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  • युवा कांग्रेस हर परिवार के सुख दुख में उनके साथ खड़ी है: अमन ठाकुर

    युवा कांग्रेस हर परिवार के सुख दुख में उनके साथ खड़ी है: अमन ठाकुर

    ऊना/सुशील पंडित: आज युवा कांग्रेस गगरेट अध्यक्ष अमन ठाकुर द्वारा ग्राम पंचायत टटेहडा में कोरोना की जो तीसरी बूस्टर डोज लगाई गई उसमें ग्राम पंचायत प्रधान इंदु बाला को मास्क और सैनिटाइजर भेंट किए। वहां पर गांव के सभी लोग जो करोना की तीसरी डोज लगवाने आए थे उनको मास्क वितरित किए। युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमन ठाकुर ने कहा जैसे युवा कांग्रेस ने पहली लहर और दूसरी लहर में कार्य किए वैसे ही तीसरी लहर में भी अपना पूरा योगदान युवा कांग्रेस देगी। युवा कांग्रेस हर परिवार के सुख दुख में उनके साथ खड़ी है। अमन ठाकुर ने अपना फिर से हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए कहा कोरोना संक्रमित मरीज को किसी भी प्रकार की जरूरत या किसी भी प्रकार की मदद की जरूरत पड़े तो युवा कांग्रेस उनके साथ है। किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज को कहीं बाहर जाने के लिए दिक्कत हो तो युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमन ठाकुर अपनी गाड़ी से उन्हें हॉस्पिटल तक पहुंचाएंगे.. युवा कांग्रेस सदा असहाय लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रही है और ऐसे ही युवा कांग्रेस लोगों की बढ़-चढ़कर मदद करेगी.. अमन ठाकुर ने कहा मुझे दोनों लहरों में करोना हो चुका है। पर मेरे कदम एक बार भी नहीं डगमगाए लोगों की मदद करते यदि मुझे कुछ हो भी जाता है तो मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानूंगा मेरे प्राण किसी के काम आ सके इससे बड़े सौभाग्य की बात और क्या हो सकती है।

    इस अवसर पर गांव के पूर्व प्रधान प्रकाश चंद्र गांव के पूर्व वार्ड पंच पालू, वार्ड पंच करमचंद और गांव के सभी वार्ड पंच और गांव के सभी लोग उपस्थित रहे और सभी ने करोना की तीसरी वैक्सीन लगवाई।

  • जिला प्रशासन सख्ती के मूड में…

    जिला प्रशासन सख्ती के मूड में…

    डीड राइटर और करींदो का सब रजिस्ट्रार ऑफिस में प्रवेश बंद

    जालंधर (वरुण)। जिला प्रशासन ने डीसी दफ्तर के तहत होने वाले विभिन्न कार्यों को गंभीरता से लेते हुए जनता के पक्ष में एक सख्त सर्कुलर जारी किया गया है। प्रशासन द्वारा जारी किए गए इस सर्कुलर में सरकार की तरफ से जनता के काम पहल के आधार पर किए जाने की वचनबद्धता को प्रमुखता से दोहराया गया है ।जारी सर्कुलर में सब रजिस्ट्रार  ऑफिस में डीड राइटर सहित किसी भी प्राइवेट व्यक्ति को बिना किसी योग्य  कारण के प्रवेश पर पूर्ण तौर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि इस सर्कुलर में  “योग्य कार्य ” की परिभाषा का वर्णन नहीं किया गया है।

    माना जा रहा है कि जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए इस नोटिफिकेशन के पीछे पिछले सप्ताह डीसी कार्यालय में हुआ विवाद मुख्य कारण है। सूत्रों के अनुसार यह नोटिफिकेशन डीसी द्वारा विधायक शीतल अंगुराल और विधायक रमण अरोड़ा के दबाव में आकर जारी किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा जारी इस नोटिफिकेशन में डीसी कार्यालय के आंतरिक मामलों से संबंधित ई- सेवा और  ई – ऑफिस द्वारा प्राप्त होने वाली समय से पूर्व निपटाने के लिखित आदेश दिए गए हैं । जिलाधीश  द्वारा कार्यालय में स्टाफ को एक बार फिर समय पर ऑफिस पहुंचने के निर्देश देते हुए नियम अनुसार कार्य करने हेतु चेतावनी दी गई है।

