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Punjab News: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, देखें वीडियो

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Punjab News: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, देखें वीडियो

अमृतसरः भारत-अमेरिका के प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में बुधवार को देशभर में बड़े स्तर पर मोटरसाइकिल मार्च निकाला जा रहा है। किसान संगठनों ने इस मार्च के जरिए केंद्र सरकार के सामने अपना विरोध दर्ज कराने का ऐलान किया है। किसान संगठनों का कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। वहीं अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु, मजीठा, अजनाला, लोपोके, चोगांवां और बाबा बकाला इलाकों से हजारों किसान इस मार्च में शामिल हुए। किसान नेताओं ने दावा किया कि मार्च कई किलोमीटर लंबा था और इसने जिले के बड़े हिस्से को कवर किया। प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं ने भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौतों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि इनसे देश की कृषि, डेयरी, तेल-बीज उद्योग और सूक्ष्म व लघु उद्योगों को भारी क्षति पहुंचेगी।

उन्होंने कहा कि यदि विदेशी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोल दिया गया तो देसी उत्पादकों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने केंद्रीय मंत्रियों को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपने विशेषज्ञों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को मीडिया के सामने बिठाकर तथ्यों के आधार पर चर्चा कराए। उनका कहना था कि सरकार को खेती संबंधी समझौतों में प्रयुक्त शब्दों और प्रावधानों के बारे में भी स्पष्टीकरण देना चाहिए। किसानों ने लैंड पूलिंग नीति तुरंत वापस लेने की मांग की और कुछ मीडिया संस्थानों पर किसानों की आवाज़ को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया।

पंधेर ने बताया कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले जाएंगे, जिनमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा सहित कई किसान संगठन हिस्सा ले रहे हैं।नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओड़िशा, दिल्ली समेत 10 से अधिक राज्यों में चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों और चिंताओं की ओर ध्यान नहीं दिया तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि यदि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता लागू होता है तो अमेरिकी कृषि उत्पाद कम या शून्य आयात शुल्क पर भारतीय बाजार में आ सकते हैं।

उनका कहना है कि अमेरिका में किसानों और कृषि कंपनियों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत के अधिकांश किसान छोटी जोतों पर खेती करते हैं। पंधेर के अनुसार, ऐसी स्थिति में भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बेहद कठिन हो जाएगा, जिससे छोटे और मध्यम किसानों के साथ-साथ छोटे उद्योगों और व्यापारियों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार ने प्रस्तावित व्यापार समझौते पर पुनर्विचार नहीं किया, तो किसान संगठन व्यापक आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार करेंगे।

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