जालंधर, ENS: ताज रैस्टोरैंट के पास स्पा विल्ला सेंटर के मामले के बाद एक अन्य मामले में पुलिस ने रोहित जोशी को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस कुछ देर में रोहित जोशी को कोर्ट में पेश करेगी। दरअसल, बताया जा रहा है कि स्पा सेंटर मामले में रोहित जोशी को कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन थाना बारादरी में एक अन्य मामले मेें रोहित जोशी पीओ चल रहा था। जिसके तहत रोहित जोशी पर पुलिस ने द्वारा एक और एफ़आइआर धारा 174 A दर्ज की थी। उसी के तहत पुलिस ने रोहित जोशी को गिरफ़्तार किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने रोहित जोशी को घर से उठाया है। हालांकि इस मामले में पुलिस ने मीडिया से दूरी बनाई हुई है।
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पंजाब का पानी दे रहा कैंसर को बढ़ावा, IIT के शोधकर्ताओं का खुलासा
मंडीः पंजाब के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र का भूजल यानी पानी कैंसर को बढ़ावा दे रहा है। पानी की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में अगर शीघ्र कारगर कदम नहीं उठाए गए तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी ) मंडी के शोधार्थियों ने साल 2000 से 2020 तक पंजाब में पीने के पानी की गुणवत्ता में हो रहे बदलावों पर रिसर्च किया है। रिसर्च का उद्देश्य नाइट्रेट और फ्लोराइड युक्त पानी के सेवन से जुड़े स्वास्थ्य खतरों का आकलन करना और खराब भूजल गुणवत्ता वाले क्षेत्रों को चिन्हित करना था। डेटा विश्लेषण में पंजाब के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता में गिरावट का पता चला है। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के होने का खतरा बढ़ा है। पूर्वोत्तर में तुलनात्मक रूप से भूजल की गुणवत्ता बेहतर है।
पंजाब में कृषि अवशेषों और मानवीय गतिविधियों के माध्यम से भूजल प्रदूषण बढ़ा है। इस शोध का नेतृत्व आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ सिविल एंड एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डेरिक्स पी शुक्ल द्वारा किया गया है। इसमें उनका सहयोग पीएचडी की छात्रा सुश्री हरसिमरनजीत कौर रोमाना ने किया है जो कि मूलरूप से पंजाब की रहने वाली है। शोध के निष्कर्ष पर्यावरण विज्ञान एवं प्रदूषण अनुसंधान पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं। इसमें प्रो.रमेश पी सिंह और डॉ. डेरिक्स स्तुति शुक्ल का योगदान भी रहा है।
देश के ज्यादातर कृषि आधारित राज्यों की तरह पंजाब ने भी पिछली आधी शताब्दी के दौरान अपने फसल पैटर्न में गहरा बदलाव महसूस किया है। इसका मुख्य कारण हरित क्रांति है। इस परिवर्तन ने चावल और गेहूं की उच्च उपज देने वाली दोनों किस्मों के एकाधिकार के प्रभुत्व को जन्म दिया है। इससे पंजाब देश में गेहूं उत्पादन करने वाला दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है। दुर्भाग्य से इन गहन कृषि पद्धतियों के कारण अत्यधिक भूजल का दोहन हुआ है। अच्छे मानसून के अभाव में 74 प्रतिशत से अधिक सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भूजल का उपयोग किया गया है। पिछले दो दशकों में मानसून की कमी के कारण तीव्र रूप से भूजल की मांग बढ़ी है।
भूजल स्तर नीचे जाने से गहराई बढ़ी है। परिणामस्वरूप भूजल की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। भूजल विभाग और स्थानीय किसानों को गहरे भूविज्ञानिक स्तर से भूजल का दोहन करना पड़ रहा है जो भारी धातुओं से भरपूर होता है। इसमें कुछ रेडियोएक्टिव होते हैं। इनका स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। अत्यधिक कृषि गतिविधियों के कारण भूजल प्रदूषण के रूप में लोगों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। पंजाब की 94 प्रतिशत आबादी अपने पीने के पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए भूजल पर निर्भर है, इसलिए भूजल के प्रदूषण के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हुई हैं।
