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  • Punjab News: कार और बाइक की भीषण टक्कर में पिता सहित 2 बच्चों की मौत, 2 घायल, देखें वीडियो

    Punjab News: कार और बाइक की भीषण टक्कर में पिता सहित 2 बच्चों की मौत, 2 घायल, देखें वीडियो

    फिरोजपुरः फरीदकोट से फिरोजपुर रोड पर गुरु नानक बस्ती के पास कार और बाइक में भीषण टक्कर हो गई। हादसा इतना भयानक था कि हादसे में बाइक का साइलेंसर ही उखड़ गया। वहीं हादसे में 2 बच्चों सहित पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि घायल बच्चा और महिला को स्थानीय लोगों की मदद से उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार बाइक पर सवार होकर पति-पत्नी और 3 बच्चे जा रहे थे। इस दौरान गुरु नानक बस्ती के पास तेज रफ्तार कार ने बाइक में टक्कर मार दी। महिला को डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार देने के बाद फरीदकोट अस्पताल में रैफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई।

    वहीं चश्मदीद ने बताया कि तेज रफ्तार स्वीफ्ट गाड़ी नंबर पीबी 05 डब्लयू 9988 बाइक को घसीटते हुए ले गई। इस घटना में बेटा और महिला घायल हुए है। चश्मदीद ने कहाकि कार सवार गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गए। चश्मदीद का कहना है कि 25 मिनट तक एंबुलेंस ना पहुंचने के कारण बच्ची की मौत हो गई। वहीं गुरमीत सिंह ने कहा कि वह पास से गुजर रहे थे। इस दौरान देखा कि बच्ची सड़क पर तड़फ रही थी, लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी घटना स्थल पर नहीं पहुंचा। जिसके बाद बच्ची ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में गाड़ी के भी परखच्चे उड़ गए।

    वहीं अन्य व्यक्ति ने कहा कि व्यक्ति विकलांग था। इस घटना में 2 बच्चों सहित पिता की मौत हो गई। गाड़ी काफी तेज रफ्तार से आ रही थी और रांग साइड से आकर बाइक को हिट किया। हादसे में घायल बच्चे का पैर टूट गया। व्यक्ति का कहना है कि गाड़ी में सवार नशेड़ी लग रहे थे। दरअसल, गाड़ी में डंडे और अन्य सामान पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और आसपास लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे है। वहीं गाड़ी को कब्जे में लेकर थाने ले जाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जल्द कार चालकों को काबू कर लिया जाएगा।

     

  • राज्यपाल का संवेदनशील कदम, अग्निकांड पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता की घोषणा

    राज्यपाल का संवेदनशील कदम, अग्निकांड पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता की घोषणा

    चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने रोहतक के डी-पार्क मार्केट क्षेत्र में आग लगने की दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है।

    9 जून को रोहतक के सबसे पुराने एवं व्यस्त बाजार क्षेत्रों में से एक डी-पार्क मार्केट में लगी भीषण आग की दुखद घटना में तीन लोगों की मृत्यु हो गई तथा अनेक दुकानें जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं। इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की भी कामना की।

    राज्यपाल ने उपायुक्त, रोहतक को घटना से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर अति शीघ्र रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन तत्परता से कार्य करे। प्रो. असीम कुमार घोष ने जिला प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि घटना में घायल हुए सभी लोगों को सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।

     

     

  • दिव्यांगजनों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मिलेगी सांकेतिक भाषा व्याख्या सहायता

    दिव्यांगजनों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मिलेगी सांकेतिक भाषा व्याख्या सहायता

    चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) व्याख्या सहायता उपलब्ध कराने की पहल की है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने इस संबंध में राज्य के सभी प्रशासनिक सचिवों को निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने केन्द्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन को भेजते हुए दिव्यांगजनों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान सांकेतिक भाषा व्याख्या सहायता उपलब्ध कराने संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। जारी पत्र के अनुसार, केंद्र सरकार ने श्रवण बाधित तथा संचार संबंधी अन्य दिव्यांगताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए सरकारी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अधिक सुगम और समावेशी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है।

    कार्यालय ज्ञापन में दिव्यांगजन अधिकारों के मुख्य आयुक्त (सीसीपीडी) द्वारा की गई सिफारिशों का उल्लेख करते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उपयुक्त सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा दिव्यांगजनों की समावेशी भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

