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  • पंजाब : चाइना डोर की चपेट में आई महिला, लगे 10 टांके

    होशियारपुर : चाइना डोर की चपेट में आने से लोग लगातार हादसे का शिकार हो रहे हैं। वही ताजा मामला तो दसूहा से सामने आया है। दरअसल , दसूहा में तहसील परिसर से काम करवाकर स्कूटी से वापस आ रही महिला चाइना डोर की चपेट में आ गई। हादसे में महिला के गाल और होंठों पर 10 टांके लगाए गए। जानकारी देते हुए घायल महिला के पति एडवोकेट पलविंदर सिंह घुम्मण ने बताया की धर्मपत्नी दिलजीत कौर तहसील परिसर दसूहा से वापस अपने घर वापस आ रहे थी। जैसे ही दसूहा में रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंची तो अचानक उनके हाथों और मुंह पर चाइना डोर लिपट गई। जिसके कारण उनके होंठों एवं गाल पर कट लग गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उन्हें तुरंत पास ही के अस्पताल ले जाया गया । जहां डॉक्टरों ने उपचार दौरान होंठों पर 10 टांके लगाने पड़े।

    पिछले 7 दिनों में चाइना डोर की लपेट में आने से अब तक कुल चार हादसे हो चुके थे। ओर तीन हादसे इसी ओवरब्रिज पर ही घटे हैं। इनमें से एक हादसे में दसूहा के नजदीकी गांव के रहने वाले दीक्षित का गला 15 सेंटीमीटर तक लंबा कट गया। जिसका लुधियाना में उपचार अभी भी चल रहा है। वहीं दूसरे हादसे में गांव जलोटा के रहने वाले एक व्यक्ति जोकि अपने साथ वर्षीय बेटे के साथ जब इस पुल से गुजर रहे थे। तो दोनों चाइना डोर की चपेट में आ गए। जिसमें व्यक्ति की बाजू और छोटे बेटे की दोनों हाथों की उंगलियों में गहरे जख्म हो गए। ओर हाथों पर चार टांके लगाने पड़े। 

    वहीं नेशनल हाईवे नजदीक एसडीएम चौक पर भी बाइक सवार एक युवक इसी तरह घायल हो गया था और अब महिला। इस संबंध में दसूहा डीएसपी जगदीश राज ने कहा कि चाइना डोर प्रति पुलिस कार्रवाई करने को तैयार है। लोग इसके लिए हमारा सहयोग करें। कहां मिल रही कौन बेच रहा, इसके बारे में जरूर जानकारी पुलिस को दें। उन्होंने लोगों से भी अपील के अपने बच्चों को चाइना डोर से दूर रखें। उनके इस गलत काम में बिल्कुल भी सहयोग न करें।

  • पंजाब : ग्रंथी पति ने गला घोंट की पत्नी की हत्या ,जाने मामला

    लुधियाना : न्यू जनता नगर मे एक पति द्वारा पत्नी की गला घोंट कर हत्या करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पति ने पहले उससे 
    मारपीट की पत्नी ने जब विरोध किया , तो उसने गला दबा मौत के घाट उतार दिया।आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। 

    मरने वाली महिला का नाम मनप्रीत कौर है और उसकी तीन बेटियां है। मृतक मनप्रीत का पति कुलदीप सिंह श्री गुरु नानक प्रकाश गुरुद्वारा साहिब में ग्रंथी सिंह है। कुलदीप की शादी को करीब 12 साल हो चुके है। पति-पत्नी परिवार सहित गुरुद्वारा साहिब में ही रहते है। 

    जानकारी देते हुए SHO बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि उन्हें देर रात सूचना मिली कि न्यू जनता नगर में पति-पत्नी की आपस में झड़प हुई है। महिला का हालत गंभीर होने के कारण लोगों ने उसे अस्पताल मे दाखिल करवाया। जहा डाक्टरों ने उसे मृतक करार दे दिया। आरोपी पति कुलदीप सिंह मौके से फरार है। बताया जा रहा है कि कुलदीप अक्सर मनप्रीत पर शक करता था कि उसके किसी और से अवैध संबंध है। इसी बात के कारण अक्सर दोनों में विवाद रहता था।