पंजाब को कभी देश का रोटी का कटोरा कहा जाता था। वहीं, अब देश की कैंसर राजधानी के रूप में जाना जाता है जो जल प्रदूषण के गंभीर परिणामों और मानव स्वास्थ्य पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को दर्शाता है। नाइट्रेट और फ्लोराइड जैसे दूषित पदार्थों से जुड़े स्वास्थ्य खतरों में 10 साल के रुझानों की जांच व साथ ही विशेष रूप से निम्न भूजल गुणवत्ता वाले क्षेत्रों की पहचान भी की गई। पंजाब में 315 से अधिक स्थानों से पीएच विधुत चालकता (ईसी) और विभिन्न आयनों का माप शामिल था।
इन परिणामों से एक परेशान करने वाली स्थिति सामने आई है कि पंजाब के दक्षिण पश्चिमी क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई है। इससे यहां के लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके विपरीत हिमालयी नदियों द्वारा पोषित उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता तुलनात्मक रूप से बेहतर रही है। शोधार्थियों का मानना है कि पीने और सिंचाई उद्देश्यों के लिए भूजल की गुणवत्ता की जांच पर पंजाब राज्य सरकार को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। शोध से बहुमूल्य संसाधन और जनमानस के स्वास्थ्य की सुरक्षा से संबंधित उद्देश्यों को पूर्ण होने की उम्मीद बंधी हैं।
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पंजाबः चेहरा ढककर पैदल या गाड़ी चलाने और पर लगी रोक, आदेश जारी
फिरोजपुरः जिले में चेहरा ढककर पैदल या गाड़ी चलाने पर प्रशासन द्वारा रोक लगा दी गई है। दरअसल, जिला मजिस्ट्रेट फिरोजपुर राजेश धीमान आईएएस ने फौजदारी प्रक्रिया संहिता 1973 (1974 का अधिनियम संख्या 2) की धारा 144 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला फिरोजपुर की सीमा के भीतर आम नागरिकों को वाहन चलाते समय और सड़क पर चलते समय चेहरा ढककर चलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि फिरोजपुर के सीनियर पुलिस कप्तान द्वारा उनके ध्यान में लाया गया है कि फिरोजपुर जिले में आम लोग वाहन चलाते समय या पैदल चलते समय अपने चेहरे को कपड़े से ढक लेते हैं, जिसके कारण उन्हें पहचानना मुश्किल हो जाता है।
बता दें कि इस तरह से चेहरा ढकने से असामाजिक शरारती तत्व किसी भी अपराध को अंजाम देकर पुलिस से बच सकते हैं। इसलिए इस प्रक्रिया को रोकने के लिए जनहित में आम जनता के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला फिरोजपुर में चेहरा ढककर वाहन चलाने और चेहरा ढककर पैदल चलने पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंध उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा जिन्होंने किसी बीमारी या एलर्जी के कारण मास्क या मेडिकल सुपर विजन के तहत कोई अन्य चीज पहनी हो। ये आदेश 30 नवंबर 2023 तक लागू रहेंगे।
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गाजा के हालात : जलती हुईं गाड़ियां, खंडहर होतीं इमारतें और बिखरी हुईं लाशें
नई दिल्लीः इजराइली सरकार ने कहा कि हमास के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दिया है। गाजा के कुछ हिस्सों को ध्वस्त कर दिया है और अपने नियंत्रण में ले लिया है। जैसे-जैसे युद्ध बढ़ता जा रहा है, इजरायली सेना का जमीनी आक्रमण तेज होता जा रहा है। इजरायल को अमेरिका का भी साथ मिला है। यूएस ने खतरनाक हथियारों की खेप भेजी है। गाजा पट्टी में अटैक के बाद बड़ी संख्या में लोग मारे गए है। वहां स्थानीय लोग एक-एक नागरिक की जान बचाने की कोशिश कर रहे है।

परिजन को बच्चों को गोद में लिए भटकते देखा जा रहा है। इजराइल-हमास युद्ध में मरने वालों की कुल संख्या 3000 का आंकड़ा पार कर गई है। फिलिस्तीन की तुलना में इजराइल में अधिक मौतें हुई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं ने इजरायल को समर्थन दिया और वहां के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात की। पीएम मोदी ने फोन पर कहा भारत आतंकवाद के सभी रूपों की निंदा करता है।

गाजा पट्टी में बमबाजी के बाद एक बिल्डिंग धराशायी हो गई। वहां एक कुत्ते की भी जान चली गई। एक बच्चा काफी देर तक कुत्ते को निहारता रहा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हमास के हमलों की निंदा की और इसे सरासर गलत कृत्य बताया। बाइडेन सरकार में मंत्री एंटनी ब्लिंकन आज इजराइल का दौरा करने वाले हैं। गाजा पट्टी की तस्वीरें डराने वाली हैं।