    सभी सरकारी विभागों और प्रशिक्षण संस्थानों को दिव्यांगजनों की भागीदारी वाले प्रशिक्षण सत्रों में सांकेतिक भाषा दुभाषियों तथा अन्य सुगम्यता सहायता सेवाओं की आवश्यकता का आकलन करने और आवश्यकता अनुसार उनकी व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

    पत्र में कहा गया है कि श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए प्रभावी संवाद और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु सांकेतिक भाषा व्याख्या एक अत्यंत महत्वपूर्ण सहायता तंत्र है। इस पहल का उद्देश्य सरकारी एजेंसियों द्वारा संचालित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, कौशल विकास पहलों तथा आधिकारिक प्रशिक्षण गतिविधियों तक दिव्यांगजनों की समान पहुंच सुनिश्चित करना है।

  • Jalandhar News: हार्डवेयर की दुकान से लाख का सामान लेकर चोर फरार, देखें वीडियो

    Jalandhar News: हार्डवेयर की दुकान से लाख का सामान लेकर चोर फरार, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: नकोदर के थाना बिलगा के अंतर्गत गांव बेगमपुरा में देर रात हार्डवेयर की दुकान में चोरी की वारदात को चोरों द्वारा अंजाम दिया गया। चोर दुकान से लाखों रुपए का सामान और नकदी लेकर फरार हो गए। चोरों ने दोआबा बोरिंग एंड सेनेटरी स्टोर के ताले तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। दुकान के मालिक गुरदीप चंद पुत्र ज्ञान चंद ने बताया कि इस चोरी से उन्हें करीब एक लाख रुपए का नुकसान हुआ है।
    https://youtube.com/shorts/Ev3JbPyOdtk?feature=share

    उन्हें सुबह दुकान खोलने पर घटना का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। दुकान मालिक और इलाके के लोगों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद थाना बिलगा की पुलिस काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर पहुंचती तो जांच बेहतर हो सकती थी।

    चोरी की इस घटना के बाद इलाके के दुकानदारों और ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन से चोरों को जल्द पकड़ने, नुकसान का मुआवजा देने और रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। बिलगा के थाना प्रमुख गुरशरण सिंह ने बताया कि पुलिस दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि चोरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

     

     

  • मुख्यमंत्री ने नाविक आदित्य शर्मा के निधन पर किया शोक व्यक्त

    मुख्यमंत्री ने नाविक आदित्य शर्मा के निधन पर किया शोक व्यक्त

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हॉर्मुज स्टेªट में अमेरिकी हमले के दौरान एक तेल टैंकर पर कार्यरत नाविक आदित्य शर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। आदित्य शर्मा हमीरपुर जिले के गलोड़ क्षेत्र के निवासी थे।

    मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना तथा शोकाकुल परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।

  • राज्य सरकार ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के लिया फैसला

    राज्य सरकार ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के लिया फैसला

    शिमला: राज्य सरकार ने सेवा अवधि के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अध्ययन अवकाश पर जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का निर्णय लिया है। पहले अध्ययन अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को अवकाश पर जाने से पूर्व प्राप्त वेतन का केवल 40 प्रतिशत और महंगाई भत्ते के साथ आवास भत्ता दिया जा रहा था। कर्मचारियों के हित में संवेदनशील और कर्मचारी-अनुकूल दृष्टिकोण अपनाते हुए राज्य सरकार ने ‘सीसीएस (अवकाश) नियम, 1972’ के नियम 56 में संशोधन किया है, जिसके अंतर्गत अध्ययन अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों को उच्च शिक्षा की अवधि के दौरान 100 प्रतिशत वेतन मिलेगा।

    यह निर्णय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा को पूरा करता है। जिन कर्मचारियों ने पहले पुराने प्रावधानों के तहत अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी संशोधित नियमों के अनुसार वेतन की बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षा और उन्नत व्यावसायिक कौशल प्राप्त करने से न केवल कर्मचारियों का व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि उनकी कार्यकुशलता और प्रभावशीलता भी बढ़ती है, जिससे आम जनता को बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकती हैं।

    इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सरकारी कर्मचारी को इस घोषणा के साथ एक शपथ-पत्र देना होगा कि अध्ययन अवधि के दौरान वह किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति, स्टाइपेंड या अंशकालिक रोजगार से कोई पारिश्रमिक प्राप्त नहीं कर रहे हैं। राज्य सरकार इससे पहले भी प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में उच्च एवं विशेषज्ञता पाठ्यक्रम करने वाले एलोपैथिक चिकित्सकों के लिए अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन बहाल कर चुकी है। इस कदम से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है और राज्य के लोगों को लाभ पहुंचा है।

    मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उन्हें विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के तुरंत बाद 1.36 लाख एनपीएस कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद उनकी आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन की यह सुविधा कर्मचारियों को उच्च शिक्षा और उन्नत कौशल अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे अंततः जनता को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा।

  • अब पढ़ाई के साथ पूरी सैलरी, राज्य सरकार ने बढ़ाए अध्ययन अवकाश लाभ

    अब पढ़ाई के साथ पूरी सैलरी, राज्य सरकार ने बढ़ाए अध्ययन अवकाश लाभ

    शिमला: राज्य सरकार ने सेवा अवधि के दौरान उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अध्ययन अवकाश पर जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का निर्णय लिया है। पहले अध्ययन अवकाश लेने वाले कर्मचारियों को अवकाश पर जाने से पूर्व प्राप्त वेतन का केवल 40 प्रतिशत और महंगाई भत्ते के साथ आवास भत्ता दिया जा रहा था। कर्मचारियों के हित में संवेदनशील और कर्मचारी-अनुकूल दृष्टिकोण अपनाते हुए राज्य सरकार ने ‘सीसीएस (अवकाश) नियम, 1972’ के नियम 56 में संशोधन किया है, जिसके अंतर्गत अध्ययन अवकाश पर रहने वाले कर्मचारियों को उच्च शिक्षा की अवधि के दौरान 100 प्रतिशत वेतन मिलेगा।

    यह निर्णय मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा को पूरा करता है। जिन कर्मचारियों ने पहले पुराने प्रावधानों के तहत अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी संशोधित नियमों के अनुसार वेतन की बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि उच्च शिक्षा और उन्नत व्यावसायिक कौशल प्राप्त करने से न केवल कर्मचारियों का व्यक्तिगत विकास होता है, बल्कि उनकी कार्यकुशलता और प्रभावशीलता भी बढ़ती है, जिससे आम जनता को बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकती हैं।

    इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सरकारी कर्मचारी को इस घोषणा के साथ एक शपथ-पत्र देना होगा कि अध्ययन अवधि के दौरान वह किसी भी प्रकार की छात्रवृत्ति, स्टाइपेंड या अंशकालिक रोजगार से कोई पारिश्रमिक प्राप्त नहीं कर रहे हैं। राज्य सरकार इससे पहले भी प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में उच्च एवं विशेषज्ञता पाठ्यक्रम करने वाले एलोपैथिक चिकित्सकों के लिए अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन बहाल कर चुकी है। इस कदम से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है और राज्य के लोगों को लाभ पहुंचा है। राज्य सरकार अपने कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उन्हें विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के तुरंत बाद 1.36 लाख एनपीएस कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की गई, ताकि सेवानिवृत्ति के बाद उनकी आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित हो सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अध्ययन अवकाश के दौरान पूर्ण वेतन की यह सुविधा कर्मचारियों को उच्च शिक्षा और उन्नत कौशल अर्जित करने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे अंततः जनता को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा।

  • Jalandhar के पड़ोसी जिले में पुलिस कर्मी की ऑडियो वायरल, गाड़ी छु़ड़ाने के मांगे एक लाख, देखें वीडियो

    Jalandhar के पड़ोसी जिले में पुलिस कर्मी की ऑडियो वायरल, गाड़ी छु़ड़ाने के मांगे एक लाख, देखें वीडियो

    फगवाड़ा : शहर में एक बार फिर से पुलिस कर्मी की ऑडियो वायरल होने को लेकर मामला गरमा गया है। दरअसल, स्थानीय पुलिस के एक कर्मी द्वारा रिश्वत मांगने की ऑडियो जमकर वायरल हो रही है। यह ऑडियो क्लिप CIA स्टाफ कर्मचारी का बताया जा रहा है। वायरल ऑडियों में साफ सुनाई दे रहा है कि कर्मचारी युवक से गाड़ी छोड़ने के लिए पैसे मांग रहा है। हालांकि इस ऑडियो की पुष्टि हमारा चैनल नहीं करता है, लेकिन वायरल हो रहे इस ऑडियो ने शहर में कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, ऑडियो में व्यक्ति गाड़ी छोड़ने के लिए सीआईए कर्मी इर्शू प्रसाद से गुहार लगा रहा है।
     