    रिश्वतखोरों को प्रशासन की चेतावनी स्वागत योग्य : एमएलए शीतल अंगुराल

    जालंधर वेस्ट के युवा एमएलए शीतल अंगुराल ने जिला प्रशासन द्वारा जारी सर्कुलर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा जारी किया गया यह सर्कुलर स्वागत योग्य है उन्होंने कहा कि वह जनता के कार्य पहल के आधार पर करवाने हेतु दृढ़ संकल्प है उन्होंने यह भी कहा कि वह जनता के कार्य को प्राथमिकता देते है और आगे भी देते रहेंगे । शीतल ने आगे कहा कि डीसी द्वारा जारी  नोटिफिकेशन उन लोगों के लिए चेतावनी है जो प्रदेश के सरकारी सिस्टम को दीमक की तरह खोखला कर रहे हैं।

  • जालंधर में कोरोना का कहर जारी, आज मिले इतने मरीज…

    जालंधर में कोरोना का कहर जारी, आज मिले इतने मरीज…

    जालंधर (वरुण)। जालंधर में कोरोना ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जिले में कोरोना के संक्रमित 83 मरीजों की पुष्टि हुई है। फिलहाल किसी भी मरीज के मरने की खबर नहीं है।

  • ट्रांसपोर्ट विभाग को लेकर एक और आदेश जारी

    ट्रांसपोर्ट विभाग को लेकर एक और आदेश जारी

    नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली में सरकार की शराब नीति को लेकर सीबीआई जांच की सिफारिश करने के बाद अब आम आदमी पार्टी सरकार की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने परिवहन विभाग के कामकाज को लेकर सवाल खड़े किए है। उन्होंने परिवहन विभाग के अधिकारियों के करप्शन में लिप्त होने को लेकर ACB से जांच कराने के आदेश दिए हैं।

    दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना ने एंटी-करप्शन ब्रांच को ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों के करप्शन में लिप्त होने को लेकर जांच करने का आदेश दिया है। हाल ही में एलजी की ओर से दिल्ली सरकार की शराब नीति को लेकर सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी, जिसे लेकर पूरा सियासी घमासान छिड़ गया था। अब दिल्ली के उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार के बीच तनातनी के लिए ये नया मामला हो सकता है।

    हाईकोर्ट का था आदेश

    राष्ट्रीय राजधानी की कई ऑटो रिक्शा चालक यूनियन की ओर से आपराधिक रिट याचिका दायर की गई थी, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के मद्देनजर यह निर्देश दिया गया है।

    बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप

    याचिका में सड़क परिवहन कार्यालय में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और ऑटो रिक्शा चालकों के उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। उपराज्यपाल ने एक महीने में जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

    सतर्कता निदेशालय ने की थी पड़ताल

    सूत्रों ने कहा कि सतर्कता निदेशालय ने मामले की पड़ताल की थी और पाया कि याचिकाकर्ताओं ने आरटीओ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और ऑटो रिक्शा चालकों को प्रभावित करने वाले कृत्यों के बारे में गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि आरोप है कि मोटर लाइसेंस अधिकारी और सड़क परिवहन कार्यालय (RTO) की साठगांठ से परमिट दिए जा रहे थे।

  • जिला स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन समिति की पुनरीक्षण मीटिंग आयोजित

    जिला स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन समिति की पुनरीक्षण मीटिंग आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ऊना की जिला स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन समिति की पुनरीक्षण मीटिंग एवं ट्रेनिंग मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ मंजू बहल की अध्यक्षता में की गई। इस पुनरीक्षण मीटिंग में चिकित्सा अधिकारियों व उनकी फैकल्टी टीम ने भाग लिया। इस मीटिंग में अस्पतालों के सभी अनुभाग जैसे ओपीडी फार्मेसी, लेबर रूम, आईपीडी आदि पर विस्तार से पुनरीक्षण किया गया।

    सीएमओ ने सभी उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों व कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने, साथ ही मरीज की संतुष्टि स्तर में सुधार लाने और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक सभी रिकॉर्ड रखने को कहा। इस मौके पर सैशन में जिले के सभी फार्मासिस्टों को गुणवत्ता आश्वासन सलाहकार डाॅ रमन संदल द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सम्बन्धी प्रशिक्षण भी दिया तथा उन्हें सेवा सुधार सम्बन्धी दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुखदीप सिंह सिधु, गुणवत्ता आश्वासन सहायक वनिता कुमारी उपस्थित रही।

  • जिला स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन समिति की पुनरीक्षण मीटिंग आयोजित

    जिला स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन समिति की पुनरीक्षण मीटिंग आयोजित