वहां लोग भूख-प्यास से बेहाल हैं। सप्लाई चेन ठप से होने आने वाले दिनों में खाने की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। इजरायल का कहना है कि ये युद्ध तभी खत्म होगा, जब हमास का आखिरी आतंकी नहीं मारा जाता है। इस बीच, ईरान के शीर्ष अधिकारी अयातुल्ला अली खामेनेई ने स्पष्ट किया कि तेहरान, हमास के हमले में शामिल नहीं था। हालांकि उन्होंने इजराइल को नुकसान पहुंचाने वालों के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

पट्टी में अपनों के खोने का गम हर किसी की आंखों में देखा जा रहा है। हर घर परिवार अपने करीबियों को खो रहा है। एक-दूसरे को ढांढस बंधाकर गम को कम करने की कोशिश की जा रही है। इधर संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीनी दूत ने मंगलवार को एक संबोधन के दौरान गाजा पट्टी पर इजरायल की बमबारी और हमास-नियंत्रित फिलिस्तीनी क्षेत्र पर पूर्ण घेराबंदी को लागू करने का विरोध जताया और इसे नरसंहार से कम नहीं बताया।
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Jalandhar: Visa House पर प्रशासन की दबिश से मचा हड़कंप, देखें Live
जालंधर, ENS: गुरु नानक मिशन चौक के पास स्थित वीजा हाउस में प्रशासन ने दबिश दबिश दी है। सुबह-सुबह प्रशासन की वीजा हाउस में दबिश से हड़कंप मच गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जीएसटी विभाग द्वारा वीजा हाउस के दस्तावेजों की चैकिंग की जा रही है। वहीं इस कार्रवाई को लेकर अधिकारियों द्वारा मीडिया से दूरी बनाई गई है। इस दौरान वहां पर स्थित सिक्योरिटी गार्ड से बातचीत की गई तो सिक्योरिटी गार्ड का कहना है कि कुछ अधिकारी वीजा हाउस में आए जरूर है, लेकिन उन्हें यह नहीं पर की उक्त वीजा हाउस में दबिश किस विभाग की टीम द्वारा दी गई है।
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पंजाबः इस इलाके में डेयरी मालिक पर 6 हमलावारों ने चलाई गोलियां, देखें वीडियो
अमृतसरः पंजाब में गोलियां चलने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हालांकि गन कल्चर पर पंजाब पुलिस द्वारा रोक लगाई गई थी। लेकिन इसके बावजूद युवाओं में गन कल्चर का शौंक इतना है कि आए दिन गोली चलने की वारदाते सरेआम हो रही है। वहीं ताजा मामला सुल्तानविंड गांव से सामने आया है। जहां सरेआम एक व्यक्ति के ऊपर 6 अज्ञात हमलावारों द्वारा रोड़ पर गोलियां चलाई गई। जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि 2 बाइक पर आए 6 अज्ञात हमलावारों ने डेयरी मालिक पर गोलियां चलाई। घटना को अंजाम देकर हमलावार मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल डेयरी मालिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि सभी युवकों ने अपना चेहरा कपड़े से ढक रखा था।
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केमिस्ट शॉप के कर्मचारियों के बीच झड़प, जमकर चलें लात-घूंसे और कुर्सियां, वीडियो वायरल
चंडीगढ: सेक्टर 11 में केमिस्ट दुकानों के कर्मचारियों के बीच कथित तौर पर झड़प होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह क्रूर झड़प अपनी-अपनी दुकानों में अधिक ग्राहकों को आकर्षित करने की होड़ के कारण हुई। इस दौरान दोनों पक्षों में मामला तब बढ़ गया जब उन्होंने ग्राहकों को अपनी दुकानों में बुलाने का प्रयास किया। जिसके बाद दोनों पक्षों में पहले तो तीखी बहस हो गई, देखते ही देखते दोनों पक्षों में चल रही बहस लड़ाई में बदल गई। जिसमें उन्होंने एक-दूसरे पर ईंटों, पत्थरों और यहां तक कि कुर्सियों का इस्तेमाल किया। घटना का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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NIA ने करीब दर्जन भर जगहों पर की छापेमारी
नई दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के खिलाफ एक्शन लेते हुए देश में दर्जनों जगहों पर छापेमारी की है। इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्य भी शामिल है। पीएफआई को पिछले साल आतंकवाद विरोधी गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम के तहत बैन कर दिया गया था। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि ये छापेमारी केस नंबर 31/2022 के तहत की गई है। ये मामला पीएफआई, उसके नेताओं और कैडरों की हिंसक और गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल होने से जुड़ा हुआ है। मामले से जुड़े सभी आरोपी पटना के फुलवारी शरीफ इलाके में हिंसक और गैरकानूनी गतिविधियों के उद्देश्य से इकट्ठा हुए थे।

