Blog

  • जालंधरः नशे के लिए युवक ने भाई की रिवाल्वर रखी गिरवी, जांच में हुआ खुलासा

    जालंधर, ENS: नशे के आदी युवक ने नशीला पदार्थ खरीदने के लिए अपने मौसेरे भाई की रिवाल्वर चुराकर उसे गिरवी रख दिया। मामले की सूचना मिलने पर थाना सात की पुलिस ने कुर्ला सेंटर निवासी जगजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। एसीपी माडल टाउन हरजिंदर सिंह के मुताबिक फ्रेंड्स कालोनी में रहने वाले कारोबारी प्रितपाल सिंह ने शिकायत दी थी कि 3 दिन पहले थाना 7 की पुलिस उसके घर पहुंची थी ताकि वह सरकारी आदेश के मुताबिक अपनी पिस्तौल थाने में जमा करवा सके। पिस्तौल निकालने के लिए उसने अलमारी का लॉकर खोला तो बैग में रखी 32 बोर की रिवाल्वर और 3 कारतूस गायब थे। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दी।

    जांच में पता चला कि कारोबारी की पिस्तौल उसके मौसेरे भाई जगजीत सिंह ने चोरी की थी। जगजीत नशे का आदी था और नशे की लत पूरी करने के लिए उसने चोरी की रिवाल्वर आबादपुरा के एक युवक के पास गिरवी रखी थी। जब यह मामला आंबादपुरा के एक प्रभावशाली व्यक्ति के सामने आया तो वह चोरी की रिवाल्वर साथ ले गया और थाना छह में जमा करवा दी। जैसे ही यह खबर थाना सात की पुलिस को मिली तो पुलिस ने जगजीत सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। एसीपी ने बताया कि फिलहाल मामला जांच का विषय है।

  • जालंधरः अंकित क+त्ल मामले में पुलिस का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा के नेतृत्व में जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने रविवार को हुई अंकित की हत्या के मामले को सुलझा लिया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर ने बताया कि डब्लूएस-408 सतरां मोहल्ला, बस्ती शेख के रहने वाले ने विशाल उर्फ ​​मोनी जंबा पुत्र सतपाल ने शिकायत दी थी कि 14 अप्रैल 2024 को रात 9.15 बजे उसका भाई अंकित जंबा और उसकी पत्नी मनीषा भार्गव कैंप में मेडिकल की दुकान से दवा लेने गए थे। 

    उन्होंने बताया कि जब दंपति मल्ली के मोहल्ला चाय आम स्थित उसके घर के पास पहुंचे तो दलजीत ने अपने भाई, पिता, अजय कुमार (जिन्हें बाबा भी कहा जाता है), अमित कुमार, करन मल्ली, करन मल्ली की पत्नी को बुला लिया और कई अज्ञात लोगों ने उसके भाई और भाभी पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। स्वपन शर्मा ने कहा कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसने अंकित जंबा पर तेजधार हथियार से वार किए। जिसे उसके परिवार के सदस्यों ने घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन रास्ते में ही अंकित की मौत हो गई थी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस मामले में एफआईआर 55 दिनांक 15-04-2024 302, 341, 324, 506, 148, 149 आईपीसी पुलिस स्टेशन डिवीजन 5 जालंधर में केस दर्ज किया गया।

    उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यह बात सामने आई कि दोनों परिवारों के बीच काफी समय से दुश्मनी चल रही थी और मृतक अंकित जंबा और उसके परिवार के खिलाफ पुलिस स्टेशन डिवीजन नंबर 04 में एफआईआर 32 दिनांक 23-04-2021 धारा 307,323,324,148,149,506 आईपीसी) के तहत मामला दर्ज किया गया था और वह हाल ही में जेल से रिहा हुए थे। स्वपन शर्मा ने कहा कि दुश्मनी का यही इतिहास अंततः अंकित जंबा की हत्या का कारण बना। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इस मामले में उनकी टीम ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसकरन सिंह मल्ली पुत्र गुरबख्श सिंह, दलजीत सिंह उर्फ ​​सोनू पुत्र बलविंदर सिंह और कुलविंदर कौर पुत्री बलविंदर सिंह के रुप में हुई है। उन्होंने कहा कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 