    मनप्रीत के साथ कुलदीप ने मारपीट की जिसके निशान उसके गले पर है। मृतक मनप्रीत कौर के शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। महिला के मायके परिवार को भी घटना की जानकारी दे दी है। पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव उसके पारिवारिक सदस्यों को सुपुर्द कर दिया जाएगा।

  • प्रदेश के उद्योग जगत को पूरी तरह निराश कर गया राज्य सरकार का दूसरा बजट

    आशा थी कि इस बजट में विभिन्न टैक्सों में रियायतें मिलेंगी सस्ती बिजली मिलेगी


    उद्योगों व कारखानों विशेषकर एमएसएमई सैक्टर की इसमें पूरी तरह अनदेखी की गई है  


     
    सचिन बैंसलबददी :शनिवार को विधानसभा पेश किए गए बजट को लेकर हिमाचल व बीबीएन के उद्योग जगत ने अलग अलग प्रतिक्रियाएं दी है। उद्योग जगत से साफ कहा कि यह बजट प्रदेश के उद्यमियों की आशाओं के बिल्कुल विपरीत है और उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। उद्योग संगठनों ने कहा कि यह बजट सिर्फ सामाजिक बजट है और उद्योगों व कारखानों विशेषकर एमएसएमई सैक्टर की इसमें पूरी तरह अनदेखी की गई है।  उद्योगों को आशा थी कि उनको इस बजट में विभिन्न टैक्सों में रियायतें मिलेंगी वहीं सस्ती बिजली की मांग भी पूरी होगी तथा आधारभूत ढांचे सुधार होगा। अतिरिक्त गुडस टैक्स (एजीटी) को हटने के प्रति भी उद्योग जगत आशा की निगाह से देख रहा था लेकिन हुआ बिल्कुल उनकी उम्मीदों के प्रति विपरीत। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के दूसरे बजट पर राज्य के उद्योग जगत व औद्योगिक संगठनों ने अपनी प्रतिक्रिया इस प्रकार प्रकट की-
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    राज्य सरकार द्वारा पेश किया बजट आत्मनिर्भर हिमाचल की ओर एक कदम है, मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू का ग्रीन हिमाचल का सपना देखना एक सराहनीय कदम है।  शीतलपुर से जकातखाना के लिए सडक़ का निर्माण बल्क ड्रग पार्क के लिए उद्यमियों के लिए जाना आसान हो जायेगा,  वही चुनिंदा इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी कम होने से उद्योगों पर पडऩे वाला आर्थिक बोझ कम होगा।
    रोहित अरोड़ा
    कार्यकारी अध्यक्ष, बिरला टैक्सटाईल मिल्स
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    2024-2025  में नई स्टार्ट अप नीति लाने की घोषणा अच्छा कदम है। रसायनों, बिजली की आग और अन्य कारणों से लगी आग से निपटने के लिए विभिन्न उपायों के लिए एसओपी निर्धारित करना और विभिन्न कारणों से लगने वाली आग से निपटने के लिए सामग्री और उपकरणों के मानदंडों का मानकीकरण करना एक अच्छी घोषणा हैं। हम विद्युत शुल्क व एजीटी व सीजीसीआर को समाप्त करने की उम्मीद थी लेकिन यह नहीं हुई जिससे निराशा है।
    यशवंत गुलेरिया
    महासचिव बीबीएन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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    राज्य के इस वर्ष के बजट में कुछ भी विशेष प्रावधान माइक्रो और कॉटेज स्केल इंडस्ट्री के लिए नहीं देखा गया है। चार लाख की राशि महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए बहुत ही कम है और कोई भी कार्य इसमें शुरू करना बहुत कठिन है। मेरा ऐसा मानना है की हमारे प्रदेश और फिर देश की आर्थिक व्यवस्था और हमारे पढ़े-लिखे नौजवानों को स्वावलंबी बनाने के लिए कॉटेज और माइक्रो स्केल के एडवेंचर्स के लिए सरकार को बहुत ज्यादा सहायता करनी चाहिए क्योंकि बड़ा बिजनेस के लिए पैसे का अरेंजमेंट करने के बहुत सारे और विकल्प हैं लेकिन एक वन मैन शो करने वाले व्यक्ति के लिए अभी तक कुछ भी वर्णन योग्य कार्य नहीं हो पाया है।
    बलदेव गोयल, संरक्षक गत्ता उद्योग संघ
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    प्रदेश सरकार का बजट हमारी उम्मीदों पर बिल्कुल खरा नहीं उतरा है और इसमें उद्योगों के लिए कुछ भी नहीं है। ऐसा लग रहा है कि मानो इसमें हिमाचल की आर्थिक रीड व रोजगार देने वाले इंडस्ट्री सैक्टर की पूरी तरह अनदेखी की गई है। सरकार ने इैलेक्ट्रिसिटी डयूटी सिर्फ उन उद्योगों की कम की है जो कि (2019) की औद्योगिक पालिसी में पांच साल के लिए छुट प्राप्त कर रहे थे बाकियों को बढ़ी हुई डयूटी देनी ही होगी।
    सतीश सिंगला-उपाध्यक्ष-दवा निर्माता उद्योग संघ