    ऊना/सुशील पंडित: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ऊना की जिला स्तरीय गुणवत्ता आश्वासन समिति की पुनरीक्षण मीटिंग एवं ट्रेनिंग मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ मंजू बहल की अध्यक्षता में की गई। इस पुनरीक्षण मीटिंग में चिकित्सा अधिकारियों व उनकी फैकल्टी टीम ने भाग लिया। इस मीटिंग में अस्पतालों के सभी अनुभाग जैसे ओपीडी फार्मेसी, लेबर रूम, आईपीडी आदि पर विस्तार से पुनरीक्षण किया गया।

    सीएमओ ने सभी उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों व कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने, साथ ही मरीज की संतुष्टि स्तर में सुधार लाने और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्तर तक सभी रिकॉर्ड रखने को कहा। इस मौके पर सैशन में जिले के सभी फार्मासिस्टों को गुणवत्ता आश्वासन सलाहकार डाॅ रमन संदल द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सम्बन्धी प्रशिक्षण भी दिया तथा उन्हें सेवा सुधार सम्बन्धी दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुखदीप सिंह सिधु, गुणवत्ता आश्वासन सहायक वनिता कुमारी उपस्थित रही।

  • शहीद स्मारक की दुर्दशा ऊना प्रशासन के लिए शर्मनाक

    शहीद स्मारक की दुर्दशा ऊना प्रशासन के लिए शर्मनाक

    औद्योगिक विकास के चेयरमैन व विपक्ष के नेता के क्षेत्र का है मसला

    शहीद संजीव भारद्वाज की प्रतिमा के अधूरे कार्य को पूरा करने को दिए 15 हजार

    एनयूजे इंडिया अध्यक्ष ने शहीद के घर जाकर मां बाप से किया वार्तालाप

    ऊना/सुशील पंडित: गत दिनों कारगिल विजय दिवस धूमधाम से मनाया गया और पूरे हिमाचल में शहीदों के परिजनों को सम्मानित भी किया गया लेकिन शहीदों के नाम पर बने स्मारकों को देखकर लगता है कि यह मान सम्मान सिर्फ समारोहों तक सीमीत है बल्कि वास्तव में हकीकत कुछ और है। ऐसा ही एक वाक्यात जिला ऊना के हरोली विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला जहां एक निजी समारोह में शहीदों के सात परिवारों को सम्मानित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर उद्योग विभाग के संयुक्त निदेशक अंशुल धीमान और नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्टस इंडिया के प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद शहीद संजीव भारद्वाज के परिवार ने प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा से आग्रह किया वो उनके गांव दुलैहड चलें तथा शहीद स्मारक का जायजा लें। जब वहां एनयूजे इंडिया की टीम पहुंची तो प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा जो कि ऊना जिले के दामाद भी हैं का मन काफी व्यथित हुआ। प्रदेश सरकार ने शहीद संजीव भारद्वाज के नाम पर जो गांव के मध्य पार्क बनाया था उसकी दुर्दशा देखकर यह लगता था कि जिला ऊना प्रशासन व सरकार शहीदों के सम्मान के प्रति कितनी संजीदा है। वहां बना पार्क कम चरागाह ज्यादा नजर आ रहा था। शहीद के पिता पुरुषोत्तम रतन भारद्वाज और मां सुमन देवी ने बताया कि बेटे के स्मारक की चारदीवारी बरसात में छह साल पहले गिर गई थी उसकी ग्रिलें तक चोरी हो गई है। वहां उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि सिर्फ 15 अगस्त, 26 जनवरी और कारगिल दिवस पर शहीदों को सम्मानित करने से ही शहीदों व उनके परिवारों का सच्चा सम्मान नहीं बल्कि धरातल पर ऐसा होना चाहिए। यह क्षेत्र विपक्ष के नेता मुकेश अग्रिहोत्री और औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष प्रो. रामकुमार का है और उन्ही के क्षेत्र मेें शहीद स्मारक अपनी दुर्दशा पर अंासू बहा रहे प्रतीत होते हैं। 