दिल्ली के थाना हौज काजी इलाके के बल्ली मारान, राजस्थान के टोंक समेत कई ठिकाने, तमिलनाडु के मदुरै, उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, लखनऊ, बहराइच, सीतापुर और हरदोई में रेड मारी है। लखनऊ के मदेगंज के बड़ी पकरिया इलाके में एजेंसी ने छापेमारी की । उधर एनआईए ने मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और महाराष्ट्र के कई जिलों में लगभग 5 स्थानों पर छापेमारी की। एनआईए की टीम ने अब्दुल वाहिद शेख के विक्रोली स्थित आवास के अलावा भिवंडी, मुंब्रा और महाराष्ट्र के कई अन्य जिलों में भी तलाशी ली। एजेंसी ने अब्दुल वाहिद शेख नाम के शख्स के विक्रोली स्थित आवास पर भी तलाशी ली। 7/11 ब्लास्ट मामले में वाहिद शेख को बरी कर दिया गया था। सूत्रों ने बताया कि एनआईए ने पीएफआई के लिए संदिग्ध अभियानों और धन उगाही गतिविधियों में शामिल होने के संदेह के कारण अलग-अलग जगहों से लगभग 7 से 10 व्यक्तियों को हिरासत में लिया है।
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‘Newsclick’ समाचार पोर्टल मामले में CBI की छापेमारी
नई दिल्ली: ‘न्यूजक्लिक’ समाचार पोर्टल से जुड़े लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सूत्रों के अनुसार अब इस कथित फंडिंग मामले की जांच के लिए CBI ने भी एक मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी है। CBI इस मामले की जांच को लेकर अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है। बता दें कि न्यूजक्लिक पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने का आरोप है। CBI से पहले इस कथित फंडिंग की जांच दिल्ली पुलिस, ईडी और आईटी भी कर रही है। ईडी ने इस मामले में पीएमएलए के तहत पहले ही मामला दर्ज किया है। जबकि दिल्ली पुलिस ने यूएपीए के तहत इस मामले की जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया है।
गौरतलब है कि दिल्ली हाईकोर्ट समाचार पोर्टल ‘न्यूजक्लिक’ के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और मानव संसाधन विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के खिलाफ दाखिल एक याचिका पर बीते शुक्रवार को सुनवाई करने पर सहमत हो गया था। एफआईआर के मुताबिक, चीन से जुड़ी संस्थाओं के साथ कथित संबंधों के लिए न्यूज़ वेबसाइट न्यूज़क्लिक की जांच की जा रही है। न्यूजक्लिक पर “भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को बाधित करने” की साजिश का आरोप लगाया गया है। एफआईआर में न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ, वेबसाइट के मानव संसाधन (एचआर) विभाग के प्रमुख अमित चक्रवर्ती और कई पत्रकारों और सोशल एक्टिविस्ट के नाम शामिल हैं और उन पर “भारत के खिलाफ असंतोष पैदा करने” और “देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डालने” की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।
अमेरिका के अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि नेविल रॉय सिंघम चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के तथाकथित स्मोकलेस वॉर के मुख्य किरदार हैं। शी जिनपिंग के कार्यकाल में चीन ने अपने सरकारी मीडिया के प्रभाव को बढ़ाया है। इंटरनेशनल मीडिया संस्थानों के साथ अलायंस बनाया है। चीन ने अपने प्रोपेगैंडा को आगे बढ़ाने के लिए विदेशी इनफ्लूएंसर्स की मदद ली है। साल 2021 में ईडी ने की जांच में सामने आया था कि न्यूजक्लिक को 38 करोड़ रुपये का विदेशी फंड मिला था। इसके तार भी सिंघम से जुड़े। न्यूयॉर्क टाइम्स की जांच के मुताबिक चीन अपनी प्रोपेगेंडा मशीनरी के जरिए खुद को अंतरराष्ट्रीय आलोचना से बचाने में सफल रहा है। इसमें सिंघम की अहम भूमिका रही है।