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    पलायन रोकन को कोई पालिसी नहीं-
    उद्योगों को आशा थी की कुछ राहत पैकेज मिलेगा ऐसा कुछ नहीं हुआ। एजीटी अभी भी खत्म नहीं की और नए उद्योगों को आकर्षित करने के लिए कुछ ऐसा नहीं बजट में पेश किया गया जिससे नए उद्योग आकर्षित हो और जो जम्मू और कश्मीर की तरफ पलायन कर रहे हैं वह कैसे रुकें।
    राजीव सिंगला, महासचिव स्टील इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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    यह बजट एमएसएमई को पूरी तरह निराश कर गया। हमें आशा थी कि इसमें बिजली की दरें कम करने की बात सामने आएगी । उन्होने कहा कि पड़ोसी राज्य हिमाचल से बिजली लेकर अपने उद्योगों को सस्ती दरों में देते है जबकि हमें मंहगी बिजली मिलती है तो प्रदेश में उद्योग टिकने का अब कोई ठोस कारण नहीं बचा है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने प्लाटों की लीज 95 से 40 साल कर दी है और हमें आशा थी कि इस पर पुर्नविचार होगा लेकिन हमें निराशा ही हुई। बीबीएन में इंफॅ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए भी कोई बजट नहीं है।
    -अशोक राना, प्रधान, लघु उद्योग संघ हिमाचल
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    इस बजट में उद्योगों के लिए कुछ भी नहीं है खासकर पुराने व वर्तमान उद्योगों के लिए। शीतलपुर जगातखाना रोड का बनना एक अच्छी बात है जिससे कनेक्टिविटी सुधरेगी जिसके लिए सुक्खू सरकार का आभार। पुराने उद्योगों की बढी हुई इलैक्ट्रिसिटी वापिस लेनी चाहिए थी।
    संदीप बक्शी
    एच आर मैनेजर आयुर्वेट कंपनी हिमाचल
  • सामाजिक सुरक्षा व पेंशन योजना पर सरकार ने नहीं किया कुछ

    मीडीया जगत को भी निराश कर गया बजट: डा. रणेश राणा

    सचिन बैंसलबददी:प्रदेश के पत्रकारों को भी सरकार के दूसरे बजट में आस थी कि कुछ न कुछ उनके उत्थान व सामाजिक सुरक्षा के लिए अवश्य होगा। पत्रकारों को आस थी कि हरियाणा व पंजाब की तर्ज पर उनके लिए पेंशन की घोषणा इस बार के बजट में होगी लेकिन उससे निराशा ही हाथ लगी। हिमाचल प्रदेश यूनियन आफ जर्नलिस्टस के प्रदेशाध्यक्ष डा रणेश राणा व संगठन मंत्री गोपाल दत्त शर्मा ने कहा कि हमें आशा थी कि आम आदमी के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मीडीया जगत के लिए भी कुछ घोषणा अवश्य करेंगे।