    प्रतिमा बनाने के लिए 15 हजार
    दुलैहड पंचायत में शहीद राजीव भारद्वाज जो कि जम्मू कश्मीर में शहीद हुए थे कि इसी पार्क में प्रतिमा का निर्माण हो रहा है। इस प्रतिमा का निर्माण समस्त गांववासी व शहीद का परिवार मिलकर कर रहा है। एनयूजे इंडिया के प्रदेशाध्यक्ष रणेश राणा ने कहा कि गांव वालों की भावनाएं और शहीद परिवार का समपर्ण देखकर तुरंत 15 हजार रुपये देने की घोषणा की ताकि प्रतिमा का बचा हुआ निर्माण पूरा हो सके। उन्होने ठेकेदार से आग्रह किया कि आगमी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस तक शहीद राजीव भारद्वाज की प्रतिमा का निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए। जहां तक पार्क की दुर्दशा की बात है तो राणा ने कहा कि अगर जिलाधीश इसकी गिरी हुई दीवारों का पुर्ननिर्माण नहीं करवाते हैं तो वो इस मामले को सरकार के समक्ष उठाएंगे ताकि पार्क का सौंदर्यकरण हो सके।

  • जालंधरः 20 किलो चूरा पोस्त के साथ दो गिरफ्तार 

    जालंधरः 20 किलो चूरा पोस्त के साथ दो गिरफ्तार 

    जालंधर (हर्ष मेहरा)। देहात क्राइम ब्रांच की पुलिस ने 20 किलो चूरा पोस्त के साथ दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान नंदलाल उर्दू शशी  और शिदर उर्फ बधू निवासी गांव नंगल सलेमपुर के रूप में हुई है। जानकारी देते देहात क्राइम ब्रांच इंचार्ज पुष्प वाली ने बताया एसआई निर्मल सिंह पुलिस पार्टी सहित गश्त के दौरान नूरपुर बस अड्डे से कबूलपुर मौजूद थे।

    इसी दौरान बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार दो नौजवानो रुकने का इशारा किया तो वह भागने की कोशिश करते लगे पुलिस ने मौके पर उन्हें पकड़ कर उनके कब्जे से 20 किलो चूरा पोस्त बरामद कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है पुलिस आरोपितों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी ताकि और भी खुलासे होने की संभावना हो।

  • पंजाबः जमीनी कब्जे छुड़वाने को लेकर सीएम भगवंत मान ने की रेड, देखें लिस्ट

    पंजाबः जमीनी कब्जे छुड़वाने को लेकर सीएम भगवंत मान ने की रेड, देखें लिस्ट

    मोहालीः पंजाब में भगवंत मान के सीएम बनने के बाद भ्रष्टाचार को लेकर लगातार वह एक्शन के मूड में दिखाई दे रहे है। मिली जानकारी के मुताबिक अवैध कब्जे वाली जमीनों को लेकर सीएम मान एक्शन में नजर आ रहे है। वह पूरी तैयारी के साथ एसएएस नगर में छोटी बद्दी नागल में ओमेक्स के सामने वाली अवैध रूप से कब्ज़ा की गई जमीन को छुड़वाने के लिए निकल चुके हैं। बताया जा रहा है कि यह पंचायत की जमीन करीब 400 एकड़ की है, जिसे छुड़ाने के लिए मुख्यमंत्री पूरी फोर्स के साथ निकले हैं। उनके साथ पंचायत मंत्री भी मौजूद है। जानकारी के अनुसार सीएम मान सांसद सिमरनजीत सिंह मान के परिवार द्वारा अवैध कब्जे वाली जमीन को छुड़वाने के लिए जा रहे है।

    2828 एकड़ पंचायती ज़मीन से 15 लोगों द्वारा किए अवैध कब्जे को छुड़वाया है। इसमें कुछ जमीन पर खेर के पेड़ लगे है, कुछ पहाड़ी एवं कुछ समतल एरिया है। फौजा सिंह प्राइवेट लिमिटेड के पास 1100 एकड़ जमीन थी, जिसको सीएम मान ने छुड़वाया। वहीं सिमरनजीत मान के बेटे ईमान सिंह के नाम 125 एकड़, बेटी और दामाद के नाम 28 एकड़ भूमि थी। जमीन पर कब्ज़ा किया हुआ था। पूर्व मंत्री कांगड़ के बेटे ने 5 एकड़ जमीन दबा के राखी हुई थी। जिसे आज छुड़वाया गया है। अभी तक 9053 एकड़ जमीन छुड़वाया जा चुका है।

    बता दें कि ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने वीरवार को जमीन घोटाले की जांच टीम की रिपोर्ट मुख्यमंत्री भगवंत मान को सौंपी दी थी। धालीवाल ने बताया कि पंचायत विभाग ने 20 मई को 3 सदस्यीय जांच टीम बनाई थी। इस टीम द्वारा जांच पूरी कर ली गई है, जिसकी रिपोर्ट अगली कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है।