चीन पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगते रहते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन के शंघाई में टाइम्स स्क्वायर की 18वीं मंजिल पर इसका एक दफ्तर है। जहां से कथित तौर पर चीन के साथ मिलकर तमाम देशों में नेटवर्क फैलाने का काम होता है। न्यूज़क्लिक को अमेरिका स्थित कंपनी से FDI में 9.6 करोड़ रुपये मिले। आरोप है कि अमेरिका में स्थित M/s Worldwide Media Holdings LLC ने न्यूज़क्लिक के शेयर 11,510/शेयर पर ख़रीदे।
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पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड आतंकी शाहिद लतीफ की गोली मारकर हत्या
नई दिल्लीः पाकिस्तान में भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी शाहिद लतीफ की हत्या कर दी गई है। शाहिद पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड था। अज्ञात हमलावरों ने सियालकोट में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। एनआईए ने यूएपीए के तहत शाहिद के खिलाफ केस दर्ज किया था। वो भारत सरकार से लिस्टेड आतंकी था।पंजाब के पठानकोट स्थित एयरबेस पर 2016 में आतंकी हमला हुआ था। यह हमला आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने किया था। इस हमले में सेना के 7 जवान शहीद हुए थे। पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन हमारी सीमा के पास है। यहां हमारे बड़े हथियार रखे जाते हैं। युद्ध की स्थिति में पूरी रणनीति को यहां से ही अंजाम दिया जाता है।

1965 और 1971 की लड़ाई में भी इस एयरफोर्स स्टेशन ने बड़ी भूमिका निभाई थी। मिग-21 लड़ाकू विमानों के लिए यह बेस स्टेशन है। राशिद लतीफ से पहले भी पाकिस्तान में कई आतंकियों की हत्या की गई है। जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रहने वाले बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम की पाकिस्तान में अज्ञात हमलावर ने गोली मारकर हत्या कर दी। हिजबुल मुजाहिदीन के लॉन्चिंग कमांडर रहे बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम को रावलपिंडी में गोलियों से भून दिया गया था। पिछले ही साल भारत सरकार ने उसे आतंकी घोषित किया था। वह रावलपिंडी में बैठकर ही जम्मू कश्मीर में घुसपैठ करने वाले आतंकियों के लिए रसद और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने का काम करता था।
आतंक की किताब कहे जाने वाला एजाज अहमद अहंगर की 22 फरवरी, 2023 को अफगानिस्तान के काबुल में हत्या कर दी गई। भारत में इस्लामिक स्टेट (आईएस) को फिर से शुरू करने में जुटा एजाज अल कायदा के भी संपर्क में था। 1996 में कश्मीर की जेल से छूटने के बाद वह पाकिस्तान भाग गया और फिर वहां से अफगानिस्तान चले गया। भारत सरकार ने ने उसे मोस्ट वांटेड आतंकी की सूची में रखा था। अहंगर का जन्म 1974 में श्रीनगर के नवाकदल में हुआ था। उसका अल-कायदा और अन्य वैश्विक आतंकी संगठनों से निकट संबंध था।
पाकिस्तान में अल बद्र के पूर्व कमांडर सैयद खालिद रजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अल बद्र एक कट्टर संगठन है, जो कश्मीर में आतंकियों को ट्रेंड कराता था। सैयद खालिद रजा की कराची में उसके घर के बाहर ही अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। शूटर ने रजा के सिर पर गोली मारी थी। वह कश्मीर में आतंकवाद फैलाने में सक्रिय था। भारत की वांछित आतंकवादियों की सूची में शामिल सैयद नूर शालोबर को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने मार डाला था। शालोबार पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ मिलकर कश्मीर में आतंकवाद फैलाने का काम करता था और नए आतंकियों की फौज को ट्रेंड करता था।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद से 130 किलोमीटर दूर रावलकोट की एक मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान आतंकी मोहम्मद रियाज की हत्या कर दी गई थी। एक अंजान हत्यारे ने उसके शरीर पर चार गोलियां दागी थीं। मोहम्मद रियाज को अबू कासिम कश्मीरी के नाम से भी जाना जाता था। इसी साल कश्मीर में पांच जवानों की हत्या कर दी गई थी। इसका जिम्मेदार अबु कासिम ही था। उसे इस्लामिस्ट गुरिल्ला लीडर कहा जाता था, जो छुपकर भारतीय जवानों पर हमला किया करता था।