साथियों की पहचान करने पैसों के लेन-देन का पता लगाने और बाकी बचे नेटवर्क को खत्म करने के लिए आगे की जांच जारी है।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और समाज को नशीले पदार्थों और साइकोट्रॉपिक पदार्थों के खतरे से बचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
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विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने की दिशा में हरियाणा की बड़ी पहल
चंडीगढ़: हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने ‘विकसित हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट’ तैयार कराया है, जिसके तहत हर विभाग के लिए वर्ष 2030-31 तक का स्पष्ट रोडमैप और चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
यह केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि हरियाणा को आने वाले वर्षों में औद्योगिक, तकनीकी, कृषि एवं रोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व दिलाने की व्यापक रणनीति है। मुख्यमंत्री स्वयं आगामी 5 वर्षों की कार्य योजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके। प्रथम चरण में वर्ष 2030-31 तक की विकास योजना तैयार की जा रही है, जिसके बाद प्रत्येक 5 वर्ष के लिए अलग-अलग चरणबद्ध कार्य योजना बनाई जाएंगी।
राव नरबीर सिंह ने बताया कि हाल ही में मंत्रिमंडल ने निवेश, रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्यात और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 नई औद्योगिक नीतियों को मंजूरी प्रदान की है। इन सभी नीतियों को समाहित करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी 1 जून, 2026 को गुरुग्राम से नई हरियाणा औद्योगिक नीति-2026 का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह नई नीति HEEP-2020 का स्थान लेगी।
नई नीतियों में मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति-2026, हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा फार्मास्यूटिकल एवं मेडिकल डिवाइसेज विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा टॉयज एवं स्पोर्ट्स इक्विपमेंट विनिर्माण नीति-2026, हरियाणा इलेक्ट्रॉनिक्स वेस्ट रीसाइक्लिंग नीति-2026, हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति-2026, हरियाणा आईटी/आईटीईएस, एआई एवं उभरती प्रौद्योगिकी नीति-2026, हरियाणा एवीजीसी-एक्सआर नीति-2026, न्यू हरियाणा डेटा सेंटर नीति-2026 तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एवं एग्रो प्रोसेसिंग नीति-2026 शामिल हैं।
उद्योग मंत्री ने कहा कि इन नई औद्योगिक नीतियों के माध्यम से वर्ष 2030-31 तक राज्य में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश तथा 10 लाख से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में 10 नई आईएमटी स्थापित करने की
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अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में सत्र 2026-27 हेतु प्रवेश कार्यक्रम घोषित
ऊना/सुशील पंडित : अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा की प्राचार्य प्रोफेसर रेखा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के निर्देशानुसार महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बी.ए., बी.एससी., बी.कॉम., बी.बी.ए. तथा बी.सी.ए. प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन मोड के माध्यम से संपन्न की जाएगी। इच्छुक विद्यार्थी 01 जून से 19 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकेंगे। विद्यार्थियों के लिए प्री-एडमिशन काउंसलिंग 12 जून से 19 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी, ताकि उन्हें विषय चयन, प्रवेश प्रक्रिया तथा विभिन्न पाठ्यक्रमों से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध करवाई जा सके।प्रथम मेरिट सूची 20 जून 2026 को सायं 5:00 बजे तक प्रदर्शित की जाएगी तथा चयनित विद्यार्थियों को 21 जून से 23 जून 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से प्रवेश शुल्क जमा करवाना होगा।द्वितीय मेरिट सूची 24 जून 2026 को दोपहर 3:00 बजे तक जारी की जाएगी। इस सूची में चयनित विद्यार्थियों को 25 जून से 27 जून 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से प्रवेश शुल्क जमा करवाना होगा। द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए रोल ऑन द्वारा ऐडमिशन इसी दौरान लेना होगा। प्राचार्य प्रोफेसर रेखा शर्मा ने सभी इच्छुक विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित तिथियों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें तथा समय पर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर प्रवेश शुल्क जमा करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी महाविद्यालय की वेबसाइट एवं सूचना पट्ट पर उपलब्ध रहेगी। साथ ही विद्यार्थियों की सुविधा के लिए महाविद्यालय स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। -

योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हरियाणा सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को पूरे प्रदेश में व्यापक जनभागीदारी के साथ भव्य स्तर पर आयोजित किया जाए। इस वर्ष योग दिवस का थीम” स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” होगा। सभी जिला उपायुक्त ऑन लाइन माध्यम से जुड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम इस बार पंचकूला में आयोजित किया जाएगा, जबकि जिला, उपमंडल और ग्राम पंचायत स्तर तक विशेष योग कार्यक्रमों का आयोजन कर योग को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।
भारत सरकार द्वारा इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग निर्धारित की गई है। इसी थीम के अनुरूप प्रदेशभर में योग शिविर, जागरूकता अभियान और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को योग के प्रति प्रेरित किया जा सके और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिले।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभूतपूर्व पहचान और सम्मान मिला है। आज पूरी दुनिया भारत की इस प्राचीन संस्कृति और जीवन पद्धति को अपना रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हुए स्वस्थ भारत और स्वस्थ हरियाणा के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योग दिवस कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रहें, बल्कि इसे एक जन आंदोलन का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर अधिक से अधिक लोगों को योग से जोड़ा जाए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमिता मिश्रा ने बैठक में बताया कि योग दिवस के सफल आयोजन के लिए व्यापक स्तर पर प्रबंध किए जा रहे हैं उन्होंने विस्तार से योग दिवस मनाने की रूपरेखा रखी।
हरियाणा योग आयोग के अध्यक्ष जयदीप आर्य ने बताया कि योग दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी की भागीदारी होना आवश्यक है। योग से स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, पंचायत, नगर पालिका, नगर परिषद, सामाजिक धार्मिक संस्थाओं को जोड़ा गया है योग पर जागरूकता के लिए रैलियां निकाली जाएगी। 19 जून को योग दिवस के लिए फाइनल रिहर्सल का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि 8 जून से 10 जून तक योग जागरण यात्राएं निकाली जाएंगी। इसके अलावा 15 जून को योग मैराथन का आयोजन होगा। 16 जून से 18 जून तक प्रशिक्षण रिसीवर लगाए जाएंगे, जहां योग प्रोटोकॉल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बैठक में कैबिनेट मंत्री आरती सिंह राव, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।