  • भारतीय वायुसेना का ऐलानः जानें कब होंगे मिग-21 फाइटर प्लेन्स रिटायर

    भारतीय वायुसेना का ऐलानः जानें कब होंगे मिग-21 फाइटर प्लेन्स रिटायर

    नई दिल्लीः मिग-21 क्रैश में दो जबांज फ्लाईंग अधिकारियों को खोने के बाद भारतीय वायुसेना ने इस बात का ऐलान किया कि वो 2025 तक पुराने हो चुके सभी रूसी मिग-21 फाइटर प्लेन्स को धीरे-धीरे सेवा से बाहर कर देगा। इसके साथ ही वायुसेना ने कहा कि आगामी 30 सितंबर तक मिग -21 बाइसन विमान के एक और स्क्वाड्रन को सर्विस से हटा देगा।

    श्रीनगर एयरबेस पर तैनात कुल 51 मिग-21 स्क्वाड्रन होंगे रिटायर

    वायुसेना ने इस बात की घोषणा तब कि जब उसने वीरवार की शाम राजस्थान के बाड़मेर में मिग-21 के टाइप 69 ट्रेनर विमान हादसे में फ्लाइट लेफ्टिनेंट ए बाल और विंग कमांडर राणा की जान गवां दी। समाचार एजेंसी ने वायुसेना के सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि आगामी 30 सितंबर को श्रीनगर एयरबेस पर तैनात कुल 51 मिग-21 स्क्वाड्रन को रिटायर कर दिया जाएगा।

    2025 तक सेवा मुक्त होंगे सभी मिग-21

    उसके बाद वायुसना के पास मिग-21 से कुल तीन स्क्वाड्रन सेवा में रह जाएंगे, जिन्हें धीरे-धीरे करके हर साल एक स्क्वाड्रन के हटाने के साथ 2025 तक पूरी तरह सेवा से हटा दिया जाएगा। मालूम हो कि 27 फरवरी 2019 को पाकिस्तान पर एयर स्ट्राइक करने के लिए इन्हीं मिग-21 को प्रयोग किया गया था। उस अभियान में मिग-21 से दुश्मन सीमा में बम दागने के बाद भारतीय सीमा में लौट रहे विंग कमांडर (अब ग्रुप कैप्टन) अभिनंदन वर्धमान ने अमेरिका निर्मित पाकिस्तान के अत्याधुनिक फाइटर प्लेन एफ-16 को मार गिराया था।

    लेकिन उस दौरान तकनीकि दिक्कतों के कारण से उनका मिग क्रैश हो गया था और वो पैराशूट की मदद से पाकिस्तान की सरहद में उतरने के लिए मजबूर हो गये थे। इस संबंध में वायुसेना के सूत्रों का दावा है कि मिग-21 द्वारा यह एकमात्र उदाहरण था, जब उसने हवा में हुई लड़ाई के दौरान अमेरिका के अत्याधुनिक एफ-16 को मार गिराया था। लेकिन हादसे की तेज होती रफ्तार को देखते हुए वायुसेना का स्पष्ट कहना है कि वो मिग-21 फाइटर जेट्स की जगह सू-30 और स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) को अपनी मजबूत प्रतिरोधी और आक्रामक रणनीति के तहत स्थान दे रहे हैं।

    20 महीनों में 6 मिग-21 हुए क्रैश

    मिग-21 के हादसों के आकड़ों की बात करें तो गुजरे 20 महीनों में 6 मिग-21 क्रैश हुए हैं, जिनमें भारतीय वायुसेना के पांच फाइटर पायलटों की जान गई है। हादसे के बाद वायुसेना का कहना है कि मिग-21 की सेवा का बहुत पहले बंद कर दिया जाना था, लेकिन लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस को वायुसेना में शामिल करने में हुई देरी के कारण मिग-21 को रखना पड़ा था।

    राजस्थान में हुए हादसे के बाद वायुसेना के अधिकारियों का कहना है कि वायुसेना की किसी भी उड़ान से पहले ग्राउंड स्टॉफ के जरिये मिग-21 विमानों की व्यापक जांच की जाती है और साथ ही पायलट द्वारा उड़ान भरने से पहले सुरक्षा संबंधी सभी पहलुओं को गंभीरता से परखा जाता है लेकिन उसके बाद भी हो रहे हादसे दुर्भाग्यपूर्ण हैं, जिनमें हमें अपने बहादुर फाइटर पायलटों की जान गंवानी पड़ रही है।