    उन्होने कहा कि इस बार भी निराशा ही हाथ लगी जबकि कांग्रेस  ने अपने घोषणापत्र में वायदा किया था कि सत्ता में आते ही पत्रकारों के पेंशन का प्रावधान होगा। इसके अलावा गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा व दुर्घटना बीमा सहित उनकी सामाजिक सुरक्षा को लेकर आज के बजट में कोई प्रावधान नहीं था।

  • सुक्खू सरकार ने ऐतिहासिक बजट पेश किया है- भुट्टो

    ऊना/सुशील पंडित:कुटलैहड़ के विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो ने सुक्खू सरकार के बजट को ऐतिहासिक करार दिया है। भुट्टो ने एक विशेष वार्ता में बताया कि यह बजट हर वर्ग के लिए सुख के मार्ग खोलेगा। इसमें किसानों से लेकर छात्रों तक प्रत्येक वर्ग को आगे बढ़ने का मौका दिया है। यह पहली सरकार है जिसने पंचायत प्रतिनिधियों की भी सुध ली है और उनके वेतनमान को बढ़ाया है।

    उन्होंने राज्य की महिलाओं को प्रति माह 1500 रूपए पेशन का ऐलान कर दिया है। अब राज्य की सभी महिलाओं को मासिक भत्ता किसी भी समय मिलना शुरू हो जाएगा। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा भी मिलनी शुरू हो जाएगी। भुट्टो ने कहा कि जयराम सरकार ने राज्य को कर्ज तले दबा दिया था। सुक्खू सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर राज्य मिला था जिसे अब आत्मनिर्भकर करने के लिए इस बजट में विशेष प्रावधान रखे गए हैं। जो विपक्ष इस बजट की आलोचना कर रहा है उसे भी आने वाले सालों में इस बजट के नतीजे देखने को मिल जाएंगे। यह एक असाधारण और ऐतिहासिक बजट है।

  • चिंतपूर्णी तलवाड़ा मार्ग पर चला सफाई अभियान

    ऊना/सुशील पंडित:चिंतपूर्णी तलवाड़ा मार्ग पर पड़े कूड़े के ढेर को हटा दिया गया है। स्थानीय निवासियों ने माता के मंदिर से जुड़े मार्गों पर कूड़े की समस्या को लेकर आवाज उठाई थी। डीसी ऊना के निर्देश पर अम्ब के एसडीएम ने शनिवार को कचरे के ज्यादातर ढेर साफ करवा दिए। चिंतपूर्णी के बाबा माई दास भवन के सामने तलवाड़ा बाईपास के रास्ते पर सबसे बुरे हाल थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि कचरे के प्रबंधन पर कोई ठोस नीति के तहत मां के दरबार को स्वच्छ रखने के प्रयास होने चाहिए। जो भी कचरा फैलाता हुआ पाया जाए उसके ऊपर भारी जुर्माना डाला जाए।
  • बिना पैसे के बना दिया सुक्खू सरकार ने बजट- वीरेंद्र कंवर

    ऊना/सुशील पंडित:भारतीय जनता पार्टी ने हिमाचल सरकार के बजट को निराशाजनक बताया है। कुटलैहड़ से पूर्व विधायक वीरेंद्र कंवर ने शनिवार को बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुक्खू सरकार का यह बजट बिना पैसे के बना लगता है। इसमें एक तरफ पूर्व सरकार की योजनाओं को बंद करने का इशारा है और दूसरी ओर नई योजना का कोई भी जिक्र नहीं है।

    इस बजट के भाषण में भी राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने द्वेष भावना को साफ साफ दर्शाया है। इस बजट को आप पिछले वर्ष के बजट की कार्बन कॉपी कह सकते हैं। कंवर ने कहा कि सुक्खू सरकार का यह बजट बिलकुल निराशाजनक और हिमाचल की जनता के लिए झूठ का पुलिंदा है। पिछले 14 माह के कार्यकाल में 14 हजार करोड़ का कर्ज लेकर सुक्खू सरकार केवल सत्ता सुख भोगने में मस्त है। राज्य की जनता और युवा बेरोजगारी से तंग है और बजट में राज्य के युवाओं को रोजगार देने का कोई जिक्र भी नहीं हुआ।