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    अभी इस सबंध मे जानकारी नहीं है कि स्टाफ कर्मचारी ने किस मामले में व्यक्ति की गाड़ी जब्त की हुई है। ऑडियो क्लिप में कर्मचारी युवक से पुत- पुत करके बात कर रहा है। कर्मचारी बता रहा है कि वह ढ़िलवा की ओर आया हुआ है। गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के करीबी गोपी को मार दिया गया है। इसलिए कार को छोड़ने के लिए 2 से 3 दिन लग जाएंगे। जिसके बाद युवक कर्मचारी को जल्दी गाड़ी छोड़ने का आग्रह कर रहा है। इसी के साथ पुलिस कर्मी द्वारा SP साहिब द्वारा कार्रवाई करने हवाला भी दिया जा रहा है। वायरल ऑडियो में पुलिस कर्मी व्यक्ति से एक पेटी में गाड़ी छोड़ने की बात कर रहा है। इस दौरान व्यक्ति को पुलिस कर्मी एक पेटी का मतलब भी समझाता है। पुलिस कर्मी कह रहा है कि उसने व्यक्ति को हिंट भी दिया था। चुप करके 2 से 4 दिन निकाल लें, नहीं तो काम खराब हो जाएगा, उसका क्या फायदा। वहीं व्यक्ति कह रहा है कि उसे काम के सिलसिले से शहर से बाहर जाना है। इस दौरान वह दोबारा से गुहार लगाता है। पुलिस कर्मी कहता है कि अगला व्यक्ति उसे कहता है कि एक पेटी का मतलब एक से डेढ लाख का इंतजाम करें। व्यक्ति कहता हैकि मैं कर लूंगा, आप गाड़ी छुड़वा दूं। जिसके बाद व्यक्ति कहता है कि वह 50 हजार रुपए का इंतजाम कर देता है और वह कल उसकी गाड़ी छुड़वा दें। इस दौरान पुलिस कर्मी कहता हैकि उसे एक दिन का समय दें, नहीं तो उसका 4 से साढ़े 4 लाख का नुकसान हो जाएगा। आगे पुलिस कर्मी कहता हैकि वह एक लाख का इतजाम करें और कल दोपहर 12 बजे आ जाए उसका काम हो जाएगा।
  • Jalandhar News: मनी लॉन्ड्रिंग केस, ED Office चली में 3 घंटे पूछताछ के पूर्व कांग्रेस MLA का आया बयान, देखें वीडियो

    Jalandhar News: मनी लॉन्ड्रिंग केस, ED Office चली में 3 घंटे पूछताछ के पूर्व कांग्रेस MLA का आया बयान, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: जालंधर ईडी (ED) जोनल टीम ने फरीदकोट विधानसभा क्षेत्र से पूर्व कांग्रेस विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों से 3 घंटे पूछताछ की गई। ईडी के सवालों का जवाब देकर बाहर निकलने पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह उर्फ किक्की ढिल्लों ने कहा कि उन्हें ईडी की जांच का सहयोग करते हुए, जो दस्तावेज मंगवाए थे वह उन्होंने मुहैया करवा दिए हैं। उन्होंने कहां कि मेरा केस कोर्ट में विचाराधीन है और न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि उन्हें इंसाफ मिलेगा। दोबारा ईडी दफ्तर आने और वनडेटा पॉलिटिक्स पर पूछे सवाल पर उन्होंने जबाब में कहां कि मैं एक ही बात बोलूँगा थैंक्यू सो मच।

    इतना कहकर ढिल्लों अपनी गाड़ी से फरीदकोट के लिए निकल गए। ढिल्लों सुबह 11.10 बजे जालंधर ईडी दफ्तर में पहुंचे थे और दोपहर 2.10 बजे के बाद बाहर निकले। बता दें कि कांग्रेस के पूर्व एमएलए किक्की ढिल्लों के खिलाफ मई 2023 में विजिलेंस ब्यूरो ने केस दर्ज किया था। इसके बाद उनको अरेस्ट किया गया था। जालंधर ईडी अधिकारियों ने किक्की ढिल्लों के लिए सवालों की लिस्ट तैयार की है।

