Home Punjab>Amritsar Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने बेअदबी कानून मामले में दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, देखें वीडियो

Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने बेअदबी कानून मामले में दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, देखें वीडियो

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Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने बेअदबी कानून मामले में दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, देखें वीडियो

अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब सरकार द्वारा प्रस्तुत जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को सिख रीति-रिवाज और पंथिक मामलों में दख़ल देने का कोई अधिकार नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि सिख समुदाय बेअदबी करने वालों के खिलाफ सख्त सज़ाओं के पक्ष में है, परंतु एक्ट में शामिल कुछ नई धाराएं सीधे तौर पर सिखों, गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों और ग्रंथियों पर लागू होती हैं, जिससे भय और दख़लअंदाज़ी का माहौल बनेगा।

उन्होंने कहा कि एक्ट का मसौदा न तो श्री अकाल तख्त साहिब को भेजा गया और न ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से कोई सलाह ली गई। जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि एक्ट में “कस्टोडियन” की परिभाषा देकर गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप की देखभाल और सिख रीत मर्यादा के पालन की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है और उसकी उल्लंघना पर पांच साल तक की सजा और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी घर में अखण्ड पाठ चल रहा हो और कोई शरारती तत्व बेअदबी कर दे तो इस कानून के तहत घर वाले, ग्रंथी या प्रबंधक समिति भी दोषी ठहराए जा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे लोग गुरु घरों और पाठ प्रथा से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों को यूनिक नंबर देने और रिकॉर्ड वेबसाइट पर अपलोड करने की शर्त भी पंथ को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को सिखों की शब्दावली बदलने का कोई हक़ नहीं है और “बीड़” शब्द को बदलना पंथिक इतिहास के साथ छेड़छाड़ है। जत्थेदार गड़गज्ज ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर इन धाराओं में संशोधन नहीं किया तो 5 सिख साहिबान की एकत्रता बुलाकर सख़्त फैसला लिया जाएगा।

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