  • पंजाब : गोल्डी बराड़ के नाम पर 20 लाख की फिरौती मांगने वाले 3 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    तरनतारन : पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम पर 20 लाख की फिरौती मांगने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पंकज बजाज पुत्र बलराम बजाज निवासी वार्ड नंबर 6 खेमकरण, शमशेर सिंह उर्फ ​​शेरा पुत्र गुरनाम सिंह निवासी खेमकरण और गुरप्रीत सिंह उर्फ ​​गोपी पुत्र गुरवेल सिंह निवासी प्रेम नगर के तौर पर हुई है।

    14 अप्रैल 2024 को अमित कुमार पुत्र प्रेम पाल निवासी वार्ड नंबर 4 खेमकरण ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसे विदेशी नंबरों से धमकी मिली है कि गोल्डी बरार बोल रहा हूं, तुमने 20 लाख रुपये लिये और हमें ले आये भिखीविंड स्टेशन, नहीं तो हम तुम्हारे बच्चों और तुम्हारे भाई को मार डालेंगे।

    जिसके थाना खेमकरण की पुलिस ने 14अप्रैल 2024 को मामला दर्जकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। एसएसपी ने इन आरोपियों की तलाश के लिए इलाके में अलग-अलग टीमें भेजीं। जिस पर पुलिस थाना खेमकरण और सीआईए स्टाफ तरनतारन की टीम ने नाकाबंदी कर 3 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस ने आरोपी पंकज बजाज, शमशेर सिंह और गुरप्रीत सिंह को एक खिलौना पिस्तौल, एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल और 4 मोबाइल सहित गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान इन आरोपियों ने कबूला कि हमने ही गोल्डी बराड़ बनकर अमित कुमार पुत्र प्रेम पाल निवासी वार्ड नंबर 4 खेमकरण से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जा रहा है। रिमांड के दौरान इन आरोपियों से और भी खुलासे होने की संभावना है।

  • जालंधरः पूर्व SHO के पिता का हुआ देहांत, नवदीप सिंह ने पुलिस अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, देखें वीडियो

    पूर्व SHO नवदीप सिंह पिता के संस्कार को लेकर अड़े

    जालंधर, ENS: नवदीप सिंह ने वीडियो जारी करके पुलिस द्वारा उन पर की गई कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए है। नवदीप सिंह ने कहा कि उनके पिता डिप्रेशन में थे, जिसके चलते उनका आज देहांत हो गया। नवदीप सिंह ने यह भी कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों ने बिना जांच किए उन पर झूठा मुकदमा दर्ज किया है। उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए। तभी वह अपने पिता का अंतिम संस्कार करेंगे। बता दें कि पिछले वर्ष अगस्त माह में कपूरथला में गोइंदवाल पुल से जालंधर के ढिल्लों ब्रदर्स मानवजीत और जश्नबीर द्वारा दरिया में छलांग लगाकर सुसाइड की घटना घटी थी।

    जिसके बाद परिजनो के आरोप के बाद इंस्पेक्टर नवदीप सिंह, ASI बलविंदर सिंह और महिला कॉन्स्टेबल जगजीत कौर पर मामला दर्ज किया गया था। वहीँ पुलिस विभाग ने इंस्पेक्टर नवदीप सिंह को बर्खास्त भी कर दिया था। कपूरथला में मंगलवार सुबह नवदीप सिंह के पिता हरनेक सिंह का देहांत हो गया। इसके बाद नवदीप सिंह ने ढिल्लों ब्रदर्स मामले में अपने ऊपर की गई पुलिस कार्रवाई को बेबुनियाद बताया और पंजाब के लॉ एंड ऑर्डर पर बड़े सवाल खड़े किये है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर को बरकरार रखने वाली पुलिस ही जब सुरक्षित नहीं है। तो आम आम लोग क्या सुरक्षित होंगे। उन्होंने बताया कि ढिल्लों ब्रदर्स मामले में बिना जांच किए तलवंडी चौधरी के तत्कालीन SHO जसपाल सिंह और जाँच अधिकारी ने बिना जाँच किये मामले दर्ज किया और पुलिस प्रशासन ने ढिल्लों ब्रदर्स के परिजनों के दबाव में आकर उन्हें बर्खास्त कर दिया। जो सरासर गलत है।

    उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने लिए इंसाफ लेने के लिए कई बार DGP पंजाब तथा अन्य पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दे चुके हैं। लेकिन 8 माह बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई इंसाफ नहीं मिला है। वहीं उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस विभाग द्वारा उन पर बर्खास्त की कार्रवाई से उनके पिता डिप्रेशन में थे और इसी डिप्रेशन की वजह से आज सुबह उनका देहांत हो गया। नवदीप सिंह ने अपने पिता की मौत का जिम्मेदार उन सभी पुलिस अधिकारियों को ठहराया है जिन्होंने उन पर बिना जांच किए कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी 23 वर्ष की पुलिस विभाग की नौकरी के दौरान उन्होंने कई आपराधिक तत्वों पर कार्रवाई की तथा सम्मान में कई मेडल हासिल किए हैं।

    लेकिन ढिल्लों ब्रदर्स मामले में कुछ पुलिस अधिकारियों ने रंजिश के चलते बिना जांच किये उन पर मामला दर्ज कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में दर्ज दो कर्मियों को सस्पेंड किया गया जबकि सिर्फ उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। बर्खास्त इंस्पेक्टर नवदीप सिंह ने यह भी कहा कि मंगलवार बाद दोपहर वह और उनके परिजन SSP ऑफिस के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। और जब तक उनके मामले से संबंधित पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं होती, तब तक वह अपने पिता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

  • देह व्यापार और सट्टे को लेकर HOTEL PALM HOUSE में पुलिस की रेड, मैनेजर और कर्मी गिरफ्तार, संदिग्ध सामान बरामद

    चंडीगढ़ः किशनगढ़ स्थित होटल पालम हाउस से बड़ी खबर सामने आई है। जहां देर रात पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रेड की। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल के मैनेजर और उसके कर्मचारी को देह व्यापार के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि इस होटल में यह धंधा कहां से चल रहा था। कितने दिनों से यह अवैध धंधा यहां चल रहा था। पुलिस दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश करेगी।

    इसके बाद दोनों आरोपियों का अदालत से रिमांड हासिल किया जाएगा। चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी पी अभिनंदन ने बताया कि इस होटल में देह व्यापार के साथ-साथ सट्टे और जुए का काम भी चलता था। इस मामले में पुलिस ने 9 लोगों को काबू किया था।लेकिन यह आरोप बेलेबल होने के कारण उन्हें थाने से ही जमानत मिल गई है। खुद डीएसपी पी अभिनंदन पुलिस टीम के साथ इस होटल में पहुंचे थे। पुलिस को देखकर यह लोग वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे।

    लेकिन पुलिस ने इन्हें मौके से काबू कर लिया। चंडीगढ़ के डीजीपी सुरेंदर सिंह यादव को इस मामले की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने डीएसपी को इस पर कार्यवाही करने के आदेश दिए थे। उन्हें किसी ने बताया था कि इस होटल में देह व्यापार और जुआ सट्टे का काम चलता था। हालांकि मामले में पुलिस पर सवाल खड़े होते हैं कि अगर डीजीपी को इसकी सूचना मिल सकती है, तो स्थानीय पुलिस को इसके बारे में कोई सूचना क्यों नहीं थी। डीजीपी सुरेंदर यादव की नियुक्ति के बाद यह इस तरह की बड़ी कार्रवाई है।

  • क्रेन और ऑटो की भीषण टक्कर, 7 की मौ’त

    नई दिल्ली : पटना मेट्रो का काम कर रही क्रेन के पास कोई गार्ड मौजूद नहीं था और हादसे के बाद क्रेन ड्राइवर अपनी मशीन लेकर भाग गया। ड्राइवर ने घटना की सूचना भी किसी को नहीं दी। हादसे के बाद जब घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज देखा गया तब सामने आया कि ऑटो क्रेन से टकराया था, जो मेट्रो का काम कर रही थी। इस घटना में पिंकी सारण, लक्ष्मण दास उपेंद्र कुमार बैठा प्रेमपुर पतारी गांव के रहने वाले थे। 

    तीन अन्य मृतकों के बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना पटना न्यू बाईपास के कंकड़बाग थाना क्षेत्र की है। यहां राम लखन पथ में मंगलवार सुबह करीब 3:44 पर मेट्रो बाईपास पर काम कर रही क्रेन से एक ऑटो टकरा गया। यह ऑटो पुरानी बस स्टैंड की तरफ से आ था, जिसमें 8 लोग सवार थे। ऑटो में सवार 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि इलाज के दौरान चार अन्य लोगों ने दम तोड़ दिया।

    एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है। पटना मेट्रो का काम कर रही क्रेन के पास कोई गार्ड मौजूद नहीं था और हादसे के बाद क्रेन ड्राइवर अपनी मशीन लेकर भाग गया। ड्राइवर ने घटना की सूचना भी किसी को नहीं दी। हादसे के बाद जब घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज देखा गया तब सामने आया कि ऑटो क्रेन से टकराया था, जो मेट्रो का काम कर रही थी।

  • बड़ी खबरः दिनदहाड़े चली गोलियां, एक की मौ+त, दूसरा गंभीर घायल 

    रोहतकः हरियाणा के रोहतक से बड़ी खबर सामने आई है। जहां महम के भिवानी स्टैंड पर आज दिनदहाड़े बदमाशों ने 2 लोगों पर गोलियां चला दीं। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। बल्लू की गंभीर हालत को देखते हुए PGI भेज दिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है। मृतक की पहचान निंदाना गांव निवासी वजीर के रूप में हुई है। किशनगढ़ गांव का बल्लू गंभीर रूप से घायल है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, वजीर का बेटा अशोक डीसी गैंग का सदस्य है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि रंजिश में वजीर की हत्या की गई है। पुलिस के शुरुआती जांच के अनुसर, बल्लू व वजीर महम स्थित भिवानी स्टैंड पर दुकान पर बैठे हुए थे। इसी दौरान एक बाइक पर करीब 2 युवक आए। उन्होंने आते ही अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इसी दौरान एक गोली बल्लू को जा लगी। वजीर पर कई गोलियां बरसाई गईं। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। दोनों को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने वजीर को मृत घोषित कर दिया। 

  • अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी टक्कर, मौ’त

    मोगा : गांव बिलासपुर के रहने वाले 2 व्यक्तिओं की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत होने का मामला सामने आया है। जांच अधिकारी कवलजीत सिंह ने बताया कि बिलासपुर के रहने वाले सतनाम सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसका भाई बलजीत सिंह 35 साल ओर उनका पड़ोसी हरपाल सिंह 30 साल गांव बोड़े से आपने मोटर साइकिल से वापिस बिलासपुर घर की ओर आ रहे थे कि रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी।

    सतनाम सिंह ने बताया कि हादसे में मेरे भाई की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि मेरे पड़ोसी हरपाल सिंह को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में मौत हो गई। थाना निहाल सिंह वाला में सतनाम सिंह के ब्यानों पर अज्ञात वाहन चालक के ऊपर मामला दर्ज कर आगे कारवाई शुरू कर दी गई है।

  • बड़ी खबरः बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को सुप्रीम कोर्ट से लगा झटका

    नई दिल्ली: बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को आज फिर सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने फिर बाबा की माफी अस्वीकार कर दी। उन्हें 23 अप्रैल को फिर कोर्ट में पेश होना पड़ेगा, साथ ही निर्देश दिया गया है कि वे पब्लिकली माफी मांगें। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए उन्हें एक हफ्ते का समय दिया है। बता दें कि आज बाबा रामदेव  सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। भ्रामक विज्ञापन मामले में पतंजलि आयुर्वेद के खिलाफ दर्ज अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। पिछली सुनवाई 10 अप्रैल हुई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव का माफीनामा खारिज कर दिया था। इसी माफीनामे पर आज दोनों पक्ष अपनी दलीलें रखीं। याचिका पर पिछली सुनवाई जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अमानतुल्लाह की बेंच ने की थी। पतंजलि की ओर से वकील विपिन सांघी और मुकुल रोहतगी पेश हुए। बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण भी सुप्रीम कोर्ट आए थे। उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार की ओर से ध्रुव मेहता और वंशजा शुक्ला पेश हुए थे।

    गत 10 अप्रैल को हुई सुनवाई में बेंच ने बाबा रामदेव को फटकार लगाई थी। बेंच ने कहा था कि बाबा रामदेव और पतंजलि ने जानबूझकर आदेश की अवहेलना की। इसलिए माफीनामा स्वीकार नहीं है, कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी को भी फटकारा था। केंद्र सरकार से सवाल किया गया था कि आखिर विभाग के ड्रग कंट्रोलर और लाइसेंसिंग ऑफिसर क्या कर रहे हैं? उनकी जिम्मेदारियां क्या है? लापरवाही बरती जा रही है तो क्यों न दोनों अधिकारियों को सस्पेंड कर दें? नियमों और आदेशों को हलके में लिया जा रहा है। बता दें कि बाबा रामदेव ने पहले 2 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में पेश होकर माफी मांगी थी और फिर 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में बिना शर्त माफीनामा पेश किया था।