    इसके मुताबिक उनसे पूछताछ की जा रही है।विजिलेंस ब्यूरो द्वारा की गई जांच में आरोप लगे थे कि साल 2017 से 2022 तक किक्की ढिल्लों द्वारा 10.72 करोड़ खर्च किया गया था, जबकि आमदनी 3.18 करोड़ थी। कहा जा रहा है कि उस समय 7.53 करोड़ के स्रोत का किक्की ढिल्लों जवाब नहीं दे पाए थे। इस मामले को लेकर विजिलेंस ब्यूरो इस मामले में चार्जशीट फाइल कर चुकी है। उक्त मामला अदालत में लंबित है।

     

  • Jalandhar News: मेन चौक पर Ripan Property Dealer से परेशान व्यक्ति ने की खुद को आग लगाने की कोशिश, देखें वीडियो

    Jalandhar News: मेन चौक पर Ripan Property Dealer से परेशान व्यक्ति ने की खुद को आग लगाने की कोशिश, देखें वीडियो

    जालंधर, ENS: गुरु रविदास चौक पर व्यक्ति ने खुद को आग लगाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए व्यक्ति को काबू किया और घटना होने से बचा लिया। व्यक्ति की पहचान सोनू निवासी कोट सदीक के रूप में हुई है। जिसके बाद घटना की सूचना कंट्रोल रूम में दी गई। मामले की जानकारी देते हुए एसआई नत्थू सभ्रवाल ने बताया कि उनके द्वारा चौक पर नाकेबंदी की हुई थी। इस दौरान उन्होंने देखा कि व्यक्ति ने हाथों में कैन पकड़ा हुआ था और शोर कर रहा था। इस दौरान उसने शरीर पर डालकर आग लगाने की कोशिश करने लगा था।
    जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए घटना होने से रोक लिया गया। पुलिस ने बताया कि व्यक्ति को थाना भार्गव कैंप में भेज दिया गया। जांच अधिकारी के अनुसार प्रॉपर्टी के लेन-देन को लेकर विवाद है। जिससे परेशान होकर वह खुद को आग लगाने लगा था। व्यक्ति भार्गव कैंप इलाके में रहने वाला है। वहीं थाना भार्गव कैंप की पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। वहीं थाने में सोनू से जब बात की गई तो उसने बताया कि कोट सदीक का रहने वाला है। पीड़ित के अनुसार उसने मॉडल हाउस के रिपन ड्रीम होम नामक प्रॉपर्टी डीलर से ढाई मरले का प्लाट 4 लाख रुपए में खरीदा था और वह 3 दिन से उसके दफ्तर के चक्कर काट रहा था। पीड़ित के अनुसार 3 साल पहले खरीदे प्लाट की 36 किश्तें की थी। जिसमें से अब 3 से 4 किश्तें पेंडिंग है। सोनू ने कहाकि अब प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के लिए वह डीलर के पास गया था और उसने कहा कि उसे बयाने के दस्तावेज घर से नहीं मिल रहे थे। ऐसे में डीलर उसे बयाने के दस्तावेज दे दें और वह रजिस्ट्री करवा लें। सोनू के अनुसार डीलर बयाना मांगने लगा और उसने किसी मुखिया का फोन भी करवाया। सोनू ने आरोप लगाए है कि उसे अब पता चला कि मेरे प्लाट की रजिस्ट्री डीलर ने मेरी पत्नी के नाम कर दी और उसे दफ्तर से बाहर निकाल दिया। इस मामले में दीपक ने उसे दोबारा फोन ना करने के कहा। सोनू के अनुसार उसने जब विरोध किया कि पैसे उसने दिए है और वह प्रॉपर्टी उसकी पत्नी के नाम कैसे कर सकता है, तो डीलर द्वारा उसे दफ्तर से बाहर निकाल दिया गया। 9 हजार के करीब वह किश्तें डीलर को अदा करता रहा। पीड़ित के अनुसार अब डीलर द्वारा कहा जा रहा है कि पत्नी को लेकर आएंगा तो उसे दस्तावेज मिलेंगे। जिसके बाद उसने बीते दिन पुलिस को शिकायत दीं। पीड़ित की मांग है कि उसकी प्रॉपर्टी खरीदने के दौरान सारे दस्तावेज उसके लगे हुए है और किश्तें वह अदा कर रहा था तो प्रॉपर्टी अब उसे दिलाई जाए।