  • ऊना कॉलेज में चलाया मतदाता जागरुकता अभियान

    ऊना/सुशील पंडित:ऊना के राजकीय माविद्यालय में इलेक्टोरल लिटरेरी क्लब ने शनिवार को मतदाता जागरुकता अभियान से जुड़े एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें मतदान से जुड़ी जागरुकता बढ़ाने वाली पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के तहत छात्रों ने अलग अलग कलाकृतियां बनाईं। प्रतियोगिता में पहला स्थान एमए राजनीति शास्त्र के दीपांशु, बीए प्रथम वर्ष के लवनीत को दूसरा और एमए राजनीति शास्त्र की पूजा को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। इस मौके पर कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. मीता शर्मा, चुनाव कानूनगो हरजीत सिंह, प्रो. सुमित, प्रो. अश्विनी, प्रो. पवित्रा, प्रो. मोनिका खन्ना, प्रो. प्रोमिला देवी, प्रो. गगनदीप, प्रो. मनजीत और प्रो. विकास सौनी मौजूद रहे।
  • ट्रिपल आईटी के चौथे ऊना टॉक्स में पहुंचे विश्व बैंक के अधिकारी

    ऊना/सुशील पंडित:ट्रिपल आईटी सलोह में शुक्रवार को ऊना टॉक्स के चौथे संस्करण का आयोजन किया गया। इसमें विश्व बैंक के वरिष्ठ डिजिटल विशेषज्ञ राजिंदर सिंह ने छात्रों के साथ दूरसंचार के विषय पर विस्तार से चर्चा की। राजिंदर सिंह इससे पहले ट्राई के सचिव भी रह चुके हैं और उन्होंने भारत की दूरसंचार क्रांति में भी अहम योगदान दिया है।

    वर्तमान में वह विश्व बैंक के कई डिजिटल कार्यक्रमों को दुनिया भर के देशों तक पहुंचा रहे हैं। ऊना टॉक्स में उन्होंने दुनिया के सतत विकास (सस्टेनेबल डिवेल्पमेंट) में डिजिटल समाधानों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि किस तरह अमरीकी उद्योगपति ऐलन मस्क की स्टारलिंक दुनिया भर के टेलीकॉम सेक्टर को बदलने वाली है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि विश्व में जिस तेजी से तकनीकी विकास हो रहा है उससे पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही है।

    विश्व बैंक पर्यावरण के समक्ष खड़ी चुनौतियों को लेकर भी चिंतित है। ऊना टॉक्स ट्रिपल आईटी की एक ऐसी पहल है जिसमें तकनीकी दुनिया के माहिर छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा करते हैं। ऐसे कार्यक्रम किसी संस्थान और इंडस्ट्री के बीच पुल का कार्य करते हैं। इससे छात्रों को सीधे उन लोगों से बात करने का मौका मिलता है जो धरातल पर तकनीकी शिक्षा को उतारते हैं। शुक्रवार को हुए ऊना टॉक्स के इस चौथे संस्करण में ट्रिपल आईटी के बीओजी अध्यक्ष रवि शर्मा, ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर  प्रो. बिनोद कुमार कन्नौजिया व अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।

  • पटवार कार्यालयों में 19 से 21 फरवरी तक लगेंगे पीएम सम्मान निधि कैंप

    पटवार कार्यालयों में 19 से 21 फरवरी तक लगेंगे पीएम सम्मान निधि कैंप

    ऊनासुशील पंडित :जिला राजस्व अधिकारी अजय कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ज़िला ऊना में 19, 20 व 21 फरवरी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से सम्बन्धित कैंप का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें  ईकेवाईसी, लैंड मैपिंग का कार्य पटवार कार्यालयों में किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि जिनका ईकेवाईसी नहीं हो पाया है तथा जिन किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि प्राप्त नहीं हो रही है, वे सभी इन कैंपों में आकर अपना ईकेवाईसी तथा इससे सम्बन्धित अन्य कार्य करवा सकते हैं।