    बाबा रामदेव और पतंजलि पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भ्रामक विज्ञापन दिखाने और जारी करने के आरोप लगाए हैं। 17 अगस्त 2022 को एक याचिका दायर की गई थी। इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 21 नवंबर 2023 को पतंजलि को निर्देश दिया कि वह किसी भी प्रोडक्ट का भ्रामक विज्ञापन नहीं दे। आदेशों के बावजूद विज्ञापन दिखाए गए तो सुप्रीम कोर्ट ने 27 फरवरी 2024 को पतंजलि को फटकार लगाई। कहा गया कि पतंजलि और बाबा रामदेव भ्रामक विज्ञापन दिखाकर लोगों के साथ छलकपट कर रहे हैं। ऐसे कैसे कह सकते हैं कि पतंजलि की दवाइयां बीमारियों को 100 प्रतिशत ठीक कर सकती हैं? क्या इसका कोई ठोस सबूत है? सुप्रीम कोर्ट ने केस की सुनवाई 19 मार्च और 2 अप्रैल को भी की थी।

  • पंजाबः बिना OTP, बिना लिंक से खाते से ठगों ने उड़ाए 1 लाख 40 हजार रुपए 

    गुरदासपुर: जिले में अब साइबर ठगों को आपके बैंक खाते से पैसे उड़ाने के लिए कोई लिंक या ओटीपी भेजने की जरूरत नहीं है। अगर आपके पास किसी अनजान नंबर से कॉल आती है और वह आपको भ्रमित करके कॉल होल्ड करा देता है तो सावधान हो जाइए। क्योंकि ठग फोन होल्ड करके वह आपके मोबाइल डिवाइस को हैक कर लेता है और आपके मोबाइल नंबर से जुड़े अकाउंट तक पहुंचकर सेंधमारी कर लेता है। ऐसी ही घटना धारीवाल के युवक गौरव लूथरा के साथ घटी। धारीवाल के युवक गौरव लूथरा के साथ एक अलग तरह की धोखाधड़ी हुई है।

    पीड़ित का कहना है कि उसके पास न तो कोई ओटीपी कोड आया और न ही कोई मैसेज। उन्होंने कॉल करने वाले के साथ अपने खाते या किसी अन्य विवरण के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की, लेकिन फिर भी खाते से 1 लाख 40 हजार रुपये की राशि निकाल लिए गए।  अब पीड़ित युवक ने बैंक से साइबर क्राइम और धोखाधड़ी की शिकायत की है। बातचीत के दौरान पीड़ित एवं धारीवाल नहर के किनारे मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाने वाले युवक गौरव लूथरा ने बताया कि उन्हें इंडस बैंक से फोन आया कि उसके द्वारा क्रेडिट कार्ड की दूसरी ट्रांजेक्शन करते ही उसकी इंशोरेंस अपने आप हो जाएगी। उसने कहा कि यदि आप इंशोरेंस नहीं कराना चाहते तो फ़ोन कॉल जारी रखें।

    फोन पर व्यक्ति ने कहा कि आपको कोई ओटीपी या अन्य विवरण सांझा करने की आवश्यकता नहीं है। कुछ देर बाद कॉल करने वाले ने कॉल होल्ड पर रख दी और फिर फोन काट दिया, लेकिन फोन काटते ही उसके फोन पर मैसेज आता है कि उसके खाते से एक लाख 38 हजार 986 रुपये निकाले गए हैं। युवक ने कहा कि ऐसा लगता है कि उसका फोन डिवाइस कॉलर ने हैक कर लिया था और होल्ड के दौरान उसके फोन पर जो ओटीपी आना था वह हैकर के फोन पर चला गया। इस संबंध में युवक ने साइबर क्राइम गुरदासपुर और बैंक से भी शिकायत की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि एसएसपी गुरदासपुर आईपीएस दयामा हरीश कुमार इस मामले में उनकी पूरी मदद करेंगे। इसने लोगों से ऑनलाइन घोटालों से सावधान रहने और किसी अज्ञात व्यक्ति से फोन कॉल प्राप्त करते समय विशेष सावधानी बरतने और कॉल पर कभी भी लंबी बातचीत न करने की अपील की है।